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  • कमाल कर दिया पायलट जी…आपको सैल्यूट:सलमान खान ने की पायलट स्मित मच्छर की तारीफ; रणवीर सिंह, सनी देओल समेत कई सेलेब्स ने की सराहना

    कमाल कर दिया पायलट जी…आपको सैल्यूट:सलमान खान ने की पायलट स्मित मच्छर की तारीफ; रणवीर सिंह, सनी देओल समेत कई सेलेब्स ने की सराहना




    दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर को-पायलट ने हमला कर दिया। फ्लाइट क्रैश होने की कंडीशन में थी, लेकिन अमित ने जख्मी हालत में भी सूझबूझ से सभी की जान बचाई। शुक्रवार को सलमान खान ने देर रात पायलट स्मित मच्छर की सराहना की है। सलमान खान ने आधिकारिक X (पहले ट्विटर) अकाउंट से लिखा है, ‘कमाल कर दिया पायलट जी, हम सब आपको सैल्यूट करते हैं। आपके साथ उड़ान भरने में गर्व महसूस होगा। वेल डन ब्रो कैप्टन स्मित मच्छर।’ रणवीर सिंह ने भी सोशल मीडिया पर कैप्टन स्मित की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है- ‘कैप्टन बहादुर।’ अनिल कपूर ने लिखा- ये असाधारण है अनिल कपूर ने एक लंबी-चौड़ी पोस्ट शेयर कर घटना की जानकारी मिलने के बारे में बात की। उन्होंने लिखा, जब यह घटना हुई, तब जलाल ने मुझे बताया कि वह स्मित को फ्लाइंग स्कूल के दिनों से जानते हैं। उन्होंने कहा कि वह हमेशा से जानते थे कि किसी मुश्किल परिस्थिति में वे स्मित को अपने साथ रखना चाहेंगे। इस बात ने मुझे सोचने पर मजबूर कर दिया कि स्मित में शुरू से ही कितना साहस रहा होगा, जिसे उनके आसपास के लोगों ने इतनी कम उम्र में ही पहचान लिया था। आगे अनिल ने लिखा- ‘उस मुश्किल घड़ी में स्मित ने जो किया, वह वाकई असाधारण था। जब इंसान खुद किसी बेहद डरावनी परिस्थिति का सामना कर रहा हो, तब भी मजबूत बने रहना और दूसरों को खुद से पहले रखना, इसके लिए असाधारण हिम्मत चाहिए। स्मित को मेरा दिल से सम्मान और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना।’ सनी देओल ने लिखा- बड़ा हादसा टालने में अहम भूमिका निभाई एक्टर सनी देओल ने कैप्टन स्मित की तारीफ में लिखा है, ‘कैप्टन स्मित मच्छर ने उस वक्त असाधारण साहस और सूझबूझ का परिचय दिया, जब इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी। आपने एक बड़े हादसे को टालने और कई लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। आपके जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। सलाम।’ सुनील शेट्टी ने कैप्टन स्मित की तारीफ में लिखा, ‘बहादुरी अक्सर खामोश होती है, लेकिन उसे कभी भुलाया नहीं जाता। कैप्टन स्मित मच्छर और उस मुश्किल घड़ी में आगे बढ़कर जिम्मेदारी संभालने वाले हर शख्स ने अद्भुत धैर्य, सूझबूझ और हौसले का परिचय दिया। दिल से सम्मान। यह सच्ची सलामी है।’ इन सेलेब्स ने भी की सराहना- जावेद अख्तर बोले- महावीर चक्र के हकदार हैं स्मित जावेद अख्तर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी अतुलनीय है। वे बिना किसी शक के महावीर चक्र जैसे बड़े सम्मान के हकदार हैं। जावेद अख्तर के अलावा शमिता शेट्टी और रिद्धिमा कपूर साहनी ने भी कैप्टन स्मित के जज्बे की सराहना की है। परेश रावल ने दिया ‘क्रांतिवीर’ फिल्म का रेफरेंस अभिनेता परेश रावल ने कैप्टन के सरनेम ‘मच्छार’ पर चुटकी लेते हुए 1994 में आई अपनी मशहूर फिल्म ‘क्रांतिवीर’ का जिक्र किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्हें नाना पाटेकर का वह मशहूर डायलॉग याद आ रहा है- ‘एक मच्छर आदमी को…!’ वहीं, एक्ट्रेस रवीना टंडन ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर कई पोस्ट शेयर करके कैप्टन स्मित को असली हीरो बताया। रवि किशन, आर माधवन और विजय देवरकोंडा की प्रतिक्रिया अभिनेता और सांसद रवि किशन ने लिखा कि कैप्टन स्मित मच्छार कर्तव्य के प्रति अटूट निष्ठा और अदम्य साहस की मिसाल हैं। खुद गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी दूसरों की रक्षा करना हर भारतीय के लिए गर्व की बात है। साउथ स्टार विजय देवरकोंडा और बॉलीवुड एक्टर आर माधवन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को शेयर किया। माधवन ने लिखा कि वे देश के इस सच्चे हीरो के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करते हैं। वहीं विजय देवरकोंडा ने लिखा कि कैप्टन ने जो किया वह अविश्वसनीय है। क्या हुआ था फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में फ्लाईदुबई का बोइंग 737 मैक्स 8 विमान 174 यात्रियों को लेकर दुबई से तेल अवीव जा रहा था। जब प्लेन सऊदी अरब के ऊपर उड़ रहा था, तभी कॉकपिट में ओमानी को-पायलट ने कैप्टन स्मित पर चाकू से हमला कर दिया। बुरी तरह घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने अंदर आकर हमलावर को दबोच लिया। इसके बाद प्लेन को तबूक में सेफ लैंड कराया गया। PM मोदी ने भी की वीडियो कॉल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन स्मित मच्छार से वीडियो कॉल पर बात की और हाल-चाल जाना। पीएम ने X पर लिखा कि कैप्टन स्मित एक हीरो हैं। गंभीर खतरे और चोट के बावजूद उन्होंने अदम्य साहस दिखाया। उनकी बहादुरी से सैकड़ों जिंदगियां बचीं और एक बड़ा हादसा टल गया। पूरे भारत को कैप्टन स्मित पर गर्व है। स्पाइसजेट में 11 साल पायलट रह चुके हैं कैप्टन स्मित फ्लाईदुबई से पहले स्मित ने 11 साल से ज्यादा समय तक स्पाइसजेट में काम किया। यहां उन्होंने 9500 घंटे से ज्यादा उड़ान भरी। इनमें 6400 घंटे से ज्यादा समय विमान के मुख्य पायलट यानी पायलट-इन-कमांड के तौर पर था। जून 2022 में उन्होंने फ्लाईदुबई जॉइन की थी। उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, उन्हें कॉमर्शियल विमान उड़ाने का 13 साल से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने बोइंग 737 विमानों पर करीब 9750 घंटे उड़ान भरी है। इजराइल और गुजरात सरकार सम्मानित करेगी कैप्टन स्मित मच्छर को इजराइल सम्मानित करेगा। भारत में इजराइल के राजदूत रुवेन अजार ने इंडिया टुडे से बातचीत में यह जानकारी दी। वहीं, गुजरात सरकार ने भी कैप्टन स्मित को ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ से सम्मानित करने का ऐलान किया है। ट्रम्प और नेतन्याहू ने हीरो बताया था इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी की तारीफ की और उन्हें सच्चा हीरो बताया। नेतन्याहू ने कहा कि मच्छर की बहादुरी से विमान में सवार 174 लोगों की जान बचाने में मदद मिली। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी कैप्टन मच्छर को हीरो बताया और उनकी बहादुरी की सराहना की।



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  • 174 लोगों को बचाने वाले पायलट को बॉलीवुड का सलाम:जावेद अख्तर बोले- स्मित को महावीर चक्र मिले; माधवन-देवरकोंडा समेत कई सेलेब्स ने की तारीफ

    174 लोगों को बचाने वाले पायलट को बॉलीवुड का सलाम:जावेद अख्तर बोले- स्मित को महावीर चक्र मिले; माधवन-देवरकोंडा समेत कई सेलेब्स ने की तारीफ




    फ्लाईदुबई की फ्लाइट में को-पायलट के हमले के बाद भी 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी पर कई बॉलीवुड सेलेब्स ने रिएक्शन दिया है। लेखक और गीतकार जावेद अख्तर ने मांग की है कि कैप्टन स्मित को देश का दूसरा सर्वोच्च सैन्य सम्मान ‘महावीर चक्र’ दिया जाना चाहिए। वहीं, परेश रावल, रवीना टंडन, रवि किशन, विजय देवरकोंडा और आर माधवन समेत कई कलाकारों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर कैप्टन की हिम्मत और सूझबूझ की तारीफ की है। जावेद अख्तर बोले- महावीर चक्र के हकदार हैं स्मित जावेद अख्तर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी अतुलनीय है। वे बिना किसी शक के महावीर चक्र जैसे बड़े सम्मान के हकदार हैं। जावेद अख्तर के अलावा शमिता शेट्टी और रिद्धिमा कपूर साहनी ने भी कैप्टन स्मित के जज्बे की सराहना की है। परेश रावल ने दिया ‘क्रांतिवीर’ फिल्म का रेफरेंस अभिनेता परेश रावल ने कैप्टन के सरनेम ‘मच्छार’ पर चुटकी लेते हुए 1994 में आई अपनी मशहूर फिल्म ‘क्रांतिवीर’ का जिक्र किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्हें नाना पाटेकर का वह मशहूर डायलॉग याद आ रहा है- ‘एक मच्छर आदमी को…!’ वहीं, एक्ट्रेस रवीना टंडन ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर कई पोस्ट शेयर करके कैप्टन स्मित को असली हीरो बताया। रवि किशन, आर माधवन और विजय देवरकोंडा की प्रतिक्रिया अभिनेता और सांसद रवि किशन ने लिखा कि कैप्टन स्मित मच्छार कर्तव्य के प्रति अटूट निष्ठा और अदम्य साहस की मिसाल हैं। खुद गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी दूसरों की रक्षा करना हर भारतीय के लिए गर्व की बात है। साउथ स्टार विजय देवरकोंडा और बॉलीवुड एक्टर आर माधवन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को शेयर किया। माधवन ने लिखा कि वे देश के इस सच्चे हीरो के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करते हैं। वहीं विजय देवरकोंडा ने लिखा कि कैप्टन ने जो किया वह अविश्वसनीय है। क्या हुआ था फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में फ्लाईदुबई का बोइंग 737 मैक्स 8 विमान 174 यात्रियों को लेकर दुबई से तेल अवीव जा रहा था। जब प्लेन सऊदी अरब के ऊपर उड़ रहा था, तभी कॉकपिट में ओमानी को-पायलट ने कैप्टन स्मित पर चाकू से हमला कर दिया। बुरी तरह घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने अंदर आकर हमलावर को दबोच लिया। इसके बाद प्लेन को तबूक में सेफ लैंड कराया गया। PM मोदी ने भी की वीडियो कॉल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन स्मित मच्छार से वीडियो कॉल पर बात की और हाल-चाल जाना। पीएम ने X पर लिखा कि कैप्टन स्मित एक हीरो हैं। गंभीर खतरे और चोट के बावजूद उन्होंने अदम्य साहस दिखाया। उनकी बहादुरी से सैकड़ों जिंदगियां बचीं और एक बड़ा हादसा टल गया। पूरे भारत को कैप्टन स्मित पर गर्व है। स्पाइसजेट में 11 साल पायलट रह चुके हैं कैप्टन स्मित फ्लाईदुबई से पहले स्मित ने 11 साल से ज्यादा समय तक स्पाइसजेट में काम किया। यहां उन्होंने 9500 घंटे से ज्यादा उड़ान भरी। इनमें 6400 घंटे से ज्यादा समय विमान के मुख्य पायलट यानी पायलट-इन-कमांड के तौर पर था। जून 2022 में उन्होंने फ्लाईदुबई जॉइन की थी। उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, उन्हें कॉमर्शियल विमान उड़ाने का 13 साल से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने बोइंग 737 विमानों पर करीब 9750 घंटे उड़ान भरी है।



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  • मूवी रिव्यू- ‘प्रेम कीटाणु’:प्यार की तलाश में निकले वीर पहाड़िया की कहानी में है हंसी, उलझन और एक मजेदार ट्विस्ट; जानिए कैसी है फिल्म

    मूवी रिव्यू- ‘प्रेम कीटाणु’:प्यार की तलाश में निकले वीर पहाड़िया की कहानी में है हंसी, उलझन और एक मजेदार ट्विस्ट; जानिए कैसी है फिल्म




    कॉलेज में किसी पर दिल आ जाए तो लगता है कहानी बस इतनी सी है, लेकिन कभी प्यार पूरा होने से पहले ही कोई नया मोड़ आ जाता है और फिर वही कहानी चार साल बाद एक बिल्कुल अलग दुनिया में लौटती है। फिल्म ‘प्रेम कीटाणु’ इसी प्यार, दोस्ती और जिंदगी के बदलते रंगों को हल्के फुल्के अंदाज में लेकर चलती है। फिल्म हंसाती है, रिलेट करती है और बीच बीच में जिंदगी की थोड़ी सी कड़वी सच्चाई भी दिखा देती है। फिल्म की कहानी कैसी है कहानी बनारस के इंजीनियरिंग कॉलेज से शुरू होती है। एडमिशन के दौरान विशाल ठाकुर (वीर पहाड़िया) और सुहानी (आफिया सैयद) पहली बार आमने सामने आते हैं। पहली मुलाकात नोकझोंक में बदलती है और दोनों एक दूसरे को श्राप दे बैठते हैं कि चार साल तक विशाल की कोई गर्लफ्रेंड नहीं बनेगी और सुहानी का कोई बॉयफ्रेंड नहीं होगा। इसके बाद दोनों अलग अलग कॉलेज चले जाते हैं। चार साल की कॉलेज लाइफ में विशाल की जिंदगी में प्यार की दस्तक तो होती है, लेकिन बात मुकम्मल नहीं हो पाती। उधर सुहानी अपनी पढ़ाई और फिर करियर की तरफ बढ़ती है। चार साल बाद दोनों की जिंदगी कॉलेज से निकलकर नौकरी की दुनिया में पहुंच चुकी है। सुहानी को अच्छी नौकरी मिलती है, जबकि विशाल को करियर और जिंदगी की अपनी जद्दोजहद से गुजरना पड़ता है। फिर दोनों की मुलाकात होती है और यहीं से पुरानी कहानी नए हालात में दोबारा खुलती है। फिल्म सिर्फ यह नहीं पूछती कि दोनों प्यार में पड़ेंगे या नहीं, बल्कि यह भी देखती है कि वक्त के साथ बदले दो लोग एक दूसरे की जिंदगी में फिर जगह बना पाएंगे या नहीं। इसी के साथ दोस्ती, परिवार और जिम्मेदारियां कहानी को थोड़ा और बड़ा बनाती हैं। फिल्म में एक्टिंग कैसी है वीर पहाड़िया विशाल के किरदार में सहज हैं। कॉलेज के मस्तमौला लड़के से लेकर जिंदगी की परेशानियों से जूझते युवा तक वह किरदार के बदलाव को स्वाभाविक रखते हैं। आफिया सैयद की यह पहली फिल्म है और वह सुहानी के किरदार में फ्रेश लगती हैं। वीर के साथ उनकी नोकझोंक और केमिस्ट्री फिल्म के रोमांटिक हिस्सों में अच्छी लगती है। निखिल विजय फिल्म की जान हैं। मगन अरोड़ा बनकर उनकी कॉमिक टाइमिंग, पंच और वीर के साथ झगड़बंदी कई जगह जबरदस्त मजा देती है। कहानी जहां थोड़ी धीमी पड़ती है, निखिल वहां माहौल फिर से गर्म कर देते हैं। अपारशक्ति खुराना ने अपने किरदार को पूरे अंदाज में निभाया है और उसे इंटरेस्टिंग रखा है। हां, किरदार की लिखावट थोड़ी और मजबूत होती तो उनकी परफॉर्मेंस का असर और बढ़ सकता था। फिल्म का डायरेक्शन कैसा है? अपूर्व सिंह कार्की ने फिल्म को हल्का और यूथफुल रखा है। कॉलेज की मस्ती से लेकर नौकरी और जिम्मेदारियों वाली जिंदगी तक टोन बदलता है, लेकिन फिल्म जरूरत से ज्यादा भारी नहीं होती। राइटर दीपक किंगरानी, जिन्हें सिर्फ एक बंदा काफी है के लिए नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिल चुका है, ने रिश्तों, दोस्ती और कॉमेडी को सहज अंदाज में पिरोया है। स्क्रीनप्ले की अच्छी बात यह है कि कहानी सिर्फ रोमांस पर नहीं टिकी। परिवार और दोस्ती को भी जगह मिलती है। हां, बीच में रफ्तार थोड़ी ढीली पड़ती है और कुछ मोड़ पहले से भांपे जा सकते हैं। इमोशनल हिस्सों में थोड़ा और ठहराव होता तो कहानी का असर और बढ़ता। तकनीकी तौर पर फिल्म का विजुअल ट्रीटमेंट रंगीन और यूथफुल है। कॉलेज और बनारस का माहौल कहानी को अपनी अलग फील देता है। फिल्म का म्यूजिक कैसा है ‘कहो तो’, ‘तू मेरा रइयो’ और ‘इश्क का गुलाम’ फिल्म के रोमांटिक और यूथफुल मूड को अच्छे से सपोर्ट करते हैं। गाने कहानी से अलग नहीं लगते और फिल्म की फील को बनाए रखते हैं। फिल्म को लेकर फाइनल वर्डिक्ट प्यार की मस्ती, दोस्ती की शरारत और जिंदगी की थोड़ी सी कड़वी मिठास, ‘प्रेम कीटाणु’ इन तीनों का अच्छा कॉम्बिनेशन है। निखिल विजय खूब हंसाते हैं, वीर और आफिया की जोड़ी जमती है। थोड़ी कसावट की कमी जरूर है, लेकिन ये फिल्म मुस्कुराने और पुराने कॉलेज वाले दिनों को याद करने का अच्छा बहाना है।



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  • 'छठी मैया' गाने की शूटिंग में इमोशनल हुईं तमन्ना:बोलीं- 4 साल पहले रोल मिलता तो नहीं कर पाती; थिएटर्स के बाहर जूते-चप्पल उतारकर जा रहे लोग

    'छठी मैया' गाने की शूटिंग में इमोशनल हुईं तमन्ना:बोलीं- 4 साल पहले रोल मिलता तो नहीं कर पाती; थिएटर्स के बाहर जूते-चप्पल उतारकर जा रहे लोग




    एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया इन दिनों अपनी नई फिल्म ‘द वन’ को लेकर काफी सुर्खियों में हैं। फिल्म में उनका किरदार और खासतौर पर ‘छठी मैया’ गाना चर्चा में है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में तमन्ना ने छठ महापर्व से अपने भावनात्मक जुड़ाव, स्पिरिचुअलिटी और सनातन पर खुलकर बात की। तमन्ना ने बताया कि सिनेमाघरों में दर्शक इस फिल्म को सिर्फ मनोरंजन के तौर पर नहीं, बल्कि एक पर्व की तरह देख रहे हैं; लोग थिएटर में पॉपकॉर्न छोड़कर ठेकुआ बांट रहे हैं और जूते-चप्पल बाहर उतारकर हॉल में जा रहे हैं। सवाल: ‘द वन’ की स्क्रिप्ट जब पहली बार आपके पास आई, तो आपने इसमें काम करने के लिए ‘हां’ क्यों कहा?
    जवाब: मुझे लगा कि यह बहुत ही दिलचस्प कॉन्सेप्ट है, जो लोककथा, फैंटेसी और आस्था को एक साथ लेकर आता है। हमारे देश में ऐसी कई कथाएं हैं जो अब तक आम लोगों तक नहीं पहुंची हैं। छठ महापर्व को करीब 30 से 40 करोड़ लोग मनाते हैं। हमने होली-दिवाली तो फिल्मों में बहुत देखी है, लेकिन छठ जैसे महापर्व को पहली बार इतने बड़े पैमाने पर बड़े पर्दे पर दिखाया गया है। साथ ही, इस एक्शन फिल्म के केंद्र में एक गहरा इमोशन है। मुझे बचपन से ही ‘द ममी’ जैसी फिल्में पसंद रही हैं, जिनमें मैजिक और फोकलोर होता है। इसलिए मुझे लगा कि यह एक ऐसी फिल्म है जिसे पूरी फैमिली साथ बैठकर देख सकती है। सवाल: फिल्म में ‘छठी मैया’ का गाना करते समय आप इमोशनल हो गईं थी। आपके अंदर क्या भावनात्मक और आध्यात्मिक बदलाव आए?
    जवाब: जब मैंने पहली बार विशाल मिश्रा की आवाज में यह गाना सुना, तो लगा कि यह हर भक्त की अंदरूनी भावना है। शूटिंग के दौरान जब मैं सूर्य देव को अर्घ्य देने का रिचुअल कर रही थी, तब मुझे एक बहुत बड़ी बात समझ में आई, जिस चीज का अस्त होता है, उसका उदय भी निश्चित है। हम जिंदगी में कई बार उतार-चढ़ाव देखकर निराश हो जाते हैं, लेकिन छठ महापर्व हमें सिखाता है कि डूबते सूरज के बाद उगता सूरज जरूर आता है। इस गाने ने मुझे ग्रेटिट्यूड का गहरा भाव महसूस कराया। सवाल: थिएटर से दर्शकों का किस तरह का रिएक्शन मिल रहा है, क्या आपने इस तरह की प्रतिक्रिया की उम्मीद की थी?
    जवाब: सच कहूं तो हमने फिल्म बनाते समय ऐसा बिल्कुल नहीं सोचा था। लेकिन अब जब मैं रील्स और वीडियो देख रही हूं, तो लोग सिनेमाघर के बाहर अपने जूते-चप्पल उतारकर अंदर जा रहे हैं। लोग हॉल में पॉपकॉर्न छोड़ ठेकुआ बांट रहे हैं। बिहार, पटना और झारखंड से जिस तरह का प्यार मिल रहा है, वैसा मैंने लंबे समय से किसी फिल्म के लिए नहीं देखा। कई लोग थिएटर में भावुक होकर रो रहे हैं, क्योंकि यह उनकी आस्था से जुड़ा है। यह देखना मेरे लिए बहुत मैजिकल है। सवाल: आप खुद शिव भक्त हैं और स्पिरिचुअल हैं। क्या इस जुड़ाव ने आपको इस रोल को निभाने में मदद की?
    जवाब: बिल्कुल। करीब चार साल पहले जब मैं अपने गुरु से मिली, तब मेरी असल स्पिरिचुअल जर्नी शुरू हुई। मुझे लगता है कि अगर यह फिल्म मुझे 4 साल पहले ऑफर होती, तो शायद मैं इसे उस तरह नहीं कर पाती। क्योंकि भक्ति एक ऐसा भाव है जिसमें आप कोई मिलावट या झूठी एक्टिंग नहीं कर सकते। अगर आपके अंदर वह भाव सच्चा नहीं है, तो दर्शक तुरंत पकड़ लेते हैं। पटना में एक स्टूडेंट ने मुझसे कहा था कि आप यह गाना इसलिए कर पाईं क्योंकि ऊपर वाले ने आपको इसके लिए चुना है। सवाल: आजकल सनातन और भारतीय संस्कृति पर आधारित फिल्मों को दर्शकों का काफी प्यार मिल रहा है। इस दौर को आप कैसे देखती हैं?
    जवाब: यह बहुत जरूरी दौर है, खासकर अर्बन इंडिया के लिए। हम हर चीज को लॉजिक और सबूत से तौलने की कोशिश करते हैं। सनातन संस्कृति में जो बातें कही गई हैं, वे जितनी स्पिरिचुअल हैं, उतनी ही साइंटिफिक भी हैं। स्पिरिचुअलिटी कहती है कि आप पहले विश्वास कीजिए, अनुभव अपने आप मिल जाएगा। आज लोग अपनी संस्कृति के बारे में और जानना चाहते हैं, इसलिए जब उन्हें ऐसी सच्ची कहानियां मिलती हैं, तो फिल्में बॉक्स ऑफिस पर बेहतरीन प्रदर्शन करती हैं। सवाल: फिल्मों में सिनेमैटिक लिबर्टी और कल्चरल ऑथेंटिसिटी के बीच संतुलन बनाना कितना मुश्किल होता है?
    जवाब: आपका इरादा सही होना चाहिए। जब हमने छठ का पूरा सीक्वेंस शूट किया, तो सभी नियमों और प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखा। हमारे डायरेक्टर दीपक यूपी-बिहार बेल्ट से हैं, इसलिए वे बहुत पर्टिकुलर थे। हम कोई डॉक्यूमेंट्री नहीं बना रहे थे, बल्कि एक कहानी के जरिए छठ की आस्था और इमोशन को लोगों तक पहुंचा रहे थे। उस इमोशन को फील कराने के लिए थोड़ी सिनेमैटिक लिबर्टी लेनी पड़ती है, ताकि दर्शक उस श्रद्धा को गहराई से महसूस कर सकें। ‘वन – फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन फिल्म ‘वन – फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ ने अपनी रिलीज के छठे दिन 7,070 शो के जरिए ₹4.25 करोड़ का नेट कलेक्शन दर्ज किया है। इस कमाई के साथ भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन ₹49.10 करोड़ और कुल ग्रॉस कलेक्शन ₹58.42 करोड़ तक पहुंच गया है। ओवरसीज मार्केट की बात करें तो फिल्म ने छठे दिन ₹0.50 करोड़ की कमाई की, जिससे इसका कुल ओवरसीज ग्रॉस कलेक्शन ₹5.00 करोड़ हो गया है। इन आंकड़ों को मिलाकर फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब ₹63.42 करोड़ हो चुका है। फिल्म 25 सितंबर को रिलीज हुई थी।



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  • बाली में नुसरत भरूचा का एक्सीडेंट:दावा- चोट लगने के बाद अस्पताल में भर्ती, काम के सिलसिले में गई थीं एक्ट्रेस

    बाली में नुसरत भरूचा का एक्सीडेंट:दावा- चोट लगने के बाद अस्पताल में भर्ती, काम के सिलसिले में गई थीं एक्ट्रेस




    एक्ट्रेस नुसरत भरूचा का बाली में एक्सीडेंट हो गया। हादसे में उन्हें चोट लगी है। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। ऐसा दावा एनडीटीवी ने अपनी रिपोर्ट में किया है। हालांकि, उनकी चोट कितनी गंभीर है, इसकी जानकारी सामने नहीं आई। एनडीटीवी की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि नुसरत बाली में एक काम के सिलसिले में गई थीं। इसी दौरान वह हादसे का शिकार हो गईं। सूत्रों के मुताबिक, इलाज के चलते नुसरत को बाली में अपना स्टे बढ़ाना पड़ा है। बता दें कि हादसे से करीब एक हफ्ते पहले नुसरत ने सोशल मीडिया पर छुट्टियों की कुछ तस्वीरें शेयर की थीं। टाइगर श्रॉफ की फिल्म में एंट्री नुसरत के टाइगर श्रॉफ की अगली फिल्म की कास्ट में शामिल होने की भी खबर है। यह टाइगर और नुसरत की पहली ऑन-स्क्रीन जोड़ी होगी। एक सूत्र ने पिंकविला को बताया, “टीम को ऐसी एक्ट्रेस चाहिए थी, जो कहानी में मजबूती और भावनात्मक गहराई ला सके। नुसरत हमेशा सबसे मजबूत विकल्पों में थीं।” फिल्म में पश्मीना रोशन, अभिषेक बनर्जी और एल्विश यादव भी अहम भूमिकाओं में हैं। शूटिंग के दौरान घायल हुई थीं नुसरत साल 2023 में नुसरत भरूचा के शूटिंग के दौरान घायल होने की दो घटनाएं सामने आई थीं। अप्रैल 2023 में फिल्म ‘अकेली’ की शूटिंग के दौरान भी नुसरत हादसे का शिकार हुई थीं। एक सीन में उन्हें भागते हुए दिखाया जाना था। इसी दौरान वह संगमरमर के फर्श पर सिर के बल गिर गई थीं। हादसे के बाद वह करीब आधे घंटे तक दर्द से रोती रहीं। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें कुछ दिन आराम करने की सलाह दी थी। वहीं, जनवरी 2023 में फिल्म ‘छोरी 2’ की शूटिंग के दौरान एक एक्शन सीन करते समय उनके चेहरे पर चोट लग गई थी। चोट इतनी थी कि उन्हें चेहरे और भौंह के पास टांके लगवाने पड़े थे। इसके बाद उनका एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें वह टांके लगवाती नजर आई थीं। अगस्त 2021 में शूटिंग के दौरान तबीयत बिगड़ी थी इससे पहले अगस्त 2021 में नुसरत की शूटिंग के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। वह लव रंजन की फिल्म की शूटिंग कर रही थीं। करीब 23-24 दिनों से लगातार काम करने के कारण वह काफी थक गई थीं। घटना वाले दिन उन्हें तेज चक्कर आए और वह ठीक से खड़ी या बात नहीं कर पा रही थीं। इसके बाद उन्हें मुंबई के हिंदुजा अस्पताल ले जाया गया। वहां उनका ब्लड प्रेशर 65/55 तक गिर गया था। डॉक्टरों ने जांच के बाद इसे गंभीर वर्टिगो अटैक बताया था। इसकी वजह ज्यादा तनाव और थकान बताई गई थी। इलाज के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। डॉक्टरों ने 15 दिन आराम की सलाह दी थी। उनकी वजह से फिल्म की शूटिंग भी रोक दी गई थी। मौलाना रजवी ने मंदिर जाने पर आपत्ति जताई थी नुसरत भरूचा पिछले साल उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर पहुंची थीं। उन्होंने महाकाल के दर्शन किए और भस्म आरती में भी शामिल हुईं। नुसरत ने मंदिर से अपनी तस्वीर भी शेयर की थी और लिखा था, ‘जय श्री महाकाल।’ इसके बाद ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने उनके मंदिर जाने और हिंदू रीति-रिवाजों का पालन करने पर कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने इसे शरिया कानून के खिलाफ बताते हुए ‘गुनाह-ए-अजीम’ (बड़ा पाप) कहा था और नुसरत को तौबा (माफी) करने व कलमा पढ़ने की सलाह दी थी। नुसरत मुस्लिम बोहरा परिवार से ताल्लुक रखती हैं। हालांकि, उन्होंने बताया था कि उनका परिवार बचपन से ही सभी धर्मों का सम्मान करता रहा है। नुसरत के मुताबिक, वह मंदिरों के अलावा गुरुद्वारे और चर्च भी जाती रही हैं। उन्होंने वैष्णो देवी और केदारनाथ के दर्शन भी किए हैं। साथ ही वह नमाज भी पढ़ती हैं।



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  • जयपुर एयरपोर्ट पर साथ दिखे एक्ट्रेस पलक तिवारी-एक्टर इब्राहिम:एक गाड़ी में रणथंभौर के लिए हुए रवाना; फैन से मिलिंद सोमन बोले- 20 पुशअप करो

    जयपुर एयरपोर्ट पर साथ दिखे एक्ट्रेस पलक तिवारी-एक्टर इब्राहिम:एक गाड़ी में रणथंभौर के लिए हुए रवाना; फैन से मिलिंद सोमन बोले- 20 पुशअप करो




    बॉलीवुड एक्ट्रेस पलक तिवारी और एक्टर इब्राहिम अली खान पटौदी गुरुवार को जयपुर एयरपोर्ट पर नजर आए। दोनों को एयरपोर्ट पर एक साथ देखा गया। यहां से वे सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर के लिए रवाना हुए। जानकारी के मुताबिक- दोनों रणथंभौर में टाइगर सफारी देखने पहुंचे हैं। दोनों का दो दिन यहां रुकने का कार्यक्रम है। जयपुर एयरपोर्ट पर इब्राहिम अपने खास मजाकिया अंदाज में भी नजर आए। उनके हाथ में कॉफी का गिलास था। एयरपोर्ट पर मौजूद लोगों और पैपराजी से बातचीत के दौरान उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा- आज मेरी कॉफी नहीं गिरेगी। उनका यह कमेंट हाल ही वायरल हुए उस वीडियो से जुड़ा था, जिसमें इब्राहिम के हाथ से कॉफी गिर गई थी। इसी बीच जयपुर एयरपोर्ट पर अभिनेता, मॉडल और फिटनेस आइकन मिलिंद सोमन भी नजर आए। एयरपोर्ट पर एक फैन ने उनके साथ फोटो खिंचवाने की इच्छा जताई तो मिलिंद ने मजाकिया अंदाज में कहा- फोटो से पहले 20 पुशअप लगाने पड़ेंगे। उनके इस अंदाज को देखकर वहां मौजूद लोग भी चौंक गए। सेल्फी लेते हुए गिर गई थी कॉफी दरअसल, 30 सितंबर को सामने आए एक वीडियो में इब्राहिम एक फैन के साथ सेल्फी लेते समय गलती से अपनी कॉफी कपड़ों पर गिरा बैठे थे। वीडियो में वे अचानक नीचे देखते हुए कॉफी के दाग को चेक करते नजर आए। उनके इस रिएक्शन पर लोगों ने कई तरह के कमेंट किए थे। रणथंभौर में टाइगर सफारी का प्लान पलक तिवारी और इब्राहिम अली खान की रणथंभौर में यात्रा ऐसे समय हुई, जब मानसून के तीन महीने के बाद 1 अक्टूबर से नेशनल पार्क पर्यटकों के लिए फिर खुला है। पहले दिन देशी-विदेशी पर्यटकों का पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया गया। पलक और इब्राहिम के एक साथ नजर आने की खबर भी उनके फैंस के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। दोनों इससे पहले भी कई मौकों पर साथ नजर आ चुके हैं। सैफ अली के बेटे इब्राहिम, टीवी एक्ट्रेस श्वेता की बेटी पलक इब्राहिम अली खान बॉलीवुड के चर्चित फिल्मी परिवार से आते हैं। वे अभिनेता सैफ अली खान और अभिनेत्री अमृता सिंह के बेटे हैं। उनकी बहन सारा अली खान भी बॉलीवुड अभिनेत्री हैं। वहीं दादी शर्मिला टैगोर हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्रियों में शामिल रही हैं। इब्राहिम ने बतौर अभिनेता 2025 में फिल्म ‘नादानियां’ से शुरुआत की। इसमें वे खुशी कपूर के साथ नजर आए थे। इसके बाद वे ‘सरजमीन’ में काजोल और पृथ्वीराज सुकुमारन के साथ दिखाई दिए। वहीं पलक तिवारी भी टीवी और बॉलीवुड के चर्चित परिवार से आती हैं। वे अभिनेत्री श्वेता तिवारी और अभिनेता राजा चौधरी की बेटी हैं। श्वेता तिवारी ने पलक की परवरिश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पलक ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत फिल्म ‘अंतिम: द फाइनल ट्रूथ’ से की थी। इसके बाद वे सलमान खान की फिल्म ‘किसी का भाई किसी की जान’ में नजर आईं। इसके अलावा वे ‘द भूतनी’, ‘रोमियो एस3’ और ‘रोजी: द सैफ्रॉन चैप्टर’ जैसे प्रोजेक्ट्स का हिस्सा रही हैं। इस साल वे सीरीज ‘लुक्खे’ में भी नजर आईं। मॉडलिंग, एक्टिंग और फिटनेस का कॉम्बो मिलिंद सोमन लंबे समय से मॉडलिंग, अभिनय और फिटनेस के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे राष्ट्रीय स्तर के तैराक रह चुके हैं। मॉडलिंग के बाद साल 1995 में अलीशा चिनॉय के लोकप्रिय म्यूजिक वीडियो ‘मेड इन इंडिया’ से उन्हें देशभर में खास पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने टेलीविजन पर ‘कैप्टन व्योम’ सहित कई प्रोजेक्ट्स किए और फिल्मों में भी काम किया। ‘16 दिसंबर’, ‘अग्निवर्षा’, ‘भेजा फ्राय’, ‘पैय्या’, ‘बाजीराव मस्तानी’ और ‘शेफ’ जैसी फिल्मों में उनके काम को देखा गया।



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  • प्रत्युषा बनर्जी सुसाइड केस:कोर्ट ने 10 साल बाद एक्स बॉयफ्रेंड राहुल राज सिंह को किया डिस्चार्ज, सुसाइड के लिए उकसाने का ट्रायल खत्म

    प्रत्युषा बनर्जी सुसाइड केस:कोर्ट ने 10 साल बाद एक्स बॉयफ्रेंड राहुल राज सिंह को किया डिस्चार्ज, सुसाइड के लिए उकसाने का ट्रायल खत्म




    बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को टीवी एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी के सुसाइड केस में अभिनेता राहुल राज सिंह को डिस्चार्ज यानी आरोपमुक्त कर दिया। प्रत्युषा बनर्जी को टीवी शो ‘बालिका वधू’ में आनंदी के किरदार से पहचान मिली थी। 1 अप्रैल 2016 को उन्हें मुंबई के गोरेगांव स्थित किराए के फ्लैट में मृत पाया गया था। कोर्ट ने 1 अप्रैल 2016 को प्रत्युषा की मौत से कुछ समय पहले हुई आखिरी फोन बातचीत को अहम माना। जस्टिस एसजी डिगे की बेंच ने कहा कि बातचीत के ट्रांसक्रिप्ट में एक्ट्रेस के एक्स बॉयफ्रेंड राहुल उन्हें ऐसा कदम उठाने से रोकते दिख रहे हैं। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल ने बातचीत में कहा था कि उन्होंने अपनी कार वापस मोड़ ली है और प्रत्युषा से मिलने जा रहे हैं। बातचीत से यह भी पता चला कि प्रत्युषा परेशान थीं और अपने माता-पिता समेत कई लोगों को अपनी हालत के बारे में बता रही थीं। माता-पिता ने लगाए थे गंभीर आरोप प्रत्युषा के माता-पिता ने राहुल पर सुसाइड के लिए उकसाने, मारपीट और मानसिक-शारीरिक प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। राहुल उस समय प्रत्युषा के बॉयफ्रेंड थे और दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहते थे। राहुल पर प्रत्युषा को सुसाइड के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया था। बॉम्बे हाईकोर्ट ने जुलाई 2016 में उन्हें अग्रिम जमानत दे दी थी। चार्जशीट के बाद से चल रही थी कानूनी लड़ाई पुलिस ने 2018 में चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद राहुल ने केस से डिस्चार्ज करने के लिए सेशंस कोर्ट में याचिका दायर की। सेशंस कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद राहुल ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया। राहुल के वकीलों ने क्या दलील दी राहुल की ओर से सीनियर एडवोकेट आबाद पोंडा और एडवोकेट श्रेयांश मिठारे ने दलीलें दीं। उन्होंने कहा कि आखिरी बातचीत से साफ है कि राहुल ने प्रत्युषा को कोई बड़ा कदम उठाने से रोकने की कोशिश की थी। वकीलों ने कहा कि राहुल उस समय प्रत्युषा के फ्लैट की ओर जा रहे थे। इसलिए उनके खिलाफ सुसाइड के लिए उकसाने का केस नहीं बनता। राहुल के वकीलों के मुताबिक, आखिरी बातचीत में प्रत्युषा अपनी स्थिति के लिए कई लोगों को जिम्मेदार बता रही थीं। इनमें उनके माता-पिता भी शामिल थे। वकीलों ने यह भी सवाल उठाया कि सुसाइड नोट नहीं मिलने के बावजूद राहुल के खिलाफ जल्दबाजी में FIR दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि ट्रायल जारी रखना ‘कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग’ होगा। बॉम्बे हाईकोर्ट ने राहुल की याचिका मंजूर कर ली और उन्हें केस से डिस्चार्ज कर दिया। इसका मतलब है कि प्रत्युषा की मौत से जुड़े इस मामले में राहुल के खिलाफ ट्रायल नहीं चलेगा। राहुल ने प्रत्युषा से आखिरी बातचीत के बारे में बताया था सिद्धार्थ कन्नन के साथ बातचीत में राहुल ने प्रत्युषा के साथ हुई अपनी आखिरी बातचीत के बारे में बताया था। राहुल के मुताबिक, घटना वाले दिन दोपहर करीब 3 से 4 बजे वह लोखंडवाला बैक रोड पर थे। उन्हें मीत ब्रदर्स से मिलने जाना था। इसी दौरान प्रत्युषा का फोन आया। राहुल ने बताया कि फोन पर प्रत्युषा ने सबसे पहले उनसे कहा, “बेबी, आई लव यू।” राहुल ने भी जवाब में कहा, “आई लव यू टू।” राहुल ने बताया था कि उन्होंने प्रत्युषा से पूछा कि क्या हुआ है। इस पर प्रत्युषा ने कहा कि वह उनकी परेशानी नहीं समझ सकते, क्योंकि वह वहां काम करने के दौरान कथित तौर पर परेशान हो रही थीं। राहुल के मुताबिक, बातचीत के दौरान प्रत्युषा ने अपने पिता को लेकर भी बात की। उन्होंने बताया कि प्रत्युषा अपने पिता को लेकर काफी परेशान थीं। राहुल ने उन्हें समझाने की कोशिश की और कहा कि वह ऐसी बातें न करें। राहुल ने बताया था कि इसके बाद उन्होंने प्रत्युषा से कहा कि वह तुरंत वापस आ रहे हैं। उन्होंने फोन पर उन्हें शांत रहने के लिए कहा और प्यार से बात की। राहुल के मुताबिक, प्रत्युषा ने उनसे कहा कि वह फोन रख दें। इसके बाद राहुल ने अपनी कार घुमाई और उनके पास जाने के लिए वापस निकल पड़े। प्रत्युषा बनर्जी का करियर प्रत्युषा बनर्जी ने साल 2010 में टीवी शो ‘रक्त संबंध’ से करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वह ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में वाणी के किरदार में नजर आईं। प्रत्युषा को बड़ी पहचान ‘बालिका वधू’ से मिली। साल 2010 में उन्होंने शो में आनंदी का किरदार निभाया। इस भूमिका ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। इसके बाद उन्हें लोग आनंदी के नाम से भी जानने लगे। ‘बालिका वधू’ की सफलता के बाद प्रत्युषा ने डांस रियलिटी शो ‘झलक दिखला जा’ के पांचवें सीजन में हिस्सा लिया। हालांकि, डांस की रिहर्सल में सहज महसूस नहीं करने के कारण उन्होंने शो छोड़ दिया। साल 2013 में वह ‘बिग बॉस 7’ में कंटेस्टेंट के तौर पर नजर आईं। इसके बाद उन्होंने ‘हम हैं ना’, ‘ससुराल सिमर का’ और ‘गुलमोहर ग्रैंड’ जैसे टीवी शोज में काम किया। उन्होंने अपने पार्टनर राहुल राज सिंह के साथ रियलिटी शो ‘पावर कपल’ में भी हिस्सा लिया था।



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  • फिल्म ‘हनुमान अंश’ के 2 पार्ट और आएंगे:प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने बताया- क्या दिसंबर से शुरू होगी दूसरे पार्ट की शूटिंग

    फिल्म ‘हनुमान अंश’ के 2 पार्ट और आएंगे:प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने बताया- क्या दिसंबर से शुरू होगी दूसरे पार्ट की शूटिंग




    महज डेढ़ करोड़ रुपये से कुछ ज्यादा के बजट में बनी ‘हनुमान अंश’ ने जिस तरह दर्शकों के बीच अपनी जगह बनाई, उसने फिल्म की अगली कड़ी की संभावनाओं को लेकर भी उत्सुकता बढ़ा दी है। दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में फिल्म की निर्माता अनुप्रिया नागर ने बताया कि इसे आगे ले जाने का विचार सफलता मिलने के बाद पैदा नहीं हुआ, बल्कि फिल्म शुरू करने से पहले ही इसे एक फ्रेंचाइजी के रूप में विकसित करने की योजना थी। यहां तक कि शुरुआती स्तर पर तीन फिल्मों के बारे में सोचा गया था। हालांकि, दूसरे पार्ट की स्क्रिप्टिंग अभी शुरू नहीं हुई है और निर्देशक के दूसरी फिल्म साइन करने के कारण इसमें कुछ समय लग सकता है। इसके बावजूद अनुप्रिया नागर का कहना है कि कहानी और महाराज जी के जीवन से जुड़ी इतनी सामग्री है कि एक फिल्म में सब कुछ समेटना संभव नहीं। सवाल: ‘हनुमान अंश’ की सफलता के बाद इसे फ्रेंचाइजी के रूप में आगे ले जाने की तैयारी कितनी आगे बढ़ चुकी है? जवाब: इसका विचार सफलता के बाद नहीं आया है। फिल्म बनाने से पहले ही हमारे मन में इसे फ्रेंचाइजी के तौर पर विकसित करने की बात थी। महाराज जी की इतनी सारी कहानियां हैं, उनके जीवन से जुड़ी इतनी अद्भुत लीलाएं हैं कि एक फिल्म में सब कुछ बताना संभव नहीं है। इसलिए शुरुआत में ही हमने तीन फिल्मों के बारे में सोचा था। लेकिन अभी मैं यह नहीं कह सकती कि दूसरी फिल्म कब आएगी। फिलहाल हमारा पूरा ध्यान पहली फिल्म को उसका पूरा न्याय देने पर है। हम अभी भी उसके साथ जुड़े काम कर रहे हैं। दूसरी फिल्म का विचार पूरी तरह मौजूद है, लेकिन उसकी राइटिंग अभी शुरू नहीं हुई है। सवाल: क्या दूसरे पार्ट के लिए कोई संभावित टाइमलाइन तय है? जवाब: अभी कोई निश्चित टाइमलाइन बताना जल्दबाजी होगी। हमारे डायरेक्टर ने एक दूसरी फिल्म साइन कर ली है, इसलिए स्वाभाविक तौर पर थोड़ा समय लगेगा। हमारी टीम ने अभी दूसरी फिल्म को लेकर पूरी तरह बैठकर चर्चा भी नहीं की है। जब तक वह बातचीत नहीं होती, तब तक तारीख बताना सही नहीं होगा। सच कहूं तो मैं भी इंतजार कर रही हूं कि कब महाराज जी बताएंगे कि यह फिल्म कब आएगी। सवाल: पहली फिल्म की सफलता के बाद क्या दूसरे पार्ट का बजट कई गुना बढ़ाने की योजना है? जवाब: मेरी सोच इस मामले में बहुत स्पष्ट है। मुझे लगता है कि पहली फिल्म जिस बजट में बनी, उसे उसी बजट में बनना चाहिए था। अगर हमने उसमें 10 या 20 करोड़ रुपये लगा दिए होते तो जरूरी नहीं कि फिल्म बेहतर बनती। उल्टा उसमें ऐसा VFX या AI आ सकता था जिसकी कहानी को जरूरत ही नहीं थी और उससे फिल्म की ऑथेंटिसिटी प्रभावित होती। हम जिस दौर की कहानी कह रहे हैं, उसमें सिर्फ किरदार ही महत्वपूर्ण नहीं हैं। लैंडस्केप, विजुअल टेक्सचर, वातावरण और उस समय की दुनिया भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। इसलिए हमारे लिए सबसे जरूरी चीज ऑथेंटिसिटी है। अगर समाज ने हमें इतना प्यार और सपोर्ट दिया है तो हम फिजूलखर्ची नहीं कर सकते। हां, अगर अगली कहानी की जरूरत बजट बढ़ाने की होगी तो हम जरूर बढ़ाएंगे। सवाल: यानी स्केल बढ़ सकता है, लेकिन सिर्फ कहानी की जरूरत के हिसाब से? जवाब: बिल्कुल। मान लीजिए कहानी में कोई बड़ा युद्ध दिखाना है या ब्रिटिश राज और कॉलोनाइजेशन का कोई महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे सीक्वेंस स्वाभाविक रूप से ज्यादा संसाधन मांगेंगे। वहां बजट बढ़ना जरूरी है। लेकिन सिर्फ इसलिए पैसा खर्च करना कि फिल्म ज्यादा ग्लॉसी दिखाई दे या बड़ी लगे, यह हमारी सोच नहीं है। हम कहानी को बड़ा बनाने के लिए खर्च करेंगे, फिल्म को सिर्फ महंगा दिखाने के लिए नहीं। सवाल: सफलता के बाद क्या किसी बड़े स्टूडियो के साथ साझेदारी की संभावना भी बनी है? जवाब: संभावनाएं हमेशा रहती हैं, लेकिन फैसला हमारा होगा। अभी हमारे साथ अलग-अलग स्तर पर पार्टनर्स जुड़े हुए हैं। सिनेपोलिस ने ऑल इंडिया डिस्ट्रीब्यूशन किया है और हुमाले ने ग्लोबल डिस्ट्रीब्यूशन संभाला है। लेकिन हमारा प्रोडक्शन हाउस हमारा ही है। अगर कोई स्टूडियो हमारे साथ आता है तो हम यह देखेंगे कि वह फिल्म के लिए सही है या नहीं। आखिरकार कितना बजट रखना है, कितना खर्च करना है और फिल्म को किस तरह आगे ले जाना है, इन चीजों पर हमारा नियंत्रण रहना जरूरी है। सवाल: अगर कोई बड़ा स्टूडियो जुड़ता है तो क्या फिल्म का स्केल भी अपने आप बड़ा हो जाएगा? जवाब: ऐसा जरूरी नहीं है। सिर्फ किसी बड़े स्टूडियो के जुड़ने से हमारा स्केल बदल जाए, यह हमारी सोच नहीं है। हमारा उद्देश्य सिर्फ पैसे कमाना या फिल्म को एक कमर्शियल और फाइनेंशियल प्रोजेक्ट की तरह देखना नहीं है। हमारे लिए पहली प्राथमिकता फिल्म की आत्मा और ऑथेंटिसिटी है। पहली फिल्म में आपको वह साफ दिखाई देती है। अगर कोई स्टूडियो हमारे साथ आकर उसी चीज को बनाए रखने में विश्वास करता है तो हम जरूर साथ काम करेंगे। लेकिन अगर उसके आने का मतलब फिल्म की मूल भावना से समझौता करना है तो हम अपने दम पर भी फिल्म बना सकते हैं। सवाल: फिल्म का वास्तविक बजट कितना था? अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। जवाब: फिल्म करीब डेढ़ करोड़ रुपये से थोड़ी ज्यादा में बनी है, लेकिन दो करोड़ रुपये में नहीं बनी। हमारा बजट दो करोड़ से कम ही रहा है। हम तीन प्रोड्यूसर्स हैं और हमने इसमें एक-तिहाई के हिसाब से योगदान दिया है। सवाल: निर्देशक ने पारंपरिक फीस लेने के बजाय प्रॉफिट-शेयरिंग मॉडल चुना। यह फैसला कैसे हुआ? जवाब: हमारे डायरेक्टर ने पारंपरिक तरीके से फीस लेने के बजाय प्रॉफिट शेयरिंग में हिस्सा लिया है। मुझे लगता है कि यह एक अलग और अच्छा मॉडल है। यह उनकी पहली फीचर फिल्म थी और उन्होंने बहुत अच्छी फिल्म बनाई। मेरी सोच यह है कि अगर फिल्म प्रॉफिट कमाती है तो उसमें निर्देशक की हिस्सेदारी होनी चाहिए। एक निर्माता के तौर पर हमें लगा कि यह उनके योगदान को सम्मान देने का सही तरीका है। सवाल: यानी शुरुआत से ही निर्देशक को सिर्फ फीस लेने वाले प्रोफेशनल के बजाय प्रोजेक्ट के पार्टनर की तरह देखा गया? जवाब: हां। अगर कोई व्यक्ति अपनी पहली फीचर फिल्म में इतना अच्छा काम कर रहा है और प्रोजेक्ट में उसका योगदान इतना महत्वपूर्ण है तो सफलता में उसका हिस्सा होना चाहिए। हमारे लिए यह उचित मॉडल था। सवाल: जब आपने ‘हनुमान अंश’ शुरू की थी, तब क्या आपने सोचा था कि यह इतना बड़ा कमर्शियल प्रोजेक्ट बन सकता है? जवाब: बिल्कुल नहीं। मेरे लिए यह कमर्शियल प्रोजेक्ट से ज्यादा एक इमोशनल प्रोजेक्ट था। मैं इसे फाइनेंशियल प्रोजेक्ट की तरह लेकर नहीं आई थी। मेरी ज्यूरिख में नौकरी लग गई थी और वहां मुझे सैलरी मिलने वाली थी। लेकिन मैंने वह रास्ता छोड़कर वापस आने और इस फिल्म के लिए काम करने का फैसला किया। अपनी सेविंग्स भी इसमें लगाईं। इसलिए शुरुआत में मेरा सवाल यह नहीं था कि फिल्म कितनी कमाई करेगी। मेरी सबसे बड़ी इच्छा थी कि लोग महाराज जी के बारे में जानें और खासकर बच्चे उनके बारे में जानें। सवाल: तो निवेश करते समय रिटर्न आपकी पहली प्राथमिकता नहीं था? जवाब: नहीं। जाहिर है, फिल्म महंगा माध्यम है और हर निर्माता चाहता है कि उसका निवेश वापस आए। लेकिन इस फिल्म के मामले में मेरी शुरुआती प्राथमिकता अलग थी। मैं चाहती थी कि यह कहानी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे। मुझे कोई ऐसी एक्सपेक्टेशन नहीं थी कि फिल्म इतनी बड़ी हिट होगी या इतने रिकॉर्ड बनाएगी। अगर आप शुरुआत में सिर्फ नंबर सोचकर फिल्म बनाते हैं तो शायद आपकी प्राथमिकताएं अलग हो जाती हैं। सवाल: अब जब फिल्म को दर्शकों का प्यार मिल चुका है, क्या अगले पार्ट में बड़े स्टार्स को लेने का दबाव महसूस होता है? जवाब: जरूरी नहीं। कोई सुपरस्टार अपने साथ अनुभव और क्राफ्ट जरूर लेकर आता है, लेकिन सिर्फ स्टार पावर से ‘हनुमान अंश’ नहीं चल सकती। इस फिल्म की खूबसूरती इसकी सादगी में है। हमारे कई कलाकार पहली बार फीचर फिल्म कर रहे थे। यहां तक कि हमारे कलाकारों में से एक असिस्टेंट डायरेक्टर भी हैं। इसलिए मैं उन सभी के काम और मेहनत की बहुत इज्जत करती हूं। मेरी इच्छा है कि इन कलाकारों को आगे भी काम मिले। उन्होंने अपनी क्षमता दिखाई है और उनके लिए भी यह फिल्म एक महत्वपूर्ण शुरुआत रही है। सवाल: क्या इसका मतलब है कि अगले पार्ट में मौजूदा कास्ट को बरकरार रखने की कोशिश होगी? जवाब: यह पूरी तरह कहानी पर निर्भर करेगा। कास्ट रिटेन होगी या बदलेगी, यह हमारे डायरेक्टर के विजन और कहानी की जरूरत तय करेगी। सिर्फ इसलिए किसी कलाकार को नहीं बदला जाएगा कि अब फिल्म सफल हो गई है और हमें बड़े नाम चाहिए। अगर किसी कहानी में किसी नए कलाकार की जरूरत होगी तो उसे लिया जाएगा और अगर मौजूदा कलाकार उस किरदार के लिए सही होंगे तो वे भी रहेंगे। हमारे लिए कास्टिंग का आधार कहानी है, स्टार पावर नहीं। सवाल: तीन फिल्मों की योजना के पीछे क्या सबसे बड़ा कारण यही है कि महाराज जी की कहानी का संसार बहुत विस्तृत है? जवाब: हां, यही सबसे बड़ी वजहों में से एक है। उनके जीवन और लीलाओं से जुड़ी सामग्री इतनी विस्तृत है कि उसे एक फिल्म में समेटना संभव नहीं है। इसलिए जब हमने शुरुआत की थी तभी यह महसूस हुआ था कि अगर इस कहानी को सही तरीके से कहना है तो इसे कई हिस्सों में आगे ले जाना होगा। लेकिन हर पार्ट सिर्फ पिछली फिल्म की सफलता का विस्तार नहीं होगा। कहानी की अपनी जरूरत होगी, उसका अपना संसार होगा और उसी के हिसाब से फिल्म का स्केल, बजट और कास्ट तय होगी। हमारी कोशिश यही रहेगी कि जैसे पहली फिल्म में हमने बिना फिजूलखर्ची के कहानी की आत्मा को बचाया, वैसे ही आगे भी बड़ा करने और बेहतर करने के बीच का फर्क समझते हुए काम करें।



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  • इनकम टैक्स जांच के बीच वाशु भगनानी की बिगड़ी तबीयत:रकुल प्रीत सिंह के ससुर लंदन में भर्ती; संपर्क करने पर अकेला छोड़ने को कहा

    इनकम टैक्स जांच के बीच वाशु भगनानी की बिगड़ी तबीयत:रकुल प्रीत सिंह के ससुर लंदन में भर्ती; संपर्क करने पर अकेला छोड़ने को कहा




    फिल्म निर्माता वाशु भगनानी लंदन के एक अस्पताल में भर्ती हैं। यह जानकारी न्यूज एजेंसी ANI ने मंगलवार को दी। वाशु ब्रिटेन में रहते हैं। उनकी तबीयत खराब होने की वजह अभी सामने नहीं आई है। ANI के मुताबिक, संपर्क करने पर उन्होंने अकेला छोड़ने को कहा। वाशु के अस्पताल में भर्ती होने की खबर आयकर विभाग की कथित तलाशी के कुछ दिन बाद आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, विभाग ने वाशु और उनकी बहू और एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह से जुड़े 12 ठिकानों पर तलाशी ली थी। 12 ठिकानों पर तलाशी की रिपोर्ट सोमवार को टीवी9 ने बताया था कि आयकर विभाग ने संदिग्ध फंड गड़बड़ी को लेकर 12 ठिकानों पर तलाशी शुरू की है। रिपोर्ट के मुताबिक, जांच इस बात की भी हो रही है कि फिल्म प्रोजेक्ट्स की फंडिंग के नाम पर कथित तौर पर पैसा विदेश भेजा गया या नहीं। कई टीमों के दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और कथित विदेशी लेन-देन की जांच करने की बात कही गई थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि आयकर विभाग ने कुमार मंगत की अगुआई वाले पैनोरमा स्टूडियोज से जुड़े ठिकानों पर भी तलाशी ली। वहीं, वाशु और रकुल ने आयकर विभाग की तलाशी की खबरों पर अब तक कोई रिएक्शन नहीं दिया। वाशु भगनानी और पूजा एंटरटेनमेंट वाशु भगनानी हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का जाना-पहचाना नाम हैं। उन्होंने 1986 में पूजा एंटरटेनमेंट की शुरुआत की थी। वहीं, 1995 में गोविंदा की फिल्म ‘कुली नंबर 1’ से उन्होंने बतौर निर्माता करियर शुरू किया था। इसके बाद उन्होंने ‘हीरो नंबर 1’, ‘बीवी नंबर 1’, ‘प्यार किया तो डरना क्या’ और ‘रहना है तेरे दिल में’ जैसी कई फिल्में बनाईं। हाल के वर्षों में पूजा एंटरटेनमेंट की बॉक्स ऑफिस पर कमाई घटती गई। ‘बड़े मियां छोटे मियां’ और ‘बेल बॉटम’ जैसी बड़े बजट की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर असफल रहीं। वाशु के बेटे जैकी भगनानी ने 2009 में फिल्म ‘कल किसने देखा’ से एक्टर के तौर पर करियर शुरू किया था। 2011 में उन्हें फिल्म ‘फालतू’ (F.A.L.T.U) से पहचान मिली। कई फिल्में सफल नहीं होने के बाद जैकी भी फिल्म निर्माण में आ गए। 2016 में उन्होंने पूजा एंटरटेनमेंट में अपने पिता वाशु के साथ काम शुरू किया। वाशु और रमेश तौरानी का विवाद सामने आया था इससे पहले मई महीने में वाशु भगनानी, रमेश तौरानी और निर्देशक डेविड धवन के बीच 1999 की फिल्म ‘बीवी नंबर 1’ के गानों को लेकर विवाद सामने आया था। वाशु भगनानी ने आरोप लगाया था कि फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ में ‘चुनरी चुनरी’ और ‘इश्क सोना है’ का इस्तेमाल बिना उनकी अनुमति किया गया। उन्होंने ₹400 करोड़ का मुकदमा दायर किया था। वाशु का दावा था कि गानों के ऑडियो राइट्स टिप्स के पास थे, लेकिन वीडियो और दूसरे अधिकार उनकी कंपनी के पास थे। उन्होंने यह भी कहा था कि ‘कुली नंबर 1’ से उन्हें ₹27 करोड़ का नुकसान हुआ था। वाशु ने डेविड धवन पर ‘बीवी नंबर 1’ के सीक्वल का वादा पूरा नहीं करने का आरोप भी लगाया था। वहीं रमेश तौरानी ने पुराने मतभेद सुलझने की बात कही थी, जिसे वाशु ने खारिज किया था। 2025 में कर्मचारियों ने बकाया भुगतान का आरोप लगाया था वाशु की कंपनी पूजा एंटरटेनमेंट 2025 में भी खबरों में रही थी। कई कर्मचारियों ने महीनों तक बकाया भुगतान नहीं मिलने का आरोप लगाया था। उस समय ऐसी रिपोर्ट्स भी आई थीं कि वाशु ने आर्थिक स्थिति संभालने के लिए ऑफिस की जगह बेच दी थी। हालांकि, बाद में वाशु ने इन दावों से इनकार करते हुए कहा था कि उन्होंने बिल्डिंग को बेचा नहीं, बल्कि रीडेवलप किया था।



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  • उर्वशी रौतेला ने AI कंपनी से मांगा ₹7,000 करोड़ हर्जाना:बिना अनुमति वीडियो इस्तेमाल करने का आरोप; CEO बोले- खुद को शिक्षित करें

    उर्वशी रौतेला ने AI कंपनी से मांगा ₹7,000 करोड़ हर्जाना:बिना अनुमति वीडियो इस्तेमाल करने का आरोप; CEO बोले- खुद को शिक्षित करें




    उर्वशी रौतेला की टीम ने मंगलवार, 29 सितंबर को एक लॉस एंजिलिस स्थित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी पर कानूनी कार्रवाई की बात कही। टीम का आरोप है कि कंपनी ने उनकी अनुमति के बिना उनका नाम, तस्वीरें और वीडियो इस्तेमाल किए। टीम ने बताया कि इस मामले में ₹7,000 करोड़ के हर्जाने का दावा किया जा रहा है। बॉलीवुड.AI के फाउंडर और CEO शीराज हसन ने इस दावे को हास्यास्पद बताया। क्या है पूरा मामला? दरअसल, यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब लॉस एंजिलिस स्थित कंपनी बॉलीवुड.AI ने उर्वशी रौतेला का एक इंटरव्यू लिया। इंटरव्यू के दौरान उनसे पूछा गया था, “बॉलीवुड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आपके क्या विचार हैं?” उर्वशी ने इसका जवाब देते हुए कहा, “बॉलीवुड? मुझे लगता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कुछ ऐसा है जिससे बॉलीवुड जूझ रहा है और बॉलीवुड कुछ ऐसा है जिसे मैं प्यार करती हूं। इसलिए मैं बॉलीवुड से प्यार करती हूं।” इस इंटरव्यू के वायरल होने के बाद, मंगलवार को टीम उर्वशी रौतेला ने इंस्टाग्राम पर एक आधिकारिक बयान जारी कर लॉस एंजिलिस की इस AI कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए। बयान में कहा गया, “हम उचित कानूनी उपाय अपना रहे हैं। इसमें लॉस एंजिलिस स्थित कंपनी से फिलहाल ₹7,000 करोड़ के हर्जाने की मांग शामिल है।” टीम ने आगे कहा, “अपनी AI कंपनी बनाइए। अपना ब्रांड बनाइए। लेकिन अनुमति के बिना उर्वशी का नाम अपने कारोबार में शामिल न करें। टीम उर्वशी।” शीराज हसन ने दावे पर जवाब दिया एक इंस्टाग्राम पोस्ट में बॉलीवुड.AI और हॉलीवुड.AI के फाउंडर और CEO शीराज हसन ने इन दावों पर प्रतिक्रिया दी। पोस्ट के कैप्शन में इसे हास्यास्पद बताया गया। शीराज हसन ने कहा, “उर्वशी, हमने आपके मुंह में ये शब्द नहीं डाले थे। मेरा सुझाव है कि आप जवाब देने से पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बॉलीवुड के मनोरंजन कारोबार के भविष्य के बारे में खुद को शिक्षित करें।” उन्होंने आगे कहा, “बॉलीवुड.AI और हॉलीवुड.AI मनोरंजन का भविष्य हैं। AI फिल्में, वर्टिकल ड्रामा और ऐसे डिजिटल सितारे, जो कभी बूढ़े नहीं होते, कई भाषाएं बोलते हैं, 24 घंटे काम करते हैं और जिनका कोई अहंकार नहीं होता।” उन्होंने कहा, “आप अपने जवाब से लड़ सकती हैं, लेकिन आने वाले बदलाव से नहीं लड़ सकतीं। इसे अपनाइए। बॉलीवुड में मनोरंजन उद्योग का विकास हो रहा है।”



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