नेटफ्लिक्स की चर्चित वेब सीरीज ‘द रॉयल्स’ के दूसरे सीजन की शूटिंग 18 सितंबर से राजस्थान में शुरू हो गई थी। यूनिट जैसलमेर के बाद अब जयपुर में शूटिंग के लिए पहुंच चुकी हैं। एक्टर ईशान खट्टर और जीनत अमान मंगलवार को पिंक सिटी पहुंच गए हैं। वे एयरपोर्ट से सीधे होटल के लिए रवाना हो गए। एक्ट्रेस नोरा फतेही भी जल्द यूनिट में शामिल होंगी। वेब सीरीज की शूटिंग के लिए जयपुर के पास स्थित मूंडोता फोर्ट में भी शूटिंग की विशेष तैयारियां की गई हैं। ऐसे में इस बार ‘द रॉयल्स’ में जयपुर की रॉयल विरासत का एक नया अंदाज देखने को मिल सकता है। वेब सीरीज में ईशान खट्टर महाराज अविराज ‘फिजी’ सिंह के किरदार में नजर आएंगे। वहीं नोरा फतेही आयशा धोंडी के किरदार में होंगी। वहीं पहले सीजन का हिस्सा रही भूमि पेडनेकर दूसरे सीजन का हिस्सा नहीं है। सिटी पैलेस की जगह इस बार मूंडोता फोर्ट ‘द रॉयल्स’ के पहले सीजन में जयपुर की रॉयल लोकेशन को प्रमुखता से दिखाया गया था। सीरीज की शूटिंग सिटी पैलेस जयपुर में भी हुई थी। इसकी भव्यता को कहानी के रॉयल परिवेश का हिस्सा बनाया गया था। पहले सीजन की शूटिंग लोकेशंस में सिटी पैलेस के अलावा राजस्थान और देश के अन्य प्रमुख पैलेस व एस्टेट भी शामिल थे। जानकारी अनुसार- इस बार सिटी पैलेस में शूटिंग की अनुमति नहीं मिल पाई है। ऐसे में प्रोडक्शन टीम ने जयपुर के पास स्थित मूंडोता फोर्ट को नई लोकेशन के तौर पर चुना है। यहां शूटिंग के लिए तैयारियां की जा रही हैं। मूंडोता की ऐतिहासिक और रॉयल आर्किटेक्चर सीरीज के दूसरे सीजन के विजुअल्स में खास भूमिका निभा सकती है। जैसलमेर में शुरू हुआ था दूसरा सीजन ‘द रॉयल्स’ के दूसरे सीजन की शूटिंग 18 सितंबर 2026 से राजस्थान में शुरू हुई थी। ईशान खट्टर ने सोशल मीडिया पर राजस्थान से तस्वीरें और वीडियो साझा करते हुए शूटिंग शुरू होने की जानकारी दी थी। उन्होंने घुड़सवारी की तैयारी से जुड़े दृश्य भी साझा किए थे। नोरा फतेही ने भी अपनी शूट डायरी की झलक सोशल मीडिया पर दी और दूसरे सीजन में आयशा धोंडी के रूप में वापसी की जानकारी दी है। ईशान फिर बनेंगे महाराज अविराज दूसरे सीजन में ईशान खट्टर एक बार फिर महाराज अविराज ‘फिजी’ सिंह के किरदार में नजर आएंगे। पहले सीजन में उनका किरदार एक ऐसे युवा राजकुमार का था, जो अपने आर्थिक संकट से जूझ रहे शाही परिवार और उसकी विरासत को संभालने की कोशिश करता है। पहले सीजन में अविराज की मुलाकात सोफिया कनमनी शेखर से होती है, जिसका किरदार भूमि पेडनेकर ने निभाया था। सोफिया एक महत्वाकांक्षी उद्यमी थी और दोनों मिलकर शाही संपत्ति को लग्जरी बीएंडबी में बदलने की कोशिश करते हैं। इसी दौरान दोनों के बीच रोमांस और पारिवारिक उलझनों की कहानी आगे बढ़ती है। नेटफ्लिक्स के अनुसार पहले सीजन में कुल आठ एपिसोड थे। भूमि पेडनेकर नहीं होंगी दूसरे सीजन में दूसरे सीजन में सबसे बड़ा बदलाव इसकी कास्ट में देखने को मिलेगा। भूमि पेडनेकर अब इस सीरीज का हिस्सा नहीं हैं। जानकारी के मुताबिक दूसरे सीजन की कहानी को अविराज और शाही परिवार की आंतरिक दुनिया की ओर ज्यादा केंद्रित किया जा रहा है। भूमि की जगह सिनी शेट्टी और गुरफतेह पीरजादा नए महत्वपूर्ण किरदारों में शामिल हुए हैं। कुछ रिपोर्टों में ईशान, सिनी और गुरफतेह के बीच नए रिश्तों और कहानी के नए समीकरणों की बात कही गई है, हालांकि निर्माताओं की ओर से कहानी का पूरा विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है। नोरा फतेही की भी वापसी नोरा फतेही पहले सीजन में आयशा धोंडी के किरदार में नजर आई थीं। दूसरे सीजन में वह इसी भूमिका में वापस आ रही हैं। उन्होंने शूटिंग शुरू होने के बाद अपनी शूट डायरी से कुछ झलकियां भी सोशल मीडिया पर शेयर की थीं। दूसरे सीजन में साक्षी तंवर, जीनत अमान, वियान समत, डिनो मोरिया, मिलिंद सोमन, काव्या त्रेहन, लिसा मिश्रा और चंकी पांडे समेत पहले सीजन के कई कलाकारों की वापसी की जानकारी है। वहीं सिनी शेट्टी और गुरफतेह पीरजादा नए कलाकारों के तौर पर जुड़े हैं। पहले सीजन में दिखा था जयपुर का रॉयल अंदाज ‘द रॉयल्स’ का पहला सीजन 9 मई 2025 को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुआ था। सीरीज की कहानी काल्पनिक शहर मोरपुर के एक आर्थिक संकट से जूझ रहे शाही परिवार के इर्द-गिर्द बुनी गई थी। कहानी में पुराने शाही वैभव और आधुनिक कारोबारी दुनिया का मेल दिखाया गया था। पहले सीजन की शूटिंग राजस्थान के कई रॉयल लोकेशंस पर हुई थी। जयपुर का सिटी पैलेस सीरीज की प्रमुख शूटिंग लोकेशंस में शामिल था। इसके अलावा देश के अन्य महलों और एस्टेट्स को भी सीरीज में रॉयल दुनिया के अलग-अलग हिस्सों के तौर पर इस्तेमाल किया गया। सीरीज का पहला सीजन प्रियंका घोष और नूपुर अस्थाना ने निर्देशित किया था, जबकि इसे रांगिता प्रीतिश नंदी और इशिता प्रीतिश नंदी ने बनाया था और प्रोडक्शन प्रीतिश नंदी कम्युनिकेशंस का था। दूसरे सीजन में बदला निर्देशन दूसरे सीजन के निर्माण के दौरान निर्देशन टीम में भी बदलाव की खबर सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक जसमीत के. रीन शूटिंग शुरू होने के कुछ दिनों बाद प्रोजेक्ट से अलग हुईं और मिताक्षरा कुमार के निर्देशन संभालने की खबर है। हालांकि इस बदलाव को लेकर अलग-अलग रिपोर्टें सामने आई हैं और निर्माताओं ने कहा है कि जसमीत का अलग होना आपसी निर्णय था।
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वेब-सीरीज को सिटी पैलेस में शूटिंग की परमिशन नहीं मिली:अब मूंडोता फोर्ट में शूट करेंगे एक्टर ईशान खट्टर, जयपुर पहुंचे
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बॉलीवुड सिंगर जुबिन नौटियाल पिता बने:गणेश चतुर्थी पर हुआ बेटे का जन्म, बोले- अभी नाम डिसाइड नहीं किया; मां-बच्चा दोनों स्वस्थ
बॉलीवुड के मशहूर सिंगर और उत्तराखंड मूल के जुबिन नौटियाल पिता बन गए हैं। उनकी पत्नी ने 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के दिन बेटे को जन्म दिया। खास बात यह है कि बेटे के जन्म की जानकारी अब सामने आई है। जुबिन ने खुद इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं और अस्पताल से घर लौट चुके हैं। जुबिन ने बॉम्बे टाइम्स से बातचीत में कहा कि उनके बेटे का जन्म गणेश चतुर्थी के बेहद शुभ दिन हुआ। उन्होंने कहा, “हां, मैं अब पिता हूं। हमारे बेटे का जन्म 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के बेहद शुभ दिन हुआ। मां और बच्चा दोनों घर वापस आ गए हैं और स्वस्थ हैं।” परिवार इस समय नाम रखने की बजाय नवजात के साथ शुरुआती खूबसूरत पलों को जी रहा है। जुबिन ने कहा कि वे अपने बेटे के साथ हर पल का आनंद ले रहे हैं। बेटे का नाम अभी तय नहीं जुबिन से जब बेटे के नाम के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी तक उन्होंने और उनकी पत्नी ने कोई नाम तय नहीं किया है। उनका कहना है कि फिलहाल परिवार का पूरा ध्यान बच्चे के साथ समय बिताने पर है। जुबिन ने कहा कि वह इस समय अपने बेटे के साथ बिताए जा रहे हर पल को महसूस कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले समय में काम के सिलसिले में बाहर जाना उनके लिए आसान नहीं होगा, क्योंकि बेटे से दूर रहना मुश्किल लगेगा। दिसंबर में यूके टूर, बोले- बच्चे से दूर रहना मुश्किल होगा जुबिन के काम से जुड़ी व्यस्तताएं भी जारी हैं। दिसंबर में उनका यूके टूर प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि जब उन्हें काम के लिए बाहर जाना पड़ेगा तो यह मुश्किल होगा। जुबिन के यूके टूर में 12 दिसंबर को लीसेस्टर और 13 दिसंबर को लंदन में कार्यक्रम निर्धारित हैं। लंदन का शो OVO Arena Wembley में होना है। जुबिन ने कहा कि अभी वह अपने बेटे के साथ हर मिनट बिताने का आनंद ले रहे हैं और इस समय उनके लिए यह बेहद खास अनुभव है। इस साल सामने आई थी शादी की खबर जुबिन ने अपनी निजी जिंदगी को हमेशा लाइमलाइट से दूर रखा है। उनकी शादी की खबर भी इस साल अप्रैल में सामने आई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने उत्तराखंड में अपनी बचपन की दोस्त के साथ निजी समारोह में शादी की थी। शादी में करीबी परिवार के लोग ही शामिल हुए थे। शादी को लेकर भी जुबिन ने निजीपन बरकरार रखा था। बाद में तस्वीरें सामने आने के बाद उनकी शादी की खबर सार्वजनिक हुई। उनकी पत्नी के बारे में भी सार्वजनिक तौर पर बहुत कम जानकारी उपलब्ध है। कई रिपोर्टों में उन्हें जुबिन की बचपन की दोस्त बताया गया है। देहरादून से निकली आवाज, बॉलीवुड में बनाई पहचान जुबिन नौटियाल उत्तराखंड के देहरादून से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने 2011 में रियलिटी शो ‘एक्स फैक्टर इंडिया’ से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद फिल्म ‘सोनाली केबल’ के गाने ‘एक मुलाकात’ से बॉलीवुड में प्लेबैक सिंगिंग की शुरुआत की। उन्हें सलमान खान की फिल्म ‘बजरंगी भाईजान’ के गाने ‘जिंदगी कुछ तो बता’ से बड़े स्तर पर पहचान मिली। इसके बाद ‘तुम ही आना’, ‘काबिल हूं’, ‘लुट गए’, ‘रातां लंबियां’ और ‘तुझे कितना चाहने लगे हम’ जैसे गानों ने उन्हें हिंदी संगीत की दुनिया में खास पहचान दिलाई। बेटे की तस्वीर अभी सामने नहीं आई बेटे के जन्म की पुष्टि जुबिन ने खुद कर दी है, लेकिन उन्होंने अभी बच्चे की तस्वीर या नाम सार्वजनिक नहीं किया है। रिपोर्टों के मुताबिक जुबिन अपनी निजी जिंदगी को सोशल मीडिया और मीडिया की नजरों से दूर रखना पसंद करते हैं। फिलहाल परिवार बेटे के साथ समय बिता रहा है और नाम को लेकर भी कोई फैसला नहीं लिया गया है। ———————–
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कृति सेनन के पोस्ट में स्कर्ट और बुरके का जिक्र:रक्षाबंधन ऐड में रिवीलिंग ड्रेस पहनने पर ट्रोल हुईं, जानिए किन एक्ट्रेसेस की हो चुकी ट्रोलिंग
बॉलीवुड एक्ट्रेस कृति सेनन ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में स्कर्ट और बुरके का जिक्र किया है। हाल ही में उन्हें रक्षाबंधन विज्ञापन में ब्रालेट-स्टाइल ब्लाउज पहनने पर ट्रोल किया गया था। अब कृति ने अपने पोस्ट में यौन उत्पीड़न के मामले में पीड़िता के छोटे कपड़ों को दोष देने वाली सोच पर सवाल उठाए हैं। इससे पहले भारी विरोध और ट्रोलिंग के बाद ज्वेलरी ब्रांड ने उस रक्षाबंधन विज्ञापन को हटा लिया था। तब कृति ने कपड़ों पर उठे सवालों का जवाब देते हुए कहा था भारतीय संस्कृति महिला के दिल में होती है, उसकी नेकलाइन में नहीं। बुरका और डायपर का दिया उदाहरण सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर कृति सेनन ने दर्शन मोंडकर का एक कोट अपनी स्टोरी पर रीपोस्ट किया। इस पोस्ट में लिखा था- “‘क्या यह मेरी गलती थी?’ छोटी स्कर्ट ने पूछा। ‘नहीं, यह मेरे साथ भी हुआ,’ बुरके ने जवाब दिया। कोने में पड़ा डायपर तो बोल भी नहीं सका।” इस पोस्ट के जरिए कृति ने उस सोच पर सवाल उठाया है जो महिलाओं के कपड़ों को यौन अपराधों की वजह मानती है। रिवीलिंग ड्रेस में रक्षाबंधन ऐड पर हुआ था विवाद दरअसल, हाल ही में ज्वेलरी ब्रांड जीवा ने रक्षाबंधन का एक विज्ञापन जारी किया था, जिसमें कृति सेनन नजर आई थीं। ऐड में कृति ने ब्रालेट-स्टाइल ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट वाला आइवरी इंडो-वेस्टर्न आउटफिट पहना हुआ था। सोशल मीडिया यूजर्स के एक वर्ग ने इस लुक की आलोचना की। उनका कहना था कि परिवार और परंपरा से जुड़े त्योहार के लिए यह आधुनिक स्टाइल सही नहीं है। कंगना ने कृति के लुक की निंदा की- सोशल मीडिया ट्रोलिंग के बीच कंगना रनोट ने सोशल मीडिया पर बिना कृति का नाम लिए लिखा, “महिला होने के लिए यह शानदार समय है। हमारी अलमारियां कई तरह के कपडों से भरी हैं और आज की महिला ग्लोबल महिला है। कॉकटेल ड्रेस से लेकर लहंगा चोली तक, जींस से लेकर साडी तक, बिकिनी से लेकर सलवार-कमीज तक, आज हमारे पास पहनने के इतने विकल्प हैं। फिर आप अपने भाई को बिकिनी या अंडरगारमेंट्स में राखी क्यों बांधेंगी? आपके पास स्टाइलिंग के इतने विकल्प कहां हैं? हा हा, यह विज्ञापन जानबूझकर अजीब बनाया गया लगता है।” कृति सेनन ने जवाब दिया- कंगना की टिप्पणी के बाद आलोचना के बीच कृति ने आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने कहा, “त्योहारों का मतलब आपके पहने हुए कपडों में नहीं, बल्कि परंपराओं के लिए आपके मन में मौजूद भावनाओं और उनके अर्थ में होता है। “रक्षाबंधन सुरक्षा के रिश्ते का त्योहार है। मेरी बहन और मैं एक-दूसरे को राखी बांधते हैं। हम जानते हैं कि हम भी एक भाई जितना ही एक-दूसरे की रक्षा कर सकते हैं। हम महिलाओं को यह बताना कब बंद करेंगे कि उन्हें क्या पहनना चाहिए? एथनिक फैशन समय के साथ बदला है, लेकिन आज भी किसी महिला की संस्कृति के प्रति इज्जत सिर्फ उसके कपडों से मापी जाती है। संस्कृति और परंपराएं उसके दिल में होती हैं, उसकी नेकलाइन में नहीं।” राहुल गांधी ने किया कृति का बचाव- विवाद पर राहुल गांधी ने कृति की पोस्ट री-शेयर कर लिखा कि कोई महिला क्या पहनती है, क्या करती है और कहां जाती है, यह उसकी अपनी पसंद है। महिलाओं के कपड़ों और जीवनशैली की ऑनलाइन पुलिसिंग यानी पहरेदारी नहीं करनी चाहिए। राहुल ने अपने पोस्ट में ‘स्मैश द पेट्रियार्की’ हैशटैग का इस्तेमाल किया था। विवाद के बाद ब्रांड ने हटाया एडवर्टाइजमेंट- सोशल मीडिया पर कपड़ों और पेट डॉग को राखी बांधने को लेकर विवाद बढ़ता देख ब्रांड ने आधिकारिक बयान जारी कर माफी मांगी और इस एडवर्टाइजमेंट को अपने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटा लिया है। प्रियंका चोपड़ा-दीपिका पादुकोण भी हो चुकीं ट्रोलिंग का शिकार प्रियंका चोपड़ा और दीपिका पादुकोण जैसी सीनियर एक्ट्रेसेज भी कपड़ों की वजह से सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का शिकार हो चुकी हैं। साल 2017 में बर्लिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान प्रियंका चोपड़ा ने घुटनों से ऊपर की ड्रेस पहनी थी। इस मुलाकात की फोटो सामने आने के बाद यूजर्स ने उन्हें पीएम के सामने मर्यादित कपड़े न पहनने का आरोप लगाते हुए ट्रोल कर दिया था। इसी तरह दीपिका पादुकोण को मैक्सिम मैगजीन के लिए किए गए बोल्ड फोटोशूट और अलग-अलग इवेंट्स में पहनी गई ड्रेसेस को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचना झेलनी पड़ी थी। ‘दंगल’ फेम एक्ट्रेस फातिमा सना शेख और दिशा पाटनी भी अपनी बोल्ड ड्रेसेस के चलते विवादों में आ चुकी हैं। साल 2017 में रमजान के महीने के दौरान फातिमा ने समुद्र तट पर मोनोकिनी पहनकर एक फोटो शेयर की थी। इस पर सोशल मीडिया यूजर्स ने धार्मिक मान्यताओं का हवाला देते हुए उन्हें ट्रोल किया और तरह-तरह की नसीहतें दी थीं। वहीं दिशा पाटनी को साल 2017 के फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में रिवीलिंग ब्लैक गाउन पहनने की वजह से सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था। टीवी और बॉलीवुड एक्ट्रेसेज जैसे निया शर्मा, सोनम कपूर और ताप्सी पन्नू भी रिवीलिंग कपड़ों पर ट्रोलर्स के निशाने पर आ चुकी हैं। टीवी एक्ट्रेस निया शर्मा को हैवी एम्ब्रॉयडरी वाले रिवीलिंग ब्लाउज और स्विमसूट में तस्वीरें शेयर करने के बाद अभद्र टिप्पणियों का सामना करना पड़ा था। हालांकि, सोनम कपूर और ताप्सी पन्नू जैसी एक्ट्रेसेज ने कपड़ों पर उठने वाले सवालों पर हमेशा खुलकर जवाब दिया है। सोनम कपूर ने एक इवेंट में रिवीलिंग आउटफिट पर विवाद के बाद कहा था कि उन्हें अपनी बॉडी पर गर्व है और वे ट्रोलर्स की परवाह नहीं करतीं।
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फिल्म रामायण के बिहाइंड द सीन विजुअल आए:रणबीर बोले- ये सिर्फ रोल नहीं, जिम्मेदारी है; देखिए ग्रीन स्क्रीन में किस तरह हुई फिल्म की शूटिंग
28 सितंबर 2026 को रणबीर कपूर के 44वें जन्मदिन के खास मौके पर मोस्ट अवेटेड फिल्म रामायण का बिहाइंड द सीन वीडियो जारी किया गया है। फिल्म के कई हिस्सों को ग्रीन स्क्रीन में शूट कर VFX के जरिए भव्य इमारत में तब्दील किया गया है। इस दौरान रणबीर कपूर ने भगवान राम का किरदार निभाने की जिम्मेदारी पर भी बात की है। देखिए कैसे ग्रीन स्क्रीन पर हुई रामायण की शूटिंग- रणबीर कपूर ने भगवान राम का किरदार निभाने की जिम्मेदारी पर कहा है कि यह सिर्फ फिल्म का रोल नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “यह रोल नहीं है। ऐसा नहीं है कि मुझे एक फिल्म ऑफर हुई और यह रोल रोमांचक लगा। यह एक जिम्मेदारी है।” अरुण गोविल की बात रणबीर को याद रही रणबीर ने अरुण गोविल की तारीफ की। उन्होंने कहा कि अरुण सर हम सभी के लिए आइकॉनिक भगवान राम हैं। रणबीर ने बताया कि अरुण गोविल की एक बात उनके मन में रह गई। उन्होंने कहा, “क्षमा धर्म, क्षमा यज्ञ, क्षमा वेद, सनातन। भगवान राम की सबसे बड़ी शक्ति उनका धनुष नहीं था। वह उनकी क्षमा थी। उनके अंदर माफ करने की क्षमता थी।” रणबीर की कास्टिंग पर अरुण गोविल ने कहा- ‘मौजूदा समय में जितने भी स्टार्स हैं, रणबीर उन सबसे राम का किरदार निभाने के सबसे करीब हैं।’ फिल्म ‘रामायण’ से जुड़ी अहम बातें- प्रमोशनल इवेंट में हुआ था विवाद रणबीर कपूर और साई पल्लवी स्टारर ‘रामायण’ के प्रचार को लेकर शनिवार को मुंबई के फिल्म सिटी स्थित प्राइम फोकस स्टूडियो में खास कार्यक्रम रखा गया था। कार्यक्रम का पहला समय दोपहर 12 बजे बताया गया था, जिसे बाद में दोपहर 1 बजे कर दिया गया। तय समय के अनुसार मीडिया कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गया, लेकिन बातचीत शुरू होने में करीब साढ़े चार घंटे की देरी हुई। इस दौरान रणबीर कपूर, साई पल्लवी, निर्माता नमित मल्होत्रा और निर्देशक नितेश तिवारी समेत फिल्म की टीम मौजूद थी। देरी की वजह मिस्टर बीस्ट के कार्यक्रम में देर से पहुंचने को बताया गया। मिस्टर बीस्ट की वजह से हुई देरी कार्यक्रम में मिस्टर बीस्ट की मौजूदगी को लेकर पहले से काफी उत्सुकता थी। उन्हें ‘रामायण’ की टीम के साथ विशेष बातचीत में शामिल होना था। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद मीडिया को बताया गया कि मिस्टर बीस्ट इससे पहले दो उड़ानें मिस कर चुके थे और उनके देर से पहुंचने के कारण कार्यक्रम में देरी हुई। उनके पहुंचने के बाद ही फिल्म की टीम के साथ तय बातचीत आगे बढ़ी। मीडिया के लिए आयोजित कार्यक्रम में पत्रकारों ने अपना समय निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रखा था। ऐसे में लंबे इंतजार को लेकर कई मीडिया प्रतिनिधियों में असंतोष देखने को मिला। मिस्टर बीस्ट को रणबीर ने बताया राम का परिचय इवेंट के दौरान एक पैपराजी ने मिस्टर बीस्ट से ‘जय श्री राम’ कहा। मिस्टर बीस्ट जवाब देने को लेकर असमंजस में दिखे, जिसके बाद रणबीर कपूर ने उन्हें ‘जय श्री राम’ बोलने के लिए कहा। मिस्टर बीस्ट ने भी रणबीर की बात दोहराई। इसके बाद रणबीर ने मिस्टर बीस्ट को भगवान राम के बारे में बताते हुए कहा कि वे राजकुमार थे और उनके पास सब कुछ था, लेकिन पिता के वचन और अपने कर्तव्यों को पूरा करने के लिए उन्होंने सब त्याग दिया। रणबीर ने कहा कि भगवान राम को एक आदर्श पुरुष के रूप में जाना जाता है और उम्मीद है कि फिल्म के जरिए मिस्टर बीस्ट को भारतीय संस्कृति और इतिहास की झलक मिलेगी। इवेंट में रणबीर ने उठाया शिव धनुष कार्यक्रम में रणबीर कपूर शिव धनुष उठाते हुए भी नजर आए। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने उनका उत्साह बढ़ाया। इवेंट में रणबीर के साथ साई पल्लवी, रवि दुबे, नितेश तिवारी और नमित मल्होत्रा भी मौजूद रहे। मिस्टर बीस्ट की मौजूदगी को फिल्म के अंतरराष्ट्रीय प्रचार अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। उनकी वैश्विक लोकप्रियता को देखते हुए निर्माताओं की कोशिश ‘रामायण’ को भारतीय दर्शकों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने की है। रामायण: पार्ट-1 दिवाली के मौके पर 6 नवंबर को रिलीज होने के लिए शेड्यूल है। जबकि पार्ट 2 को दिवाली 2027 पर रिलीज करने की योजना है। देखिए फिल्म से सभी कलाकारों के लुक- शांत, तेजस्वी और मर्यादा पुरुषोत्तम की छवि में रणबीर कपूर का लुक प्रभावशाली नजर आया। भगवान राम के प्रति समर्पित लक्ष्मण के रोल में रवि दुबे हैं। माता सीता के किरदार में साई पल्लवी के लुक में सादगी और शालीनता नजर आ रही है। दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और खतरनाक अंदाज में रावण बने यश सबसे ज्यादा चर्चा में है। गरिमामयी व्यक्तित्व के साथ अरुण गोविल का दशरथ का रोल प्रभावी लगा। वह रामायण शो में पहले राम बन चुके हैं। फिल्म ‘रामायण’ में लारा दत्ता कैकेयी के किरदार में हैं। फिल्म ‘रामायण’ में रकुल प्रीत सिंह रावण की बहन शूर्पणखा का किरदार निभा रही हैं।
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लता मंगेशकर की बर्थ एनिवर्सरी:पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि, कहा- आपका योगदान युग-युगांतर तक स्मरणीय रहेगा, इनका गाना सुन रोए जवाहरलाल नेहरू, जानिए कहानी
लीजेंड्री गायिका लता मंगेशकर की आज 97वीं बर्थ एनिवर्सरी है। लता मंगेश्कर का जन्म 28 सितंबर 1929 में हुआ था। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा है, ‘अपनी दिव्य गायन प्रतिभा से विश्व में देश का नाम रोशन करने वालीं आदरणीया लता दीदी को उनकी जयंती पर सादर नमन। उन्होंने भारतवर्ष को न केवल अपने सुमधुर सुरों से सजाया-संवारा, बल्कि देश की समृद्धि से जुड़ी हर पहल को भी सदैव प्रोत्साहित किया। भारतीय संगीत जगत में उनका अप्रतिम योगदान युग-युगांतर तक स्मरणीय रहेगा।’ लता मंगेशकर की बर्थ एनिवर्सरी पर पढ़िए, स्वरकोकिला बनने की कहानी, गानों के चुनिंदा किस्सों के साथ- 28 सितंबर 1929 को लता दीदी का जन्म इंदौर के एक सिख मोहल्ले में मौसी के घर हुआ। उन्होंने 5 साल की उम्र से ही संगीत सिखाना शुरू कर दिया था। वहीं 9 साल की उम्र से वो अपने पिता दीनानाथ मंगेशकर के साथ नाटक कंपनी में शोज करने लगीं। 1940-41 के आसपास दिल्ली में ऑल इंडिया रेडियो के बुलावे पर लता दीदी पिता के साथ पहली बार रिकॉर्डिंग के लिए गई थीं। 24 अप्रैल 1942 को पिता दीनानाथ मंगेशकर का निधन हो गया। पहले गाने के लिए मिली 25 रुपए फीस पिता के निधन के बाद घर की पूरी जिम्मेदारी लता दीदी के कंधों पर आ गई थी। इसी दौरान पिता के दोस्त और फिल्ममेकर मास्टर विनायक ने उन्हें अपनी मराठी फिल्म पहिली मंगला गौर के लिए अप्रोच किया। पैसों की जरूरत थी तो उन्होंने हां कर दी और फिल्म में एक छोटा सा रोल भी किया। साथ में उन्होंने फिल्म के गाने नटली चैत्राची नवलाई गाना भी गाया। इस गाने के लिए उन्हें 25 रुपए फीस मिली थी और फिल्म में रोल के लिए कुल 300 रुपए। इसके बाद उन्होंने मास्टर विनायक की कंपनी में काम किया। अपनी बायोग्राफी में लता मंगेश्कर ने कहा, ‘13 साल की उम्र में पूरे परिवार की जिम्मेदारी मेरे कंधों पर आ गई थी। ऐसे में न चाहते हुए भी मुझे फिल्मों में काम करना पड़ा। घर में मां के अलावा चार भाई-बहनों की परवरिश एक चुनौती थी, जिसके लिए फिल्मों में काम करने का रास्ता ही मुझे ठीक लगा।’ पैसों की कमी की वजह से घर खाली करने की नौबत आ गई थी दीनानाथ मंगेशकर के निधन के बाद लता दीदी पूरे परिवार को लेकर कोल्हापुर आ गई थीं। मास्टर विनायक ने उन्हें एक मकान रहने के लिए दिया। 1947 में मास्टर विनायक का निधन हो गया। इसके बाद उनके रिश्तेदारों ने लता पर घर खाली करने का दबाव डालना शुरू कर दिया। इसी बीच एक कैमरामैन लता से मिलने आए। उन्होंने कहा- एक हरिश्चंद्र बाली हैं, जो आपसे मिलकर आपका गाना सुनना चाहते हैं। अगले दिन उन्होंने जाकर उनसे मुलाकात की। उन्होंने लता को सुना और गाना गाने का मौका दिया। इसके बदले उन्होंने लता को मोटी रकम दी। उसी पैसे से लताजी ने घर का किराया चुकाया। तब जाकर उन्हें उस घर में रहने दिया गया। चाचा ने कहा- परिवार का नाम खराब कर देगी ये लड़की लता मंगेशकर की बायोग्राफी लता सुरगाथा के मुताबिक, ‘14 साल की उम्र में मैं कोल्हापुर से मुंबई एक शो में गाने के लिए अपनी मौसी के साथ गई थी। यहां मैं अपने चाचा कमलनाथ मंगेशकर के घर रुकी थी। घर पहुंचते ही मैं रियाज करने लग गई। मगर चाचाजी मुझसे नाराज थे। उन्होंने मुझे देखकर कहा, ये लड़की भाई दीनानाथ मंगेशकर का नाम खराब कर देगी। कहां वो एक सुधी गायक और कहां ये लड़की। ये लड़की ठीक से गा नहीं पाएगी और पूरे खानदान का नाम मिट्टी में मिल जाएगा। उन लोगों की ये बात सुन मैं बहुत आहत हुई और रोने लगी।’ गाना सुनकर ललिता पवार ने दीं सोने की बालियां अगले दिन लता मंगेशकर परफॉर्मेंस के लिए पहुंचीं। दर्शकों के बीच एक्ट्रेस ललिता पवार भी मौजूद थीं। लता का गाना उन्हें इतना पसंद आया कि उन्होंने खुश होकर ईनाम में सोने की बालियां दीं। जब आवाज पतली कहकर रिजेक्ट किया गया लता मंगेशकर को कुछ स्टेज शोज के बाद रिकॉर्डिंग के ऑफर मिलने लगे। एक रिकॉर्डिंग के बीच एक पठान ने उनका गाना सुना और गुलाम हैदर को उनका नाम सुझाया। पठान ने गुलाम हैदर से कहा- कोई एक नई लड़की आई है, जो बहुत ही उम्दा गाती है। आप उसे बुलाकर एक बार जरूर सुनें। मास्टर गुलाम हैदर अली ने मिलने के लिए हामी भर दी। अगले दिन लता मंगेशकर अपनी मौसेरी बहन के साथ मास्टर गुलाम हैदर अली के स्टूडियो मिलने गईं। मास्टर हैदर अली ने लता की मुलाकात प्रोड्यूसर शशधर मुखर्जी से करवाई, जो उस समय फिल्म शहीद पर काम कर रहे थे, लेकिन उन्होंने लता को काम देने से इनकार कर दिया। मुखर्जी ने कहा- इस लड़की की आवाज बहुत पतली है। इस पर मास्टर हैदर अली ने कहा- आने वाले दिनों में प्रोड्यूसर और डायरेक्टर इस लड़की के पैरों में गिरकर अपनी फिल्म में गाना गाने की विनती करेंगे। फिर मास्टर गुलाम हैदर ने ही लता को फिल्म ‘मजबूर’ के गीत ‘अंग्रेजी छोरा चला गया’ में गायक मुकेश के साथ गाने का मौका दिया। यह लता का पहला बड़ा ब्रेक था, इसके बाद उन्हें काम की कभी कमी नहीं हुई। बाद में शशधर ने अपनी गलती मानी और ‘अनारकली’, ‘जिद्दी’ जैसी फिल्मों में लता से कई गाने गवाए। जल्द ही लता मंगेशकर हिंदी सिनेमा की सबसे बेहतरीन सिंगर्स में शामिल हुईं और उन्होंने लगातार कई फिल्मों के गाने गाए। बीमार महबूब खान को फोन पर सुनाया गीत 1958 में फिल्ममेकर महबूब खान अमेरिका में ऑस्कर समारोह में गए थे। यहां पहुंचे उन्हें 2 दिन ही हुए थे कि उन्हें हार्ट अटैक आ गया। उनका हाल जानने के लिए लता दीदी ने उन्हें फोन किया। महबूब खान ने बातचीत के दौरान कहा- विदेश में तुम्हारा गाना सुनने का बहुत मन कर रहा है, लेकिन यहां कहां से तुम्हारे गानों की रिकॉर्डिंग लाऊं। लता दीदी ने जवाब दिया- आप कौन सा गीत सुनना चाहते हैं। महबूब खान की फरमाइश पर लता दीदी ने उन्हें ‘रसिक बलमा’ गीत सुनाया। उनके इस गीत से महबूब खान की तबीयत में सुधार जरूर हुआ था। जब जवाहर लाल नेहरु बोले-इस लड़की ने रुला दिया 1962 में चीन के आक्रमण के दौरान पं. प्रदीप (कवि प्रदीप) ने देशभक्ति गीत ‘ए मेरे वतन के लोगों’ लिखा। उन्होंने लता मंगेशकर से गुजारिश की थी कि वह 26 जनवरी, 1963 को गणतंत्र दिवस के मौके पर इस गीत को गाएं। उस प्रोग्राम में जवाहरलाल नेहरू भी मौजूद थे। जैसे ही लता दीदी ने गाना शुरू किया, जवाहरलाल नेहरू मंच पर खड़े ही रो पड़े। गाने के बाद लता मंगेशकर स्टेज के पीछे कॉफी पी रही थीं, तभी निर्देशक महबूब खान ने उनसे आकर कहा कि तुम्हें पंडितजी बुला रहे हैं। नेहरू के सामने उन्होंने ले जाकर कहा, ‘ये रही हमारी लता। आपको कैसा लगा इसका गाना?’ नेहरू ने कहा,’बहुत अच्छा। इस लड़की ने मेरी आंखों में पानी ला दिया।’ इतना कहकर उन्होंने लता मंगेशकर को गले लगा लिया। अब पढ़िए लता मंगेशकर के कुछ चुनिंदा गाने और उनकी रिकॉर्डिंग से जुड़े अनसुने किस्से- 1961 की फिल्म ‘माया’ के गाने तस्वीर तेरी दिल में के दौरान स्टूडियो में लता और रफी साहब की गायकों की रॉयल्टी पर ऐसी बहस छिड़ी की दोनों ने साथ काम न करने का फैसला लिया। लता ने इंडस्ट्री में सभी सिंगर्स की आवाज उठाते हुए उनके लिए रॉयल्टी की मांग की थी। सभी गायकों ने मीटिंग रखी, लेकिन रफी साहब, लता और रॉयल्टी मांग रहे सभी सिंगर्स की सोच के खिलाफ थे। रफी साहब ने लता से कहा कि वो अब उनके साथ गाना नहीं गाएंगे। इंडस्ट्री में नई आईं गुस्से की तेज लता ने जवाब में कहा, आप क्या मेरे साथ गाना नहीं गाएंगे, मैं खुद कभी आपके साथ नहीं गाऊंगी। दोनों ने करीब 4 साल तक साथ में गाना नहीं गाया, ना ही कोई मंच साझा किया। लता मंगेशकर ने गानों की रॉयल्टी हासिल की। निधन के समय तक उन्हें हर महीने रॉयल्टी के 40 लाख रुपए मिलते थे। साल 1967 में रिलीज हुई फिल्म ‘ज्वेल थीफ’ के गाने दिल पुकारे आ रे आ रे को लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी ने अपनी सुरीली आवाज दी थी। इस गाने को मोहम्मद रफी और लता जी के चार साल पुराने झगड़े को सुलझाने का क्रेडिट देना गलत नहीं होगा। 1967 में संगीतकार जयकिशन के कहने पर रफी साहब ने लता से चिट्ठी लिखकर माफी मांगी। 1967 में आरडी बर्मन के एक समारोह में दोनों ने इसी साल रिलीज हुई फिल्म ‘ज्वेल थीफ’का ये गाना गाया और झगड़ा खत्म कर लिया। लता मंगेशकर ने फिल्म ‘जिद्दी’ में पहली बार किशोर कुमार के साथ ये कौन आया रे गाना गाया था। इस गाने की रिकॉर्डिंग के समय ही पहली बार लता और किशोर की मुलाकात हुई थी। करियर की शुरुआत में लता दी लोकल ट्रेन पकड़कर स्टूडियो जाती थीं। एक दिन महालक्ष्मी स्टेशन में एक व्यक्ति कुर्ता पजामा पहने और छड़ी लिए उनके कंपार्टमेंट में चढ़ गया। लता जी को वो शख्स जाना पहचाना लग रहा था, लेकिन उनका ख्याल साफ नहीं था। जब उन्होंने लोकल से उतरकर तांगा लिया तो वो शख्स भी तांगे से पीछे आने लगा। लता जी घबरा गईं और तेजी में स्टूडियो पहुंची, यहां भी वो शख्स पीछे ही आ रहा था। स्टूडियो पहुंचकर उन्होंने संगीतकार खेमचंद्र के पास जाकर कहा, ये कौन है, जो मेरा पीछा कर रहा है। खेमचंद्र ने पीछे देखा तो हंसने लगे और कहा ये किशोर कुमार है, अशोक कुमार का भाई। प्लेबैक सिंगर के रूप में ये किशोर दा की पहली फिल्म थी, जिसमें उन्होंने देव आनंद को आवाज दी थी। कुछ इस तरह संगीत की दुनिया के दो सबसे बड़े सितारों की पहली मुलाकात हुई थी। 1960 की फिल्म ‘मुगल-ए-आजम’ में लता जी मधुबाला की आवाज बनी थीं। म्यूजिक डायरेक्टर नौशाद ने 150 गानों को रिजेक्ट करने के बाद प्यार किया तो डरना क्या… सिलेक्ट किया था। इस गाने में जो गूंज नौशाद साहब को चाहिए थी, वो स्टूडियो में नहीं थी। ऐसे में उन्होंने लता जी से बाथरुम में ये गाना रिकॉर्ड करवाया था। उस जमाने में 10-15 लाख में पूरी फिल्म बना करती थी, लेकिन इस गाने में पूरे 10 लाख रुपए का खर्च आया था। मधुबाला लता की आवाज की ऐसी दीवानी थीं कि उन्होंने फिल्मों में काम करने की शर्त रखी थी कि उन्हें लता जी ही आवाज देंगी। ये गाना लता जी के करियर के शुरुआती हिट गानों में से एक है। उस जमाने में रिकॉर्डिंग स्टूडियो की व्यवस्था नहीं हुआ करती थी, जिससे सिंगर किसी भी खाली जगह में गाना रिकॉर्ड कर लिया करते थे। 1948-49 के पास का समय है जब लता बॉम्बे टॉकीज में ‘महल’ फिल्म का गाना आएगा, आने वाला आएगा रिकॉर्ड कर रही थीं। वहां एक्ट्रेस नरगिस और जद्दनबाई अपनी फिल्म लाहौर की शूटिंग कर रही थीं। गाना ध्यान से सुनने के बाद जद्दनबाई ने उन्हें बुलाया और कहा, इधर आओ बेटा, क्या नाम है तुम्हारा। उन्होंने जवाब दिया-जी लता। जद्दनबाई ने तारीफ करते हुए आगे कहा, माशाल्लाह, क्या ‘बगैर’ कहा है, दीपक बगैर कैसे परवाने जल रहे हैं। बगैर सुनकर तबीयत खुश हो गई। ऐसा तलफ्फुज हर किसी का नहीं होता, तुम एक दिन बहुत नाम करोगी। वाकई जद्दनबाई की बात सच हुई। 1978 की फिल्म ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ का टाइटल ट्रैक लता जी ने गाया था। डायरेक्टर राज कपूर से किसी बात पर बहस के बाद लता जी ने गाना गाने से इनकार कर दिया। राज साहब ने लता जी को बहुत समझाया, पर वे मानीं नहीं। तब राज कपूर ने फिल्म के गीतकार पं. नरेंद्र शर्मा से बात की, जिन्हें लता जी पापा कहती थीं। पं. नरेंद्र शर्मा जी के कहने पर लता जी ने कहा कि मैं स्टूडियो आती हूं। वे स्टूडियो गईं। संगीतकार ने उन्हें सत्यम शिवम सुंदरम… गाने को सिर्फ एक-दो बार बताया। इस गाने में आलाप वगैरह होने के बावजूद 6-7 मिनट के गाने को लता जी एक टेक में रिकॉर्ड करके वापस आ गईं। यह किस्सा लता मंगेशकर पर उनकी बहन मीना मंगेशकर-खडीकर की किताब ‘दीदी और मैं’ किताब में है। राज कपूर की बेटी रितु नंदा ने अपनी बुक में खुलासा किया था कि ये फिल्म राज कपूर ने लता जी से इंस्पायर होकर लिखी थी और वो लता जी को ही इस फिल्म में कास्ट करना चाहते थे। सलिल चौधरी के कंपोजिशन में तैयार हुआ ये गाना 1957 की फिल्म ‘मुसाफिर’ का था जिसे लता मंगेशकर और दिलीप कुमार ने आवाज दी थी। लता को अंदाजा नहीं था कि उनके साथ गाना गाएंगे। दिलीप साहब ने प्रैक्टिस तो खूब की, लेकिन जैसे ही रिकॉर्डिंग स्टूडियों में माइक थामा तो वो डर गए। डर का कारण था लता जी जैसी बेहतरीन गायिका के साथ गाना। जब दिलीप कुमार ठीक से नहीं गा सके तो सलिल चौधरी ने उन्हें ब्रांडी पिलाकर रिकॉर्डिंग करवाई। कहा जाता है कि इस रिकॉर्डिंग के बाद से ही लता जी और दिलीप साहब के रिश्ते में कुछ कड़वाहट आ गई थी। लता उन्हें भाई मानती थीं और राखी बांधा करती थीं, लेकिन इसके बाद से ही दोनों की बातचीत करीब 13 सालों तक नाममात्र की बातचीत रही। इस मतभेद का कारण दिलीप साहब का कमेंट था, जिसमें उन्होंने कहा था, मराठियों की उर्दू दाल-चावल की तरह होती है। लता जी इससे काफी नाराज हुई थीं। साल 1974 की फिल्म ‘आपकी कसम’ के गाने सुनो कहो, कुछ हुआ क्या को लता मंगेशकर और किशोर कुमार ने आवाज दी थी। किशोर कुमार को हर वक्त मजाक करने की आदत थी, लेकिन उनकी इस आदत के कारण लता ने उनके साथ रिकॉर्डिंग करने से इनकार कर दिया था। लता जी का कहना था कि ये जोक सुनाते हैं और हंसने में आवाज थक जाती है, लेकिन एक समय आया जब दोनों को साथ गाना था। जैसे ही लता जी आईं तो किशोर दा ने उन्हें रोककर किस्सा सुनाना चाहा। लता जी ने कहा पहले गाने दीजिए, तो जवाब मिला कि ये किस्सा गाने से ताल्लुक रखता है। सोचो, एक घर के कमोड पर तुम बैठी हो और दूसरे कमोड पर मैं और हम ये गाना गा रहे हों। जाहिर है ये मजाक सुनकर सभी देर तक हंसते रहे थे।
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पैपराजी, ट्रोल्स और AI के मिसयूज पर भड़के सलमान खान:कहा- सेंसर लगाने की सख्त जरूरत, मैं सीरियस हूं, मेरे भी फर्जी वीडियो आते हैं
सलमान खान ने रियलिटी शो बिग बॉस 20 के पिछले वीकेंड का वार में बैक पोज लेने पर पैपराजी को फटकारा था। अब इस हफ्ते सलमान ने फिर ये मुद्दा उठाया और सोशल मीडिया पर सेंसर लगाने की बात कही है। साथ ही उन्होंने AI के मिसयूज पर भी नाराजगी जताई है। सलमान ने हालिया एपिसोड में कहा है, ‘AI का भी मिसयूज हो रहा है। किसी ने आपकी AI वॉयस लेकर किसी को गाली बक दी। आपको पता है ये लोग AI वीडियोज बना रहे हैं बहुत सारे लोगों के। यहां तक की मैं भी AI वीडियोज में होता हूं। कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें नहीं पता मैं कैसा हूं, वो पोस्ट कर देते हैं कि सलमान खान पब में था। जिनको ये बात पता है, जिन्होंने ये वीडियो बनाया है, वो किस तरह के लोग हैं।’ आगे सलमान ने कहा है, ‘इस तरह के लोगों को जेल में डालना चाहिए। जब तक एक दो अंदर जाएगा नहीं, तब तक ये सब रुकने वाला है नहीं। इसके लिए कानून लाया जाना चाहिए। सोशल मीडिया पर भी सेंसर शिप होना चाहिए। मैं इस चीज को बेहद गंभीरता से लेने वाला हूं।’ शो में फिल्म हुंकार प्रमोट करने पहुंचीं फातिमा सना शेख ने सलमान की पैपराजी से जुड़ा मुद्दा उठाने पर तारीफ की। इस पर उन्होंने कहा, ‘मैं बहुत दिनों से नोटिस कर रहा था। कुछ लड़कियां बहुत असहज हो जाती हैं। पैप्स ने कहा है कि वो भी अब से ये नहीं कर रहे हैं। एक-दो कोई ऐसे हैं, लेकिन अब बाकी के लोग ये नहीं कर रहे हैं। कुछ लोग मोबाइल लेकर खड़े होते हैं, जो पैप्स हैं भी नहीं। असली प्रेस वालों और पैप्स को उनको वहां से भगाना चाहिए। कोई भी हाथ में कैमरा रख लेता है।’ सलमान ने कहा, ‘यहां सेंसर बोर्ड जैसा कुछ आना चाहिए, जहां लोगों को अपने कमेंट, शब्दों के लिए जवाबदेही लेनी चाहिए। इन्फ्लूएंसर्स इससे पैसे कमाते हैं। रोजगार के लिए ये अच्छा है, लेकिन इसका मिसयूज नहीं होना चाहिए।’ अपने ही वीडियोज देखकर हैरान हो जाते हैं सलमान सलमान खान ने बताया है कि वह कभी-कभी अपने ही AI वीडियोज देखकर शॉक हो जाते हैं। उसमें आवाज भी बिल्कुल रियल होती है। आगे सलमान ने कहा, ‘मैंने हाल ही में जो आवाज उठाई, उसकी लोगों से सहारना की। 10-15 प्रतिशत लोगों ने उसके भी मीम बनाए, लेकिन धीरे-धीरे करके ये पूरा खेल बदला जाना चाहिए।’ क्या था सलमान का पिछला बयान और क्या हुआ असर? बिग बॉस 20 के वीकेंड का वार एपिसोड में सलमान ने कटरीना कैफ को वजन, भाई सोहेल के चेहरे और सनी देओल के फटे जूतों पर ट्रोल करने वालों की कड़ी शब्दों में निंदा की। इस दौरान उन्होंने एक्ट्रेसेस के गलत एंगल से शॉट लेने और पोस्ट किए जाने पर कहा, “आजकल एक नया ट्रेंड है। गाड़ी से निकलते वक्त कैमरा यहां (कमर पर) होता है और गाड़ी में बैठते वक्त भी कैमरा यहां होता है, ताकि हिप शॉट मिल जाए, टांगों का शॉट मिल जाए। इसके बाद पीछे से भी एक शॉट लिया जाता है, जो कोई भी अभिनेत्री या लड़की पसंद नहीं करती।” उन्होंने कहा कि कुछ महिलाएं ऐसी तस्वीरों को लेकर सहज हो सकती हैं, लेकिन सवाल उन महिलाओं का है जिन्हें यह पसंद नहीं है। सलमान ने इस दौरान अभिनेत्री सई मांजरेकर, नेहा धूपिया और भांजी का जिक्र किया। सलमान ने आगे कहा कि पीछे से महिलाओं की तस्वीरें लेने के बाद उन पर “पहचानो ये कौन है” जैसे कैप्शन क्यों लगाए जाते हैं। सलमान बोले- अपनी मां-बहन के शॉट सोशल मीडिया पर डालो सलमान ने कहा कि जो महिलाएं इस तरह की तस्वीरों से असहज होती हैं, उन्हें इसका विरोध करना चाहिए। उन्होंने तीखे अंदाज में कहा, “जहां ऐसा हुआ न, घूम के चांटा मारो। बोलना अपनी मां-बहनों का ये शॉट ले लो और हमें दिखाओ। सोशल मीडिया पर डालो। जांघों का शॉट ले लो।” सलमान ने पूछा कि ऐसे लोगों को प्रेस का कार्ड किसने दिया और ऐसी सोच क्यों है? गुस्से में सलमान ने मंच पर ही अपनी शर्ट उतारकर पेट दिखाया और कहा कि अब जो चाहे उन्हें ट्रोल कर सकता है। सलमान ने ये भी कहा कि कुछ समय पहले उन्हें गंजा कहते हुए ट्रोल किया जा रहा था, जबकि असल में वो उनकी आने वाली फिल्म का लुक था, उन्होंने कुछ समय पहले अपना दोस्त भी खो दिया था। कई सेलेब्स ने की सलमान के बयान की सहारना एक्ट्रेस नेहा धूपिया ने कुछ समय पहले ही बैक शॉट पोस्ट करने पर एक इवेंट में सरेआम पैपराजी को फटकारा था। अब सलमान का बयान आने के बाद नेहा लिखती हैं, टाइगर जिंदा है। वरुण धवन ने एक वीडियो जारी कर सलमान को सपोर्ट किया। उन्होंने आधिकारिक सोशल मीडिया से एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वो पिता डेविड धवन के साथ सलमान को देखकर खुशी जाहिर करते नजर आ रहे हैं। डायरेक्टर कुणाल कोहली ने लिखा है, सलमान खान आपको सलाम। आपने सोशल मीडिया पर लोगों के व्यवहार, ट्रोलिंग, पैपराजी और इस तरह के व्यवहार को बढ़ावा देने वालों पर बहुत जरूरी बातें कहीं। और जब भाई बोलता है, तो उसके बाद किसी के पास कहने के लिए कुछ नहीं बचता। एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा ने न्यूज 18 से बातचीत में कहा, ऐसी बात कहना एक बड़ी और उदार सोच को दिखाता है और लोगों को ट्रोलिंग पर ध्यान नहीं देना चाहिए। ऋचा ने उन पुरुषों पर भी सवाल उठाया जो महिलाओं के शरीर और उनके लुक्स को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हैं। उन्होंने कहा कि पुरुष महिलाओं के बिना अस्तित्व में नहीं आ सकते, क्योंकि हर व्यक्ति मां की कोख से जन्म लेता है। उनके मुताबिक, अगर कोई मांओं का मजाक उड़ाता है, तो उसका असर उल्टा पड़ सकता है। बिग बॉस की पूर्व कंटेस्टेंट बोली- सलमान पाखंडी है सलमान का बयान सामने आने के बाद बिग बॉस 7 की कंटेस्टेंट रह चुकीं ब्रिटिश मॉडल, सिंगर और एक्ट्रेस सोफिया हयात ने सलमान को पाखंडी कहा है। उन्होंने सलमान का क्लिप शेयर कर लिखा है, सलमान एक पाखंडी और बेवकूफ इंसान है। जब मैं बिग बॉस में थी, तब उसने मेरे शरीर और चेहरे को लेकर आलोचना की थी, जबकि गौहर से कहा था कि उसका शरीर अच्छा है। क्या था सलमान खान का बयान? यह खबर भी पढ़ें… सलमान खान ने पैपराजी-ट्रोलर्स को फटकारा:वरुण धवन, नेहा धूपिया ने किया सपोर्ट, एक्स बिग बॉस कंटेस्टेंट सोफिया हयात बोलीं- सलमान पाखंडी हैं, मेरा मजाक उड़ाया सलमान खान के पैपराजी और ट्रोलिंग के खिलाफ बयान के बाद कई बॉलीवुड सितारों ने उनका समर्थन किया। नेहा धूपिया ने सलमान के बयान पर ‘टाइगर जिंदा है’ लिखकर प्रतिक्रिया दी। वरुण धवन ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर सलमान को सपोर्ट किया। डायरेक्टर कुणाल कोहली ने भी सलमान की तारीफ की और सोशल मीडिया ट्रोलिंग व पैपराजी के व्यवहार पर उनकी बात को जरूरी बताया। हालांकि, सोफिया हयात ने सलमान के बयान की आलोचना की। उन्होंने सलमान को पाखंडी बताया और अपने पुराने अनुभव का जिक्र किया। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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नेशनल अवॉर्ड में तिलक लगाने पर ममूटी की आलोचना:यूजर्स बोले- मुस्लिम होकर माथे पर तिलक क्यों; एक्टर यूसुफ बोले- नफरत फैलाने वाले कुएं के मेंढक
गुजरात में आयोजित नेशनल अवॉर्ड सेरेमनी के दौरान नेशनल अवॉर्ड विनर एक्टर ममूटी का तिलक लगाकर पारंपरिक स्वागत किया गया। मुस्लिम होकर माथे पर तिलक लगवाने को लेकर सोशल मीडिया पर ममूटी की तीखी आलोचना की जा रही है। कई यूजर्स इसे इस्लाम का अपमान और धर्म के खिलाफ बता रहे हैं। इस विवाद पर मलयालम एक्टर और फिल्ममेकर हरिश्री यूसुफ ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर ट्रोलर्स को जवाब दिया है। हरिश्री ने कहा कि तिलक लगाना अतिथियों के स्वागत की भारतीय परंपरा है और धर्म का मकसद इंसानों को बेहतर बनाना है, न कि आपस में लड़ाना। ‘माथे पर तिलक लगाना इस्लाम का अपमान’ ममूटी को हाल ही में फिल्म ‘भ्रमयुगम’ के लिए नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला है। गुजरात यात्रा के दौरान उनके स्वागत में माथे पर तिलक लगाया गया था। इसका वीडियो सामने आने के बाद एक्स और इंस्टाग्राम पर कुछ यूजर्स ममूटी की आलोचना करने लगे। अब्बास नाम के एक यूजर समेत कई लोगों ने लिखा कि मुस्लिम होकर माथे पर तिलक लगाना इस्लाम के खिलाफ है और इससे धर्म का अपमान हुआ है। हालांकि कई प्रशंसकों ने ममूटी का बचाव करते हुए इसे सिर्फ एक सांस्कृतिक स्वागत बताया। ‘ट्रोल करने वाले कुएं के मेंढक’ सोशल मीडिया पर हो रही बयानबाजी पर मलयालम एक्टर हरिश्री यूसुफ ने एक वीडियो जारी कर आलोचना करने वालों को करारा जवाब दिया। यूसुफ ने ट्रोलर्स को ‘कुएं का मेंढक’ बताते हुए कहा, हम कलाकार संकीर्ण सोच के नहीं होते, हमारी सोच व्यापक होती है। जब आप किसी बड़े होटल या कार्यक्रम में जाते हैं, तो मेहमानों का स्वागत गुलदस्ता देकर और माथे पर तिलक लगाकर ही किया जाता है। यह किसी धर्म का प्रचार नहीं, बल्कि भारतीय आदर की परंपरा है। उन्होंने कहा, “धर्म का असली मकसद इंसानों को आपस में लड़ाना नहीं, बल्कि उन्हें एक बेहतर इंसान बनाना है। सोशल मीडिया पर आकर किसी के खिलाफ अपशब्द बोलना और फिर उसमें धर्म को घसीटना पूरी तरह गलत है।” चार बार नेशनल अवॉर्ड जीत चुके हैं ममूटी ममूटी मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता हैं। साल 2026 में उन्हें फिल्म ‘भ्रमयुगम’ में शानदार अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के नेशनल फिल्म अवॉर्ड से सम्मानित किया गया, जिसे उन्होंने बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन के साथ साझा किया। इसी साल भारत सरकार ने कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्म भूषण से भी नवाजा है। ममूटी अब तक चार बार नेशनल अवॉर्ड जीत चुके हैं। हाल ही में वे फिल्म ‘पैट्रियट’ में नजर आए थे और जल्द ही धनुष के साथ तमिल फिल्म ‘ओम – चैप्टर 1: उधिरम’ में दिखाई देंगे। शाहरुख-सलमान भी हो चुके आलोचना का शिकार बॉलीवुड के कई मुस्लिम अभिनेताओं को त्योहारों और धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान माथे पर तिलक लगाने या पूजा-पाठ में शामिल होने पर सोशल मीडिया पर तीखी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा है। इनमें सबसे प्रमुख उदाहरण शाहरुख खान का है, जिन्हें दिवाली और गणेश चतुर्थी के मौकों पर माथे पर तिलक लगाए तस्वीरें शेयर करने पर निशाने पर लिया जाता रहा है। साल 2018 और 2019 में अपने छोटे बेटे अबराम के साथ माथे पर तिलक लगाए फोटो पोस्ट करने पर कई यूजर्स ने उनके इस कदम को इस्लाम के खिलाफ बताते हुए कमेंट्स किए थे। इसी तरह सलमान खान को भी गणेश पूजन और पारिवारिक धार्मिक आयोजनों में माथे पर तिलक लगाने पर ट्रोल किया जाता रहा है। सारा अली और आमिर खान की भी हो चुकी ट्रोलिंग सैफ अली खान और उनकी बेटी सारा अली खान को भी ऐसी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। सारा अली खान जब भी केदारनाथ, उज्जैन के महाकाल मंदिर या काशी विश्वनाथ दर्शन के दौरान माथे पर तिलक-चंदन लगाए तस्वीरें शेयर करती हैं, तो कुछ ट्रोलर्स ने उन्हें मुस्लिम होकर तिलक लगाने पर सवाल उठाए थे। इसके अलावा अभिनेता आमिर खान को भी अपनी फिल्म के ऑफिस पूजा समारोह और गृह प्रवेश के मौकों पर कलश-पूजन और माथे पर तिलक लगाने के बाद सोशल मीडिया पर धार्मिक आधार पर निशाना बनाया गया था।
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गोविंदा विवाद में कश्मीरा ने रूमर्ड गर्लफ्रेंड कोमल को घेरा:सुनीता के सपोर्ट में कहा- को-स्टार को पर्सनल बातें कैसे पता; जानिए पूरा विवाद
बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा और उनकी कथित गर्लफ्रेंड कोमल रानी स्वर्णकार के बीच विवाद गहराता जा रहा है। कोमल की ओर से सुनीता पर अपने ही पति को मारने की कोशिश का गंभीर आरोप लगाने के बाद अब गोविंदा की भांजी कश्मीरा शाह मामी सुनीता के समर्थन में उतर आई हैं। कश्मीरा ने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए कोमल पर निशाना साधते हुए कहा कि काम की जगह किसी को-स्टार को इतनी निजी बातें पता नहीं होती हैं। उन्होंने सुनीता को एक मजबूत महिला बताते हुए हर परिस्थिति में उनके साथ खड़े रहने की बात कही है। कश्मीरा बोलीं- 30 साल के करियर में ऐसा कभी नहीं सुना कश्मीरा शाह ने लिखा कि अपने 30 साल के करियर और 50 फिल्मों के अनुभव में किसी को-स्टार को उनकी निजी जिंदगी या भावनाओं की जानकारी नहीं रही। उन्होंने सिर्फ अपने पति कृष्णा से ही अपनी बातें शेयर की हैं। कश्मीरा ने सवाल उठाया कि काम करने की जगह ऐसा कोई रिश्ता उन्होंने कभी नहीं देखा, जहां किसी को-स्टार को इतनी पर्सनल बातें पता हों। ‘परिवार बचाने वाली महिलाओं को कातिल कहा जा रहा’ कोमल रानी के आरोपों का जवाब देते हुए कश्मीरा ने लिखा कि अपने परिवार का ध्यान रखने वाली महिलाओं को अक्सर घमंडी, हावी होने वाली या मतलबी कह दिया जाता है। लेकिन यह पहली बार है जब किसी को ‘कातिल’ कहा जा रहा है। कश्मीरा ने कहा कि अगर अपनों की सुरक्षा करने वाली मां, पत्नी या बहन को कातिल कहा जाता है, तो उन्हें इस पर गर्व है। उन्होंने सुनीता की तारीफ करते हुए कहा कि वे हमेशा उनके साथ खड़ी रहेंगी। कोमल रानी ने सुनीता पर लगाए थे गंभीर आरोप पति गोविंदा पर धोखा देने और कोमल रानी से एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर लगा रहीं सुनीता ने हाल ही में कोलकाता के दक्षिणेश्वर काली मंदिर में कहा है कि जो औरत उनका घर तोड़ रही है, माता रानी उसे देखें। इस पर कोमल ने कहा है कि जो औरत पति को मारने की कोशिश कर रही है उसकी बद्दुआ किसी को नहीं लगती। साथ ही कोमल ने चेतावनी दी है कि सुनीता उनके नाम का इस्तेमाल न करें। कोमल रानी ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से सुनीता के बयान पर पलटवार कर लिखा, ‘जो औरत सालों से अपने ही पति को मारने की कोशिश कर रही हो, ऐसी औरतों की बद्दूआएं किसी को नहीं लगतीं। कोई भी व्यक्ति पहले से टूट चुके घर को नहीं तोड़ सकता। हमारे देश के लोग इतने मूर्ख नहीं हैं कि वे किसी कौए के पीछे सिर्फ इसलिए भागने लगें, क्योंकि किसी ने उनसे कह दिया कि कौआ उनका कान लेकर उड़ गया है।’ आगे कोमल ने लिखा, ‘मैं समझ नहीं पा रही हूं कि वो औरत किस तरह के दर्द से गुजर रही है, जहां उसे उस दर्द से उबरने की कोशिश करने के बजाय उसे सार्वजनिक रूप से दिखाने में मजा आ रहा है। ये दर्द है या फिर एक सोची-समझी साजिश? लगातार एक आदमी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना, उसे काम करने से रोकना, घर पर बैठने और अपनी जिंदगी बर्बाद करने के लिए मजबूर करना, उसे पूरी तरह अकेला कर देना और यहां तक कि उसे मौत के करीब पहुंचा देना। मुझे नहीं लगता कि कोई भी अच्छी और समर्पित पत्नी अपने पति के साथ इतनी बुरी तरह पेश आ सकती है।’ अपनी लंबी-चौड़ी पोस्ट के आखिर में कोमल रानी ने लिखा है, ‘क्या ऐसी महिलाएं मानसिक रूप से अस्वस्थ होती हैं या फिर वे अपनी ही चालाकी में इतनी डूबी होती हैं कि उन्हें इस बात का पूरा एहसास होता है कि जो कुछ वे बंद दरवाजों के पीछे हासिल नहीं कर सकीं, उसे वे सार्वजनिक रूप से सामने आकर और लोगों की सहानुभूति हासिल करके पा सकती हैं? मेरे नाम का इस्तेमाल अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए करना बंद करो। भगवान हर सभ्य पुरुष को ऐसी चालाक महिलाओं से बचाए।’ क्या था सुनीता का बयान? दरअसल, दक्षिणेश्वर काली मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद सुनीता आहूजा ने कहा कि मैं आज दक्षिणेश्वर काली माता रानी का दर्शन करने आई हूं। आप सब जानते हैं कि महाकाली राक्षसों का नाश करती हैं। मेरे भी जीवन में कुछ राक्षस हैं, माता द्वारा बोलने आई हूं कि उनका भी नाश करें। उन्होंने आगे कहा, जो मेरे साथ हो रहा है वो अच्छा नहीं हो रहा है, ये घर मेरा टूट रहा है बिना किसी मतलब और मैं चाहती हूं आप सब औरतें मेरे लिए स्टैंड लें, सारे जेन-जी बच्चे मेरे लिए स्टैंड लें और मीडिया से दरख्वास्त करती हूं कि प्लीज ये चीज को आप आगे न बढ़ाएं। आप लोग को भी कायदे से मुझे सपोर्ट करना चाहिए। मैं माता से यही मांगने आई हूं कि जो मेरा घर बर्बाद कर रही है, माता उसे देखें। वो राक्षसों का नाश करने वाली माता रानी हैं, और मैं चाहती हूं मेरे जीवन से ये संकट हट जाए। जय मां काली, जय मां काली।” गोविंदा ने भी दिया अफेयर रूमर्स पर रिएक्शन हाल ही में ANI को दिए इंटरव्यू में गोविंदा ने कहा है कि लोग बिना वजह उनकी निजी जिंदगी को निशाना बना रहे हैं, जबकि उन्हें सिर्फ अपने काम से मतलब रखना चाहिए। गोविंदा ने कहा कि उनकी निजी जिंदगी किसी और के लिए चिंता या चर्चा का विषय नहीं होनी चाहिए। गोविंदा ने रूमर्ड गर्लफ्रेंड संग किए थे लालबागचा राजा के दर्शन गोविंदा हाल ही में कमबैक फिल्म रूपा की को-स्टार और रूमर्ड गर्लफ्रेंड कोमल रानी के साथ लालबागचा राजा के दर्शन करने पहुंचे थे। जबकि उनसे कुछ घंटों पहले ही सुनीता आहूजा अकेले दर्शन करने पहुंची थीं। साथ दर्शन करने पर गोविंदा ने दी थी सफाई कोमल रानी स्वर्णकार के साथ लालबागचा राजा के दर्शन करने पर सफाई देते हुए गोविंदा ने बताया कि वे अपनी आने वाली फिल्म रूपा के लिए लालबागचा राजा के दरबार पहुंचे थे। उन्होंने कहा, “इससे पहले भी मैं करिश्मा कपूर और रवीना टंडन के साथ मंदिरों में गया था और वे फिल्में बहुत बड़ी हिट साबित हुई थीं। मैं लंबे समय बाद नया काम शुरू कर रहा हूं, इसलिए प्रार्थना करने गया था।” परिवार से दूर करने और इमेज खराब करने की साजिश इंटरव्यू में गोविंदा ने अपने खिलाफ चल रही बातों को एक सोची-समझी चाल करार दिया। उन्होंने कहा, “यह किसी एक इंसान की गलती नहीं है, बल्कि बहुत सोच-समझकर बनाई गई योजना है। ऐसी चीजें आगे भी हो सकती हैं। यह मुझे मेरे परिवार से अलग करने और समाज में मेरी छवि खराब करने का प्लान है।” सुनीता आहूजा बोलीं- इंसान धोखा ही देते हैं गणपति उत्सव के दौरान गोविंदा को अभिनेत्री कोमल रानी स्वर्णकार के साथ दिखने के बाद सुनीता आहूजा का एक बयान सामने आया था, जिसमें उन्होंने इंसानों को धोखेबाज बताते हुए जानवरों से प्यार को बेहतर बताया। हालांकि, सुनीता ने अपने बयान में किसी का नाम नहीं लिया था।
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रीति तिवारी को सलमान ने फटकारा:बोले- बिग बॉस से पहले कोई नहीं जानता था; एकम बावा ने खुद को बताया सौतेला पिता, रानी से शादी का दावा
‘बिग बॉस 20’ में रीति तिवारी को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। ‘वीकेंड का वार’ में सलमान खान ने कहा कि बिग बॉस में आने से पहले उन्हें कोई नहीं जानता था। सलमान ने उन्हें मनोज तिवारी की बेटी बताते हुए ‘भाई-भतीजावाद’ का जिक्र किया। वहीं, पंजाबी सिंगर एकम बावा के दावे ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। बावा ने दावा किया है कि वह रीति तिवारी की मां रानी तिवारी के साथ रिश्ते में थे और दोनों ने शादी भी की थी। उन्होंने खुद को रीति का सौतेला पिता और कानूनी तौर पर पिता बताया है। सलमान खान ने रीति की पहचान पर की टिप्पणी ‘वीकेंड का वार’ में सलमान खान ने भी रीति तिवारी की पहचान और शो में उनके आने को लेकर टिप्पणी की। शो के प्रचार वीडियो में सलमान रीति से कहते नजर आए कि बिग बॉस में आने से पहले उन्हें कोई नहीं जानता था। सलमान ने यह भी कहा कि रीति मनोज तिवारी की बेटी होने की वजह से शो में आई हैं और इस संदर्भ में ‘भाई-भतीजावाद’ शब्द का इस्तेमाल किया। रीति के व्यवहार को लेकर भी हुई चर्चा ‘बिग बॉस 20’ में रीति तिवारी इससे पहले घर में साथी प्रतियोगियों के साथ बहस को लेकर भी चर्चा में रही हैं। उदिति सिंह और काजी तौकीर के साथ उनके विवादों के वीडियो और शो से जुड़े क्लिप सोशल मीडिया पर चर्चा में रहे हैं। अब सलमान खान की टिप्पणी और एकम बावा के दावों के बाद रीति तिवारी से जुड़ा विवाद और बढ़ गया है। फिलहाल एकम बावा के दावों पर रीति तिवारी और रानी तिवारी का पक्ष सामने आना बाकी है। एकम बावा बोले- रानी तिवारी के साथ रिश्ते में था आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, एकम बावा ने सोशल मीडिया पर रीति तिवारी और उनकी मां रानी तिवारी को लेकर कई दावे किए हैं। बावा का कहना है कि वह रानी तिवारी के साथ रिश्ते में थे और बाद में दोनों ने शादी की थी। बावा ने रीति और रानी के साथ अपनी कुछ तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर शेयर की हैं। उन्होंने दावा किया कि वह रीति के सौतेले पिता हैं और कानूनी तौर पर भी उनके पिता हैं। 2020 से 2025 तक साथ रहने का दावा एकम बावा के मुताबिक, वह 2020 से 2025 के बीच रानी तिवारी और रीति के साथ एक ही घर में रहे थे। उन्होंने दावा किया कि शादी से पहले वह और रानी 2020 से 2022 तक साथ रह रहे थे। बावा ने यह भी दावा किया कि रीति को अपनी मां और उनके रिश्ते की जानकारी थी। हालांकि, ये सभी बातें फिलहाल एकम बावा के दावों पर आधारित हैं। रानी तिवारी ने शादी की पुष्टि नहीं की आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, रानी तिवारी ने एकम बावा के साथ शादी की पुष्टि नहीं की है। उन्होंने बावा के इन दावों पर अब तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया भी नहीं दी है। इसलिए फिलहाल रानी तिवारी और एकम बावा के रिश्ते या शादी से जुड़े दावों को एकम बावा के दावे के तौर पर ही देखा जा रहा है। रीति के 25 हजार रुपये वाले दावे पर भी सवाल एकम बावा ने रीति तिवारी के आर्थिक संघर्ष से जुड़े दावों पर भी सवाल उठाए हैं। रीति ने बिग बॉस के घर में अपने पिता मनोज तिवारी से मिलने वाली आर्थिक मदद का जिक्र करते हुए कथित तौर पर बताया था कि उन्हें हर महीने खर्च के लिए 25 हजार रुपए मिलते हैं। बावा ने रीति के महंगे हैंडबैग और गाड़ियों का जिक्र करते हुए उनके आर्थिक संघर्ष के दावे पर सवाल उठाया। बिग बॉस में रीति के व्यवहार को लेकर पहले से विवाद बिग बॉस में आने के बाद रीति तिवारी अपने व्यवहार को लेकर भी चर्चा में रही हैं। दूसरे प्रतियोगियों के साथ हुई उनकी बहस के वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। अब ‘वीकेंड का वार’ में सलमान खान की टिप्पणी और बाहर एकम बावा के दावों के बाद रीति तिवारी से जुड़ा विवाद और बढ़ गया है। इस मामले में रीति तिवारी और रानी तिवारी का पक्ष सामने आना बाकी है।
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रामायण इवेंट में मीडिया ने किया साढ़े चार घंटे इंतजार:मिस्टर बीस्ट के आने में हुई देरी; रणबीर-साई पल्लवी समेत टीम पहले से मौजूद थी
रणबीर कपूर और साई पल्लवी स्टारर ‘रामायण’ के प्रचार को लेकर शनिवार को मुंबई के फिल्म सिटी स्थित प्राइम फोकस स्टूडियो में खास कार्यक्रम रखा गया था। कार्यक्रम का पहला समय दोपहर 12 बजे बताया गया था, जिसे बाद में दोपहर 1 बजे कर दिया गया। तय समय के अनुसार मीडिया कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गया, लेकिन बातचीत शुरू होने में करीब साढ़े चार घंटे की देरी हुई। इस दौरान रणबीर कपूर, साई पल्लवी, निर्माता नमित मल्होत्रा और निर्देशक नितेश तिवारी समेत फिल्म की टीम मौजूद थी। देरी की वजह मिस्टर बीस्ट के कार्यक्रम में देर से पहुंचने को बताया गया। पहले 12 बजे था कार्यक्रम का समय मीडिया को भेजे गए निमंत्रण में शुरुआत में कार्यक्रम का समय दोपहर 12 बजे बताया गया था। बाद में समय बदलकर दोपहर 1 बजे कर दिया गया। साथ ही जानकारी दी गई थी कि बातचीत दोपहर 1:30 बजे से शुरू होगी। पत्रकार और मीडिया प्रतिनिधि बदले हुए समय के अनुसार कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए थे। हालांकि, बातचीत तय समय पर शुरू नहीं हो सकी। करीब साढ़े चार घंटे करना पड़ा इंतजार कार्यक्रम स्थल पर मौजूद मीडिया को बातचीत शुरू होने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। इस दौरान फिल्म की मुख्य टीम के कई सदस्य पहले से ही वहां मौजूद थे। रणबीर कपूर, साई पल्लवी, निर्माता नमित मल्होत्रा और निर्देशक नितेश तिवारी के कार्यक्रम स्थल पर समय से पहुंचने की जानकारी थी। इसके बावजूद मीडिया से बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी। मिस्टर बीस्ट की वजह से हुई देरी कार्यक्रम में मिस्टर बीस्ट की मौजूदगी को लेकर पहले से काफी उत्सुकता थी। उन्हें ‘रामायण’ की टीम के साथ विशेष बातचीत में शामिल होना था। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद मीडिया को बताया गया कि मिस्टर बीस्ट इससे पहले दो उड़ानें मिस कर चुके थे और उनके देर से पहुंचने के कारण कार्यक्रम में देरी हुई। उनके पहुंचने के बाद ही फिल्म की टीम के साथ तय बातचीत आगे बढ़ी। मीडिया के समय को लेकर उठे सवाल करीब साढ़े चार घंटे के इंतजार के बाद मीडिया के बीच कार्यक्रम के प्रबंधन को लेकर नाराजगी देखने को मिली। सवाल यह भी उठा कि जब रणबीर कपूर, साई पल्लवी, नमित मल्होत्रा और नितेश तिवारी पहले से कार्यक्रम स्थल पर मौजूद थे, तो उनके साथ बातचीत तय समय पर शुरू क्यों नहीं की गई। मीडिया के लिए आयोजित कार्यक्रम में पत्रकारों ने अपना समय निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रखा था। ऐसे में लंबे इंतजार को लेकर कई मीडिया प्रतिनिधियों में असंतोष देखने को मिला। मिस्टर बीस्ट के साथ रणबीर की बातचीत मिस्टर बीस्ट के पहुंचने के बाद ‘रामायण’ की टीम के साथ उनकी विशेष बातचीत हुई। रणबीर कपूर के साथ मिस्टर बीस्ट की बातचीत के वीडियो भी सामने आए हैं। मिस्टर बीस्ट को रणबीर ने बताया राम का परिचय इवेंट के दौरान एक पैपराजी ने मिस्टर बीस्ट से ‘जय श्री राम’ कहा। मिस्टर बीस्ट जवाब देने को लेकर असमंजस में दिखे, जिसके बाद रणबीर कपूर ने उन्हें ‘जय श्री राम’ बोलने के लिए कहा। मिस्टर बीस्ट ने भी रणबीर की बात दोहराई। इसके बाद रणबीर ने मिस्टर बीस्ट को भगवान राम के बारे में बताते हुए कहा कि वे राजकुमार थे और उनके पास सब कुछ था, लेकिन पिता के वचन और अपने कर्तव्यों को पूरा करने के लिए उन्होंने सब त्याग दिया। रणबीर ने कहा कि भगवान राम को एक आदर्श पुरुष के रूप में जाना जाता है और उम्मीद है कि फिल्म के जरिए मिस्टर बीस्ट को भारतीय संस्कृति और इतिहास की झलक मिलेगी। इवेंट में रणबीर ने उठाया शिव धनुष कार्यक्रम में रणबीर कपूर शिव धनुष उठाते हुए भी नजर आए। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने उनका उत्साह बढ़ाया। इवेंट में रणबीर के साथ साई पल्लवी, रवि दुबे, नितेश तिवारी और नमित मल्होत्रा भी मौजूद रहे। मिस्टर बीस्ट की मौजूदगी को फिल्म के अंतरराष्ट्रीय प्रचार अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। उनकी वैश्विक लोकप्रियता को देखते हुए निर्माताओं की कोशिश ‘रामायण’ को भारतीय दर्शकों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने की है। ‘रामायण’ में राम बने हैं रणबीर कपूर नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही ‘रामायण’ में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं। साई पल्लवी माता सीता और रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म में यश रावण और सनी देओल हनुमान की भूमिका में हैं। फिल्म को दो हिस्सों में रिलीज किया जाएगा। वैश्विक प्रचार पर निर्माताओं का जोर निर्माता नमित मल्होत्रा की फिल्म ‘रामायण’ को बड़े अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेश करने की तैयारी है। मिस्टर बीस्ट के साथ यह विशेष कार्यक्रम भी इसी वैश्विक प्रचार अभियान का हिस्सा है।
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