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  • सेंसर बोर्ड की नई गाइडलाइन:सलमान की फिल्म पर पड़ेगा असर; हिंसा, ड्रग्स और महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक कंटेंट पर सख्ती, जानिए क्या बदलाव हुए

    सेंसर बोर्ड की नई गाइडलाइन:सलमान की फिल्म पर पड़ेगा असर; हिंसा, ड्रग्स और महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक कंटेंट पर सख्ती, जानिए क्या बदलाव हुए




    भारतीय फिल्मों के सर्टिफिकेशन को लेकर सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने गुरुवार को फिल्म सर्टिफिकेशन के नियमों में बदलाव किया है। नई गाइडलाइन ने 1991 में बनाए गए पुराने नियमों की जगह ली है। हालांकि सेंसरशिप के पुराने प्रावधानों को पूरी तरह बदला नहीं गया है, लेकिन क्रिएटिव फ्रीडम, सामाजिक बदलाव, उम्र के हिसाब से रेटिंग और कंटेंट से जुड़े नियमों को नए तरीके से स्पष्ट किया गया है। नई गाइडलाइन में फिल्ममेकर्स को हिंसा, ड्रग्स, धूम्रपान, यौन हिंसा और महिलाओं के चित्रण को लेकर खास सावधानी बरतने को कहा गया है। साथ ही बच्चों और कमजोर वर्गों के चित्रण से जुड़े नियम भी स्पष्ट किए गए हैं। जानिए कैसी है नई गाइडलाइन, किन फिल्मों पर पड़ेगा असर? 1. क्रिएटिव फ्रीडम और सेंसरशिप में संतुलन नई गाइडलाइन के मुताबिक सेंसर बोर्ड को यह ध्यान रखना होगा कि फिल्मों में सामाजिक मूल्यों और जिम्मेदारी का पालन हो, लेकिन इसके नाम पर कलाकारों की रचनात्मक आजादी को अनावश्यक रूप से नहीं रोका जाए। यानी सेंसरशिप और क्रिएटिव फ्रीडम के बीच संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया गया है। 2. हिंसा और अपराध का महिमामंडन नहीं फिल्मों में हिंसा या अपराध को बढ़ावा देने या उसका महिमामंडन करने से बचना होगा। अपराध करने के तरीकों को इतनी विस्तार से दिखाने पर भी रोक होगी, जिससे लोगों को अपराध करने का तरीका मिल सके। बिना जरूरत की अत्यधिक हिंसा, क्रूरता और डरावने दृश्यों को भी कम करने के निर्देश दिए गए हैं। 3. बच्चों से जुड़े कंटेंट पर सख्ती बच्चों को हिंसा का शिकार, हिंसा करने वाला या जबरन हिंसा का गवाह बनाकर दिखाने वाले कंटेंट पर भी सख्ती की गई है। बच्चों के साथ दुर्व्यवहार को दिखाने से भी बचने को कहा गया है। 4. दिव्यांग लोगों और जानवरों के साथ क्रूरता पर रोक फिल्मों में जानवरों के साथ बिना जरूरत की क्रूरता दिखाने पर रोक रहेगी। इसके अलावा शारीरिक या मानसिक रूप से दिव्यांग लोगों का मजाक उड़ाने या उनके साथ दुर्व्यवहार दिखाने वाले कंटेंट को भी प्रतिबंधित किया गया है। 5. शराब, ड्रग्स और स्मोकिंग का महिमामंडन नहीं फिल्मों में शराब पीने, ड्रग्स लेने या धूम्रपान को ग्लैमराइज करने से बचना होगा। नशीले पदार्थों या साइकोट्रोपिक सब्सटेंस से जुड़े दृश्यों में निर्धारित एंटी-ड्रग चेतावनी दिखाना जरूरी होगा। 6. यौन हिंसा के ग्राफिक सीन नहीं महिलाओं को अपमानजनक या नीचा दिखाने वाले कंटेंट पर भी रोक रहेगी। अगर कहानी के लिए यौन हिंसा दिखाना जरूरी है, तो उसे ग्राफिक या बेहद विस्तृत तरीके से नहीं दिखाया जा सकेगा। गाइडलाइन में यौन कंटेंट को भी जरूरत के मुताबिक सीमित रखने की बात कही गई है। 7. अश्लीलता और डबल मीनिंग डायलॉग पर भी नजर फिल्मों में अश्लीलता, आपत्तिजनक भाषा और ऐसे डबल मीनिंग डायलॉग जो दर्शकों की ‘बेसर इंस्टिंक्ट्स’ को उकसाने वाले माने जाएं, उन पर मौजूदा प्रतिबंध जारी रहेंगे। 8. धर्म और समुदायों को लेकर सावधानी किसी धर्म, नस्ल या समुदाय के खिलाफ अपमानजनक शब्दों या दृश्यों को दिखाने पर रोक रहेगी। इसके अलावा सांप्रदायिकता, अंधविश्वास, गैर-वैज्ञानिक सोच या ‘राष्ट्र-विरोधी’ विचारों को बढ़ावा देने वाले कंटेंट पर भी प्रतिबंध रहेगा। 9. देश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था भारत की संप्रभुता और अखंडता, राज्य की सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले कंटेंट पर रोक रहेगी। दूसरे देशों के साथ भारत के मैत्रीपूर्ण संबंधों को प्रभावित करने वाली सामग्री को लेकर भी नियम लागू होंगे। 10. कोर्ट और मानहानि से जुड़े नियम फिल्मों में मानहानिकारक सामग्री और अदालत की अवमानना से जुड़े कंटेंट पर भी रोक रहेगी। गाइडलाइन में स्पष्ट किया गया है कि ऐसा कंटेंट जो अदालतों के प्रति अपमान, तिरस्कार या अनादर पैदा करता है या उनकी गरिमा को कमजोर करता है, वह अवमानना के दायरे में आ सकता है। उम्र के हिसाब से भी होगा सर्टिफिकेशन नई गाइडलाइन में U/A 7+, U/A 13+ और U/A 16+ कैटेगरी को शामिल किया गया है। हालांकि ये कैटेगरी भी पूरी तरह नई नहीं हैं; इन्हें पहले ही 2024 के सर्टिफिकेशन और 2025 में गाइडलाइन में शामिल किया जा चुका था। सलमान खान की फिल्म पर पड़ सकता है असर सलमान खान जल्द ही फिल्म मातृभूमि में नजर आने वाले हैं। ये फिल्म भारत-चीन की झड़प पर बनी है, जिसमें जाहिर तौर पर चीन के खिलाफ कुछ सीन दिखाए जाएंगे, लेकिन नई गाइडलाइन से फिल्म पर बुरा असर पड़ सकता है। क्योंकि अब फिल्मों में ऐसे देशों के खिलाफ सीन नहीं रखे जा सकते, जिनसे भारत के संबंध अच्छे हैं। फिल्म पहले ही विवादों में है। फिल्म 2020 में हुई गलवान झड़प पर है, पहले इसका टाइटल ही बैटल ऑफ गलवान रखा गया था, लेकिन आपत्ति होने पर इसे बदलकर मातृभूमि कर दिया गया है। फिल्म का ट्रेलर जारी होने के बाद इसकी काफी आलोचना हुई थी। इसे अब तक सेंसर बोर्ड का सर्टिफिकेट नहीं मिला है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने सेंसर बोर्ड यानी सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने 18 सदस्यों वाले नए बोर्ड का ऐलान किया है। इस नई टीम में सिनेमा और टीवी इंडस्ट्री के कई बड़े चेहरों को शामिल किया गया है। इनमें एक्ट्रेस प्रीति जिंटा, एक्टर सुनील शेट्टी, पंकज त्रिपाठी, टीवी एक्ट्रेस रुपाली गांगुली, पल्लवी जोशी और बंगाली सिनेमा के दिग्गज एक्टर प्रोसेनजीत चटर्जी का नाम प्रमुख है। नया बोर्ड सिनेमाग्राफ एक्ट के तहत 3 साल की अवधि या अगले आदेश तक काम करेगा। पुराने नियम क्या थे? 1991 की गाइडलाइन में भी कहा गया था कि- जानिए क्या है सेंसर बोर्ड? सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) को सेंसर बोर्ड के नाम से भी जाना जाता है। यह एक वैधानिक संस्था है जो सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत आती है। यह संस्था भारत में बनने वाली फिल्मों को रिलीज से पहले उनके कंटेंट के हिसाब से सर्टिफिकेट देती है। यह सर्टिफिकेट सिनेमैटोग्राफी एक्ट 1952 के तहत आता है। इंडियन सिनेमैटोग्राफी एक्ट साल 1920 में बना। यह तब मद्रास (चेन्नई), बॉम्बे (मुंबई), कलकत्ता (कोलकाता), लाहौर (पाकिस्तान) और रंगून (यांगून, बर्मा ) सेंसर बोर्ड पुलिस चीफ के अंडर आता था। पहले रीजनल सेंसर्स स्वतंत्र थे। आजादी के बाद रीजनल सेंसर्स को बॉम्बे बोर्ड ऑफ फिल्म सेंसर्स के अधीन कर दिया गया। उसके बाद 1952 में सिनेमैटोग्राफ एक्ट लागू होने के बाद बोर्ड का ‘सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सेंसर्स’ के नाम से पुनर्गठन हुआ। 1983 में फिल्म के प्रदर्शन से जुड़े एक्ट में कुछ बदलाव किए गए और इस संस्था का नाम ‘सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन’ यानी ‘सीबीएफसी’ रखा गया। क्या सीबीएफसी को फिल्म बैन करने का अधिकार है? सिनेमैटोग्राफी एक्ट 1952 और सिनेमैटोग्राफी के नियम में 1983 में आए बदलाव के मुताबिक सेंसर बोर्ड किसी भी फिल्म पर बैन नहीं लगा सकता है। वह सिर्फ फिल्म को सर्टिफिकेट देने से इनकार कर सकता है। ऐसी स्थिति में फिल्म थिएटर में रिलीज नहीं की जा सकती है। सीधे तौर पर यह बैन जैसी ही स्थिति होती है। केंद्र सरकार ने इस मसले पर 31 मार्च 2022 को राज्यसभा में कहा था कि सेंसर बोर्ड किसी फिल्म को बैन नहीं कर सकता, लेकिन सिनेमैटोग्राफी एक्ट के तहत दिशानिर्देशों के उल्लंघन पर सर्टिफिकेट देने से मना जरूर कर सकता है। सीबीएफसी कैसे काम करता है? सीबीएफसी यानी सेंसर बोर्ड के पास फिल्म के सर्टिफिकेशन के लिए अधिकतम 68 दिनों का समय होता है। पहले फिल्म के आवेदन की जांच की जाती है। इसमें एक हफ्ते का समय लगता है। इसके बाद फिल्म को जांच समिति के पास भेजा जाता है। उनके पास फिल्म की जांच के लिए 15 दिनों का समय होता है। जांच समिति फिल्म को सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष के पास भेजती है। सेंसर बोर्ड का अध्यक्ष फिल्म की जांच के लिए अधिकतम 10 दिनों का समय ले सकता है। इसके बाद 36 दिनों के भीतर सेंसर बोर्ड आवेदक को जरूरी कट्स के बारे में जानकारी और सर्टिफिकेट प्रदान करता है। सेंसर बोर्ड के नाम को लेकर कन्फ्यूजन क्यों है? दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान बॉलीवुड के जाने-माने प्रोड्यूसर और सेंसर बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी ने कहा कि लोग ‘सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन’ और सेंसर बोर्ड के नाम को लेकर कन्फ्यूजन में हैं। निहलानी ने कहा- मिनिस्ट्री से लेकर पब्लिक तक इस कन्फ्यूजन में हैं कि इसे क्या बोलना चाहिए। मेरे कार्यकाल में केंद्रीय सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने इंडस्ट्री में यह हवा फैला दी थी कि सेंट्रल सर्टिफिकेशन बॉडी है, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सीबीएफसी सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन है या सेंसर बोर्ड।



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  • '3 इडियट्स' के सीक्वल की शूटिंग अप्रैल से शुरू:'ललकारा' के बाद काम शुरू करेंगे आमिर खान; करीना, माधवन और शरमन की होगी वापसी

    '3 इडियट्स' के सीक्वल की शूटिंग अप्रैल से शुरू:'ललकारा' के बाद काम शुरू करेंगे आमिर खान; करीना, माधवन और शरमन की होगी वापसी




    साल 2009 की ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘3 इडियट्स’ के सीक्वल की शूटिंग अप्रैल 2027 से शुरू हो सकती है। निर्देशक राजकुमार हिरानी इस समय फिल्म की स्क्रिप्ट पर काम कर रहे हैं। मिड-डे की रिपोर्ट के मुताबिक, आमिर खान फरवरी में फिल्म की फाइनल स्क्रिप्ट पढ़ेंगे, जिसके बाद प्रोजेक्ट पर आधिकारिक काम आगे बढ़ेगा। इस सीक्वल में आमिर खान के साथ करीना कपूर खान, आर माधवन और शरमन जोशी की मुख्य स्टारकास्ट के दोबारा साथ आने की उम्मीद है। फरवरी में स्क्रिप्ट का फाइनल ड्राफ्ट पढ़ेंगे आमिर खान ‘3 इडियट्स’ का सीक्वल फिलहाल राइटिंग स्टेज में है। राजकुमार हिरानी और उनकी टीम अगले साल की शुरुआत में स्क्रिप्ट का फाइनल ड्राफ्ट तैयार कर लेगी। आमिर खान फरवरी में इस स्क्रीनप्ले को पढ़ेंगे और अपनी सहमति देंगे। आमिर खान की मंजूरी मिलने के तुरंत बाद मेकर्स अप्रैल 2027 में फिल्म को फ्लोर पर ले जाने का प्लान बना रहे हैं। ओरिजिनल स्टारकास्ट को दोबारा साथ लाने की तैयारी सीक्वल में 2009 की मूल फिल्म के मुख्य कलाकारों को फिर से एक साथ पर्दे पर लाने की योजना है। फिल्म में आमिर खान (रैंचो), आर माधवन (फरहान) और शरमन जोशी (राजू) की लोकप्रिय तिकड़ी के साथ करीना कपूर खान (पिया) भी अपनी भूमिकाओं में नजर आ सकती हैं। 2009 में रिलीज हुई ‘3 इडियट्स’ ने बॉक्स ऑफिस पर कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाए थे। अक्टूबर से ‘ललकारा’ की शूटिंग में बिजी होंगे आमिर खान ‘3 इडियट्स’ के सीक्वल से पहले आमिर खान निर्देशक आशुतोष गोवारिकर की स्पोर्ट्स-ड्रामा फिल्म ‘ललकारा’ की शूटिंग पूरी करेंगे। वे इसी साल अक्टूबर से मार्च 2027 तक ‘ललकारा’ के शूटिंग शेड्यूल में बिजी रहेंगे। यह फिल्म 1952 में पाकिस्तान के खिलाफ हुई ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज और भारतीय क्रिकेट टीम के तत्कालीन कप्तान लाला अमरनाथ की कहानी पर आधारित है। महाभारत प्रोजेक्ट भी चर्चा में आमिर खान हाल ही में जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी सतीशाचार्य महाराज से मिले। मुलाकात के दौरान दोनों के बीच काफी देर बातचीत हुई। आमिर ने आध्यात्मिक गुरु के प्रति अपना आभार भी व्यक्त किया। आमिर खान कई बार फिल्म ‘महाभारत’ को अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बता चुके हैं। ऐसे में जगद्गुरु सतीशाचार्य महाराज से उनकी मुलाकात के बाद ‘महाभारत’ को लेकर चर्चा फिर शुरू हो गई है। गौरतलब है कि महाभारत पर आमिर पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से काम करने की इच्छा जता रहे हैं। आमिर खान इस महाकाव्य को किसी एक फिल्म में नहीं, बल्कि हॉलीवुड की मशहूर फिल्म सीरीज ‘लॉर्ड ऑफ द रिंग्स’ की तरह एक भव्य फिल्म सीरीज के रूप में बैक-टू-बैक चैप्टर्स में बनाना चाहते हैं। साल 2024 में बीबीसी से बातचीत के दौरान आमिर खान ने महाभारत का जिक्र करते हुए कहा था, ‘यह मेरा ड्रीम प्रोजेक्ट है और मेरे लिए किसी चैलेंज से कम नहीं है। मुझे डर है कि इसे बनाते समय मुझसे कोई गलती न हो जाए। यह एक बड़ी जिम्मेदारी है, क्योंकि महाभारत हमारे लिए बहुत करीब है। यह हमारे खून में है, इसलिए मैं इसे बिल्कुल सही तरीके से बनाना चाहता हूं।’ आमिर ने कहा था, ‘मैं हर भारतीय को गर्व महसूस कराना चाहता हूं और साथ ही दुनिया को यह दिखाना चाहता हूं कि भारत के पास क्या है। मुझे नहीं पता, यह कब बन पाएगा।’



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  • National Film Awards 2026 | Ekta Nagar Kevadiya Ceremony & Updates

    National Film Awards 2026 | Ekta Nagar Kevadiya Ceremony & Updates


    केवड़िया, गुजरात2 घंटे पहले

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    22 सितंबर को गुजरात के एकतानगर (केवड़िया) में भारतीय सिनेमा का सबसे प्रतिष्ठित और सर्वोच्च माना जाने वाला नेशनल फिल्म अवॉर्ड का भव्य समारोह आयोजित हो रहा है। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सहित कई नेता और बॉलीवुड के साथ-साथ साउथ के सेलिब्रिटीज भी मौजूद रहेंगे।

    72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों (नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स) में फिल्म ‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म, फिल्म ‘श्रीकांत’ को सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म और यामी गौतम को लीडिंग रोल में बेस्ट एक्ट्रेस का पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं, ‘भ्रमयुगम’ के लिए ममूटी और ‘चंदू चैंपियन’ के लिए कार्तिक आर्यन को लीडिंग रोल में बेस्ट एक्टर का पुरस्कार दिया जाएगा।

    इस अवॉर्ड के 72 साल के इतिहास में पहली बार यह समारोह दिल्ली के बाहर आयोजित हो रहा है और इस बार गुजरात को इसकी मेजबानी सौंपी गई है। इसे लेकर एकतानगर में जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं।

    स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में मेहमानों के लिए AC जर्मन डोम तैयार किया गया है, जिसमें 1,000 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। इसके अलावा मेहमानों को गुजराती के फेमस व्यंजन परोसे जाएंगे।

    1,000 लोगों की बैठक क्षमता वाला विशाल हाईटेक डोम तैयार किया गया।

    1,000 लोगों की बैठक क्षमता वाला विशाल हाईटेक डोम तैयार किया गया।

    स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंची दैनिक भास्कर की टीम

    एकतानगर में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड समारोह को लेकर दैनिक भास्कर की टीम मौके पर पहुंची। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास ‘बस बे’ (बस टर्मिनल) क्षेत्र में कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस भव्य समारोह को सफल और यादगार बनाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के 500 से अधिक टेक्नीशियन, कारीगर और मजदूरों की टीम दिन-रात लगातार काम में जुटी हुई है।

    ‘जर्मन एल्युमिनियम स्ट्रक्चरल डोम’, वाटरप्रूफ और सेंट्रली एयर-कंडीशंड

    स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास ही 1,000 लोगों की बैठक क्षमता वाला विशाल और हाईटेक डोम तैयार किया जा रहा है। यह आधुनिक ‘जर्मन एल्युमिनियम स्ट्रक्चरल डोम’ पूरी तरह वाटरप्रूफ और सेंट्रली एयर-कंडीशंड होगा। समारोह के शानदार अनुभव के लिए इसे स्टेट-ऑफ-द-आर्ट साउंड और आधुनिक लाइटिंग सिस्टम से पूरी तरह सुसज्जित किया जा रहा है।

    आकर्षक स्टेज लाइटिंग और VIP लाउंज

    ‘जर्मन डोम’ के स्ट्रक्चर और अंदर के इंटीरियर का काम अंतिम चरण में है। हाईटेक साउंड सिस्टम, आकर्षक स्टेज लाइटिंग और VIP लाउंज तैयार करने के लिए विशेषज्ञ लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। राष्ट्रपति और देश के दिग्गज फिल्म कलाकारों के आगमन से पहले पूरे परिसर को आकर्षक रोशनी और थीम आधारित डेकोरेशन से सजाने का काम जोर-शोर से चल रहा है।

    500 से अधिक टेक्नीशियन, कारीगर और मजदूरों की टीम दिन-रात लगातार काम कर रही है।

    500 से अधिक टेक्नीशियन, कारीगर और मजदूरों की टीम दिन-रात लगातार काम कर रही है।

    कैसा होगा नेशनल अवॉर्ड सेरेमनी का शेड्यूल?

    • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में करीब 75 मिनट के मुख्य प्रोटोकॉल सेशन के दौरान विभिन्न कैटेगरी के विजेताओं को अवॉर्ड और सम्मान पत्र प्रदान किए जाएंगे।
    • शाम 4 से 5:15 बजे के बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की मौजूदगी में दीप प्रज्ज्वलन और राष्ट्रगान के साथ मुख्य समारोह की शुरुआत होगी।
    • इसके बाद फीचर फिल्म, नॉन-फीचर फिल्म के साथ-साथ सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और अभिनेत्री सहित विभिन्न श्रेणियों में अवॉर्ड दिए जाएंगे।
    • शाम 5:15 से 6 बजे के बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू फिल्म इंडस्ट्री की हस्तियों को संबोधित करेंगी।
    • इसके बाद सभी अवॉर्ड विजेताओं के साथ आधिकारिक ग्रुप फोटोग्राफी की जाएगी।
    • मुख्य समारोह खत्म होने के बाद शाम 6:30 बजे के बाद मेहमानों के लिए नर्मदा नदी के किनारे विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।
    • इसके अलावा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में खास थीम आधारित लेजर और लाइट एंड साउंड शो का भी आयोजन किया गया है।

    इस साल सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का अवॉर्ड मुख्य भूमिका में कार्तिक आर्यन को ‘चंदू चैंपियन’ और मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के अभिनेता मम्मूटी को ‘भ्रमयुगम’ फिल्म के लिए दिया जाएगा। वहीं सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का अवॉर्ड यामी गौतम को ‘आर्टिकल 370’ फिल्म के लिए प्रदान किया जाएगा। सर्वश्रेष्ठ डेब्यू डायरेक्टर का अवॉर्ड रणदीप हुड्डा को ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ के लिए दिया जाएगा।

    एकतानगर में नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स जैसे राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित समारोह के आयोजन से गुजरात के पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व गति मिलेगी। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर और प्राकृतिक सुंदरता देश-विदेश में और अधिक प्रसिद्ध होगी, जिससे पर्यटकों की संख्या में बड़ा इजाफा होगा। इसके परिणामस्वरूप स्थानीय होटल, रिसॉर्ट, ट्रांसपोर्ट, हस्तशिल्प और गाइड जैसे रोजगार से जुड़े लोगों को सीधे आर्थिक लाभ मिलेगा।

    इस मामले में बॉलीवुड और साउथ फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज प्रोड्यूसर्स और डायरेक्टर्स की मौजूदगी से गुजरात एक प्रमुख ‘फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन’ के रूप में उभरेगा। एकतानगर के खूबसूरत लोकेशंस भविष्य में बड़े बजट की फिल्मों की शूटिंग के लिए आकर्षण का केंद्र बनेंगे, जिससे स्थानीय कलाकारों और टेक्नीशियनों को राष्ट्रीय स्तर पर काम करने के नए अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही, दिल्ली या मुंबई जैसे मेट्रो शहरों के अलावा भी गुजरात ऐसे बड़े VVIP आयोजनों को सफलतापूर्वक आयोजित कर सकता है, यह साबित होने से राज्य की ब्रांड इमेज और मजबूत होगी।



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  • इंटरव्यू:‘द कन्फ़ेशन…’ की कहानी घटना से ज्यादा नैतिक सवालों पर है: आदिल हुसैन

    इंटरव्यू:‘द कन्फ़ेशन…’ की कहानी घटना से ज्यादा नैतिक सवालों पर है: आदिल हुसैन




    आदिल हुसैन की फिल्म ‘द कन्फ़ेशन ऑफ मैरी’ टोरंटो फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित हुई है। फिल्म में नाना पाटेकर भी अहम भूमिका में हैं। इस फिल्म को लेकर आदिल ने दैनिक भास्कर से बातचीत की। क्या यह फिल्म 1966 के केरल के चर्चित ‘मदाथरुवी केस’ पर बेस्ड है? फिल्म को किसी एक व्यक्ति या घटना की सीधी कहानी के तौर पर देखना सही नहीं होगा। फिल्म के संदर्भ में किसी पुराने घटनाक्रम से प्रेरणा लिए जाने की बात रिपोर्ट्स में कही गई थी, लेकिन उस घटना की सटीक पहचान को लेकर स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं थी। इसलिए इसे किसी वास्तविक व्यक्ति का सीधा चित्रण मानने के बजाय इसके विषय और नैतिक द्वंद्व के स्तर पर देखना ज्यादा उचित है। कहानी का मुख्य केंद्र उस व्यक्ति पर है, जो बेहद जिम्मेदारी वाले पद पर है और परिस्थितियों के दबाव के बावजूद अपने सिद्धांतों को संभालने की कोशिश करता है। फिल्म किसी एक घटना को दोहराने के बजाय उससे जुड़े मानवीय और नैतिक सवालों को सिनेमाई अंदाज में पेश करती है। क्या किसी वास्तविक वकील को देखकर आपने किरदार की तैयारी की? मैंने किसी एक वास्तविक वकील की नकल करने के बजाय इस बात पर ध्यान दिया कि इस पेशे की काम करने की प्रक्रिया क्या होती है? मेरे लिए किसी किरदार की विश्वसनीयता उसके बाहरी हावभाव से ज्यादा उसकी सोच और निर्णय लेने की प्रक्रिया में होती है। अगर किरदार वकील है तो उसके सामने आने वाली परिस्थितियों को उसी पेशेवर नजरिए से समझना जरूरी है। वह किसी व्यक्ति के बारे में अपनी निजी धारणा बनाने के बजाय उसके पक्ष को कानूनी नजरिए से देखेगा। इसलिए मैंने किसी खास व्यक्ति को कॉपी करने के बजाय पेशे की तकनीकी समझ को प्राथमिकता दी। आपकी अभिनय शैली और नाना पाटेकर की प्रक्रिया में क्या समानता दिखी? समानता शायद इस स्तर पर है कि दोनों के लिए किरदार को समझना महत्वपूर्ण है, लेकिन हर अभिनेता का रास्ता अलग हो सकता है। थिएटर की पृष्ठभूमि ने मुझे भी यह सिखाया है कि किरदार को केवल सतह पर नहीं देखना चाहिए, लेकिन किसी कलाकार की अपनी तैयारी, अनुभव और भीतर की प्रक्रिया उसके अभिनय को अलग बनाती है। नाना साहब की खासियत यह लगी कि वह स्क्रिप्ट पढ़ते हुए ही किरदार के भीतर मौजूद किसी जरूरी तत्व को पकड़ लेते हैं। उस प्रक्रिया को बाहर से देखकर पूरी तरह समझना संभव नहीं है, क्योंकि अभिनेता के भीतर चल रही तैयारी दिखाई नहीं देती। स्वतंत्र सिनेमा के लिए फेस्टिवल सर्किट कितना महत्वपूर्ण है? स्वतंत्र सिनेमा के लिए फेस्टिवल सर्किट एक महत्वपूर्ण माध्यम हो सकता है, क्योंकि वहां ऐसी फिल्मों को दर्शक मिलते हैं जिन्हें पारंपरिक व्यावसायिक रिलीज के जरिए पर्याप्त पहचान मिलना मुश्किल हो सकता है। फेस्टिवल में फिल्म सिर्फ दिखाई नहीं जाती, बल्कि उसके साथ बातचीत और नए लोगों से जुड़ने का अवसर भी मिलता है। उसके बाद वितरण, प्रचार और दर्शकों तक पहुंच जैसे चरण भी उतने ही महत्वपूर्ण होते हैं।



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  • Maithili Thakur Rolls Royce Controversy

    Maithili Thakur Rolls Royce Controversy


    6 घंटे पहले

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    लालबागचा राजा के दर्शन करने मुंबई पहुंचीं गायिका और बिहार की बीजेपी विधायक मैथिली ठाकुर के लग्जरी कार इस्तेमाल करने पर शुरू हुआ विवाद गहरा गया है।

    करीब 13 करोड़ रुपए कीमत वाली ब्लू रोल्स रॉयस कुलिनन कार में पहुंचने पर सोशल मीडिया यूजर्स उन्हें ट्रोल कर रहे हैं। अब इस मामले में बीजेपी सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट मैथिली के बचाव में उतर आई हैं।

    कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर पोस्ट शेयर करके ट्रोल्स पर निशाना साधा और सवाल उठाया कि नेताओं के अच्छे जीवन जीने पर लोगों को आपत्ति क्यों होती है।

    कंगना का जवाब- क्या हमारा अपना करियर नहीं?

    कंगना रनोट ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा कि कुछ लोगों को नेताओं के अच्छे से रहने पर भी समस्या होती है। उन्होंने लिखा कि हमारी युवा विधायक मैथिली ठाकुर को लग्जरी कार का इस्तेमाल करने के लिए ट्रोल किया जा रहा है।

    हम लोग समाज सेवा के काम से जुड़े हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हमारा अपना करियर, पर्सनल लाइफ और लोकप्रियता नहीं हो सकती। कंगना ने आगे लिखा कि हम बिना किसी स्वार्थ के जनता की सेवा करते हैं, फिर भी कुछ लोगों को आपत्ति होती है। क्या हमसे यह उम्मीद की जाती है कि हम हमेशा गरीब और बेजान बनकर रहें।

    मैथिली ठाकुर मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा पंडाल में गणपति दर्शन के लिए पहुंची थीं।

    मैथिली ठाकुर मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा पंडाल में गणपति दर्शन के लिए पहुंची थीं।

    रोल्स रॉयस कार को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद

    यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब मैथिली ठाकुर मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा पंडाल में गणपति दर्शन के लिए पहुंची थीं। वे जिस ब्लू कलर की रोल्स रॉयस कार में आई थीं, उसकी ऑन-रोड कीमत मुंबई में 13 करोड़ रुपए से ज्यादा बताई जा रही है। राजनीतिक करियर शुरू होने के एक साल के भीतर इतनी महंगी गाड़ी का इस्तेमाल करने पर सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाने शुरू कर दिए थे। कई यूजर्स ने लिखा कि एक साल की राजनीति में इतना बदलाव कैसे आ गया।

    वे जिस ब्लू कलर की रोल्स रॉयस कार में आई थीं, उसकी ऑन-रोड कीमत मुंबई में 13 करोड़ रुपए से ज्यादा बताई जा रही है।

    वे जिस ब्लू कलर की रोल्स रॉयस कार में आई थीं, उसकी ऑन-रोड कीमत मुंबई में 13 करोड़ रुपए से ज्यादा बताई जा रही है।

    बिहार की सबसे कम उम्र की विधायक हैं मैथिली ठाकुर

    मैथिली ठाकुर बिहार की सबसे युवा विधायक हैं। वे 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ी थीं और आरजेडी के बड़े नेता बिनोद मिश्रा को हराकर विधायक बनीं।

    मैथिली मूल रूप से बिहार के मधुबनी जिले के बेनीपट्टी की रहने वाली हैं। उनका परिवार संगीत की शिक्षा और आगे के करियर के लिए बाद में नई दिल्ली के द्वारका में शिफ्ट हो गया था। उनके पिता रमेश ठाकुर खुद संगीत शिक्षक हैं, जिनसे और अपने दादाजी से मैथिली ने बचपन में शास्त्रीय और लोक संगीत की ट्रेनिंग ली थी।

    मैथिली को सिंगिंग शो से मिली पहचान

    राजनीति में आने से पहले मैथिली ठाकुर की पहचान एक लोक गायिका के रूप में रही है। साल 2017 में रियलिटी सिंगिंग शो ‘राइजिंग स्टार इंडिया’ में हिस्सा लेने के बाद उन्हें पूरे देश में पहचान मिली थी।

    मैथिली मैथिली, भोजपुरी, भक्ति भजन और फिल्मी गानों की अपनी प्रस्तुतियों के लिए जानी जाती हैं। यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उनकी बहुत बड़ी फैन फॉलोइंग है।

    त्रिशा कृष्णन के समर्थन में भी बोल चुकी हैं कंगना

    मैथिली ठाकुर से पहले कंगना रनोट हाल ही में साउथ एक्ट्रेस त्रिशा कृष्णन के समर्थन में भी अपनी बात रख चुकी हैं। तमिलनाडु में जब त्रिशा को लेकर विवाद खड़ा हुआ था और उन्हें ट्रोल किया गया था, तब कंगना ने महिलाओं को निशाना बनाए जाने पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि जब भी कोई विवाद होता है या कैरेक्टर लिंचिंग की बात आती है, तो हमेशा महिलाओं को ही निशाना बनाया जाता है। पूरी खबर पढ़ें

    ……………

    कंगना रनोट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…

    ‘मेरी जवानी या बेडरूम के बारे में सपने मत देखो’:बाबा रामदेव के बयान पर कंगना रनोट भड़कीं, बोलीं- मेरा चरित्र आपसे बेहतर है

    एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनोट ने योग गुरु बाबा रामदेव की टिप्पणी पर भड़कते हुए कहा कि बाबा जी, मेरी जवानी या बेडरूम के बारे में सपने मत देखिए। दरअसल, कंगना ने बाबा रामदेव की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कंगना के ‘जेनरेशन गटर’ वाले बयान को लेकर कहा था कि ये बिगड़े दिमाग की निशानी है। पूरी खबर यहां पढ़ें…



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  • Mahabharat Actor Saurav Gurjar Arrested in Hyderabad

    Mahabharat Actor Saurav Gurjar Arrested in Hyderabad


    3 घंटे पहले

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    ‘महाभारत’ सीरियल में भीम का किरदार निभाने वाले एक्टर और WWE रेसलर सौरव गुर्जर को शादी का झांसा देने और महिला के उत्पीड़न के आरोप में हैदराबाद पुलिस ने कस्टडी में लिया है।

    पुलिस ने उन्हें मुंबई एयरपोर्ट से पकड़ा और हैदराबाद लाकर कानूनी प्रक्रिया के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। एक महिला ने सौरव पर आरोप लगाया है कि उन्होंने शादी का वादा करके उनके साथ लिव-इन में वक्त बिताया और अमेरिका में उनकी नौकरी भी छुड़वा दी।

    जब भी महिला ने शादी की बात की, सौरव ने उनका नंबर ब्लॉक कर दिया और दूरी बना ली।

    एक्टर और WWE रेसलर सौरव गुर्जर।

    एक्टर और WWE रेसलर सौरव गुर्जर।

    इंस्टाग्राम पर हुई थी मुलाकात, फिर साथ रहने लगे

    29 साल की महिला की शिकायत के अनुसार, साल 2021 में इंस्टाग्राम के जरिए उनकी मुलाकात सौरव गुर्जर से हुई थी। इसके बाद दोनों व्हाट्सएप पर बातें करने लगे और उनके बीच नजदीकियां बढ़ गईं।

    महिला ने बताया कि 25 दिसंबर 2021 को दोनों पहली बार मिले थे। इस दौरान सौरव ने उनसे शादी करने और पत्नी का दर्जा देने का भरोसा दिया था। इसके बाद दोनों अमेरिका में साथ रहने लगे और भारत लौटने पर भी साथ ही रहे।

    बिजनेस का झांसा देकर अमेरिका की नौकरी छुड़वाई

    महिला का कहना है कि सौरव के कहने पर उन्होंने अमेरिका में अपनी नौकरी छोड़ दी थी। सौरव ने उनसे वादा किया था कि दोनों मिलकर एक नया बिजनेस शुरू करेंगे।

    महिला का आरोप है कि लगातार हो रहे मानसिक उत्पीड़न की वजह से वे अपने करियर पर ध्यान नहीं दे पाईं। जब भी वे शादी को लेकर सवाल करती थीं, सौरव उनका फोन नंबर ब्लॉक कर देते थे और उनसे दूर हो जाते थे।

    'ब्रह्मास्त्र' की शूटिंग के दौरान रणबीर कपूर के साथ सौरव गुर्जर।

    ‘ब्रह्मास्त्र’ की शूटिंग के दौरान रणबीर कपूर के साथ सौरव गुर्जर।

    हैदराबाद में साथ रहे, फिर अचानक गायब हो गए

    पीड़िता ने पुलिस को बताया कि सौरव अक्टूबर 2025 से मार्च 2026 तक उनके साथ रहे। दोनों हैदराबाद में एक साथ रह रहे थे।

    इसी बीच सौरव बिना कोई जानकारी दिए अचानक गायब हो गए। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामला दर्ज होने के बाद गचीबोवली पुलिस ने जांच शुरू की और सौरव गुर्जर को मुंबई एयरपोर्ट से कस्टडी में ले लिया।

    सौरव गुर्जर ने 2013 में स्टार प्लस के शो 'महाभारत' में भीम का किरदार निभाया था।

    सौरव गुर्जर ने 2013 में स्टार प्लस के शो ‘महाभारत’ में भीम का किरदार निभाया था।

    ‘महाभारत’ में भीम और ‘ब्रह्मास्त्र’ में कर चुके हैं काम

    सौरव गुर्जर ने साल 2013 में स्टार प्लस के शो ‘महाभारत’ से एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी, जिसमें उन्होंने भीम की भूमिका निभाई थी। यह शो 2013 से 2014 तक चला था।

    इसके बाद 2016 से 2017 के बीच वे ‘संकटमोचन महाबली हनुमान’ सीरियल में रावण और बाली के किरदार में नजर आए थे।

    सौरभ ने फिल्म 'ब्रह्मास्त्र' में सपोर्टिंग विलन का किरदार निभाया था।

    सौरभ ने फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ में सपोर्टिंग विलन का किरदार निभाया था।

    साल 2022 में उन्होंने फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। तीन साल के ब्रेक के बाद फरवरी 2025 में उन्होंने कलर्स टीवी के शो ‘शिव शक्ति – तप त्याग तांडव’ से टीवी पर वापसी की थी, जिसमें वे स्वार्थ का किरदार निभा रहे थे।

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    एक्टर सूरज पंचोली ने एक्टर सुशांत सिंह की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में खुद का नाम जोड़े जाने पर सफाई दी है। इंस्टाग्राम पर एक लंबा बयान जारी कर सूरज ने कहा कि वे जीवन में कभी भी दिशा सालियान नहीं मिले पूरी खबर पढ़ें…



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  • Salman Khan Clarifies Health Rumors After Bigg Boss Promo Video

    Salman Khan Clarifies Health Rumors After Bigg Boss Promo Video


    44 मिनट पहले

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    सलमान ने शो में कंटेस्टेंट काजी तौकीर को सबक सिखाने के लिए अचानक सीने में तेज दर्द होने, डॉक्टर को बुलाने और जमीन पर लेटने का नाटक किया।

    टीवी शो ‘बिग बॉस 20’ के ‘वीकेंड का वार’ का एक प्रोमो सामने आने के बाद सलमान खान की तबीयत को लेकर सवाल उठने लगे। प्रोमो में सलमान सीना पकड़कर दर्द में बैठे दिखाई दिए। इसे देखकर दर्शकों को लगा कि शायद उनकी तबीयत खराब हो गई है।

    हालांकि, देर रात सलमान ने सोशल मीडिया पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनकी तबीयत बिल्कुल ठीक है और प्रोमो को गलत तरीके से एडिट किया गया।

    सलमान खान ने कहा, “भगवान की कृपा से मेरी सेहत बिल्कुल ठीक है। बिग बॉस के प्रोमो को जिस तरह एडिट किया गया, उसे उस तरह नहीं काटा जाना चाहिए था। इससे पूरे सीन का मकसद ही बदल गया और ऐसा लग रहा है कि मैं भी वही कर रहा हूं, जो काजी ने घर में किया था।”

    उन्होंने आगे लिखा, “सीने में दर्द वाला एक्ट सिर्फ काजी को यह समझाने के लिए था कि उसने जो किया, वह गलत था। उसने अपनी सेहत को मनोरंजन के लिए इस्तेमाल किया, खासकर तब जब घर के 15 लोगों को पता नहीं था कि वह एक्टिंग कर रहा है और वे उसकी सेहत को लेकर परेशान हो रहे थे।

    प्रोमो को जिस तरह एडिट किया गया, उसके लिए माफ कीजिए। शायद शो को प्रमोट करने का यही तरीका है। मैं उनकी तरफ से माफी मांगता हूं।”

    दरअसल, शो में काजी ने एक टास्क के बाद अपनी तबीयत खराब होने का नाटक किया था। उसने दवाइयों की मांग की, जिससे घर के बाकी कंटेस्टेंट उसकी सेहत को लेकर परेशान हो गए। बाद में मेडिकल रूम में काजी ने डॉक्टर को बताया कि उसे वास्तव में कुछ नहीं हुआ था। उसने माना कि वह गेम के तहत ऐसा कर रहा था।

    ट्रोलिंग और बॉडी-शेमिंग पर भी बोले सलमान

    कल के ‘वीकेंड का वार’ एपिसोड में सलमान खान ने सोशल मीडिया ट्रोलिंग पर भी बात की। उन्होंने बॉडी-शेमिंग और एज-शेमिंग को लेकर नाराजगी जताई। सलमान ने कहा कि सोशल मीडिया अब एक बड़ा प्रोफेशन बन चुका है। गेमिंग, कंटेंट क्रिएशन, वीडियो एडिटिंग और दूसरे कामों से लोग रोजगार और पहचान बना रहे हैं।

    हालांकि, उन्होंने सोशल मीडिया के दूसरे पहलू यानी ट्रोलिंग पर सवाल उठाया। सलमान ने पूछा कि किसी दूसरे व्यक्ति को अपमानित करके पैसा कमाने की जरूरत क्यों पड़ती है।

    उन्होंने कहा कि लोग किसी के शरीर, वजन, लुक्स, खानदान, मुस्कान और उम्र तक पर टिप्पणी करते हैं। यहां तक कि किसी महिला के मां बनने के बाद शरीर में हुए बदलावों को लेकर भी ट्रोलिंग होती है।

    सलमान ने कहा कि किसी सेलिब्रिटी को ट्रोल करने वाला व्यक्ति यह नहीं जानता कि वह निजी जिंदगी में किन परिस्थितियों से गुजर रहा है। उन्होंने ट्रोलर्स से अपने परिवार के बारे में सोचने को भी कहा। पूरी खबर यहां पढ़ें….



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  • मां बनने के बाद पहले जैसी बॉडी की उम्मीद क्यों?:सिर्फ कैटरीना कैफ नहीं, ऐश्वर्या राय, करीना कपूर समेत कई अभिनेत्रियों की हुई ट्रोलिंग

    मां बनने के बाद पहले जैसी बॉडी की उम्मीद क्यों?:सिर्फ कैटरीना कैफ नहीं, ऐश्वर्या राय, करीना कपूर समेत कई अभिनेत्रियों की हुई ट्रोलिंग




    साल 2026 में भी महिलाओं के शरीर को लेकर बनी पुरानी सोच पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। खासकर फिल्म इंडस्ट्री में एक्ट्रेसेस से मां बनने के बाद भी पहले जैसी बॉडी और ग्लैमरस लुक की उम्मीद की जाती है। कटरीना कैफ के हालिया मामले ने एक बार फिर इस मुद्दे को चर्चा में ला दिया। कटरीना कैफ और विक्की कौशल की पहली संतान यानी बेटे विहान का जन्म 7 नवंबर 2025 को हुआ था। कटरीना अब 40 की उम्र पार कर चुकी हैं और लंबे समय से अपनी फिटनेस के लिए जानी जाती हैं। डाइट और फिटनेस को लेकर उनकी सतर्कता की वजह से उनकी एक खास फिटनेस इमेज बनी हुई है। हालांकि, मां बनने के बाद उनके शरीर में आए बदलावों को लेकर सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। पहले बच्चे के जन्म के बाद कटरीना काफी समय तक लाइमलाइट से दूर रहीं। इस साल अगस्त के आखिर में वह पहली बार पति विक्की कौशल के साथ फिल्ममेकर कुकू कोहली के अंतिम संस्कार में नजर आईं। 26 अगस्त 2026 को सामने आए वीडियो और तस्वीरों के बाद सोशल मीडिया पर कटरीना के पोस्टपार्टम लुक को लेकर कमेंट्स शुरू हो गए। कुछ यूजर्स ने उनके बढ़े हुए वजन और चेहरे पर आए बदलावों को लेकर कमेंट्स किए। इसके बाद गणेश चतुर्थी के मौके पर जब कटरीना मुंबई में नजर आईं, तो सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरों और वीडियो को लेकर ट्रोलिंग और बढ़ गई। उनकी पुरानी तस्वीरों के साथ नई तस्वीरों की तुलना की गई। इस पूरे मामले में सोशल मीडिया पर दो तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। एक तरफ कुछ लोग कटरीना के वजन और लुक पर टिप्पणी कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ फैंस, महिलाएं, क्रिएटर्स और इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने ऐसी बॉडी शेमिंग का विरोध किया। इस चर्चा के दौरान यह सवाल भी उठा कि मां बनने के बाद किसी महिला से कितने कम समय में पहले जैसी बॉडी में लौटने की उम्मीद की जानी चाहिए। प्रेग्नेंसी और डिलीवरी के बाद शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं और हर महिला के लिए रिकवरी का समय अलग हो सकता है। एक्ट्रेसेस के लिए ‘बाउंस बैक’ का दबाव एक्ट्रेसेस के लिए यह प्रेशर नया नहीं है। कई एक्ट्रेसेस मां बनने के बाद अपने वजन, शरीर और लुक को लेकर सार्वजनिक आलोचना झेल चुकी हैं। कटरीना के मामले ने एक बार फिर ऐश्वर्या राय, करीना कपूर खान और बिपाशा बसु जैसी अभिनेत्रियों के अनुभवों की याद दिलाई। इन सभी को मां बनने के बाद अपने शरीर में आए बदलावों को लेकर सार्वजनिक टिप्पणियों का सामना करना पड़ा है। एक्ट्रेसेस से अक्सर उम्मीद की जाती है कि वे प्रेग्नेंसी के बाद बहुत कम समय में अपने पुराने फिगर में लौट आएं। ऐश्वर्या राय: बेटी के जन्म के बाद वजन को लेकर हुई थीं ट्रोल ऐश्वर्या राय बच्चन को दुनिया की सबसे खूबसूरत महिलाओं में गिना जाता रहा है। पूर्व मिस वर्ल्ड होने की वजह से उनकी खूबसूरती को लेकर हमेशा काफी चर्चा रही है, लेकिन मां बनने के बाद यही पब्लिक इमेज उनके लिए आलोचना की वजह भी बनी। ऐश्वर्या ने नवंबर 2011 में बेटी आराध्या को जन्म दिया था। बेटी के जन्म के करीब सात महीने बाद ऐश्वर्या राय बच्चन की एक तस्वीर सामने आई थी। तस्वीर में उनका वजन बढ़ा हुआ नजर आया। इसके बाद सोशल मीडिया पर उन्हें जमकर ट्रोल किया गया। कान्स फिल्म फेस्टिवल 2012 में उनकी वापसी की खबरों के बीच उनके लुक को लेकर चर्चा और बढ़ गई। कुछ लोगों ने कहा कि एक एक्ट्रेस होने के नाते उन्हें फिट दिखना चाहिए। दिसंबर 2012 में ऐश्वर्या ने मशहूर ब्रिटिश पत्रकार सर डेविड फ्रॉस्ट के शो में कहा था कि वह अपने शरीर को लेकर सहज थीं। ऐश्वर्या ने यह भी कहा था कि उन्होंने कभी डाइटिंग नहीं की। उन्होंने कहा था कि अगर उन्हें लगता कि उनका वजन कोई बड़ी समस्या है, तो वह छिप जातीं या कुछ करतीं। उन्होंने इस दौरान अपनी बेटी के साथ जिंदगी को एंजॉय करने को प्रायोरिटी दी। बिपाशा बसु ने भी झेली बॉडी शेमिंग 2000 के दशक की चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल बिपाशा बसु भी मां बनने के बाद बॉडी शेमिंग का सामना कर चुकी हैं। उन्होंने नवंबर 2022 में बेटी देवी को जन्म दिया था। हाल ही में बिपाशा ने बताया कि उनकी बेटी के जन्म के बाद वजन और शरीर को लेकर उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था। बिपाशा ने ‘एल इंडिया’ से बातचीत में कहा कि महिलाओं से उम्मीद की जाती है कि वे बच्चे को जन्म देने के बाद भी 20 साल की उम्र जैसा शरीर बना लें। बिपाशा ने कहा, “आज भी महिलाओं के शरीर को लेकर होने वाली बातें काफी अजीब हैं। ऐसा लगता है कि बच्चे को जन्म देने के बाद 40 की उम्र में भी आपको 20 साल की उम्र जैसी बॉडी में वापस आ जाना चाहिए।” उन्होंने कहा, “20 साल की महिला से जो उम्मीद की जाती है, वही 40 साल की महिला से भी की जाती है। अगर आप जल्दी अपनी पुरानी शेप में नहीं लौटतीं, तो आपको ट्रोल किया जाएगा। लोग बहुत बेरहमी से पेश आएंगे।” बिपाशा ने बेटी देवी के जन्म के बाद खुद इसका सामना किया। उन्होंने कहा, “मुझे बहुत ज्यादा ट्रोलिंग झेलनी पड़ी। कुछ पैपराजी ने मेरी बेहद अजीब तस्वीरें खींचीं। वे यह नहीं देखते कि एक महिला कितनी मेहनत कर रही है। बच्चे के साथ उसे कितना कुछ संभालना पड़ता है। उसकी जिंदगी, लाइफस्टाइल और निजी परेशानियां भी होती हैं, लेकिन किसी को इसकी परवाह नहीं होती। हर कोई बस यही चाहता है कि महिला जल्दी अपनी पुरानी बॉडी शेप में लौट आए।” करीना ने वजन घटाने के दबाव पर बात की थी करीना कपूर खान भी लंबे समय से अपनी फिटनेस और ग्लैमरस इमेज के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने दिसंबर 2016 में अपने पहले बेटे तैमूर को जन्म दिया था। प्रेग्नेंसी के दौरान करीना का करीब 18 किलोग्राम यानी लगभग 40 पाउंड वजन बढ़ा था। बच्चे के जन्म के बाद उनके पैरों, जांघों और शरीर के अन्य हिस्सों को लेकर सोशल मीडिया पर टिप्पणियां की गईं। करीना ने 2021 में अपने दूसरे बेटे जेह को जन्म दिया। इसके करीब सात महीने बाद वह लक्मे फैशन वीक में रैंप पर चलीं। रैंप पर उनकी वापसी के दौरान भी उनके पोस्टपार्टम वजन को लेकर चर्चा हुई। एक बार फिर लोगों का ध्यान उनके काम और वापसी से ज्यादा उनके शरीर पर गया। साल 2025 में न्यूट्रिशनिस्ट ऋजुता दिवेकर की किताब के लॉन्च के दौरान करीना ने वजन कम करने को लेकर बने दबाव के बारे में बात की थी। उन्होंने कहा था, ‘जेह के जन्म के बाद, एक ऐसा पल आया था जब मुझे अचानक लगा- ‘ओह माय गॉड, मुझे अब दोबारा इस पूरी प्रक्रिया से गुजरना होगा और वजन घटाना होगा।’ लेकिन वह दबाव वाली भावना केवल एक सेकंड के एक छोटे से हिस्से के लिए ही आई थी। तुरंत ही मुझे अहसास हुआ कि मैं अभी भी शानदार दिख रही हूं। मैंने 25 किलो वजन बढ़ाया था, जिसे छिपाने की कोई बात नहीं है।’ समीरा रेड्डी ने बताया था पोस्टपार्टम शेमिंग का असर समीरा रेड्डी ने पोस्टपार्टम वजन को लेकर होने वाली बॉडी शेमिंग पर खुलकर बात की थी। पहली प्रेग्नेंसी के बाद 2015 में उनका वजन 72 किलोग्राम से बढ़कर 105 किलोग्राम हो गया था। समीरा ने बताया था कि पोस्टपार्टम पीरियड उनके लिए काफी मुश्किल रहा। जूम से बातचीत में समीरा ने कहा था कि बच्चे को जन्म देने के बाद हार्मोनल बदलावों की वजह से उनका वजन काफी बढ़ गया था। वह पहले काफी स्लिम थीं, लेकिन उनका वजन बढ़कर 105 किलो हो गया। इस दौरान वह भावनात्मक रूप से भी काफी परेशान थीं। समीरा ने बताया कि लोगों के कमेंट्स ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी थी। उन्होंने कहा, “मैं गुस्से में और डिप्रेस थी। लोग अच्छे नहीं होते। अगर उन्हें कुछ कहना है तो वे आपके मुंह पर कह देते हैं।” उन्होंने एक सब्जी बेचने वाले का किस्सा भी शेयर किया था। समीरा के मुताबिक, वह भी उनसे पूछता था, “क्या हो गया आपको?” उन्होंने कहा था कि उस समय कोई नहीं समझ सकता था कि वह किस दौर से गुजर रही हैं। इसलिए लोगों की बातें उन्हें बुरी तरह प्रभावित करती थीं। समीरा ने माना था कि उस समय वह खुद भी अपने शरीर में हो रहे बदलावों को लेकर कंफ्यूज थीं। स्लिम से 105 किलो तक पहुंचना उनके लिए आसान अनुभव नहीं था। बाद में फिटनेस को लेकर उनका नजरिया भी बदला। उन्होंने कहा था कि अब वह सिर्फ पतला होने के बजाय मजबूत और फिट रहने पर ध्यान देती हैं। उनके मुताबिक, बहुत ज्यादा डाइटिंग और बार-बार वजन घटाने-बढ़ाने का तरीका लंबे समय का समाधान नहीं है। समीरा ने फिटनेस में स्ट्रेंथ और लंबे समय तक स्वस्थ रहने को प्राथमिकता दी। पत्रलेखा ने बॉडी शेमिंग पर पैपराजी को लगाई थी फटकार एक्ट्रेस और प्रोड्यूसर पत्रलेखा बॉडी शेमिंग को लेकर पैपराजी पर भड़क गई थीं। दरअसल, एक पैपराजी पेज ने उनका एक वीडियो शेयर किया था। इसमें पत्रलेखा अपनी कार से उतरती नजर आई थीं। उनके पीछे उनके पति राजकुमार राव भी दिखाई दिए थे। वीडियो के साथ पैपराजी पेज ने कैप्शन में लिखा था, “इन्हें क्या हो गया है?” इस कैप्शन के जरिए पत्रलेखा के डिलीवरी के बाद बढ़े वजन पर टिप्पणी की गई थी। इस पर पत्रलेखा ने जवाब देते हुए अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा था, “पैप पेजेस! मुझे आखिर क्या हुआ है? बात बस इतनी है कि मैंने अभी-अभी एक बच्चे को जन्म दिया है! हां, मेरा वजन बढ़ा है, जो आप सभी को कोई अप्राकृतिक घटना लग रही है। मैं कोई पहाड़ जितना खाना खाकर नहीं बैठी हूं, मैंने एक बच्चे को जन्म दिया है और साथ ही दो फिल्मों का प्रोडक्शन भी संभाला है, जो आसान काम नहीं है। अगर मेरे बस में होता तो मैं ऐसी नहीं दिखती, लेकिन प्रेग्नेंसी के बाद मेरा शरीर इसी तरह रिएक्ट कर रहा है। भगवान के लिए दूसरों के प्रति थोड़े दयालु बनना सीखें।” स्वरा भास्कर भी हुईं ट्रोल अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने भी बेटी राबिया के जन्म के बाद अपने वजन और लुक को लेकर ऑनलाइन ट्रोलिंग का सामना किया। उन्होंने सितंबर 2023 में अपनी बेटी को जन्म दिया था। इसके बाद उनकी तस्वीरों और शरीर में आए बदलावों पर सोशल मीडिया पर टिप्पणियां की गईं। मई 2026 में स्वरा भास्कर ने प्रेग्नेंसी के बाद वजन कम नहीं करने को लेकर ट्रोल करने वालों को जवाब दिया था। उन्होंने कहा था कि बच्चे के जन्म के बाद महिलाओं के शरीर को लेकर लोगों की अवास्तविक उम्मीदें होती हैं। स्वरा ने कहा था कि उनका शरीर और उसे लेकर उनके फैसले सार्वजनिक चर्चा का विषय नहीं हैं। ग्लैमर से ज्यादा मातृत्व पर ध्यान की जरूरत फिल्म इंडस्ट्री में अभिनेत्रियों की पहचान अक्सर उनके लुक और फिटनेस से भी जोड़ दी जाती है। लेकिन प्रेग्नेंसी के बाद शरीर में बदलाव होना एक सामान्य प्रक्रिया है। इसके बावजूद ग्लैमरस इमेज वाली एक्ट्रेसेस से जल्दी ‘बाउंस बैक’ करने की उम्मीद की जाती है। यह दबाव आम महिलाओं की तुलना में फिल्म कलाकारों के लिए और ज्यादा दिखाई देता है, क्योंकि उनकी तस्वीरें लगातार सार्वजनिक होती रहती हैं। कटरीना, ऐश्वर्या, बिपाशा, करीना, स्वरा, समीरा और पत्रलेखा के अनुभव अलग-अलग समय के हैं, लेकिन इनमें एक समान बात दिखाई देती है। मां बनने के बाद उनके काम और मातृत्व से ज्यादा उनके शरीर को चर्चा का विषय बनाया गया। कटरीना के मामले में भी यही हुआ। बेटे विहान कौशल के जन्म के बाद उन्होंने सार्वजनिक जीवन से दूरी बनाए रखी। जब वह दोबारा नजर आईं, तो उनकी वापसी के बजाय उनके वजन और चेहरे में आए बदलावों पर चर्चा होने लगी। मां बनने के बाद किसी महिला का शरीर पहले जैसा दिखेगा या नहीं, यह व्यक्तिगत और शारीरिक प्रक्रिया है। हर महिला के लिए इसका समय अलग हो सकता है। इन घटनाओं के बीच सोशल मीडिया पर एक सवाल फिर उठ रहा है कि मां बनने के बाद किसी महिला से तुरंत पहले जैसी दिखने की उम्मीद क्यों की जाती है।



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  • मिर्जापुर में मुमताज बीवी बनीं सोनल चौहान बोलीं:सोशल मीडिया पर शादी के प्रस्ताव बहुत आते हैं, सपनों का राजकुमार शायद आसपास ही है

    मिर्जापुर में मुमताज बीवी बनीं सोनल चौहान बोलीं:सोशल मीडिया पर शादी के प्रस्ताव बहुत आते हैं, सपनों का राजकुमार शायद आसपास ही है




    फिल्म मिर्जापुर: द मूवी में सोनल चौहान ने मुमताज बीवी का किरदार निभाकर दर्शकों का ध्यान खींचा है। उनका किरदार भले ही कम स्क्रीन टाइम में नजर आया, लेकिन मुमताज और बब्बन की लव स्टोरी को खूब पसंद किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर उनके किरदार को लेकर मीम्स और चर्चाएं भी हो रही हैं। सोनल ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि वह मुमताज के किरदार तक कैसे पहुंचीं, टेंट से बाहर आने के सवाल पर क्या सोचती हैं, रवि किशन के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा और जन्नत के बाद करियर में लंबा अंतर क्यों आया। उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ काम करने के अनुभव और अपने ड्रीम रोल पर भी बात की। सवाल: फिल्म में आपके किरदार मुमताज बीवी की काफी चर्चा हो रही है। सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं कि आप टेंट से बाहर क्यों आईं? जवाब: मुझे उम्मीद नहीं थी कि लोग मुझसे यह सवाल इतने ज्यादा पूछेंगे। सोशल मीडिया पर लोग डीएम और फोन करके पूछ रहे हैं कि मैं टेंट से बाहर क्यों आई। मुझे लगता है कि सही जवाब यही है कि मैं प्यार के लिए बाहर आई और उसी के लिए लड़ रही थी। अगर आगे कहानी बढ़ती है तो मुमताज बब्बन की मौत का बदला ले सकती है। फिल्म में भी हमने एक-दूसरे से कहा था कि हम एक-दूसरे की जिम्मेदारी हैं। सवाल: आपको मुमताज के किरदार के लिए कैसे चुना गया? जवाब: मुझे लगता है कि मिर्जापुर मेरे लिए डेस्टिनी थी। मैं डायरेक्टर गुरमीत सिंह से किसी दूसरे काम के सिलसिले में मिली थी। उस समय फिल्म की कास्टिंग लगभग पूरी हो चुकी थी। करीब 10 मिनट बाद उन्होंने कहा कि शायद एक कास्टिंग अभी बाकी है और उन्हें लगा कि मैं मुमताज का किरदार निभा सकती हूं। मुझे लगता है कि मैं सही समय पर सही जगह पहुंची थी। सवाल: मुमताज के किरदार को निभाने के लिए आपने क्या तैयारी की? जवाब: हमने तय किया था कि मुमताज को बहुत सॉफ्ट रखा जाएगा। मिर्जापुर की दुनिया हिंसा, सत्ता और मैनिपुलेशन से भरी है, इसलिए मुमताज उस दुनिया में कॉन्ट्रास्ट थी। मेरे पास ज्यादा स्क्रीन टाइम और डायलॉग नहीं थे, इसलिए मैंने कोशिश की कि कम समय में भी दर्शकों का कनेक्शन किरदार से बने। दो लाइनों के बीच वह बिना कुछ कहे भी बहुत कुछ कहती है। मुझे खुशी है कि दर्शकों ने उन छोटी-छोटी चीजों को समझा। सवाल: जैसलमेर के रेगिस्तान में ‘घूम घूम’ गाने की शूटिंग करना कितना चुनौतीपूर्ण था? जवाब: वह शूट दिसंबर की सर्दियों में रात के समय हुआ था। रात में करीब 2 बजे के बाद तापमान बहुत गिर जाता था और मेरे कॉस्ट्यूम में गर्म कपड़े पहनने की गुंजाइश नहीं थी। यह चुनौतीपूर्ण था, लेकिन अब अच्छी याद बन चुका है। सबसे ज्यादा मायने यह रखता है कि दर्शकों ने गाने को पसंद किया। सवाल: राजस्थान में शूटिंग के दौरान सांप-बिच्छुओं से डर नहीं लगा? जवाब: नहीं, मुझे तो सांप बहुत पसंद हैं। फिल्म में जो बिच्छू दिखा था, वह नकली था। मैं खुद राजपूत हूं और हमारी जड़ें राजस्थान से हैं। इसलिए राजस्थान जाकर ऐसा लगता है जैसे घर आ गए हों। सवाल: आप रॉयल फैमिली से आती हैं। इंडस्ट्री में आने पर परिवार ने विरोध नहीं किया? जवाब: बहुत डांट पड़ी थी। हमने कभी सोचा भी नहीं था कि मैं फिल्म इंडस्ट्री में आ सकती हूं। मैं बहुत कंजर्वेटिव फैमिली से आती हूं। मेरी परवरिश ऐसी हुई थी कि घर से बाहर जाना भी आसानी से अलाउड नहीं था। आज मैं अकेले मुंबई में रहती हूं। मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि जिंदगी ऐसी होगी। इसलिए मैं डेस्टिनी में बहुत मानती हूं। कुछ चीजें शायद पहले से लिखी होती हैं। अब मैं बहुत सारी चीजें भगवान के हाथों में छोड़कर चलती हूं। सवाल: जन्नत के बाद आपके करियर में लंबा गैप क्यों आया? जवाब: फिल्में आई थीं, लेकिन शायद उतनी नहीं, जितनी लोगों को लगता है। मैंने जन्नत बहुत कम उम्र में की थी और उस समय इंडस्ट्री में मेरे कोई कॉन्टैक्ट्स नहीं थे। मुझे यह भी नहीं पता था कि काम के लिए लोगों से मिलना पड़ता है। मुझे लगता था कि जैसे जन्नत आई है, वैसे ही काम आता जाएगा। लेकिन समय बीतता गया और जैसा काम मैं करना चाहती थी, वैसा नहीं आया। जन्नत के बाद लोग मुझे जोया कहते थे और आज भी कई लोग जोया कहते हैं। अब लोग मुमताज बीवी भी बुला रहे हैं। एक कलाकार के लिए इससे बड़ी जीत क्या होगी कि लोग आपका नाम भूलकर आपको किरदार के नाम से बुलाने लगें। सवाल: आपने साउथ की फिल्मों में भी काम किया है। वहां का अनुभव कैसा रहा? जवाब: साउथ में मेरा अनुभव बहुत अच्छा रहा। मैंने बड़े और अनुभवी कलाकारों के साथ काम किया और उनसे बहुत कुछ सीखा। वहां अपनी ऑडियंस को बहुत महत्व दिया जाता है और अनुशासन के साथ काम होता है। अगर मुझे आगे अच्छे मौके मिलते हैं तो मैं जरूर काम करना चाहूंगी। सवाल: फिल्म ‘बुड्ढा होगा तेरा बाप’ का कनेक्शन साउथ से कैसे बना? जवाब: जन्नत के बाद मैंने एक साउथ फिल्म की थी। उसके बाद बुड्ढा होगा तेरा बाप के डायरेक्टर पुरी जगन्नाथ सर के साथ काम करने का मौका मिला। वह साउथ के बहुत बड़े डायरेक्टर हैं। वहीं से यह सिलसिला आगे बढ़ता गया। सवाल: अमिताभ बच्चन के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: मेरी दूसरी हिंदी फिल्म में ही अमिताभ बच्चन जी के साथ काम करने का मौका मिला। उनके साथ एक फ्रेम शेयर करना भी बहुत बड़ी बात है। उनके सामने बैठकर भी आप बहुत कुछ सीख सकते हैं- ह्यूमिलिटी, अनुशासन, डेडिकेशन और पैशन। एक्टिंग के अलावा लोगों के साथ किस तरह व्यवहार करना है और हर किसी को बराबर सम्मान देना है, यह भी उनसे सीखा। सवाल: बुड्ढा होगा तेरा बाप के सेट का कोई खास किस्सा याद है? जवाब: बच्चन साहब की एनर्जी देखकर हम लोग थक जाते थे, लेकिन वह कभी नहीं थकते थे। मैंने खुद देखा कि वह लगातार काम करते रहते थे। उन्होंने कभी यह नहीं पूछा कि मेरे शॉट में कितना समय है। वह हर कलाकार को उतनी ही इज्जत और सम्मान देते थे। मुझे लगता है कि उनकी शानदार एक्टिंग के साथ उनका इंसान होना भी उनकी खासियत है। सवाल: मिर्जापुर मूवी के बाद अब किस तरह के ऑफर्स मिल रहे हैं? जवाब: ऑफर्स आ रहे हैं। उम्मीद है कि अब मुझे वैसे किरदार ऑफर होंगे, जिस तरह दर्शक मुझे देखना चाहते हैं। मैं अलग-अलग तरह के रोल करना चाहती हूं, ताकि एक ही तरह के किरदार में न बंध जाऊं और खुद को अलग-अलग भूमिकाओं में साबित कर सकूं। सवाल: आपका कोई ड्रीम रोल है, जिसे आप जिंदगी में जरूर करना चाहती हैं? जवाब: शायद मेरा ड्रीम रोल मुझे पहली फिल्म में ही मिल गया था। मुझे लव स्टोरी बहुत पसंद हैं और मैं प्यार में बहुत विश्वास करती हूं। मेरी पसंदीदा फिल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे हुआ करती थी। मैं सच में मानती थी कि एक राज आएगा और उसी तरह मुझसे प्यार करेगा। शायद मैंने उसे मैनिफेस्ट किया और जन्नत भी एक कल्ट लव स्टोरी बन गई। लेकिन हम कलाकार थोड़े लालची होते हैं। इसलिए मैं फिर से ऐसी लव स्टोरी करना चाहूंगी, जो बहुत आइकॉनिक हो और जिसे लोग लंबे समय तक याद रखें। सवाल: इतने लंबे समय तक दर्शकों ने आपको याद रखा। इसका सबसे बड़ा श्रेय किसे देंगी? जवाब: मैं इसका सबसे बड़ा श्रेय अपनी ऑडियंस और फैंस को देना चाहूंगी। उन्होंने मुझे इतने लंबे समय तक मोटिवेटेड रखा और कभी महसूस नहीं होने दिया कि मैं यहां नहीं हूं। आज भी लोग कहते हैं कि मेरे अंदर उन्हें वही मासूमियत और जज्बा नजर आता है। यह सब उनके प्यार की वजह से है। जन्नत के इतने साल बाद भी लोगों को लगता है जैसे फिल्म कल ही रिलीज हुई थी। सोशल मीडिया पर मुझे बहुत प्यारे मैसेज और डीएम आते रहते हैं। मुझे ट्रोलिंग का सामना बहुत कम करना पड़ा है। ज्यादातर लोगों से सिर्फ प्यार और पॉजिटिविटी मिली है। सवाल: आपके पास किस तरह के डीएम आते हैं? जवाब: बहुत तरह के डीएम आते हैं, लेकिन सबसे ज्यादा शादी से जुड़े मैसेज होते हैं। मुझे काफी शादी के प्रपोजल्स आते हैं और लोग अलग-अलग मजेदार तरीके से अपने दिल की बात बताते हैं। कई बार ऐसे मैसेज पढ़कर हंसी भी आती है और अच्छा भी लगता है कि लोग आज भी मुझे इतना प्यार करते हैं। सवाल: आपके पेरेंट्स भी पूछते होंगे कि शादी के लिए कोई मिला या नहीं? जवाब: नहीं-नहीं, पेरेंट्स डीएम वाले शादी के प्रपोजल्स के बारे में तो नहीं पूछते। (हंसते हुए) वैसे भी सोशल मीडिया पर आने वाले हर मैसेज को घर पर डिस्कस थोड़ी किया जा सकता है। हां, शादी को लेकर सवाल तो कभी-कभी आते ही हैं, लेकिन अभी तक ऐसा कोई जवाब देने लायक अपडेट नहीं है। सवाल: तो सपनों का राजकुमार अभी तक नहीं मिला? जवाब: शायद मेरे सपनों का राजकुमार अभी आसपास ही हो। हो सकता है कि वह आसपास हो और मुझे अभी पता ही न हो। जब सही समय आएगा और सही इंसान मिलेगा, तब शायद मुझे भी पता चल जाएगा कि यही मेरे सपनों का राजकुमार है।



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  • Deepika Padukone & Ranveer Singh Blessed With Baby Girl

    Deepika Padukone & Ranveer Singh Blessed With Baby Girl


    2 घंटे पहले

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    दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह की शादी नवंबर 2018 को हुई थी। दोनों 2024 में पहली बार पैरेंट्स बने थे।

    दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह शनिवार को दूसरी बार माता-पिता बन गए हैं। दीपिका ने दूसरी बार बेटी को जन्म दिया है।

    कपल ने इंस्टाग्राम पोस्ट में न्यूबॉर्न बेबी गर्ल के फुट प्रिंट शेयर किए हैं। गुड न्यूज शेयर करते हुए उन्होंने पोस्ट में नजर इमोजी भी बनाई है।

    दूसरी बेटी के जन्म की जानकारी देते हुए दीपिका और रणवीर ने यह तस्वीर पोस्ट की।

    दूसरी बेटी के जन्म की जानकारी देते हुए दीपिका और रणवीर ने यह तस्वीर पोस्ट की।

    अप्रैल में की थी प्रेग्नेंसी अनाउंसमेंट

    कपल ने 19 अप्रैल को दूसरी प्रेग्नेंसी की घोषणा की थी। दीपिका और रणवीर के इंस्टाग्राम हैंडल पर उनकी बेटी दुआ की एक तस्वीर शेयर की गई थी, जिसमें बेटी ने एक प्रेग्नेंसी टेस्ट किट पकड़ी हुई है, जो पॉजिटिव रिजल्ट दिखा रहा है।

    तस्वीर में रणवीर बेटी को गोद में लिए हुए हैं। हालांकि, उनका चेहरा दिखाई नहीं दे रहा था। वहीं, तस्वीर में दुआ का आधा चेहरा नजर आ रहा था।

    दीपिका और रणवीर के इंस्टाग्राम हैंडल पर दुआ की यह तस्वीर शेयर की गई थी।

    दीपिका और रणवीर के इंस्टाग्राम हैंडल पर दुआ की यह तस्वीर शेयर की गई थी।

    2024 में बेटी दुआ का जन्म हुआ था

    बता दें कि दीपिका और रणवीर ने 8 सितंबर 2024 को अपनी बेटी दुआ के जन्म की जानकारी दी थी। उस समय उन्होंने लिखा था, ‘वेलकम बेबी गर्ल। 8 सितंबर 2024। दीपिका और रणवीर।’

    इससे पहले फरवरी 2024 में दीपिका ने प्रेग्नेंसी की घोषणा की थी। दोनों की लव स्टोरी 2013 में फिल्म ‘गोलियों की रासलीला राम-लीला’ के सेट से शुरू हुई थी। कई सालों तक रिश्ते में रहने के बाद दोनों ने 2018 में इटली में शादी की थी।

    दीपिका और रणवीर ने बेटी दुआ का चेहरा दिवाली 2025 के मौके पर पहली बार दुनिया को दिखाया था।

    दीपिका और रणवीर ने बेटी दुआ का चेहरा दिवाली 2025 के मौके पर पहली बार दुनिया को दिखाया था।

    रणवीर-दीपिका ने फैमिली फोटोज शेयर की थीं

    रणवीर और दीपिका ने 8 सितंबर 2026 को अपनी फैमिली फोटोज शेयर की थीं। यह तस्वीरें उन्होंने अपनी बड़ी बेटी दुआ के दूसरे जन्मदिन के मौके पर अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर शेयर की थीं।

    इन तस्वीरों में दीपिका पादुकोण अपना बेबी बंप फ्लॉन्ट करती नजर आ रही थीं, साथ ही रणवीर और उनकी बेटी दुआ के साथ भी तस्वीरें थीं।

    देखिए रणवीर सिंह- दीपिका की फैमिली फोटोज-

    यह पोस्ट दुआ के दूसरे जन्मदिन के मौके पर शेयर की गई।

    यह पोस्ट दुआ के दूसरे जन्मदिन के मौके पर शेयर की गई।

    कपल ने सफेद कपड़ों और ब्लैक एंड व्हाइट थीम पर फोटोशूट करवाया है।

    कपल ने सफेद कपड़ों और ब्लैक एंड व्हाइट थीम पर फोटोशूट करवाया है।

    पिता के साथ मस्ती करती हुईं दुआ।

    पिता के साथ मस्ती करती हुईं दुआ।

    मां के बेबी बंप को निहारतीं दुआ।

    मां के बेबी बंप को निहारतीं दुआ।

    तस्वीरों में दुआ अपने माता-पिता के साथ मस्ती भरे अंदाज में नजर आ रही हैं।

    तस्वीरों में दुआ अपने माता-पिता के साथ मस्ती भरे अंदाज में नजर आ रही हैं।

    रणवीर ने 1000 बेटियों की शिक्षा में मदद का संकल्प लिया

    रणवीर सिंह ने गुरुवार को मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा पंडाल में पहुंचकर गणपति बप्पा के दर्शन किए थे। इस दौरान उन्होंने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 1000 बेटियों की शिक्षा में मदद करने का संकल्प लिया था।

    लालबागचा राजा के दर्शन करने के बाद न्यूज18 को दिए इंटरव्यू में रणवीर ने कहा, “बहुत अच्छा लग रहा है यहां आकर। जो पिछला साल गुजरा है, मेरे लिए और मेरे परिवार के लिए खुशियों से भरा रहा, बप्पा की कृपा से। तो यहां आए हैं उनके दर्शन करने, उनको धन्यवाद कहने और उनका आशीर्वाद लेने, आगे के सफर के लिए, जीवन के सफर के लिए।”

    उन्होंने आगे कहा, “हमारे आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन के अवसर पर, मैं सेवा संकल्प अभियान से जुड़कर हजार बेटियों की पढ़ाई में मदद करने का संकल्प लेता हूं। आशा है कि इसके चलते बप्पा प्रसन्न होंगे और उनका आशीर्वाद हमेशा हम पर रहेगा। बस, धन्यवाद। जय गणेश। जय गणेश।”

    रणवीर और दीपिका के वर्कफ्रंट की बात करें तो दीपिका फिल्म ‘किंग’ में शाहरुख खान के साथ नजर आएंगी। फिल्म 24 दिसंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

    रणवीर सिंह जल्द ही फिल्म प्रलय में नजर आने वाले हैं, जिसकी शूटिंग मुंबई में शुरू हो चुकी है। फिल्म का निर्देशन जय मेहता कर रहे हैं।

    रणवीर की लास्ट 2 फिल्में धुरंधर और धुरंधर 2 हैं। दोनों ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुईं।

    ‘धुरंधर’ के पहले पार्ट ने दुनियाभर में 1307 करोड़ रुपए का कारोबार किया था, जबकि इसके सीक्वल को भी दर्शकों का शानदार रिस्पॉन्स मिला।

    धुरंधर 2 ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई करते हुए भारत में दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनने का रिकॉर्ड बनाया।

    सैकनिल्क के मुताबिक, फिल्म ने भारत में करीब ₹1149 करोड़ नेट कलेक्शन और दुनियाभर में लगभग ₹1813 करोड़ ग्रॉस कमाई की। ग्रॉस कलेक्शन टिकट से कुल कमाई और नेट कलेक्शन टैक्स के बाद की कमाई होती है।

    नोट: ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर: द रिवेंज’ दोनों फिल्मों का बजट एक ही है।

    नोट: ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर: द रिवेंज’ दोनों फिल्मों का बजट एक ही है।

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    दीपिका से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें..

    दीपिका पादुकोण के साथ सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचे रणवीर सिंह: पत्नी को भीड़ से बचाते दिखे एक्टर

    दूसरी बेटी को जन्म देने से एक दिन पहले दीपिका पादुकोण शुक्रवार को पति रणवीर के साथ सिद्धिविनायक मंदिर में दर्शन करने पहुंची थीं। इस दौरान रणवीर उन्हें भीड़ से बचाते दिखे। पूरी खबर पढ़ें…



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