शुक्रवार को रिलीज हुई सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म ‘द वन’ ने पहले दिन भारत में 8 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया। सैकनिल्क के मुताबिक, 6,746 शोज में रिलीज हुई फिल्म की ऑक्यूपेंसी 26% रही। फिल्म का भारत में ग्रॉस कलेक्शन 9.6 करोड़ रुपए हो गया। वहीं अपने रिलीज के 50वें दिन भी ‘हनुमान अंश’ ने ‘मिर्जापुर: द मूवी’, ‘वाइब’ जैसी कई फिल्मों से ज्यादा कमाई की। ‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ का निर्देशन ‘पंचायत’ फेम दीपक कुमार मिश्रा ने किया है। यह उनका फीचर फिल्म डायरेक्शन डेब्यू है। फिल्म भारतीय लोककथाओं पर आधारित है और इसमें सुपरनैचुरल फैंटेसी, पौराणिक कथाओं, एक्शन और थ्रिलर के एलिमेंट्स हैं। इस महीने रिलीज हुई करीना कपूर की ‘दायरा’ और कुणाल खेमू की ‘वाइब’ की तुलना में ‘द वन’ की शुरुआत बेहतर रही। दोनों फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर करीब 1 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया था। सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म ‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ ने बॉक्स ऑफिस पर पहले दिन ₹8 करोड़ का नेट कलेक्शन किया। इसके साथ यह फिल्म एक्टर की पिछली 10 थिएट्रिकल रिलीज में दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग करने वाली फिल्म बन गई है। इस लिस्ट में ‘थैंक गॉड’ ₹8.10 करोड़ के साथ पहले स्थान पर है। ‘परम सुंदरी’ ने ₹7.25 करोड़, ‘मरजावां’ ने ₹7 करोड़ और ‘बार बार देखो’ ने ₹6.80 करोड़ की ओपनिंग की थी। फिल्म में तमन्ना भाटिया भी लीड रोल में हैं। यह सात साल बाद उनकी पहली हिंदी थिएट्रिकल फिल्म है, जिसमें वह लीड रोल में हैं। उनकी पिछली हिंदी फीचर फिल्म ‘खामोशी’ थी, जिसमें प्रभु देवा भी थे। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली थी। ‘खामोशी’ के बाद तमन्ना हिंदी फिल्मों में ज्यादातर स्पेशल सॉन्ग सीक्वेंस में नजर आईं। इनमें ‘स्त्री’ और ‘रेड 2’ शामिल हैं। ‘अवेंजर्स: एंडगेम’ से हुआ सामना ‘द वन’ को हिंदी बॉक्स ऑफिस पर सोलो रिलीज मिली। इसके साथ रिलीज हुई एकमात्र बड़ी फिल्म ‘अवेंजर्स: एंडगेम-एन्कोर’ थी। इसने भारत में सभी भाषाओं में 8.68 करोड़ रुपए का ग्रॉस कलेक्शन किया, जिसमें इंग्लिश वर्जन की हिस्सेदारी 5.25 करोड़ रुपए रही। फिल्म को 3,635 शोज में दिखाया गया। ‘अवेंजर्स: एंडगेम – एन्कोर’ 2019 की मार्वल स्टूडियोज की फिल्म ‘अवेंजर्स: एंडगेम’ की थिएट्रिकल री-रिलीज थी। इसमें कुछ अतिरिक्त फुटेज जोड़ा गया था, जो कहानी को ‘अवेंजर्स: डूम्सडे’ से जोड़ता है। ‘डूम्सडे’ दिसंबर में रिलीज होने वाली है। ‘मिर्जापुर: द मूवी’ का कलेक्शन ‘मिर्जापुर: द मूवी’ 23वें दिन 503 शोज में चल रही है। फिल्म ने आज लाइव कलेक्शन के तौर पर 0.28 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया है। इसके साथ फिल्म का भारत में कुल ग्रॉस कलेक्शन 266.70 करोड़ रुपए और कुल नेट कलेक्शन 224.08 करोड़ रुपए हो गया है। इससे पहले 25 सितंबर, 4वें शुक्रवार यानी 22वें दिन फिल्म ने 1.00 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया था। ‘हनुमान अंश’ ने 50वें दिन भी दिखाया दम भारतीय बॉक्स ऑफिस पर शुक्रवार को कई फिल्मों के बीच ‘हनुमान अंश’ की कमाई चर्चा में रही। फिल्म ने रिलीज के 50वें दिन भी 3.35 करोड़ रुपए की नेट कमाई की। वहीं, ‘वाइब’ ने शुक्रवार को ₹85 लाख, ‘दायरा’ ने ₹13 लाख और ‘लव लॉटरी’ ने करीब ₹9 लाख का नेट कलेक्शन किया। सैकनिल्क के मुताबिक, भारत में ‘हनुमान अंश’ का कुल नेट कलेक्शन 291.53 करोड़ रुपए हो गया है। भारत में फिल्म का कुल ग्रॉस कलेक्शन 344.35 करोड़ रुपए पहुंच गया है। वहीं, ओवरसीज में 50वें दिन फिल्म ने 50 लाख रुपए कमाए। इसके साथ विदेशों में कुल ग्रॉस कलेक्शन 37 करोड़ रुपए हो गया है। फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब 381.35 करोड़ रुपए हो चुका है। नानी की फिल्म ‘द पैराडाइज’ ने दूसरे दिन भारत में 14.90 करोड़ रुपए की नेट कमाई की। फिल्म को दूसरे दिन 7,049 शोज मिले। इसके साथ भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 61.15 करोड़ रुपए हो गया है। वहीं, भारत में इसका ग्रॉस कलेक्शन 72.50 करोड़ रुपए पहुंच चुका है। ओवरसीज में दूसरे दिन फिल्म ने 3 करोड़ रुपए कमाए। इसके साथ विदेशों में कुल ग्रॉस कलेक्शन 25 करोड़ रुपए हो गया है। फिल्म का कुल वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब 97.50 करोड़ रुपए हो चुका है। वहीं, दूसरे दिन फिल्म के हिंदी वर्जन ने 1.50 करोड़ रुपए कमाए।
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‘द वन’ ने पहले दिन ₹8 करोड़ कमाए:सिद्धार्थ की पिछली 10 फिल्मों में दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग; ‘हनुमान अंश’ ने 50वें दिन ₹3.35 करोड़ कमाए
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कृति सेन ने पितृसत्ता पर उठाए सवाल:कहा- कब तक पूछेंगे कि लड़की ने क्या पहना, आदमियों को क्यों नहीं सिखाते कि शोषण, जबरदस्ती न करें
रक्षाबंधन से जुड़े एड में पहनावे के चलते विवादों में रहीं कृति सेनन ने अब देश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे छेड़छाड़, रेप और शोषण के मामलों में पितृसत्ता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ये लड़ाई आदमियों और औरतों के बीच नहीं बल्कि उन औरतों के साथ भी है, जो पितृसत्ता को ही संस्कार मानती हैं। कृति सेनन ने बिना किसी घटना का जिक्र किए आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा, यह लड़ाई पुरुषों और महिलाओं के बीच नहीं है। यह महिलाओं और पितृसत्तात्मक सोच के बीच की लड़ाई है। उन पुरुषों के खिलाफ, जो महिलाओं को कमतर समझते हैं और उन महिलाओं के खिलाफ भी, जो पितृसत्ता को ही संस्कार मान बैठी हैं। आगे कृति ने लिखा, ‘आखिर कब तक महिलाओं को ही यह सिखाया जाता रहेगा कि वे खुद को यौन हिंसा से कैसे बचाएं? पुरुषों को यह क्यों नहीं सिखाया जाता कि वे महिलाओं के साथ छेड़छाड़, यौन शोषण और जबरदस्ती न करें?’ ‘जब किसी नाबालिग के साथ बलात्कार होता है, तो सवाल यह क्यों नहीं पूछा जाता कि ऐसा करने वाला इंसान किस तरह की सोच रखता है? इसके बजाय आज भी लोग यही पूछते हैं कि लड़की ने क्या पहना था, वह कहां थी, किसके साथ थी, बाहर क्यों गई थी और उसके परिवार ने उसे ऐसा करने की इजाजत क्यों दी?’ इसके अलावा कृति ने लिखा, ‘महिलाओं को हर बार यह समझाना बंद कीजिए कि वे खुद को सुरक्षित रखने के लिए ज्यादा सावधान रहें। जरूरत पुरुषों को यह सिखाने की है कि वे महिलाओं के साथ सम्मान से पेश आएं और अपनी मर्यादा में रहें। लड़कों को सहमति और सम्मान का मतलब सिखाइए। उन्हें अपने व्यवहार की जिम्मेदारी लेना सिखाइए। जो पुरुष गलत व्यवहार करते हैं, उनकी गलती का बोझ महिलाओं पर डालना बंद कीजिए।’ आएशा खान बोलीं- ये देखकर घिन आती है धुरंधर के गाने शरारत में नजर आ चुकीं एक्ट्रेस ने भी कुछ समय पहले जमुई में लड़की के साथ हुई बर्बरता पर लिखा था, बिहार में जो हुआ, उसे देखकर मुझे सच में घिन आती है। सोचिए, जब लोग आपको घेरकर खड़े हों, आप डरे हुए हों, अपमानित महसूस कर रहे हों और लोग आपकी मदद करने के बजाय खड़े होकर आपका वीडियो बना रहे हों। इसे नैतिकता का नाम देना बंद कीजिए। उत्पीड़न को संस्कृति की आड़ में छिपाना बंद कीजिए। यह बेहद शर्मनाक और घिनौना है। दिशा पाटनी की बहन खुशबू बोलीं- कोई साथ घूमे तो आपत्ति क्यों खुशबू पाटनी ने 22 सितंबर को एक वीडियो शेयर कर इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। खुशबू ने सवाल उठाया कि अगर कोई लड़का और लड़की अपनी मर्जी से साथ रहना चाहते हैं, साथ घूमना चाहते हैं या दोस्त बनना चाहते हैं, तो लोगों को इससे आपत्ति क्यों होनी चाहिए? जमुई केस के बारे में पढ़िए- 19 सितंबर को जमुई के मड़वा पहाड़ इलाके में 14 साल की छात्रा के साथ सड़क पर छेड़खानी और अभद्र व्यवहार किया गया था। इसका वीडियो 21 सितंबर को सामने आया। पुलिस के अनुसार, वीडियो की जानकारी 21 सितंबर को मिली, जिसके बाद पीड़िता की पहचान कर केस दर्ज किया गया। इसके लिए SIT बनाई गई। वीडियो में दिख रहे तीन नाबालिगों को पकड़ा गया, जबकि मुख्य आरोपियों के रूप में बताए जा रहे हरेराम यादव और नंदन यादव का 22 सितंबर को एनकाउंटर किया गया। एडीजी (विधि-व्यवस्था) केएस अनुपम ने बताया कि छेड़खानी मामले में तीन नाबालिगों को पकड़ा गया है जबकि वीडियो वायरल करने के आरोप में रामाशीष चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। पटना के मुख्य आरोपी नंदन यादव (लाल गमछा) और हरे राम यादव अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई है और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि एक्स, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर चल रहे वीडियो को टेकडाउन कराया गया है। आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित करने को लेकर दो दर्जन से अधिक लोगों, ट्विटर हैंडलर, फेसबुक और इंस्टाग्राम को चिन्हित किया गया है। वीडियो प्रसारित करने वाले लोगों के खिलाफ भी POSCO एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होगा।
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रीति तिवारी की आपत्तिजनक टिप्पणी पर भड़के सलमान:बोले- किसी का अपमान करने की भी एक सीमा होनी चाहिए; आपको इस पर गर्व क्यों है
सलमान खान ने रीति तिवारी को उदिति सिंह और काजी तौकीर के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर फटकार लगाई। बिग बॉस 20 के इस हफ्ते के वीकेंड का वार के प्रोमो में सलमान ने रीति से पूछा कि वह अपनी बातों पर गर्व क्यों कर रही हैं और कहा कि किसी का अपमान करने की भी एक लिमिट होनी चाहिए। दरअसल, हाल ही में एक डिस बैटल के दौरान रीति तिवारी ने उदिति सिंह और काजी तौकीर को लेकर टिप्पणी की थी। टास्क खत्म होने के बाद भी रीति अपने बयान पर कायम रहीं। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने किए पर गर्व है और उन्हें भरोसा है कि उनके पिता भी उन पर गर्व करेंगे। सलमान ने पूछा- इस पर गर्व क्यों कर रही हैं? आने वाले वीकेंड का वार के प्रोमो में सलमान खान रीति के व्यवहार पर सवाल करते नजर आएंगे। सलमान ने कहा कि रीति काजी से जलती हैं और असुरक्षित महसूस करती हैं। इस पर रीति ने कहा कि वह काजी से नहीं जलतीं, बल्कि उन्हें एक व्यक्ति के तौर पर पसंद नहीं करतीं। इसके बाद सलमान ने टास्क के दौरान उदिति और काजी के खिलाफ की गई रीति की टिप्पणियों पर बात की। उन्होंने कहा, “डिस को भूल जाइए, मुझे समझ नहीं आता कि आपको इस पर गर्व क्यों है, लेकिन मुझे लगता है कि यह अब तक का सबसे खराब डिस था। किसी का अपमान करने की भी एक सीमा होनी चाहिए।” रीति ने सफाई देते हुए कहा कि उनका इरादा वह कहने का नहीं था, जो उन्होंने डिस के दौरान कहा। इस पर सलमान ने सवाल किया कि अगर उन्हें अपनी बात का मतलब ही नहीं पता था, तो उन्होंने ऐसी टिप्पणी क्यों की। सलमान ने बाकी घरवालों से भी सवाल किया सलमान ने घर के दूसरे सदस्यों से भी पूछा कि जब रीति लगातार ऐसी बातें कर रही थीं, तब किसी ने उन्हें रोकने की कोशिश क्यों नहीं की। उन्होंने कहा, “क्या आपको नहीं लगा कि अपनी बातों से वह डिसरिस्पेक्ट की सीमा पार कर रही थीं? ये आपको चढ़ा रहे थे और ये चढ़ रही थीं।” सलमान ने आसिफ से भी इस मामले में सवाल किया। आसिफ ने रीति का समर्थन किया था, जब वह उदिति के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर रही थीं। सलमान ने पूछा कि उन्होंने रीति को रोकने की कोशिश क्यों नहीं की। उन्होंने आसिफ से यह भी सवाल किया कि अगर यही डिस उनकी बहन को लेकर किया गया होता, तो क्या वह ऐसे शब्दों को बर्दाश्त करते। आखिर क्या था मामला? मामला बिग बॉस 20 के एक टास्क से शुरू हुआ। घर में दो टीमों के बीच एक-दूसरे को ‘डिस’ करने का टास्क रखा गया था। पहले रीति का मुकाबला उदिति सिंह से होना था। उदिति के इनकार के बाद काजी तौकीर सामने आए। टास्क के दौरान रीति ने उदिति और काजी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। उनकी कुछ बातें शो के एडिट में म्यूट करनी पड़ीं। इसको लेकर घर में बहस भी हुई। रीति ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने ये शब्द सिर्फ राइमिंग के लिए इस्तेमाल किए थे। उन्होंने इन्हें स्लैंग बताया। मामला यहीं नहीं रुका। एक दूसरे टास्क के दौरान रीति ने काजी को धमकी भी दी। उन्होंने कहा, “अगर मेरे बाप आपको यह सब करते हुए देख लेते, तो आपको पता नहीं है आपका क्या हाल होता।” रीति ने काजी से यह भी कहा, “तेरा म्यूट बटन दबा दूंगी मैं। कौन है तू, तू किससे बात कर रहा है? तेरे बाप की नौकर हूं? कौन हूं मैं, तू कौन है? मुझसे बात मत करना और मेरी तरफ देखना भी मत।” शो में शामिल हो सकते हैं मनोज तिवारी इस बीच रीति के पिता और अभिनेता-राजनेता मनोज तिवारी के भी बिग बॉस 20 के वीकेंड का वार में पहुंचने की खबर है। इंडिया फोरम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मनोज तिवारी शो में अपनी बेटी के व्यवहार को लेकर उनसे बात कर सकते हैं। इससे पहले पैपराजी से बातचीत में मनोज तिवारी से पूछा गया था कि क्या वह बिग बॉस 20 में अपनी बेटी का सफर देख रहे हैं। उन्होंने रीति के गेम को लेकर कहा था, “डर-डर के देखता हूं।” इससे पहले ‘बिग बॉस 20’ के प्रीमियर के एपिसोड में मनोज तिवारी नजर आए थे। वह रीति तिवारी को शो में छोड़ने पहुंचे थे। मनोज तिवारी गाना गाते हुए स्टेज पर पहुंचे थे। सलमान खान ने उन्हें दोबारा शो में आने को लेकर मजाक किया था। इस पर मनोज ने बताया था कि वह खुद कंटेस्टेंट बनने नहीं, बल्कि बेटी को शो में छोड़ने आए हैं। प्रीमियर के दौरान रीति को सलमान ने घर के अंदर होने वाले झगड़ों को लेकर सलाह दी थी। उन्होंने मजाक में कहा था कि अंडों को लेकर लड़ाई मत करना। इसके बाद सलमान ने कहा था, “ऐ बाप पे मत जाना।”
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आलिया-रणबीर कपूर ‘डोंट बी शाय’ की स्क्रीनिंग में पहुंचे:‘हुंकार’ की स्क्रीनिंग में रणवीर सिंह- अनीत पड्डा नजर आए
गुरुवार को मुंबई में आलिया भट्ट की प्रोड्यूस की हुई फिल्म ‘डोंट बी शाय’ की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई। इस मौके पर आलिया भट्ट अपने पति रणबीर कपूर के साथ पहुंचीं। रणबीर की मां नीतू कपूर भी नजर आईं। वहीं, आलिया के पिता महेश भट्ट, मां सोनी राजदान और बहन शाहीन भट्ट भी स्क्रीनिंग में शामिल हुईं। दोनों परिवारों ने साथ में तस्वीरें भी खिंचवाईं। स्क्रीनिंग में करण जौहर, वरुण धवन, अयान मुखर्जी, शरवरी वाघ और समय रैना समेत कई सेलेब्स भी पहुंचे। ‘डोंट बी शाय’ को आलिया और शाहीन भट्ट ने अपने प्रोडक्शन हाउस एटरनल सनशाइन प्रोडक्शंस के तहत बनाया है। फिल्म 25 सितंबर को प्राइम वीडियो पर रिलीज हो गई है। देखें ‘डोंट बी शाय’ की स्क्रीनिंग की तस्वीरें-
फिल्म ‘डोंट बी शाय’ में चार नए एक्टर्स और एक डेब्यूटेंट डायरेक्टर हैं। फिल्म के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में आलिया ने कहा था, “14 साल पहले मैंने एक एक्टर के तौर पर डेब्यू किया था। आज 14 साल बाद मैं चार नए एक्टर्स और एक डेब्यूटेंट डायरेक्टर को पेश कर रही हूं।” उन्होंने आगे कहा था, “इस समय मैं उनसे कहीं ज्यादा नर्वस हूं। मेरे पेट में तितलियां उड़ रही हैं।” अनीत पड्डा की वेब सीरीज ‘हुंकार’ की स्क्रीनिंग गुरुवार को वेब सीरीज ‘हुंकार: द रोअर’ की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई। स्क्रीनिंग में एक्ट्रेस अनीत पड्डा और फातिमा सना शेख पहुंचीं। इनके अलावा श्वेता त्रिपाठी और रणवीर सिंह भी नजर आए। अनीत पड्डा की यह सीरीज फिल्म ‘सयारा’ की सफलता के बाद चर्चा में है। कोर्टरूम ड्रामा पर आधारित ‘हुंकार: द रोअर’ 25 सितंबर 2026 को रिलीज हुई है। देखें ‘हुंकार’ की स्क्रीनिंग की तस्वीरें- अनीत पड्डा की तीसरी वेब सीरीज वेब सीरीज ‘हुंकार’ की कहानी 17 साल की मीनू रावत पर आधारित है। मीनू ने प्रभावशाली धर्मगुरु बापजी पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। इसके बाद उसे किन मुश्किलों का सामना करना पड़ा, सीरीज में यही कहानी दिखाई गई है। इसमें अनीत पड्डा के अलावा रघुबीर यादव, मोहम्मद जीशान अय्यूब, राम कपूर और फातिमा सना शेख भी अहम भूमिकाओं में हैं। सीरीज का निर्देशन करण डी. कपाड़िया, नित्या मेहरा और हीराज मारफतिया ने किया है। ‘हुंकार’ अनीत पड्डा की तीसरी वेब सीरीज है। उन्होंने 2022 में ‘सलाम वेंकी’ से बॉलीवुड डेब्यू किया था। इसके बाद वे ‘बिग गर्ल डोंट क्राय’ और ‘युवा: सपनों का शहर’ में नजर आईं। 2025 में ‘सैयारा’ की सफलता के बाद अनीत को देशभर में पहचान मिली। फिल्म में उन्होंने अहान पांडे के साथ काम किया था।
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गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा ने मांगा लोगों से सपोर्ट:काली मंदिर पहुंचीं, बोलीं- जो मेरा घर बर्बाद कर रही है, माता उसको देखें
गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा ने कोलकाता के दक्षिणेश्वर काली मंदिर में अपने निजी जीवन की परेशानियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनके जीवन में भी कुछ राक्षस हैं और मां काली से उनसे मुक्ति की प्रार्थना की। दरअसल, दक्षिणेश्वर काली मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद सुनीता आहूजा ने कहा कि मैं आज दक्षिणेश्वर काली माता रानी का दर्शन करने आई हूं। आप सब जानते हैं कि महाकाली राक्षसों का नाश करती हैं। मेरे भी जीवन में कुछ राक्षस हैं, माता द्वारा बोलने आई हूं कि उनका भी नाश करें। सुनीता ने कथित तौर पर मीडिया में चल रही चर्चाओं पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, “मीडिया में आने के चक्कर में वो पब्लिसिटी कर रहे हैं और मैं चाहती हूं, हाथ जोड़ के मैं विनती करती हूं मीडिया से भी कि आप लोग इन सबको सपोर्ट न करें। अगर आपके घर की बेटी हो या आपकी बहू हो, ये सब दिन देखना होता तो आप लोग क्या करते? उन्होंने आगे कहा कि जो मेरे साथ हो रहा है वो अच्छा नहीं हो रहा है, ये घर मेरा टूट रहा है बिना किसी मतलब और मैं चाहती हूं आप सब औरतें मेरे लिए स्टैंड लें, सारे जेन-जी बच्चे मेरे लिए स्टैंड लें और मीडिया से दरख्वास्त करती हूं कि प्लीज ये चीज को आप आगे न बढ़ाएं। आप लोग को भी कायदे से मुझे सपोर्ट करना चाहिए। मैं माता से यही मांगने आई हूं कि जो मेरा घर बर्बाद कर रही है, माता उसे देखें। वो राक्षसों का नाश करने वाली माता रानी हैं, और मैं चाहती हूं मेरे जीवन से ये संकट हट जाए। जय मां काली, जय मां काली।” गोविंदा सात साल बाद कमबैक कर रहे हैं गौरतलब है कि गोविंदा लगभग 7 साल बाद फिल्म ‘रूपा’ से बॉलीवुड में कमबैक कर रहे हैं। इस फिल्म में उनकी सह-कलाकार कोमल रानी स्वर्णकार हैं। पिछले कुछ समय से गोविंदा का नाम कोमल रानी के साथ जोड़ा जा रहा है और दोनों को कई मौकों (जैसे एयरपोर्ट और मुंबई में लालबागचा राजा के दर्शन) पर एक साथ देखा गया है, जिससे उनके अफेयर की चर्चाओं को हवा मिली। वहीं इन अफवाहों पर रिएक्शन देते हुए गुरुवार को गोविंदा ने कहा कि उनकी निजी जिंदगी किसी और के लिए चिंता या चर्चा का विषय नहीं होनी चाहिए। ANI को दिए इंटरव्यू में गोविंदा ने कहा कि यह किसी और के लिए चर्चा का विषय नहीं है, भले ही कोई अफेयर हो। मैं सिर्फ काम कर रहा हूं और एक पेशेवर रिश्ता बनाए हुए हूं। गोविंदा के मुताबिक, लोग बिना वजह उनकी निजी जिंदगी को निशाना बना रहे हैं, जबकि उन्हें सिर्फ अपने काम से मतलब रखना चाहिए। फिल्म ‘रूपा’ के लिए प्रार्थना करने पहुंचे थे कोमल रानी स्वर्णकार के साथ गणपति पंडाल में दिखने पर सफाई देते हुए गोविंदा ने बताया कि वे अपनी आने वाली फिल्म रूपा के लिए लालबागचा राजा के दरबार पहुंचे थे। इस फिल्म में गोविंदा के साथ कोमल रानी मुख्य भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा, “इससे पहले भी मैं करिश्मा कपूर और रवीना टंडन के साथ मंदिरों में गया था और वे फिल्में बहुत बड़ी हिट साबित हुई थीं। मैं लंबे समय बाद नया काम शुरू कर रहा हूं, इसलिए प्रार्थना करने गया था।” परिवार से दूर करने और इमेज खराब करने की साजिश इंटरव्यू में गोविंदा ने अपने खिलाफ चल रही बातों को एक सोची-समझी चाल करार दिया। उन्होंने कहा, “यह किसी एक इंसान की गलती नहीं है, बल्कि बहुत सोच-समझकर बनाई गई योजना है। ऐसी चीजें आगे भी हो सकती हैं। यह मुझे मेरे परिवार से अलग करने और समाज में मेरी छवि खराब करने का प्लान है।” गोविंदा ने कहा कि उन्होंने हमेशा अपने काम पर ध्यान दिया है और आगे भी काम करते रहेंगे। सुनीता आहूजा बोलीं- इंसान धोखा ही देते हैं
गणपति उत्सव के दौरान गोविंदा को अभिनेत्री कोमल रानी स्वर्णकार के साथ दिखने के बाद सुनीता आहूजा का एक बयान सामने आया था, जिसमें उन्होंने इंसानों को धोखेबाज बताते हुए जानवरों से प्यार को बेहतर बताया। हालांकि, सुनीता ने अपने बयान में किसी का नाम नहीं लिया था। दरअसल, मुंबई एयरपोर्ट पर पैपराजी से बातचीत के दौरान सुनीता अपने पालतू कुत्ते विंटर के साथ थीं। पैपराजी से बात करते हुए सुनीता ने कहा कि इंसानों को जितना भी प्यार करो, कोई फायदा नहीं है। धोखा ही देते हैं। इनको प्यार करो, देखो, हमेशा चिपके रहते हैं। जानवरों से प्यार करो, इंसानों से नहीं। धोखेबाज होते हैं इंसान।
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नाव पलटी तो सुरैया को बचाने देव आनंद कूदे थे:शादी नहीं हुई तो पहली बार रोए, ‘गाइड’ को लेकर लोगों ने कहा था पागल
साल 1943 की बात है। एक युवा लड़का अपने सपनों को पूरा करने के लिए लाहौर से मुंबई पहुंचा। जेब में सिर्फ 30 रुपए थे और रहने के लिए कोई ठिकाना नहीं था। फिल्म इंडस्ट्री में पहचान बनाने का सपना था, लेकिन सामने सबसे बड़ी चुनौती थी कि मुंबई जैसे शहर में गुजारा कैसे हो। शुरुआत में उसे चॉल में रहना पड़ा। कुछ दिन बीते तो पैसे खत्म होने लगे। फिल्मों में काम मिलने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही थी। आखिरकार पेट पालने के लिए उसे नौकरी करनी पड़ी। मिलिट्री सेंसर ऑफिस में क्लर्क की नौकरी मिली, जहां वह ब्रिटिश सरकार के लिए मिलिट्री सेंसर का काम करते थे। उसे महीने की 65 रुपए तनख्वाह मिलती थी। लेकिन जिस लड़के के पास मुंबई पहुंचने के लिए सिर्फ 30 रुपए थे, उसने हार नहीं मानी। कुछ साल बाद वही शख्स हिंदी सिनेमा का ऐसा सितारा बना, जिसे लोग ‘एवरग्रीन स्टार’ कहने लगे। हम बात कर रहे हैं देव आनंद की और उनकी 103वीं बर्थ एनिवर्सरी पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ खास बातें… पिता स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े हुए थे देव आनंद का जन्म 26 सितंबर 1923 को ब्रिटिश भारत के पंजाब के गुरदासपुर जिले में धर्मदेव पिशोरीमल आनंद के रूप में हुआ था। उनके पिता पिशोरी लाल आनंद गुरदासपुर में वकील थे और स्वतंत्रता आंदोलन से भी जुड़े थे। देव आनंद चार भाइयों में तीसरे थे। उनके भाई चेतन आनंद और विजय आनंद भी फिल्म जगत से जुड़े रहे, जबकि उनकी बहन शील कांता कपूर फिल्म निर्देशक शेखर कपूर की मां थीं। उन्होंने शुरुआती पढ़ाई डलहौजी के सेक्रेड हार्ट स्कूल से की और बाद में लाहौर के गवर्नमेंट कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में बीए किया। पिता ने पढ़ाई के लिए पैसे देने से मना कर दिया था देव आनंद आगे पढ़ना चाहते थे और उच्च शिक्षा के लिए लंदन जाने का सपना देखते थे, जबकि उनके पिता चाहते थे कि वह किसी बैंक में नौकरी कर लें, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि उनकी आगे की पढ़ाई का खर्च उठाया जा सके। पिता ने साफ कह दिया कि अब उनकी पढ़ाई के लिए पैसे नहीं हैं। इसके बाद देव आनंद ने तय किया कि अगर जिंदगी में संघर्ष करना ही है, तो क्यों न अपने बचपन के सपने एक्टिंग के लिए संघर्ष किया जाए। इसी सपने को पूरा करने के लिए जून 1943 में वह लाहौर से ट्रेन पकड़कर मुंबई के लिए निकल पड़े। शुरुआत में काम नहीं मिला और पैसे खत्म हो गए तो उन्होंने चर्चगेट स्थित मिलिट्री सेंसर ऑफिस में 65 रुपए मासिक वेतन पर नौकरी की। बाद में एक अकाउंटिंग फर्म में 85 रुपए की तनख्वाह पर क्लर्क का काम भी किया। अभिनेता बनने की इच्छा उन्हें अशोक कुमार की फिल्मों से मिली। मिलिट्री सेंसर ऑफिस में करीब एक साल तक नौकरी करने के बाद देव आनंद अपने बड़े भाई चेतन आनंद के पास चले गए। चेतन उस समय भारतीय जन नाट्य संघ यानी इप्टा से जुड़े थे। उन्होंने छोटे भाई को भी अपने साथ जोड़ लिया। यहां से देव आनंद को थिएटर में काम करने और अभिनय सीखने का मौका मिला। फिर किस्मत ने साथ दिया। साल 1946 में उन्हें प्रभात टॉकीज की फिल्म ‘हम एक हैं’ में काम करने का मौका मिला। शर्ट की अदला-बदली, शुरू हुई देव आनंद और गुरु दत्त की दोस्ती फिल्म ‘हम एक हैं’ में देव आनंद बतौर हीरो काम कर रहे थे, जबकि गुरु दत्त वहां असिस्टेंट डायरेक्टर और कोरियोग्राफर के तौर पर काम कर रहे थे। स्टूडियो के सभी लोगों के कपड़े एक ही धोबी के पास जाते थे। एक दिन धोबी से ऐसी गलती हुई कि देव आनंद की सफेद शर्ट गुरु दत्त के कपड़ों के साथ चली गई। गुरु दत्त ने वह शर्ट पहन ली और स्टूडियो पहुंच गए। जब देव आनंद ने अपनी शर्ट गुरु दत्त के शरीर पर देखी, तो दोनों का आमना-सामना हुआ। लेकिन शर्ट को लेकर कोई नाराजगी नहीं हुई। दोनों इस अजीब संयोग पर खूब हंसे। यही छोटी-सी घटना आगे चलकर उनकी गहरी दोस्ती की शुरुआत बन गई। दोनों ने बाद में साथ काम भी किया। देव आनंद ने गुरु दत्त को फिल्म ‘बाजी’ के निर्देशन का मौका दिया। 1951 में रिलीज हुई यह फिल्म गुरु दत्त के निर्देशन करियर की महत्वपूर्ण शुरुआत बनी और देव आनंद के साथ उनकी दोस्ती भी सिनेमा के पर्दे पर नजर आई। फिल्म ‘जिद्दी’ ने देव आनंद के करियर की दिशा बदल दी। अशोक कुमार ने उन्हें इस फिल्म में काम करने का मौका दिया। फिल्म सफल रही और देव आनंद को पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने सिर्फ अभिनेता बनकर रुकने के बजाय खुद फिल्में बनाने का फैसला किया। 1949 में बड़े भाई चेतन आनंद के साथ नवकेतन फिल्म्स की शुरुआत की। इसी बैनर के तहत बनी ‘बाजी’ 1951 में रिलीज हुई। यह फिल्म सफल रही और देव आनंद की स्टार इमेज और मजबूत हो गई। 1950 के दशक में देव आनंद की कई फिल्में सफल रहीं। ‘जाल’, ‘टैक्सी ड्राइवर’, ‘सीआईडी’, ‘पेइंग गेस्ट’ और ‘काला पानी’ जैसी फिल्मों ने उन्हें बड़े सितारों की कतार में खड़ा कर दिया। उनका बोलने का तेज अंदाज, संवाद अदायगी और कैमरे के सामने खास स्टाइल दर्शकों को पसंद आया। वह जिस तरह बात करते समय सिर हिलाते थे, वह भी उनकी पहचान बन गया। ‘गाइड’ ने करियर को दी नई पहचान 1960 का दशक देव आनंद के रोमांटिक हीरो वाले दौर के लिए खास रहा। ‘हम दोनों’, ‘तेरे घर के सामने’, ‘ज्वेल थीफ’ और ‘गाइड’ जैसी फिल्मों ने उनके स्टारडम को और मजबूत किया। 1965 में रिलीज हुई ‘गाइड’ उनके करियर की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल हुई। फिल्म में उनके साथ वहीदा रहमान थीं। यह फिल्म आर.के. नारायण के उपन्यास पर आधारित थी और इसके फिल्म रूपांतरण में देव आनंद की महत्वपूर्ण भूमिका थी। फिल्म में उन्होंने एक ऐसे किरदार को निभाया, जो साधारण रोमांटिक हीरो की उनकी छवि से काफी अलग था। ‘गाइड’ ने उन्हें एक गंभीर अभिनेता के तौर पर भी स्थापित किया। हालांकि, डीडी नेशनल को दिए एक इंटरव्यू में देव आनंद ने फिल्म ‘गाइड’ को लेकर बताया था कि जब उन्होंने इस फिल्म की योजना बनाई थी, तब कई लोगों ने उन्हें पागल तक कहा था। देव आनंद के मुताबिक, लोगों को लगता था कि फिल्म सेंसर बोर्ड से पास नहीं होगी, क्योंकि इसकी कहानी में एडल्टरी यानी विवाहेतर संबंध का एंगल था। इसके अलावा उनकी रोमांटिक हीरो की इमेज को देखते हुए लोगों को यह भी डर था कि दर्शक उन्हें एक साधु के किरदार में स्वीकार नहीं करेंगे। देव आनंद ने बताया था कि फिल्म को लेकर शुरुआत में काफी आशंकाएं थीं। रिलीज के समय फिल्म को वैसी सफलता नहीं मिली और इसे बेचना भी मुश्किल हो रहा था। हालांकि, समय के साथ ‘गाइड’ को दर्शकों और आलोचकों के बीच अलग पहचान मिली और बाद में यह कल्ट फिल्म बन गई। नाव पलटी और शुरू हुई सुरैया से प्रेम कहानी देव आनंद और सुरैया की प्रेम कहानी हिंदी सिनेमा की सबसे चर्चित और अधूरी प्रेम कहानियों में से एक है। देव आनंद और सुरैया की प्रेम कहानी की शुरुआत फिल्म ‘विद्या’ की शूटिंग के दौरान हुई। एक गाने की शूटिंग के दौरान नाव पलट गई और सुरैया पानी में गिर गईं। देव आनंद ने उन्हें बचाने के लिए पानी में छलांग लगा दी। इस घटना के बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और धीरे-धीरे यह रिश्ता प्यार में बदल गया। देव आनंद ने बाद में एक इंटरव्यू में सुरैया को अपनी जिंदगी का पहला सच्चा प्यार बताया था। फिल्म ‘जीत’ की शूटिंग के दौरान उन्होंने सुरैया को शादी के लिए प्रपोज किया। देव आनंद के मुताबिक, सुरैया ने उनका प्रस्ताव स्वीकार भी कर लिया था। देव आनंद ने सुरैया को 3,000 रुपए की हीरे की अंगूठी भेजी थी। इस अंगूठी को लेकर बाद में कई किस्से सामने आए। कहा गया कि सुरैया ने इसे समुद्र में फेंक दिया था। हालांकि, देव आनंद ने खुद कहा था कि उन्हें नहीं पता कि अंगूठी के साथ वास्तव में क्या हुआ था। परिवार को मंजूर नहीं था रिश्ता दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन सुरैया का परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। देव आनंद ने सिमी गरेवाल के शो में बताया था कि उन्हें लगता था कि परिवार नहीं चाहता था कि सुरैया एक हिंदू युवक से शादी करें। देव आनंद के मुताबिक, सुरैया अपनी नानी और परिवार के काफी करीब थीं। उनकी नानी भी सुरैया के साथ शूटिंग पर मौजूद रहती थीं। एक फिल्म के सीन में देव आनंद को सुरैया की आंखों पर किस करना था। उस समय ऐसे सीन को लेकर सेंसर की आपत्तियां होती थीं। सुरैया की नानी सेट पर मौजूद थीं और वहां से हट नहीं रही थीं। देव आनंद ने बताया था कि शूटिंग टीम ने किसी तरह उन्हें कुछ देर के लिए सुरैया को बाहर ले जाकर बातचीत करने के लिए राजी किया। उनके जाते ही देव आनंद और सुरैया ने वह सीन जल्दी से शूट कर लिया।
‘मैं रोया और फिर खुद को मजबूत किया’ सिमी गरेवाल ने जब देव आनंद से पूछा कि क्या सुरैया ने कभी उन्हें बताया था कि परिवार शादी के खिलाफ है, तो उन्होंने कहा कि सुरैया ने उनसे कभी सीधे तौर पर ऐसा नहीं कहा। हालांकि, बाद में उन्हें महसूस हुआ कि वह परिवार के दबाव में थीं। एक समय ऐसा भी आया जब देव आनंद सुरैया से सीधे मुलाकात नहीं कर पा रहे थे। उन्हें किसी दूसरे व्यक्ति के जरिए सुरैया को चिट्ठियां भेजनी पड़ती थीं। इस स्थिति से वह बेहद निराश हुए। उन्होंने बताया था कि वह रोए, लेकिन इसके बाद खुद को संभाला और जिंदगी में आगे बढ़ गए। उनके रिश्ते को लेकर उस समय अखबारों में भी काफी चर्चा हुई थी। देव आनंद ने बताया था कि उन्होंने लोगों ने कहा था कि सुरैया को शादी न करने के लिए कुरान की कसम भी दिलाई गई थी। हालांकि, उन्होंने कभी सुरैया से इसकी पुष्टि नहीं की थी। सुरैया के निधन पर भी नहीं गए अस्पताल देव आनंद ने बताया था कि सुरैया से रिश्ता खत्म होने के बाद उनकी मुलाकात उनसे केवल एक-दो बार हुई। इसके बाद दोनों अपनी-अपनी जिंदगी में आगे बढ़ गए। जब सुरैया के निधन की खबर देव आनंद को मिली, तो वह काफी दुखी हुए। उन्होंने बताया था कि सुरैया अस्पताल में थीं, लेकिन वह उनसे मिलने नहीं गए। उनका कहना था कि वह अपने निजी दुख को दुनिया के सामने नहीं लाना चाहते थे। उन्हें डर था कि मीडिया उनके आसपास जमा हो जाएगा और उनसे लगातार सवाल पूछेगा। सुरैया से अलग होने के बाद कल्पना कार्तिक से शादी समय आगे बढ़ा और देव आनंद की जिंदगी में अभिनेत्री मोना सिंह आईं, जिन्हें फिल्म इंडस्ट्री में कल्पना कार्तिक के नाम से जाना जाता था। फिल्म ‘टैक्सी ड्राइवर’ (1954) की शूटिंग के दौरान दोनों को एक-दूसरे से प्यार हुआ। दोनों ने शूटिंग के लंच ब्रेक के दौरान सेट पर ही बेहद सादगी से गुपचुप तरीके से शादी कर ली और ब्रेक खत्म होने के बाद वापस कैमरे के सामने आकर शॉट देने लगे। देव आनंद का काला कोट उनके स्टाइल की पहचान बना था देव आनंद का काला कोट उनके स्टाइल की पहचान बन गया था। 1958 में आई फिल्म काला पानी में सफेद शर्ट और काले कोट में उनका लुक काफी पसंद किया गया। इसके बाद एक किस्सा खूब चर्चित हुआ। कहा गया कि लड़कियां देव आनंद की एक झलक पाने के लिए बेकाबू हो जाती थीं। यहां तक कि कुछ लड़कियों के छत से कूदने की बातें भी सामने आईं। इसी वजह से दावा किया गया कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने देव आनंद के सार्वजनिक जगहों पर काला कोट पहनने पर रोक लगा दी थी। हालांकि, इस दावे का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं मिलता। देव आनंद ने अपनी आत्मकथा रोमांसिंग विद लाइफ में इस कहानी को बेवकूफी भरा मिथक बताया था। अभिनय के बाद निर्देशन की ओर बढ़े 70 के दशक में देव आनंद ने निर्देशन की ओर भी कदम बढ़ाया। उनकी पहली निर्देशित फिल्म ‘प्रेम पुजारी’ थी। फिल्म को शुरुआत में बॉक्स ऑफिस पर खास सफलता नहीं मिली, लेकिन समय के साथ इसे अलग पहचान मिली। इसके बाद 1971 में आई ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ ने उन्हें निर्देशक के तौर पर बड़ी सफलता दी। फिल्म में जीनत अमान भी थीं। इस फिल्म के बाद जीनत अमान रातोंरात चर्चित हो गईं। देव आनंद ने आगे भी अभिनय के साथ निर्देशन और निर्माण का सिलसिला जारी रखा। देव आनंद उन कलाकारों में थे जिन्होंने उम्र बढ़ने के बावजूद फिल्मों में बतौर हीरो काम करना जारी रखा। ‘अमीर गरीब’, ‘वारंट’, ‘हीरा पन्ना’, ‘डार्लिंग डार्लिंग’ और ‘देस परदेस’ जैसी फिल्मों में उन्होंने अभिनय किया। 1978 में आई ‘देस परदेस’ की सफलता के बाद उनके लिए ‘एवरग्रीन स्टार’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल होने लगा। 80 के दशक में भी उन्होंने ‘मन पसंद’, ‘लूटमार’, ‘स्वामी दादा’, ‘हम नौजवान’ और ‘लश्कर’ जैसी फिल्मों में काम किया। वह नई पीढ़ी के कलाकारों के साथ भी लगातार काम करते रहे और अपनी फिल्म निर्माण कंपनी के जरिए नए लोगों को मौके देते रहे। नवकेतन के जरिए नई प्रतिभाओं को मौका देव आनंद के लिए नवकेतन सिर्फ एक प्रोडक्शन हाउस नहीं था। यह उनके लिए नए विचारों और नई प्रतिभाओं को मौका देने का जरिया भी था। उन्होंने अपने करियर में अभिनय के साथ फिल्म निर्माण और लेखन पर भी काम किया। उन्होंने करीब 35 फिल्मों का निर्माण किया और 13 फिल्मों की कहानियां भी लिखीं। 2011 में आई ‘चार्जशीट’ उनकी आखिरी फिल्म थी, जिसे उन्होंने निर्देशित और प्रोड्यूस किया था। 3 दिसंबर 2011 को 88 साल की उम्र में लंदन में उनका निधन हो गया। उन्हें 2001 में पद्म भूषण और 2002 में दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। ………………… यह खबर भी पढ़ें… अमजद खान की पुण्यतिथि:डिलीवरी के बाद बीवी को घर लाने के पैसे नहीं थे; ₹1.27 करोड़ की फीस अटकी, परिवार ने अंडरवर्ल्ड की मदद ठुकराई
‘मैं वो आदमी था, जो रोज 4–5 घंटे कसरत करता था। बैडमिंटन खेलता था, फ्री-हैंड एक्सरसाइज करता था, वेट उठाता था… लेकिन फिर एक एक्सीडेंट हुआ और मैं तीन महीने तक बिस्तर पर पड़ा रहा।’ एक पुराने इंटरव्यू में दिवंगत एक्टर अमजद खान ने अपनी जिंदगी का सबसे दर्दनाक दौर याद करते हुए यह बात कही थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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गोविंदा बोले-भले अफेयर हो, पर्सनल लाइफ पर बात मत करो:कोमल के साथ फिल्म प्रमोशन के लिए लालबागचा राजा गया; मेरे खिलाफ सोची-समझी साजिश
बॉलीवुड एक्टर गोविंदा ने अपनी पर्सनल लाइफ और अफेयर के आरोपों को लेकर चल रही चर्चाओं पर तीखा ऐतराज जताया है। ANI को दिए इंटरव्यू में गोविंदा ने कहा कि उनकी निजी जिंदगी किसी और के लिए चिंता या चर्चा का विषय नहीं होनी चाहिए, भले ही कोई अफेयर ही क्यों न हो। हाल ही में अपनी अपकमिंग फिल्म ‘रूपा’ की एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ लालबागचा राजा के दर्शन करने के बाद से उनकी पर्सनल लाइफ को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। उन्होंने इन खबरों को अपनी इमेज खराब करने और परिवार से दूर करने की सोची-समझी साजिश बताया है। ‘भले ही अफेयर हो, किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं’ अपनी पर्सनल लाइफ पर हो रही बयानबाजी का जवाब देते हुए गोविंदा ने कहा, “यह किसी और के लिए चर्चा का विषय नहीं है, भले ही कोई अफेयर हो। मैं सिर्फ काम कर रहा हूं और एक पेशेवर रिश्ता बनाए हुए हूं।” गोविंदा के मुताबिक, लोग बिना वजह उनकी निजी जिंदगी को निशाना बना रहे हैं, जबकि उन्हें सिर्फ अपने काम से मतलब रखना चाहिए। फिल्म ‘रूपा’ के लिए प्रार्थना करने पहुंचे थे कोमल रानी स्वर्णकार के साथ गणपति पंडाल में दिखने पर सफाई देते हुए गोविंदा ने बताया कि वे अपनी आने वाली फिल्म ‘रूपा’ के लिए लालबागचा राजा के दरबार पहुंचे थे। इस फिल्म में कोमल रानी मुख्य भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा, “इससे पहले भी मैं करिश्मा कपूर और रवीना टंडन के साथ मंदिरों में गया था और वे फिल्में बहुत बड़ी हिट साबित हुई थीं। मैं लंबे समय बाद नया काम शुरू कर रहा हूं, इसलिए प्रार्थना करने गया था।” परिवार से दूर करने और इमेज खराब करने की साजिश इंटरव्यू में गोविंदा ने अपने खिलाफ चल रही बातों को एक सोची-समझी चाल करार दिया। उन्होंने कहा, “यह किसी एक इंसान की गलती नहीं है, बल्कि बहुत सोच-समझकर बनाई गई योजना है। ऐसी चीजें आगे भी हो सकती हैं। यह मुझे मेरे परिवार से अलग करने और समाज में मेरी छवि खराब करने का प्लान है।” गोविंदा ने कहा कि उन्होंने हमेशा अपने काम पर ध्यान दिया है और आगे भी काम करते रहेंगे। कोमल संग दिखे गोविंदा, अकेली पहुंची थीं पत्नी सुनीता गोविंदा की पर्सनल लाइफ पिछले कुछ समय से लगातार सुर्खियों में है। हाल ही में गणेशोत्सव के दौरान मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा पंडाल में गोविंदा अपनी को-स्टार कोमल रानी स्वर्णकार के साथ गणपति के दर्शन करने पहुंचे थे। वहीं, उसी दिन उनसे पहले उनकी पत्नी सुनीता आहूजा अकेले ही दर्शन के लिए पहुंची थीं। दोनों के अलग-अलग पहुंचने और कोमल के साथ दिखने के बाद से उनके रिश्ते और कथित अफेयर को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सुनीता आहूजा बोलीं- इंसान धोखा ही देते हैं गणपति उत्सव के दौरान गोविंदा को अभिनेत्री और रूमर्ड गर्लफ्रेंड कोमल रानी स्वर्णकार के साथ दिखने के बाद सुनीता आहूजा का एक बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने इंसानों को धोखेबाज बताते हुए जानवरों से प्यार को बेहतर बताया। हालांकि, सुनीता ने अपने बयान में गोविंदा का नाम नहीं लिया। दरअसल, मुंबई एयरपोर्ट पर पैपराजी से बातचीत के दौरान सुनीता अपने पालतू कुत्ते विंटर के साथ थीं। पैपराजी से बात करते हुए सुनीता ने कहा कि इंसानों को जितना भी प्यार करो, कोई फायदा नहीं है। धोखा ही देते हैं। इनको प्यार करो, देखो, हमेशा चिपके रहते हैं। जानवरों से प्यार करो, इंसानों से नहीं। धोखेबाज होते हैं इंसान। आसपास के माहौल से परेशान हैं गोविंदा: अनुपम खेर वहीं अनुपम खेर ने कहा कि गोविंदा को अपनी आदतों या निजी परेशानियों को अपनी पूरी जिंदगी और काम पर हावी होने की इजाजत नहीं देनी चाहिए। अनुपम ने बताया कि वे गोविंदा पर कोई फैसला या टिप्पणी करने वाले व्यक्ति नहीं हैं और गोविंदा अपनी जिंदगी को बेहतर समझते हैं। उन्होंने खुलासा किया कि उन्होंने गोविंदा को फोन किया था, लेकिन उन्होंने वापस कॉल करने की बात कही। अनुपम उन्हें सिर्फ यह कहना चाहते थे कि यह मुश्किल दौर भी बीत जाएगा। अनुपम के मुताबिक, हर किसी की जिंदगी में परेशानियां आती हैं। गोविंदा अपने आसपास के माहौल और परिस्थितियों से थोड़े परेशान जरूर हैं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी है और वापसी की पूरी उम्मीद है। ‘गोविंदा की एक्टिंग और डांस में कोई मुकाबला नहीं’ अनुपम खेर ने गोविंदा के काम की तारीफ करते हुए कहा कि वे उन सबसे बेहतरीन अभिनेताओं में से एक हैं, जिनके साथ उन्होंने काम किया है। दोनों ने साथ में 10 से 12 फिल्मों में काम किया है। अनुपम के मुताबिक, इम्प्रोवाइजेशन, एक्टिंग और डांस के मामले में गोविंदा का मुकाबला कोई नहीं कर सकता।
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जयपुर- फिल्म 'करण अर्जुन’ के गाने पर नाचीं ममता कुलकर्णी:कॉलेज स्टूडेंट्स के साथ किया डांस, बोलीं- डांस और एक्टिंग मनोरंजन नहीं साधना है
एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी जयपुर में अपने फेमस गाने पर डांस करती दिखीं। खास बात यह रही कि ममता ने सिर्फ मंच पर प्रस्तुति नहीं दी, बल्कि स्टूडेंंट्स के बीच जाकर उनके साथ भी कदम मिलाए। महारानी कॉलेज की छात्राओं के साथ उन्होंने अपने लोकप्रिय गानों पर डांस किया और कुछ गीत गाकर भी सुनाए। ममता कुलकर्णी राजस्थान फिल्म फेस्टिवल के तहत शुक्रवार को मानसरोवर स्थित दीप स्मृति ऑडिटोरियम में आयोजित आरएफएफ सोशल स्पॉटलाइट 2026 और इंटर स्कूल-कॉलेज डांस कॉम्पिटिशन के फिनाले में पहुंची थीं। इस दौरान ममता कुलकर्णी ने फिल्म करण अर्जुन के गाने भंगडा पाले, ‘घातक’ के ‘कोई जाए तो ले आए’, ‘सबसे बड़ा खिलाड़ी’ के ‘एक मुंडा मेरी उम्र का’ और ‘लंबा-लंबा घूंघट काहे को डाला’ जैसे गीतों पर डांस किया। इस दौरान स्टूडेंट्स भी उनके साथ शामिल हो गए। ममता ने अपने पुराने फिल्मी अंदाज की झलक दिखाते हुए गीतों की धुन पर डांस किया तो ऑडिटोरियम तालियों से गूंज उठा। यहां देखिए इवेंट के फोटोज…
स्टूडेंट्स से बोलीं- डांस और एक्टिंग को साधना की तरह करें ममता कुलकर्णी ने स्टूडेंट्स से बातचीत करते हुए कहा कि डांस हो या एक्टिंग, इसे केवल मनोरंजन नहीं बल्कि साधना की तरह करना चाहिए। जब तक किसी कला में परफेक्शन नहीं आता, तब तक उसे स्टेज पर पेश करने से बचना चाहिए। उन्होंने स्टूडेंट्स को जिंदगी को लेकर भी एक दिलचस्प सलाह दी। उन्होंने कहा कि जो करना है, उसे आज की सोच के साथ करें। ममता ने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर कोई नए कपड़े लेकर आया है और सोच रहा है कि उन्हें किसी खास दिन पहनेगा तो उस दिन का इंतजार करने के बजाय कपड़े उसी दिन पहन लेने चाहिए, जिस दिन वे खरीदे हैं। सोशल मीडिया क्रिएटर्स को मिला सम्मान कार्यक्रम के दौरान सोशल मीडिया के जरिए अलग-अलग क्षेत्रों में पहचान बनाने वाले क्रिएटर्स को आरएफएफ सोशल स्पॉटलाइट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। आरएफएफ की फाउंडर डायरेक्टर संजना शर्मा ने बताया- नेहा एंड अंशु को बेस्ट फूड इन्फ्लुएंसर ऑफ द ईयर, सोमी शर्मा को इमर्जिंग डांस स्टार ऑफ द ईयर, निधि नरवाल को पोएट्री आइकन ऑफ द ईयर और विजय को फादर-डॉटर डिजिटल डुओ ऑफ द ईयर का सम्मान दिया गया। इसी क्रम में ब्यूटीफुल गुलाबी नगरी की अनिशा जैन को सिटी इन्फ्लुएंसर ऑफ द ईयर, प्रवीण प्रजापत को यूथ आइकन इन राजस्थानी फोक आर्ट्स, एडवोकेट अमृता वर्मा को लीगल अवेयरनेस क्रिएटर ऑफ द ईयर, द वाइज स्टोरीज की युवरागी राठौड़ को रीजनल स्टोरीटेलर ऑफ द ईयर और चारू असोपा को व्लॉगर ऑफ द ईयर की कैटेगरी में सम्मानित किया गया। प्रोग्रामिंग हेड अनिल जैन ने बताया कि सोशल मीडिया क्रिएटर्स की कैटेगरी उनके कंटेंट और डिजिटल प्रभाव को ध्यान में रखते हुए तय की गई थीं। कार्यक्रम में खान-पान, कविता, डांस, राजस्थानी लोक कला, कानूनी जागरूकता और क्षेत्रीय कहानियों जैसे अलग-अलग विषयों पर काम करने वाले क्रिएटर्स को मंच मिला। 14 प्रस्तुतियों में दिखी विद्यार्थियों की क्रिएटिविटी इंटर स्कूल-कॉलेज कॉम्पीटिशन के फिनाले में जयपुर के तीन कॉलेज और 11 स्कूलों के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के तहत जयपुर के स्कूल-कॉलेजों में अब तक करीब 100 गतिविधियां आयोजित की जा चुकी हैं। फिनाले के लिए चयनित विद्यार्थियों ने सामाजिक सरोकार, संस्कृति, कला और रचनात्मकता से जुड़ी अलग-अलग थीम पर कुल 14 प्रस्तुतियां दीं। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के जरिए सामाजिक और सांस्कृतिक विषयों को रचनात्मक अंदाज में मंच पर पेश किया। कार्यक्रम में प्रस्तुतियों के साथ विद्यार्थियों की ऊर्जा और उत्साह भी देखने को मिला। प्रतियोगिता में महारानी कॉलेज की टीम विजेता रही। विजेता टीम को 25 हजार रुपए और ट्रॉफी प्रदान की गई। वहीं कनोडिया कॉलेज की टीम दूसरे स्थान पर रही, जिसे 5 हजार रुपए और ट्रॉफी दी गई। विजेताओं को ममता कुलकर्णी और अतिथियों ने सम्मानित किया। कार्यक्रम में आरएफएफ की फाउंडर डायरेक्टर संजना शर्मा और राजस्व, उपनिवेशन एवं सैनिक कल्याण विभाग के राज्य मंत्री विजय सिंह चौधरी सहित आयोजन से जुड़े पदाधिकारी मौजूद रहे।
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बॉलीवुड एक्टर यशपाल शर्मा का भाई रिश्वत लेते अरेस्ट:हिसार ACB ने ₹3 हजार लेते रंगेहाथ दबोचा; 2 दिन बाद प्रमोशन होना था
हिसार में बॉलीवुड एक्टर यशपाल शर्मा का भाई राजेश कुमार रिश्वत कांड में फंस गया है। उसे 3 हजार रुपए की रिश्वत लेते अरेस्ट किया गया है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने गुरुवार को उसे रंगे हाथ पकड़ा। अधिकारियों का कहना है कि राजेश ने राजगढ़-चंडीगढ़ हाईवे के पास एग्रीकल्चर लैंड पर कॉलोनी के लिए नहर के पानी की व्यवस्था के संबंध में रिश्वत मांगी थी। राजेश कुमार सिंचाई विभाग में असिस्टेंट रेवेन्यू क्लर्क (ARC) है। बताया जा रहा है कि 2 दिन बाद उनका प्रमोशन होने वाला था। वहीं, राजेश के भाई घनश्याम शर्मा ने दैनिक भास्कर से बातचीत में दावा कि उसने रिश्वत नहीं ली थी। वो सरकारी फीस थी, उसकी रसीद भी दी जाती है। इधर, ACB ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए राजेश की अरेस्टिंग का एक फोटो भी जारी किया है। जानिए, ट्रैप लगाकर कैसे पकड़ा गया आरोपी एक-दो दिन में प्रमोशन होने वाला था बताया जा रहा है कि राजेश शर्मा सिंचाई विभाग में एआरसी पद पर तैनात हैं। उनका एक-दो दिन में प्रमोशन होने वाला था और इसके ऑर्डर भी जारी हो चुके थे। इसी बीच वह रिश्वत के मामले में गिरफ्तार हो गया। सूत्रों के मुताबिक, देर रात तक एसीबी की टीम मामले की जांच में जुटी थी। राजेश शर्मा को ऑफिस में बैठाकर पूछताछ की गई। भाई बोले- हमें भी नहीं जाने दिया यशपाल शर्मा के दूसरे भाई घनश्याम शर्मा ने बताया कि जब उन्हें पता चला कि उनके भाई को किसी केस में पकड़ा गया है। इसके बाद वे ऑफिस पहुंचे, लेकिन उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। उन्होंने कहा कि भाई राजेश को फंसाया जा रहा है। राजेश ने चालान के लिए फीस मांगी थी, जिसकी बाकायदा रसीद भी दी जाती है। यहां जानिए, कौन हैं यशपाल शर्मा हिसार में जन्म: यशपाल शर्मा का जन्म 1 जनवरी 1967 को हिसार में हुआ था। उनके पिता PWD में चपरासी थे। सात भाई-बहनों के परिवार में आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। परिवार की आर्थिक तंगी के चलते उन्होंने कम उम्र में काम शुरू कर दिया। गाय-बकरियां चराने, गोबर के उपले बनाने, खेत जोतने, पंचर लगाने और चक्की पर आटा पीसने तक का काम किया। रामलीला से एक्टिंग तक: यशपाल ने कॉलेज के दौरान रामलीला और नाटकों में अभिनय शुरू किया। NSD में चयन के लिए उन्हें तीन बार रिजेक्शन मिला। चौथी कोशिश में NSD में उनका चयन हुआ। तीन साल NSD और दो साल रेपेट्री में काम करने के बाद टीवी से उन्होंने करिअर की शुरुआत की।
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अनुष्का शर्मा मोस्ट-फॉलोव्ड एथलीट पार्टनर्स में शामिल:दुनिया की टॉप-5 में इकलौती भारतीय; लिस्ट में किम कार्दशियन और टेलर स्विफ्ट जैसे सेलेब्स के नाम
बॉलीवुड एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा ने खेल जगत की सबसे लोकप्रिय और ज्यादा फॉलो की जाने वाली एथलीट पार्टनर्स (WAGs) की ग्लोबल लिस्ट में अपनी जगह बनाई है। मीडिया पब्लिकेशन वैंटिक्स की जारी रिपोर्ट में अनुष्का शर्मा चौथे पायदान पर हैं। वे दुनिया की टॉप-5 एथलीट पार्टनर्स में शामिल होने वाली इकलौती भारतीय और क्रिकेट जगत से एकमात्र चेहरा हैं। इस ग्लोबल लिस्ट में किम कार्दशियन, पॉप स्टार टेलर स्विफ्ट और क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पत्नी जॉर्जिना रोड्रिगेज जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक अनुष्का सिर्फ विराट की पार्टनर होने की वजह से नहीं, बल्कि अपनी अलग पहचान के दम पर इस लिस्ट में शामिल हुई हैं। किम कार्दशियन टॉप पर, टेलर स्विफ्ट दूसरे नंबर पर वैंटिक्स की इस ग्लोबल रैंकिंग में फॉर्मूला 1 रेसर लुईस हैमिल्टन की पार्टनर के तौर पर पहचानी जाने वाली किम कार्दशियन 343 मिलियन (34.3 करोड़) फॉलोअर्स के साथ पहले पायदान पर हैं। वहीं, अमेरिकन फुटबॉल (NFL) स्टार ट्रैविस केल्स की पत्नी व मशहूर सिंगर टेलर स्विफ्ट 272 मिलियन (27.2 करोड़) फॉलोअर्स के साथ दूसरे नंबर पर हैं। फुटबॉल लेजेंड क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पत्नी जॉर्जिना रोड्रिगेज 78.3 मिलियन फॉलोअर्स के साथ लिस्ट में तीसरे स्थान पर मौजूद हैं। क्रिकेट जगत से इकलौता चेहरा बनीं अनुष्का भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली की पत्नी अनुष्का शर्मा इस सूची में चौथे स्थान पर हैं। वहीं, ब्राजीलियाई फुटबॉलर विनिशियस जूनियर की पार्टनर वर्जीनिया फोन्सेका 56.5 मिलियन फॉलोअर्स के साथ पांचवें नंबर पर हैं। हालांकि इस सूची में फुटबॉल खिलाड़ियों की पत्नियों और पार्टनर्स का दबदबा ज्यादा देखा गया, लेकिन पूरे क्रिकेट जगत से सिर्फ अनुष्का शर्मा ही इस टॉप-5 की लिस्ट में अपनी जगह बनाने में कामयाब रही हैं। 22 हस्तियों के कुल 1.21 अरब फॉलोअर्स वैंटिक्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस पूरी लिस्ट में शामिल 22 ग्लोबल सेलिब्रिटीज के पास कुल मिलाकर 1.21 अरब (1.21 बिलियन) से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि फुटबॉल खेल से सबसे ज्यादा 11 महिलाओं को इस लिस्ट में जगह मिली है, जिनके कुल 341.3 मिलियन फॉलोअर्स हैं। हालांकि, रीच के मामले में अमेरिकन फुटबॉल सबसे आगे रहा, जहां 5 महिलाओं के मिलाकर 376.5 मिलियन फॉलोअर्स दर्ज किए गए। एफ-1 रेसिंग का प्रतिनिधित्व अकेले किम कार्दशियन ने अपने 343 मिलियन फॉलोअर्स के दम पर संभाला। पहचान के लिए सिर्फ पार्टनर का नाम काफी नहीं वैंटिक्स ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि WAGs (वाइव्स एंड गर्लफ्रेंड्स) शब्द की शुरुआत भले ही फुटबॉल खिलाड़ियों की पत्नियों से जुड़ी सेलिब्रिटी संस्कृति के तौर पर हुई थी, लेकिन अब इसका दायरा काफी बदल चुका है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अब इस लिस्ट में शामिल महिलाएं सिर्फ अपने एथलीट पार्टनर्स की वजह से नहीं जानी जाती हैं। वे खुद मशहूर पॉप स्टार, बिजनेसवुमन, एक्ट्रेस या क्रिएटर्स हैं, जिन्होंने अपने पार्टनर से जुड़ने से पहले ही अपनी एक स्वतंत्र पहचान और बड़ी फैन फॉलोइंग बना ली थी।
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