बड़वानी जिले के सेंधवा निवासी पार्श्व गायक अभय जोधपुरकर को मंगलवार को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में सर्वश्रेष्ठ पुरुष पार्श्व गायक का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में हुए समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें रजत कमल से सम्मानित किया। अभय को फिल्म ‘घरात गणपति’ के मराठी गीत ‘नवसाची गौरी माझी’ के लिए यह सम्मान मिला है। पहली बार दिल्ली से बाहर हुआ समारोह 72वां राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह पहली बार दिल्ली से बाहर गुजरात के एकता नगर में आयोजित किया गया। समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशभर के फिल्म कलाकारों और तकनीशियनों को पुरस्कार प्रदान किए। अभय के पिता मनोज जोधपुरकर और माता अमिता जोधपुरकर भी समारोह में मौजूद रहे। एआर रहमान के संगीत विद्यालय से पढ़ाई अभय ने संगीतकार ए.आर. रहमान के संगीत विद्यालय केएम म्यूजिक कंजरवेटरी से संगीत की पढ़ाई की है। उन्होंने 2012 में कन्नड़ फिल्म ‘गॉड फादर’ से पार्श्व गायन की शुरुआत की थी। इसके बाद मणिरत्नम की तमिल फिल्म ‘कदल’ के गीत ‘मूंगिल थोट्टम’ से उन्हें पहचान मिली। इस गीत के लिए उन्हें पुरस्कार भी मिला था।
‘मेरे नाम तू’ से हिंदी सिनेमा में मिली पहचान हिंदी सिनेमा में अभय को शाहरुख खान की फिल्म ‘जीरो’ के गीत ‘मेरे नाम तू’ से लोकप्रियता मिली। इस गाने के लिए उन्हें 2019 में मिर्ची म्यूजिक अवॉर्ड्स में ‘अपकमिंग मेल वोकलिस्ट ऑफ द ईयर’ का सम्मान मिला था। अभय ने हिंदी के अलावा तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और मराठी भाषाओं में भी गाने गाए हैं। कई पुरस्कारों के बाद राष्ट्रीय सम्मान अभय को 2013 में ‘कदल’ के लिए बेस्ट प्लेबैक सिंगर का सम्मान मिला था। 2017 में ‘वनमगन’ के गीत के लिए भी उन्हें अवॉर्ड मिला। 2019 में ‘मेरे नाम तू’ के लिए मिर्ची म्यूजिक अवॉर्ड मिला। 2022 में उन्हें मराठी संगीत के लिए मिर्ची म्यूजिक अवॉर्ड भी मिला था। अब ‘नवसाची गौरी माझी’ के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार उनके करियर की उपलब्धियों में शामिल हो गया है। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार की विजेता सूची में अभय जोधपुरकर को सर्वश्रेष्ठ पुरुष पार्श्व गायक घोषित किया गया है। उनकी उपलब्धि से सेंधवा में खुशी का माहौल है।
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सेंधवा के अभय जोधपुरकर को मिला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार:मराठी गीत ‘नवसाची गौरी माझी’ के लिए राष्ट्रपति ने दिया रजत कमल; एआर रहमान के संगीत स्कूल से पढ़े
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Maithili Thakur Rolls Royce Mumbai Visit
13 करोड़ रुपए की रोल्स रॉयस कुलिनन कार में सवार होकर मुंबई में लालबागचा राजा के दर्शन करने पहुंचीं मैथिली ठाकुर चर्चा में हैं। बिहार की सबसे युवा विधायक मैथिली ने 2025 के चुनाव में कुल संपत्ति 3.82 करोड़ रुपए बताई थी।
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मैथिली जिस कार में सवार थीं वह कितनी खास है? इनके पास कितनी संपत्ति है? कौन सी गाड़ी है? किसका सपोर्ट मिला? आज बूझे की नाही में इन सवालों के जवाब जानिए…।
सवाल 1- कितनी खास है रोल्स रॉयस कुलिनन कार?
जवाब: रोल्स रॉयस कुलिनन कार ब्रिटिश लग्जरी कार निर्माता कंपनी रोल्स-रॉयस मोटर कार्स लिमिटेड बनाती है। यह BMW AG की सहायक कंपनी है। इन कारों का निर्माण इंग्लैंड के गुडवुड में किया जाता है।
- रोल्स-रॉयस कुलिनन के 2 वेरिएंट हैं। इसमें 6.75 लीटर का ट्विन टर्बो V12 इंजन लगा है। यह महिंद्रा की स्कॉर्पियो के इंजन से करीब 3 गुना बड़ा है।
- स्कॉर्पियो में 2184cc का 4 सिलेंडर वाला इंजन है। वहीं, कुलिनन में 6750cc का 12 सिलेंडर वाला इंजन लगा है। यह 571 PS की पावर और 850 Nm का टॉर्क पैदा करता है।
- कुलिनन में ऑल-व्हील ड्राइव और रियर-व्हील स्टीयरिंग की सुविधा है। रियर-व्हील स्टीयरिंग आधुनिक ऑटोमोबाइल तकनीक है।
- इसमें गाड़ी मोड़ने पर आगे के पहियों के साथ-साथ पिछले पहिये भी कुछ डिग्री तक घूमते हैं। इससे टर्निंग रेडियस कम हो जाता है और कम जगह में कार आसानी से मुड़ जाती है। यह फीचर 17.5 फीट लंबी इस गाड़ी को मोड़ना आसान बनाती है।
- 5.2 सेकंड में 0-100 kmph की रफ्तार पकड़ने वाली इस कार में 5 लोगों के बैठने की जगह है।
- कार में ‘मैजिक-कार्पेट’ एयर सस्पेंशन लगा है, जिससे सड़क पर मौजूद गड्ढे अंदर बैठे व्यक्ति को महसूस नहीं होते।
- कार में 18 स्पीकर वाला खास स्टीरियो सिस्टम, पीछे की तरफ थिएटर स्क्रीन, शैंपेन कूलर, व्हिस्की डिकैंटर और पीछे की तरफ खुलने वाली व्यूइंग सुइट है।
- यह 6.6 किलोमीटर प्रति लीटर की माइलेज देती है। इसकी टंकी में 100 लीटर पेट्रोल भरा जा सकता है।
मैथिली ठाकुर मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा पंडाल में गणपति दर्शन के लिए पहुंची थीं।
सवाल 2- कितनी सुरक्षित है रोल्स रॉयस कुलिनन?
जवाब: रोल्स-रॉयस कुलिनन में कई तरह के एडवांस्ड एक्टिव और पैसिव सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं। यूरो NCAP या भारत NCAP जैसी एजेंसियों ने आधिकारिक तौर पर इसका क्रैश-टेस्ट नहीं किया है। इसमें सुरक्षा के ये इंतजाम हैं…

सवाल 3- मैथली ठाकुर के नाम पर कौन सी गाड़ी है?
जवाब: 2025 के विधानसभा चुनाव में दिए गए शपथ पत्र में उन्होंने अपनी चल संपत्ति 2 करोड़, 32 लाख 33 हजार 255 रुपए की बताई थी। वाहन चल संपत्ति में आते हैं।
मैथली ने बताया था कि उनके पास सिर्फ 20 हजार रुपए की होण्डा एक्टिवा स्कूटी है। मैथली ने पांच साल में अपनी आमदनी की जानकारी दी थी। इनके पास 1.50 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति थी।
नवंबर 2025 में बिहार विधानसभा के चुनाव संपन्न हुए। मैथली 10 महीने से विधायक हैं। इस दौरान उन्हें सरकार से करीब 1.50 लाख रुपए प्रति महीना वेतन/भत्ते मिले हैं।

सवाल 4- क्या मैथली ठाकुर ने रोल्स-रॉयस कार ली है?
जवाब: मैथली ठाकुर ने खुद रोल्स-रॉयस कुलिनन कार ली है या वह किसी और की कार में सवार थीं, इसके बारे में साफ जानकारी सामने नहीं आई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मैथली उद्योगपति मुकेश अंबानी की मेहमान के तौर पर मुंबई गईं थीं। इसी यात्रा के दौरान वह रॉल्स रॉयस कार से भगवान गणेश के दर्शन करने गईं।
सवाल 5- मैथली ठाकुर ने ट्रोल किए जाने पर क्या कहा, किसका सपोर्ट मिला?
जवाब: सोमवार दोपहर तक रोल्स-रॉयस मामले में ट्रोल किए जाने पर मैथली ठाकुर का बयान मीडिया में नहीं आया है।
दूसरी ओर बीजेपी सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट ने मैथिली का बचाव किया है। कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर पोस्ट शेयर कर ट्रोलर्स पर निशाना साधा और सवाल उठाया कि नेताओं के अच्छे जीवन जीने पर लोगों को आपत्ति क्यों होती है।
कंगना रनोट ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा, ‘कुछ लोगों को नेताओं के अच्छे से रहने पर भी समस्या होती है। हमारी युवा विधायक मैथिली ठाकुर को लग्जरी कार का इस्तेमाल करने के लिए ट्रोल किया जा रहा है।
हम लोग समाज सेवा के काम से जुड़े हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हमारा अपना करियर, पर्सनल लाइफ और लोकप्रियता नहीं हो सकती। हम बिना किसी स्वार्थ के जनता की सेवा करते हैं, फिर भी कुछ लोगों को आपत्ति होती है। क्या हमसे यह उम्मीद की जाती है कि हम हमेशा गरीब और बेजान बनकर रहें।’

वे जिस ब्लू कलर की रोल्स रॉयस कार में आई थीं, उसकी ऑन-रोड कीमत मुंबई में 13 करोड़ रुपए से ज्यादा बताई जा रही है।
सवाल 6- कौन हैं मैथिली ठाकुर, कैसे बनीं बिहार की सबसे कम उम्र की विधायक?
जवाब: मैथिली मूल रूप से बिहार के मधुबनी जिले के बेनीपट्टी की रहने वाली हैं। उनका परिवार संगीत की शिक्षा और आगे के करियर के लिए बाद में नई दिल्ली के द्वारका में शिफ्ट हो गया था। उनके पिता रमेश ठाकुर संगीत शिक्षक हैं। मैथिली ने बचपन में अपने दादाजी से शास्त्रीय और लोक संगीत की ट्रेनिंग ली थी।
वह मैथिली, भोजपुरी, भक्ति भजन और फिल्मी गानों की अपनी प्रस्तुतियों के लिए जानी जाती हैं। यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उनकी बहुत बड़ी फैन फॉलोइंग है।
राजनीति में आने से पहले मैथिली ठाकुर की पहचान एक लोक गायिका के रूप में रही है। साल 2017 में रियलिटी सिंगिंग शो ‘राइजिंग स्टार इंडिया’ में हिस्सा लेने के बाद उन्हें पूरे देश में पहचान मिली थी।
2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा ने मैथिली को दरभंगा जिला के अलीनगर सीट से टिकट दिया था। 25 साल मैथिली आरजेडी के बड़े नेता बिनोद मिश्रा को हराकर विधायक बिहार की सबसे युवा विधायक बनीं।

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Mirzapur Movie: Rasika Duggal Nervous Before Release
13 घंटे पहलेलेखक: आशीष तिवारी
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मिर्जापुर मूवी में मोहित मलिक के बिरजू लोहार के किरदार ने दर्शकों के बीच गहरी छाप छोड़ी है। वहीं, बिना त्रिपाठी की जटिल और अप्रत्याशित कहानी लगातार चर्चा में है। दैनिक भास्कर से बातचीत में दोनों कलाकारों ने बिरजू के किरदार, उसके आखिरी सीन, शूटिंग के अनुभव और दर्शकों की भावनात्मक प्रतिक्रिया पर बात की। मोहित ने बताया कि कम स्क्रीन टाइम के बावजूद बिरजू की पांच साल की जर्नी को पर्दे पर दिखाना उनके लिए कितना महत्वपूर्ण था। रसिका ने बीना त्रिपाठी के किरदार की परतों और उसकी रणनीति पर भी विचार साझा किए।

‘मिर्जापुर’ के महत्वपूर्ण सीन की शूटिंग को याद करते हुए मोहित और रसिका ने कैमरा टीम के सहयोग का जिक्र किया।
सवाल: बिरजू लोहार का किरदार दर्शकों के बीच इतना लोकप्रिय हो गया है। क्या आपने सोचा था कि यह किरदार इतना प्रभाव छोड़ेगा?
जवाब/मोहित मलिक: सच कहूं तो ऐसा सोचा नहीं था, लेकिन पूरी कोशिश जरूर की थी। मुझे पता था कि इतने बड़े कलाकारों और महत्वपूर्ण किरदारों के बीच मेरा स्क्रीन टाइम बहुत कम है। इसलिए मेरे लिए जरूरी था कि जब भी मैं स्क्रीन पर आऊं, तो बिरजू की पांच साल की जर्नी दिखाई दे। मुझे लगता है कि दर्शक भावनाओं से बहुत जल्दी जुड़ते हैं।
मैंने इस किरदार के लिए पूरी मेहनत की और अपनी जान लगा दी। आखिर में फिल्म के कुछ खास पल सही तरीके से जुड़ जाते हैं और खूबसूरत कहानी बन जाती है। मुझे लगता है कि बिरजू के साथ भी ऐसा ही हुआ।
सवाल: फिल्म का आखिरी सीन बहुत मार्मिक है। उस सीन की शूटिंग के दौरान सेट का माहौल कैसा था?
जवाब/रसिका दुग्गल: मेरे अनुभव में कई बार ऐसा होता है कि जिस सीन को बाद में फिल्म का सबसे महत्वपूर्ण या सबसे ज्यादा चर्चित सीन माना जाता है, उसकी शूटिंग के दिन सेट पर बहुत ज्यादा अव्यवस्था होती है। उस दिन भी ऐसा ही हुआ था। हमारी शिफ्ट का समय काफी आगे बढ़ गया था। किसी को भूख लगी थी, किसी को घर जाना था और शूटिंग के लिए समय कम बचा था।
ऐसे माहौल में एक्टर के लिए शांत रहना और समझना मुश्किल होता है कि यह मौका दोबारा नहीं मिलेगा। आपको उस पूरे शोर के बीच अपने विचार समेटने होते हैं और कोशिश करनी होती है कि उस पल को पूरी ईमानदारी से निभा सकें। इस सीन में भी हमारे सामने यही चुनौती थी।
मोहित मलिक: उस समय हमें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि यह सीन इतना खास बन जाएगा। जैसा रसिका ने कहा, उस वक्त बहुत कुछ चल रहा था। लेकिन बाद में जब गाना, अभिनय और बाकी चीजें एक साथ जुड़ीं, तो वह सीन बहुत खूबसूरत बन गया।
सवाल: इस सीन में गाने ने भी काफी भावनात्मक असर डाला है। आपको यह गाना पहली बार कब सुनने को मिला?
जवाब/रसिका दुग्गल: हमने यह गाना पहली बार फिल्म की स्क्रीनिंग में सुना था। उससे पहले हमने सीन देखा था, लेकिन उसमें गाना शामिल नहीं था। मुझे लगता है कि इस गाने ने उस पूरे पल को ज्यादा प्रभावशाली बना दिया। यह गाना उस सीन को काव्यात्मक स्तर पर ले जाता है। मधुर ने इसे बहुत खूबसूरती से गाया है और पुनीत जी की लिखी हर लाइन की तरह इसमें भी बहुत गहराई है। गाने ने सीन की भावनाओं को और मजबूत किया है।
मोहित मलिक: बिल्कुल। मधुर ने बहुत अच्छा गाया है। उस गाने ने सीन को अलग ही एहसास दिया। सवाल: बिरजू के किरदार को निभाते समय आपके लिए सबसे बड़ी चुनौती क्या थी? मोहित मलिक: मेरे लिए सबसे बड़ी चुनौती थी कि कम स्क्रीन टाइम में भी किरदार की पूरी यात्रा दिखाई दे। मैं ऐसे कलाकारों के बीच काम कर रहा था, जिनके किरदार पहले से दर्शकों के बीच बहुत लोकप्रिय हैं।
रवि किशन जी खुद बड़े स्टार हैं और उनका अपना प्रभाव है। ऐसे में मैं नए किरदार के साथ उस दुनिया में आया था। मुझे साबित करना था कि बिरजू की अपनी पहचान है और उसकी कहानी दर्शकों तक पहुंचे। मैं आभारी हूं कि पूरी टीम ने मुझे प्यार दिया और अपनापन महसूस कराया। सभी ने सहयोग किया, जिससे मेरे लिए यह अनुभव अच्छा रहा।

बिना त्रिपाठी की भूमिका पर रसिका दुग्गल ने किरदार की जटिलता और उसकी रणनीति पर खुलकर बात की।
सवाल: रसिका, बिना त्रिपाठी का किरदार हर बार नई परत के साथ सामने आता है। क्या आपको भी उसे समझते हुए कुछ नया महसूस होता है?
जवाब/रसिका दुग्गल: बिल्कुल। मुझे भी बिना के बारे में ऐसा ही लगता है। जैसे ही मुझे लगता है कि मैं उसे समझने लगी हूं, पुनीत जी कुछ ऐसा लिखकर ले आते हैं कि मैं सोचती हूं, यह कैसे हुआ? बिना का किरदार बहुत जटिल है। वह पितृसत्तात्मक समाज में रहती है, जहां जैसे ही वह अपनी जगह बनाती है, कोई न कोई उसे पीछे धकेल देता है। फिर वह दोबारा अपनी जगह बनाती है।
यही प्रक्रिया उसके किरदार को दिलचस्प बनाती है। वह कमजोर भी है और रणनीतिक भी। वह भावनात्मक भी है और बहुत चतुर भी। उसके अंदर कई परतें हैं और यही चीज उसे दूसरे किरदारों से अलग बनाती है।
सवाल: दर्शक अब बिना को पहले से ज्यादा समझने लगे हैं। क्या आपको भी ऐसा लगता है?
जवाब/रसिका दुग्गल: हां, लेकिन जैसे ही लगता है कि दर्शक उसे समझने लगे हैं, कहानी में कुछ नया सामने आ जाता है। मुझे लगता है कि बिना की यही सबसे बड़ी खासियत है। लोग अक्सर मुझसे कहते हैं कि उन्होंने पर्दे पर ऐसी महिला पहले नहीं देखी। वह जिस तरह परिस्थितियों को समझती है और अपने तरीके से आगे बढ़ती है, वह बहुत अलग है।
मुझे यह भी लगता है कि वह हर स्थिति में खुद को ढाल सकती है। वह अपनी कमजोरियों को जानती है, लेकिन उनका इस्तेमाल कैसे करना है, यह भी समझती है।
सवाल: बीना की कौन-सी खूबी आप अपनी असल जिंदगी में चाहेंगी?
जवाब/रसिका दुग्गल: बीना की यह खूबी कि वह दूसरे लोगों को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करना जानती है। मैं असल जिंदगी में ऐसा बिल्कुल नहीं कर पाती। काश, मैं भी परिस्थितियों पर उतना नियंत्रण रख पाती, जितना बीना रखती है।
सवाल: बीना की कौन-सी बात है, जिसके लिए आप कहेंगी कि अच्छा है, यह मुझमें नहीं है?
जवाब/रसिका दुग्गल: उसका लोगों को मारने का माद्दा। मैं चाहती हूं कि मेरी परफॉर्मेंस ‘किलर’ हो, लेकिन मेरे अंदर किसी को मारने वाला स्वभाव नहीं होना चाहिए।

मोहित मलिक ने बताया कि कम स्क्रीन टाइम में बिरजू की पांच साल की जर्नी दिखाना उनके लिए बड़ी चुनौती थी।
सवाल: मोहित, बिरजू का कितना हिस्सा आपकी असल जिंदगी में मौजूद है?
जवाब/मोहित मलिक: मुझे लगता है कि बिरजू का लगभग 80 से 90 प्रतिशत हिस्सा मुझमें है। खासकर प्यार के मामले में। मैं भी भावनाओं को बहुत गंभीरता से लेता हूं और इस मामले में खुद को बिरजू के काफी करीब पाता हूं।
सवाल: दर्शक आपके किरदार बिरजू और पुराने टीवी किरदार सम्राट सिंह में समानताएं देख रहे हैं। इस तुलना को आप कैसे देखते हैं?
जवाब/मोहित मलिक: मैंने अपने एक टीवी शो में सम्राट सिंह का किरदार निभाया था, जो कुछ हद तक मुन्ना भैया जैसा था। इसलिए मुझे खुशी है कि मेरे पुराने टीवी शो के दर्शक और फैन क्लब फिर से सक्रिय हो गए हैं। मैंने देखा है कि उन किरदारों को पसंद करने वाले लोग अब बिरजू को भी देख रहे हैं। यह मेरे लिए अच्छी बात है। मुझे खुशी है कि इतने साल बाद मेरे पुराने काम से जुड़े दर्शक फिर से जुड़ रहे हैं और इस किरदार को भी प्यार दे रहे हैं।
सवाल: फिल्म को दर्शकों की ओर से मिल रही प्रतिक्रिया के बारे में आप दोनों का अनुभव कैसा रहा?
जवाब/रसिका दुग्गल: इस बार मैं थोड़ी नर्वस थी। आमतौर पर जब मैं किसी प्रोजेक्ट पर काम करती हूं, तो सिर्फ शूटिंग के दौरान अपने काम पर ध्यान देती हूं। मैं यह नहीं सोचती कि दर्शक इसे कैसे स्वीकार करेंगे। लेकिन ‘मिर्जापुर’ के मामले में जिम्मेदारी का एहसास अलग था। हमारे फैंस पिछले आठ-नौ साल से हमें बहुत वफादारी से फॉलो कर रहे हैं। उन्हें प्रोजेक्ट से जुड़ी कई बातें हमसे पहले पता चल जाती हैं।
मुझे चिंता थी कि क्या हम उन्हें खुश कर पाएंगे? क्या वे फिल्म देखने के लिए थिएटर आएंगे? ओटीटी पर घर बैठे फिल्म देखना अलग अनुभव है, जबकि थिएटर जाने के लिए दर्शकों को समय और मेहनत लगती है। अब जब लोग फिल्म देखने आ रहे हैं और दोस्तों को भी साथ ला रहे हैं, तो मुझे बहुत खुशी हो रही है। इससे हमारा फैन बेस और बढ़ा है।
मोहित मलिक: मुझे लगता है कि ‘मिर्जापुर’ के फैंस फिल्म देखने जा ही रहे हैं। लेकिन जब उन्हें फिल्म अच्छी लगती है, तो वे दूसरे लोगों को भी इसे देखने के लिए कहते हैं। मुझे जो फोन आते हैं, उनमें लोग कहते हैं कि हम ‘मिर्जापुर’ के फैन तो हैं ही, लेकिन फिल्म इतनी अच्छी बनी है कि हम चाहते हैं कि हर कोई इसे देखे। यही वर्ड ऑफ माउथ फिल्म को आगे ले जा रहा है।

थिएटर में दर्शकों की प्रतिक्रिया देखकर रसिका दुग्गल ने बताया कि एक कलाकार के लिए वह पल कितना खास था।
सवाल: आप दोनों दर्शकों के बीच फिल्म देखने भी गए थे। वहां का अनुभव कैसा रहा?
जवाब/रसिका दुग्गल: हम ‘विमेन ऑफ मिर्जापुर’ का ग्रुप बनाकर फिल्म देखने गए थे। जब मैं थिएटर के अंदर जा रही थी, तभी वह सीन आने वाला था, जिसमें दर्शकों को बिना के बारे में एक खास बात का एहसास होता है। सीन से दो-तीन सेकेंड पहले ही मुझे दर्शकों की सामूहिक प्रतिक्रिया सुनाई दी। अचानक पूरा थिएटर शांत हो गया। जब वह महत्वपूर्ण लाइन आई, तो लोगों ने तालियां बजाईं।
दर्शकों के बीच बैठकर ऐसा रिएक्शन देखना बहुत बड़ी खुशी थी। एक कलाकार के लिए यह बहुत अच्छा एहसास होता है कि जिस पल को उसने निभाया, वह दर्शकों तक उसी भावना के साथ पहुंचा।
मोहित मलिक: रसिका ने जिस तरह से वह लाइन बोली है और उसके पीछे जो भावनाएं हैं, वे बहुत प्रभावशाली हैं। सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि उन शब्दों के पीछे की पूरी भावना महत्वपूर्ण है। जब मैंने स्क्रीन पर वह सीन देखा, तो मुझे भी बहुत अच्छा लगा।
सवाल: उस महत्वपूर्ण सीन की शूटिंग के दौरान आप दोनों के बीच तालमेल कैसा रहा?
जवाब/मोहित मलिक: वह फिल्म की शूटिंग का मेरा पहला दिन था और वही सीन था। हालांकि हम पहले मिल चुके थे, लेकिन उस दिन पहली बार साथ में शूट कर रहे थे। मेरे लिए यह महत्वपूर्ण था कि हम एक-दूसरे की आंखों में देखकर अभिनय कर सकें। कई बार कैमरा इस तरह लगाया जाता है कि को-एक्टर के लिए सामने वाले को देखना मुश्किल हो जाता है। लेकिन इस सीन में वह जरूरी था।
कैमरा टीम ने सहयोग किया और कैमरे की स्थिति इस तरह बदली कि हम एक-दूसरे को देख सकें। इससे सीन में भावनाएं स्वाभाविक तरीके से आ पाईं।
रसिका दुग्गल: कई बार कैमरा ऐसी जगह रखा जाता है कि को-एक्टर के लिए सामने वाले को देखना मुश्किल होता है। लेकिन इस सीन में एक-दूसरे की आंखों में देखना जरूरी था। कैमरा टीम ने हमारी जरूरत समझी और चीजें एडजस्ट कीं। इससे हमें किसी तय निशान को देखने के बजाय एक-दूसरे के साथ स्वाभाविक तरीके से अभिनय करने का मौका मिला। ऐसे भावनात्मक दृश्यों में यह बहुत महत्वपूर्ण होता है।
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यह इंटरव्यू भी पढ़ें..
‘बिरजू को क्यों मारा?’ पर बोले रसिका-मोहित:‘कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा’ जैसी ‘मिर्जापुर मूवी की बड़ी मिस्ट्री

मिर्जापुर’ की दुनिया किरदारों, हिंसा और दमदार डायलॉग्स के साथ मीम्स के लिए भी मशहूर है। वेब सीरीज के पुराने मीम्स हों या फिल्म के नए किरदार बिरजू लोहार और उनके दर्दभरे सीन, सोशल मीडिया पर ‘मिर्जापुर’ का जलवा है। फिल्म में बीना त्रिपाठी का किरदार निभाने वाली रसिका दुग्गल और बिरजू लोहार बने मोहित मलिक ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में वायरल मीम्स, अपने किरदारों पर बने मजेदार मीम्स और सोशल मीडिया के रिएक्शन पर बात की।पूरी खबर पढ़ें..
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Shahrukh Khan & Suhana Ganpati Darshan at Lalbaugcha Raja
9 घंटे पहले
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शाहरुख खान ने गणेशोत्सव के मौके पर मुंबई के प्रसिद्ध ‘लालबागचा राजा’ पंडाल पहुंचकर गणपति बप्पा का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उनके साथ पत्नी गौरी खान, बेटी सुहाना खान और मैनेजर पूजा ददलानी भी मौजूद थीं।
इस दौरान शाहरुख को उनकी मैनेजर पूजा ददलानी गणपति के चरण स्पर्श करने का तरीका सिखाती दिखीं। वहीं गर्मी के चलते शाहरुख मैनेजर के दुपट्टे से पसीना पोंछते दिखाई दिए।
लालबागचा राजा के दर्शन के बाद शाहरुख ने टी-सीरीज ऑफिस जाकर भी भगवान गणेश की पूजा की।

शाहरुख के साथ पत्नी गौरी खान, बेटी सुहाना खान और मैनेजर पूजा ददलानी भी मौजूद थीं।

गणपति के चरण स्पर्श करते शाहरुख।

शाहरुख को उनकी मैनेजर पूजा ददलानी गणपति के चरण स्पर्श करने का तरीका सिखाती दिखीं।

गर्मी के चलते शाहरुख मैनेजर के दुपट्टे से पसीना पोंछते दिखाई दिए।
भीड़ के बीच सख्त सुरक्षा में किए दर्शन
लालबागचा राजा पंडाल पहुंचने पर शाहरुख खान को देखने के लिए भारी भीड़ जमा हो गई। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। दर्शन के दौरान शाहरुख नीले रंग के कुर्ते में नजर आए।
वहीं उनकी बेटी सुहाना खान हरे रंग के पारंपरिक परिधान और पत्नी गौरी खान पीले रंग के एथनिक आउटफिट में दिखीं।

शाहरुख खान मुंबई स्थित टी-सीरीज के ऑफिस भी पहुंचे।
टी-सीरीज ऑफिस पहुंचकर की गणपति पूजा
लालबागचा राजा के दर्शन के बाद शाहरुख खान मुंबई स्थित टी-सीरीज के ऑफिस भी पहुंचे। यहां उन्होंने अपनी मैनेजर पूजा ददलानी के साथ गणेश पूजा में हिस्सा लिया।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में शाहरुख ब्लैक ट्राउजर और चेक शर्ट पहने नजर आ रहे हैं। उन्होंने गणपति की प्रतिमा के सामने प्रार्थना की और प्रसाद ग्रहण किया।

बेटी सुहाना खान के साथ शाहरुख।
घर पर पर भी मनाते हैं गणेशोत्सव
हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर आयोजित ‘AskSRK’ सेशन के दौरान शाहरुख खान ने फैंस के साथ अपने घर के गणेशोत्सव का अनुभव शेयर किया था।
एक फैन के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने बताया था कि उनके घर में पत्नी गौरी आरती और पूजा करती हैं। रात में विसर्जन किया जाता है। उन्होंने बताया था कि इस दौरान बच्चे और दोस्त एक साथ जुटते हैं और यह बहुत साधारण और फैमिली टाइम होता है।

अंबानी परिवार के गणेशोत्सव में भी पहुंचे
इससे पहले मुंबई में अंबानी परिवार के घर ‘एंटीलिया’ में आयोजित गणेशोत्सव में शामिल होने के लिए शाहरुख खान पहुंचे थे।वहां शाहरुख और रणवीर ने एक साथ गणपति की आरती की थी। दोनों एक्टर्स नीता अंबानी के साथ खड़े होकर पूजा-अर्चना में शामिल हुए।

सिद्धार्थ आनंद की फिल्म ‘किंग’ में नजर आएंगे
वर्कफ्रंट की बात करें तो शाहरुख खान जल्द ही निर्देशक सिद्धार्थ आनंद की फिल्म ‘किंग’ में नजर आएंगे। यह फिल्म 24 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। फिल्म की रिलीज के आसपास ‘अवेंजर्स: डूम्सडे’ और ‘ड्यून्स: पार्ट थ्री’ जैसी बड़ी हॉलीवुड फिल्में भी रिलीज होने वाली हैं।

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नेशनल फिल्म अवॉर्ड सेरेमनी आज:कार्तिक आर्यन, यामी को दिया जाएगा, दिल्ली की जगह गुजरात में होने पर विवाद; जानिए इतिहास, विवाद और इंट्रेस्टिंग फैक्ट्स

72वीं नेशनल फिल्म अवॉर्ड सेरेमनी आज गुजरात में आयोजित हो रही है। इतिहास में पहली बार नई दिल्ली के विज्ञान भवन की बजाय ये सेरेमनी गुजरात के केवड़िया में यानी स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास होगी, जिस पर विवाद हो रहा है। पूरी खबर पढ़ें
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Drishyam 3 Director Abhishek Pathak On Akshaye Khanna Exit
4 घंटे पहले
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‘दृश्यम 3’ के लेखक और निर्देशक अभिषेक पाठक ने फिल्म की शूटिंग शुरू होने से ठीक सात दिन पहले अक्षय खन्ना के अचानक बाहर होने पर बातचीत की है। हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में अभिषेक पाठक ने बताया कि अजय देवगन के साथ अक्षय खन्ना के सीन शूट होने से हफ्ते भर पहले उन्होंने प्रोजेक्ट छोड़ दिया था।
इसके बावजूद मेकर्स ने शूटिंग टालने के बजाय तीन दिन के भीतर स्क्रिप्ट दोबारा लिखी। अक्षय खन्ना के रोल को नए कैरेक्टर में बदलकर जयदीप अहलावत को कास्ट किया गया। अजय देवगन स्टारर यह फिल्म 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

अक्षय खन्ना ‘दृश्यम 2’ में आईजी तरूण अहलावत के किरदार में नजर आए थे।
शूटिंग कैंसिल करने के बजाय स्क्रिप्ट दोबारा लिखी
अभिषेक पाठक ने बताया कि अक्षय खन्ना के अचानक फिल्म छोड़ने से वे खुश नहीं थे। उन्होने कहा की फिल्म छोडने का ये कौनसा तरीका हुआ? अजय देवगन के साथ उनके सीन्स की शूटिंग में सिर्फ सात दिन बचे थे। इसके बावजूद उन्होंने शूटिंग शेड्यूल आगे नहीं बढ़ाया।
अभिषेक के मुताबिक, 200 से ज्यादा क्रू मेंबर्स इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे और यह उनके रोजगार का सवाल था। इसके अलावा फिल्म का सेट तैयार हो चुका था और दूसरे कलाकारों की डेट्स भी लॉक थीं। ऐसे में शूटिंग टालने से बड़ा आर्थिक नुकसान होता, इसलिए उन्होंने दो-तीन दिन का समय लेकर पूरे कैरेक्टर को री-राइट किया।

दृश्यम के डायरेक्टर अभिषेक पाठक।
जयदीप अहलावत ने 5 दिन में साइन की फिल्म
अक्षय खन्ना के जाने के बाद अभिषेक पाठक ने रोल को नए सिरे से लिखा और एक्टर जयदीप अहलावत से संपर्क किया। डायरेक्टर ने बताया कि जब उन्होंने जयदीप को फोन किया।
जयदीप ने पहला सवाल यही पूछा कि ‘कास्टिंग चेंज है या कैरेक्टर चेंज?’ अभिषेक ने उन्हें स्पष्ट किया कि सिर्फ एक्टर नहीं, बल्कि पूरा कैरेक्टर बदला जा रहा है। जयदीप को नई स्क्रिप्ट और कैरेक्टर पसंद आया और महज 5-6 दिनों के भीतर वे इस प्रोजेक्ट से जुड़ गए।

फिल्म धुरंधर की सक्सेस के बाद अक्षय खन्ना ने अपनी फीस बढ़ा दी थी।
फीस के मतभेद की वजह से अलग हुए अक्षय
फिल्म मेकर्स ने जब ‘दृश्यम 3’ का ऐलान किया था, तब अक्षय खन्ना इसका अहम हिस्सा थे। वे ‘दृश्यम 2’ में आईजी तरूण अहलावत के किरदार में नजर आए थे, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया था।
दिसंबर 2025 में आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्रिसमस के ठीक बाद शुरू होने वाली शूटिंग से पहले मेकर्स के साथ क्रिएटिव और फीस के मुद्दों पर अक्षय खन्ना की सहमति नहीं बन पाई थी। इसके बाद ही उन्होंने फिल्म से अलग होने का फैसला लिया था।

2 अक्टूबर को थिएटर्स में रिलीज होगी फिल्म
‘दृश्यम’ फ्रेंचाइजी का यह तीसरा और आखिरी पार्ट होगा। इस थ्रिलर फिल्म में अजय देवगन, तब्बू और श्रिया सरन अपनी पुरानी भूमिकाओं में लौट रहे हैं, जबकि जयदीप अहलावत एक नए और अहम किरदार में दिखाई देंगे। मेकर्स ने फिल्म का पोस्ट-प्रोडक्शन और शेड्यूल इस तरह सेट किया है कि यह 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज की जाएगी।
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Krishna Mukherjee Dies | Rani Mukherjee Mother Passes Away At 75
43 मिनट पहले
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बॉलीवुड एक्ट्रेस रानी मुखर्जी की मां कृष्णा मुखर्जी का मंगलवार दोपहर 75 साल की उम्र में निधन हो गया। यशराज फिल्म्स (YRF) ने आधिकारिक बयान जारी करके इस बात की जानकारी दी है।
कृष्णा मुखर्जी बंगाली सिनेमा की जानी-मानी प्लेबैक सिंगर रह चुकी हैं। वे अक्सर अपनी बेटी रानी के साथ कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर आती थीं।
मां के निधन से मुखर्जी परिवार में दुख का माहौल है। परिवार ने इस मुश्किल समय में मीडिया और फैंस से प्राइवेसी बनाए रखने की अपील की है।

कृष्णा मुखर्जी, रानी के साथ कई कार्यक्रमों में नजर आतीं थीं।
यशराज फिल्म्स ने जारी किया आधिकारिक बयान
यशराज फिल्म्स ने बयान जारी करते हुए लिखा, ‘भारी दिल से हम यह जानकारी दे रहे हैं कि रानी मुखर्जी की मां श्रीमती कृष्णा मुखर्जी का आज दोपहर निधन हो गया। वे 75 वर्ष की थीं। परिवार आप सभी के प्यार, प्रार्थनाओं और समर्थन के लिए गहराई से आभारी है। इस बेहद मुश्किल समय में परिवार आपसे प्राइवेसी की अपील करता है।’

कृष्णा मुखर्जी ने हर मोड़ पर बेटी का साथ दिया
कृष्णा मुखर्जी का भारतीय सिनेमा, विशेषकर बंगाली फिल्म इंडस्ट्री से गहरा जुड़ाव रहा। वे खुद एक पेशेवर प्लेबैक सिंगर थीं और उन्होंने कई बंगाली फिल्मों में गाने गाए थे। संगीत से जुड़े रहने के कारण उन्होंने अपनी बेटी रानी मुखर्जी को भी कला और अभिनय के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए हमेशा प्रेरित किया।

बचपन में अपनी मां के साथ रानी मुखर्जी।
रानी अपनी मां के बेहद करीब थीं और कई मौकों पर वे अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां को दे चुकी हैं। दोनों के बीच मजबूत बॉन्डिंग देखने को मिलती थी।
अपने करियर की शुरुआत से ही रानी जब भी किसी अवॉर्ड फंक्शन, फिल्म स्क्रीनिंग या सार्वजनिक कार्यक्रम में जाती थीं, कृष्णा मुखर्जी उनके साथ जरूर नजर आती थीं। पति राम मुखर्जी के निधन के बाद भी कृष्णा अपनी बेटी रानी के साथ रहकर परिवार की भूमिका निभतीं थीं।
प्लेबेक सिंगिंग में एक्टिव रहीं कृष्णा मुखर्जी
कृष्णा मुखर्जी ने 1980 के दशक में कई चर्चित गानों में अपनी आवाज दी। उनका सबसे प्रसिद्ध गाना साल 1982 में आई फिल्म ‘तीसरी आंख’ का ‘ईद के दिन गले मिल ले राजा’ था, जिसे मशहूर संगीतकार जोड़ी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने तैयार किया था।
म्यूजिक बैकग्राउंड से जुड़े होने के कारण उनकी शास्त्रीय और लोक संगीत में मजबूत पकड़ थी। वे फिल्मों में प्लेबैक सिंगिंग के अलावा कई बंगाली एल्बम और स्टेज शो के जरिए भी संगीत जगत में एक्टिव रहीं।

माता-पिता के साथ रानी मुखर्जी की पुरानी तस्वीर। रानी के पिता राम मुखर्जी का निधन 2017 में हुआ था।
संगीत करियर के साथ-साथ कृष्ण मुखर्जी को फिल्म इंडस्ट्री के काम और बिजनेस की भी बहुत बारीक समझ थी। उन्होंने ही रानी मुखर्जी को फिल्मों में किस्मत आजमाने की सलाह दी थी, लेकिन वे काम की क्वालिटी को लेकर बहुत सख्त थीं।
रानी के पहले स्क्रीन टेस्ट के समय जब उन्हें बेटी का अभिनय पसंद नहीं आया, तो उन्होंने ‘राजा की आयेगी बारात’ के प्रोड्यूसर सलीम से खुलकर कह दिया था कि वे रानी को फिल्म में न लें, क्योंकि इससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो सकता है।

‘मर्दानी 3’ में नजर आई थीं रानी मुखर्जी
वर्कफ्रंट की बात करें तो रानी मुखर्जी ने अपने लंबे करियर में ‘गुलाम’, ‘कुछ कुछ होता है’, ‘साथिया’, ‘हम तुम’ और ‘ब्लैक’ जैसी कई मशहूर फिल्में दी हैं। रानी हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘मर्दानी 3’ में नजर आई थीं। इस फिल्म में उनके शिवानी शिवाजी रॉय के किरदार को दर्शकों ने काफी पसंद किया था।
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Honey Singh Takes Dig at Karan Aujla
हनी सिंह ने टकीला ब्रांड के साथ प्रमोशनल गाना लॉन्च किया है।
पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री में एक बार फिर से जुबानी जंग छिड़ गई है। सिंगर और रैपर यो यो हनी सिंह ने अपना नया गाना कासा टुपका एंथम रिलीज किया है, जिसे लेकर दावा किया जा रहा है कि इसमें हनी सिंह ने रैपर बादशाह पर निशाना साधा है।
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अपने प्रीमियम शराब ब्रांड के प्रमोशनल गाने में हनी सिंह ने बादशाह के शराब ब्रांड को फ्लॉप बताते हुए तंज कसा। यूजर्स दावा कर रहे हैं कि गाने में हनी सिंह बादशाह के लिए कह रहे हैं- तेरी वोडका कहां गई, बिकी नहीं? आजा मैं तुझे अपने यहां रख लेता हूं, सैलरी ले लियो।
दो दिन पहले रिलीज हुए इस गाने को यूट्यूब पर अब तक 21 मिलियन (2.1 करोड़) से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं। हालांकि, इसे लेकर अब तक रैपर बादशाह की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
हनी सिंह और बादशाह ने अपने शराब ब्रांड लॉन्च किए हैं।
हनी सिंह के गाने के ये बोल चर्चा में…
बड़ा हॉट है वेदर जब बजे रेगेटन, लेट मी टेक यू बेबी गर्ल चलो मैक्सिको। तेरी वोदका कहां गई क्या हुआ बिकी नहीं, चल काम बंद कर पहन आजा बिकिनी। रखूं क्या काम पे ले लियो सैलरी, आया जो मैं वापस इनकी शक्ल भी दिखी नहीं।
पिछले साल बादशाह ने वोदका ब्रांड उतारा
गाने के इन लिरिक्स पर यूजर्स का दावा है कि ये बादशाह के लिए कहे गए हैं। दरअसल, यह पूरा विवाद शराब ब्रांड्स की बिजनेस राइवलरी से जुड़ा है। बादशाह ने लिकर बिजनेस में एंट्री करते हुए कार्टेल ब्रदर्स के साथ मिलकर नवंबर 2025 में अपना प्रीमियम वोदका ब्रांड शेल्टर 6 मार्केट में लॉन्च किया था।
हनी सिंह ने टकीला ब्रांड लॉन्च किया
इसके टक्कर में अब हनी सिंह ने भी एंट्री मारी है। 19 सितंबर 2026 को हनी सिंह ने अपना प्रीमियम टकीला ब्रांड कासा टुपका लॉन्च किया। यह सिर्फ एक विज्ञापन नहीं है, बल्कि हनी सिंह ने खुद मेक्सिको जाकर इसके प्रोडक्शन और इस टकीला की मेकिंग प्रोसेस पर काम किया है।
गाने से छिड़ी कंट्रोवर्सी
अपने टकीला ब्रांड को प्रमोट करने के लिए हनी सिंह ने 2 दिन पहले नया ट्रैक रिलीज किया। इस गाने के जरिए हनी सिंह ने यह जताने की कोशिश की है कि बादशाह का वोदका ब्रांड मार्केट में बुरी तरह फ्लॉप हो गया है। हनी सिंह ने बादशाह को सीधा-सीधा तंज कसा और अपनी बिजनेस सक्सेस को फ्लॉन्ट किया।
इस गाने के जरिए हनी सिंह ने न सिर्फ अपना नया टकीला ब्रांड कासा टुपका मार्केट में उतारा है, बल्कि बादशाह और उनके वोदका ब्रांड शेल्टर 6 का सरेआम मजाक उड़ाते हुए एक नई कंट्रोवर्सी को जन्म दे दिया है।



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Mirzapur Movie: Rasika Duggal Nervous Before Release
30 मिनट पहलेलेखक: आशीष तिवारी
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मिर्जापुर मूवी में मोहित मलिक के बिरजू लोहार के किरदार ने दर्शकों के बीच गहरी छाप छोड़ी है। वहीं, बिना त्रिपाठी की जटिल और अप्रत्याशित कहानी लगातार चर्चा में है। दैनिक भास्कर से बातचीत में दोनों कलाकारों ने बिरजू के किरदार, उसके आखिरी सीन, शूटिंग के अनुभव और दर्शकों की भावनात्मक प्रतिक्रिया पर बात की। मोहित ने बताया कि कम स्क्रीन टाइम के बावजूद बिरजू की पांच साल की जर्नी को पर्दे पर दिखाना उनके लिए कितना महत्वपूर्ण था। रसिका ने बीना त्रिपाठी के किरदार की परतों और उसकी रणनीति पर भी विचार साझा किए।

‘मिर्जापुर’ के महत्वपूर्ण सीन की शूटिंग को याद करते हुए मोहित और रसिका ने कैमरा टीम के सहयोग का जिक्र किया।
सवाल: बिरजू लोहार का किरदार दर्शकों के बीच इतना लोकप्रिय हो गया है। क्या आपने सोचा था कि यह किरदार इतना प्रभाव छोड़ेगा?
जवाब/मोहित मलिक: सच कहूं तो ऐसा सोचा नहीं था, लेकिन पूरी कोशिश जरूर की थी। मुझे पता था कि इतने बड़े कलाकारों और महत्वपूर्ण किरदारों के बीच मेरा स्क्रीन टाइम बहुत कम है। इसलिए मेरे लिए जरूरी था कि जब भी मैं स्क्रीन पर आऊं, तो बिरजू की पांच साल की जर्नी दिखाई दे। मुझे लगता है कि दर्शक भावनाओं से बहुत जल्दी जुड़ते हैं।
मैंने इस किरदार के लिए पूरी मेहनत की और अपनी जान लगा दी। आखिर में फिल्म के कुछ खास पल सही तरीके से जुड़ जाते हैं और खूबसूरत कहानी बन जाती है। मुझे लगता है कि बिरजू के साथ भी ऐसा ही हुआ।
सवाल: फिल्म का आखिरी सीन बहुत मार्मिक है। उस सीन की शूटिंग के दौरान सेट का माहौल कैसा था?
जवाब/रसिका दुग्गल: मेरे अनुभव में कई बार ऐसा होता है कि जिस सीन को बाद में फिल्म का सबसे महत्वपूर्ण या सबसे ज्यादा चर्चित सीन माना जाता है, उसकी शूटिंग के दिन सेट पर बहुत ज्यादा अव्यवस्था होती है। उस दिन भी ऐसा ही हुआ था। हमारी शिफ्ट का समय काफी आगे बढ़ गया था। किसी को भूख लगी थी, किसी को घर जाना था और शूटिंग के लिए समय कम बचा था।
ऐसे माहौल में एक्टर के लिए शांत रहना और समझना मुश्किल होता है कि यह मौका दोबारा नहीं मिलेगा। आपको उस पूरे शोर के बीच अपने विचार समेटने होते हैं और कोशिश करनी होती है कि उस पल को पूरी ईमानदारी से निभा सकें। इस सीन में भी हमारे सामने यही चुनौती थी।
मोहित मलिक: उस समय हमें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि यह सीन इतना खास बन जाएगा। जैसा रसिका ने कहा, उस वक्त बहुत कुछ चल रहा था। लेकिन बाद में जब गाना, अभिनय और बाकी चीजें एक साथ जुड़ीं, तो वह सीन बहुत खूबसूरत बन गया।
सवाल: इस सीन में गाने ने भी काफी भावनात्मक असर डाला है। आपको यह गाना पहली बार कब सुनने को मिला?
जवाब/रसिका दुग्गल: हमने यह गाना पहली बार फिल्म की स्क्रीनिंग में सुना था। उससे पहले हमने सीन देखा था, लेकिन उसमें गाना शामिल नहीं था। मुझे लगता है कि इस गाने ने उस पूरे पल को ज्यादा प्रभावशाली बना दिया। यह गाना उस सीन को काव्यात्मक स्तर पर ले जाता है। मधुर ने इसे बहुत खूबसूरती से गाया है और पुनीत जी की लिखी हर लाइन की तरह इसमें भी बहुत गहराई है। गाने ने सीन की भावनाओं को और मजबूत किया है।
मोहित मलिक: बिल्कुल। मधुर ने बहुत अच्छा गाया है। उस गाने ने सीन को अलग ही एहसास दिया। सवाल: बिरजू के किरदार को निभाते समय आपके लिए सबसे बड़ी चुनौती क्या थी? मोहित मलिक: मेरे लिए सबसे बड़ी चुनौती थी कि कम स्क्रीन टाइम में भी किरदार की पूरी यात्रा दिखाई दे। मैं ऐसे कलाकारों के बीच काम कर रहा था, जिनके किरदार पहले से दर्शकों के बीच बहुत लोकप्रिय हैं।
रवि किशन जी खुद बड़े स्टार हैं और उनका अपना प्रभाव है। ऐसे में मैं नए किरदार के साथ उस दुनिया में आया था। मुझे साबित करना था कि बिरजू की अपनी पहचान है और उसकी कहानी दर्शकों तक पहुंचे। मैं आभारी हूं कि पूरी टीम ने मुझे प्यार दिया और अपनापन महसूस कराया। सभी ने सहयोग किया, जिससे मेरे लिए यह अनुभव अच्छा रहा।

बिना त्रिपाठी की भूमिका पर रसिका दुग्गल ने किरदार की जटिलता और उसकी रणनीति पर खुलकर बात की।
सवाल: रसिका, बिना त्रिपाठी का किरदार हर बार नई परत के साथ सामने आता है। क्या आपको भी उसे समझते हुए कुछ नया महसूस होता है?
जवाब/रसिका दुग्गल: बिल्कुल। मुझे भी बिना के बारे में ऐसा ही लगता है। जैसे ही मुझे लगता है कि मैं उसे समझने लगी हूं, पुनीत जी कुछ ऐसा लिखकर ले आते हैं कि मैं सोचती हूं, यह कैसे हुआ? बिना का किरदार बहुत जटिल है। वह पितृसत्तात्मक समाज में रहती है, जहां जैसे ही वह अपनी जगह बनाती है, कोई न कोई उसे पीछे धकेल देता है। फिर वह दोबारा अपनी जगह बनाती है।
यही प्रक्रिया उसके किरदार को दिलचस्प बनाती है। वह कमजोर भी है और रणनीतिक भी। वह भावनात्मक भी है और बहुत चतुर भी। उसके अंदर कई परतें हैं और यही चीज उसे दूसरे किरदारों से अलग बनाती है।
सवाल: दर्शक अब बिना को पहले से ज्यादा समझने लगे हैं। क्या आपको भी ऐसा लगता है?
जवाब/रसिका दुग्गल: हां, लेकिन जैसे ही लगता है कि दर्शक उसे समझने लगे हैं, कहानी में कुछ नया सामने आ जाता है। मुझे लगता है कि बिना की यही सबसे बड़ी खासियत है। लोग अक्सर मुझसे कहते हैं कि उन्होंने पर्दे पर ऐसी महिला पहले नहीं देखी। वह जिस तरह परिस्थितियों को समझती है और अपने तरीके से आगे बढ़ती है, वह बहुत अलग है।
मुझे यह भी लगता है कि वह हर स्थिति में खुद को ढाल सकती है। वह अपनी कमजोरियों को जानती है, लेकिन उनका इस्तेमाल कैसे करना है, यह भी समझती है।
सवाल: बीना की कौन-सी खूबी आप अपनी असल जिंदगी में चाहेंगी?
जवाब/रसिका दुग्गल: बीना की यह खूबी कि वह दूसरे लोगों को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करना जानती है। मैं असल जिंदगी में ऐसा बिल्कुल नहीं कर पाती। काश, मैं भी परिस्थितियों पर उतना नियंत्रण रख पाती, जितना बीना रखती है।
सवाल: बीना की कौन-सी बात है, जिसके लिए आप कहेंगी कि अच्छा है, यह मुझमें नहीं है?
जवाब/रसिका दुग्गल: उसका लोगों को मारने का माद्दा। मैं चाहती हूं कि मेरी परफॉर्मेंस ‘किलर’ हो, लेकिन मेरे अंदर किसी को मारने वाला स्वभाव नहीं होना चाहिए।

मोहित मलिक ने बताया कि कम स्क्रीन टाइम में बिरजू की पांच साल की जर्नी दिखाना उनके लिए बड़ी चुनौती थी।
सवाल: मोहित, बिरजू का कितना हिस्सा आपकी असल जिंदगी में मौजूद है?
जवाब/मोहित मलिक: मुझे लगता है कि बिरजू का लगभग 80 से 90 प्रतिशत हिस्सा मुझमें है। खासकर प्यार के मामले में। मैं भी भावनाओं को बहुत गंभीरता से लेता हूं और इस मामले में खुद को बिरजू के काफी करीब पाता हूं।
सवाल: दर्शक आपके किरदार बिरजू और पुराने टीवी किरदार सम्राट सिंह में समानताएं देख रहे हैं। इस तुलना को आप कैसे देखते हैं?
जवाब/मोहित मलिक: मैंने अपने एक टीवी शो में सम्राट सिंह का किरदार निभाया था, जो कुछ हद तक मुन्ना भैया जैसा था। इसलिए मुझे खुशी है कि मेरे पुराने टीवी शो के दर्शक और फैन क्लब फिर से सक्रिय हो गए हैं। मैंने देखा है कि उन किरदारों को पसंद करने वाले लोग अब बिरजू को भी देख रहे हैं। यह मेरे लिए अच्छी बात है। मुझे खुशी है कि इतने साल बाद मेरे पुराने काम से जुड़े दर्शक फिर से जुड़ रहे हैं और इस किरदार को भी प्यार दे रहे हैं।
सवाल: फिल्म को दर्शकों की ओर से मिल रही प्रतिक्रिया के बारे में आप दोनों का अनुभव कैसा रहा?
जवाब/रसिका दुग्गल: इस बार मैं थोड़ी नर्वस थी। आमतौर पर जब मैं किसी प्रोजेक्ट पर काम करती हूं, तो सिर्फ शूटिंग के दौरान अपने काम पर ध्यान देती हूं। मैं यह नहीं सोचती कि दर्शक इसे कैसे स्वीकार करेंगे। लेकिन ‘मिर्जापुर’ के मामले में जिम्मेदारी का एहसास अलग था। हमारे फैंस पिछले आठ-नौ साल से हमें बहुत वफादारी से फॉलो कर रहे हैं। उन्हें प्रोजेक्ट से जुड़ी कई बातें हमसे पहले पता चल जाती हैं।
मुझे चिंता थी कि क्या हम उन्हें खुश कर पाएंगे? क्या वे फिल्म देखने के लिए थिएटर आएंगे? ओटीटी पर घर बैठे फिल्म देखना अलग अनुभव है, जबकि थिएटर जाने के लिए दर्शकों को समय और मेहनत लगती है। अब जब लोग फिल्म देखने आ रहे हैं और दोस्तों को भी साथ ला रहे हैं, तो मुझे बहुत खुशी हो रही है। इससे हमारा फैन बेस और बढ़ा है।
मोहित मलिक: मुझे लगता है कि ‘मिर्जापुर’ के फैंस फिल्म देखने जा ही रहे हैं। लेकिन जब उन्हें फिल्म अच्छी लगती है, तो वे दूसरे लोगों को भी इसे देखने के लिए कहते हैं। मुझे जो फोन आते हैं, उनमें लोग कहते हैं कि हम ‘मिर्जापुर’ के फैन तो हैं ही, लेकिन फिल्म इतनी अच्छी बनी है कि हम चाहते हैं कि हर कोई इसे देखे। यही वर्ड ऑफ माउथ फिल्म को आगे ले जा रहा है।

थिएटर में दर्शकों की प्रतिक्रिया देखकर रसिका दुग्गल ने बताया कि एक कलाकार के लिए वह पल कितना खास था।
सवाल: आप दोनों दर्शकों के बीच फिल्म देखने भी गए थे। वहां का अनुभव कैसा रहा?
जवाब/रसिका दुग्गल: हम ‘विमेन ऑफ मिर्जापुर’ का ग्रुप बनाकर फिल्म देखने गए थे। जब मैं थिएटर के अंदर जा रही थी, तभी वह सीन आने वाला था, जिसमें दर्शकों को बिना के बारे में एक खास बात का एहसास होता है। सीन से दो-तीन सेकेंड पहले ही मुझे दर्शकों की सामूहिक प्रतिक्रिया सुनाई दी। अचानक पूरा थिएटर शांत हो गया। जब वह महत्वपूर्ण लाइन आई, तो लोगों ने तालियां बजाईं।
दर्शकों के बीच बैठकर ऐसा रिएक्शन देखना बहुत बड़ी खुशी थी। एक कलाकार के लिए यह बहुत अच्छा एहसास होता है कि जिस पल को उसने निभाया, वह दर्शकों तक उसी भावना के साथ पहुंचा।
मोहित मलिक: रसिका ने जिस तरह से वह लाइन बोली है और उसके पीछे जो भावनाएं हैं, वे बहुत प्रभावशाली हैं। सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि उन शब्दों के पीछे की पूरी भावना महत्वपूर्ण है। जब मैंने स्क्रीन पर वह सीन देखा, तो मुझे भी बहुत अच्छा लगा।
सवाल: उस महत्वपूर्ण सीन की शूटिंग के दौरान आप दोनों के बीच तालमेल कैसा रहा?
जवाब/मोहित मलिक: वह फिल्म की शूटिंग का मेरा पहला दिन था और वही सीन था। हालांकि हम पहले मिल चुके थे, लेकिन उस दिन पहली बार साथ में शूट कर रहे थे। मेरे लिए यह महत्वपूर्ण था कि हम एक-दूसरे की आंखों में देखकर अभिनय कर सकें। कई बार कैमरा इस तरह लगाया जाता है कि को-एक्टर के लिए सामने वाले को देखना मुश्किल हो जाता है। लेकिन इस सीन में वह जरूरी था।
कैमरा टीम ने सहयोग किया और कैमरे की स्थिति इस तरह बदली कि हम एक-दूसरे को देख सकें। इससे सीन में भावनाएं स्वाभाविक तरीके से आ पाईं।
रसिका दुग्गल: कई बार कैमरा ऐसी जगह रखा जाता है कि को-एक्टर के लिए सामने वाले को देखना मुश्किल होता है। लेकिन इस सीन में एक-दूसरे की आंखों में देखना जरूरी था। कैमरा टीम ने हमारी जरूरत समझी और चीजें एडजस्ट कीं। इससे हमें किसी तय निशान को देखने के बजाय एक-दूसरे के साथ स्वाभाविक तरीके से अभिनय करने का मौका मिला। ऐसे भावनात्मक दृश्यों में यह बहुत महत्वपूर्ण होता है।
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‘बिरजू को क्यों मारा?’ पर बोले रसिका-मोहित:‘कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा’ जैसी ‘मिर्जापुर मूवी की बड़ी मिस्ट्री

मिर्जापुर’ की दुनिया किरदारों, हिंसा और दमदार डायलॉग्स के साथ मीम्स के लिए भी मशहूर है। वेब सीरीज के पुराने मीम्स हों या फिल्म के नए किरदार बिरजू लोहार और उनके दर्दभरे सीन, सोशल मीडिया पर ‘मिर्जापुर’ का जलवा है। फिल्म में बीना त्रिपाठी का किरदार निभाने वाली रसिका दुग्गल और बिरजू लोहार बने मोहित मलिक ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में वायरल मीम्स, अपने किरदारों पर बने मजेदार मीम्स और सोशल मीडिया के रिएक्शन पर बात की।पूरी खबर पढ़ें..
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Siddharth Malhotra Tamannaah Bhatia One Forest Trailer Music Controversy
6 घंटे पहले
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अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की अपकमिंग फिल्म ‘वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ अपनी रिलीज से ठीक पहले कानूनी विवाद में फंस गई है। गायक और वोकलिस्ट सरगम वैश ने फिल्म के मेकर्स पर बिना अनुमति के ट्रेलर में उनका ओरिजिनल गाना ‘ऐगिरी नंदिनी’ इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।
सरगम वैश ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करके फिल्म की टीम से ट्रेलर से अपना म्यूजिक तुरंत हटाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि मांग पूरी न होने पर उनकी लीगल टीम कानूनी रास्ता अपनाएगी। यह फिल्म 25 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

गायक और वोकलिस्ट सरगम वैश ने बिना अनुमति के गाना ‘ऐगिरी नंदिनी’ इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।
बिना सहमति गाना इस्तेमाल करने का आरोप
सरगम वैश ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो और पोस्ट शेयर करते हुए मेकर्स से सीधे सवाल किए हैं। उन्होंने लिखा कि जब उन्होंने ‘वन’ का ट्रेलर देखा, तो पता चला कि उनका ओरिजिनल गाना बिना उनकी सहमति या अनुमति के इसमें इस्तेमाल किया गया है।
सरगम का कहना है कि उन्होंने फिल्म के ट्रेलर या प्रमोशन के लिए अपने गाने के इस्तेमाल की कोई मंजूरी नहीं दी थी। उन्होंने कहा कि किसी भी कलाकार के काम का सम्मान होना चाहिए और बिना इजाजत किसी का कंटेंट इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
म्यूजिक लेबल के साथ कॉन्ट्रैक्ट प्रभावित होने का दावा
गायक ने बताया कि यह मामला उनके लिए बेहद अहम है क्योंकि वे इस गाने के लिए पहले ही एक बड़े म्यूजिक लेबल के साथ डील साइन कर चुके हैं। फिल्म के ट्रेलर में बिना परमिशन गाने का इस्तेमाल होने से उनके मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट पर असर पड़ सकता है।
सरगम ने फिल्म की पूरी टीम और मेकर्स से सीधे संपर्क करने और वैध लाइसेंस होने का सबूत देने को कहा है। इसके साथ ही उन्होंने फैंस और सोशल मीडिया यूजर्स से इस पोस्ट को शेयर करने की अपील की ताकि बात सही लोगों तक पहुंच सके।

‘वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ के ट्रेलर में ‘ऐगिरी नंदिनी’ गाने का इस्तेमाल किया गया है।
मांग न मानने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
वीडियो में सरगम वैश ने साफ किया कि अगर फिल्म की टीम उनके गाने को ट्रेलर और प्रोमोशनल मटेरियल से नहीं हटाती है, तो वे अगला कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि उनकी लीगल टीम मामले को देख रही है और मांग न माने जाने पर कानूनी कार्रवाई शुरू करेगी। हालांकि, इस पूरे विवाद और आरोपों पर अभी तक ‘वन’ के मेकर्स, निर्देशकों या प्रोडक्शन हाउस की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया मुख्य भूमिकाओं में हैं।
25 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी ‘वन’
दीपक कुमार मिश्रा और अरुणभ कुमार के निर्देशन में बनी फिल्म ‘वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ मध्य भारत के जंगलों, भारतीय लोक कथाओं, रहस्य और पौराणिक कथाओं पर आधारित है। फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया मुख्य भूमिकाओं में हैं, जबकि सुनील ग्रोवर, मनीष पॉल, श्वेता तिवारी और अनूप सोनी भी अहम किरदारों में नजर आएंगे। यह फिल्म 25 सितंबर को देश भर के सिनेमाघरों में रिलीज के लिए शेड्यूल की गई है।

‘मिर्जापुर’ पर भी लगा था गाना चुराने का ऐसा ही आरोप
फिल्मों और सीरीज के ट्रेलर में गानों का बिना इजाजत इस्तेमाल करने का यह कोई पहला मामला नहीं है। हाल ही में ‘मिर्जापुर द मूवी’ के मेकर्स पर भी ऐसा ही आरोप लगा था। सिंगर रापेरिया बालम ने आरोप लगाया था कि मेकर्स ने उनकी सहमति के बिना उनका गाना ‘शूरवीर’ इस्तेमाल किया।
इसके बाद उन्होंने फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी को लीगल नोटिस भेजकर गाना हटाने, बिना शर्त माफी मांगने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के बदले एक स्कूल बनवाने की मांग की थी।
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Nagaland Film Angh Oscar Entry | Marathi Film Gondhal Race
3 घंटे पहले
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नगालैंड की फिल्म ‘अंग’ को 2027 के ऑस्कर अवॉर्ड्स की ‘इंटरनेशनल फीचर फिल्म’ कैटेगरी में डायरेक्ट एंट्री मिल गई है। यह इस साल भारत की ओर से ऑस्कर जाने वाली दूसरे फिल्म होगी।
इसके पहले मराठी फिल्म ‘गोंधल’ को भारत की ऑफिशियल एंट्री मिली थी।
दरअसल, ‘अंग’ ने टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (TIFF) 2026 में प्लेटफॉर्म प्राइज जीता है। इसी प्राइज ने फिल्म को ऑस्कर में डायरेक्ट एंट्री दिलाई।
नगा फिल्ममेकर थेजा रियो की यह फिल्म धर्म परिवर्तन से अपनी संस्कृति बचाने की कोशिश करते एक आदिवासी व्यक्ति की कहानी है। यह इस साल TIFF में चुनी गई एकमात्र भारतीय फिल्म थी।

फिल्म में संस्कृति बचाने की कहानी
अंग कहानी 1960 के दशक के नगालैंड की है, जहां एक अमेरिकी मिशनरी के आने के बाद गांव की तस्वीर बदलने लगती है। अधिकांश ग्रामीण धर्म बदल लेते हैं और अपनी पुरानी परंपराओं को छोड़ देते हैं, जिससे गांव खाली सा हो जाता है। आदिवासी मुखिया (अंग्बा) है जो अपनी संस्कृति और परंपराओं को बचाए रखना चाहता है, जबकि उसका बेटा इस नई जीवनशैली और धर्म की ओर आकर्षित होने लगता है।
ऑस्कर में एंट्री के साथ 20 हजार कनाडाई डॉलर का इनाम
‘अंग’ को TIFF की प्लेटफॉर्म जूरी ने उसकी अलग सोच, बेहतरीन मेकिंग और कहानी के लिए सराहा। इस अवॉर्ड के तहत मेकर्स को 20,000 कनाडाई डॉलर का पुरस्कार मिला है। यह प्राइज हासिल करने वाली फिल्म को ऑस्कर के लिए डायरेक्ट एलिजिबिलिटी (पात्रता) मिल जाती है।
नगा कलाकारों के साथ बाफ्टा विजेता एक्टर ने किया काम
इस फिल्म में ज्यादातर कलाकार नगालैंड के स्थानीय और आदिवासी समुदाय से हैं। उनके साथ बाफ्टा अवॉर्ड ( ब्रिटिश अकादमी फिल्म पुरस्कार) विजेता ब्रिटिश एक्टर डगलस हेनशॉल भी अहम भूमिका में हैं। ‘अंग’ का निर्देशन थेजा रियो ने किया है और यह उनकी 2021 में आई इसी नाम की शॉर्ट फिल्म का ही बड़ा रूप है।

अंग फिल्म की कहानी 1960 के दशक के नगालैंड पर आधारित है।

फिल्म में ज्यादातर कलाकार नागालैंड के स्थानीय और आदिवासी समुदाय से हैं।
‘गोंधल’ ऑस्कर में भारत की ऑफिशियल एंट्री
मराठी फिल्म ‘गोंधल’ को 99वें एकेडमी अवॉर्ड्स (ऑस्कर 2027) के लिए भारत की ऑफिशियल एंट्री चुना गया है।
मराठी लोक परम्परा पर बनी इस थ्रिलर फिल्म को ऑस्कर समारोह में ‘बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म’ कैटेगरी में भेजा जाएगा। इस बार ऑस्कर की रेस में भारत की तरफ से धुरंधर, बॉर्डर-2, हनुमान अंश समेत 33 फिल्में शामिल हुई थीं।

साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म है गोंधल
2 घंटे के रनटाइम वाली यह मराठी फिल्म ग्रामीण महाराष्ट्र की लोक परंपरा और धार्मिक अनुष्ठान ‘गोंधल’ पर आधारित एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर है। इस फिल्म का लेखन और निर्देशन संतोष डावखर ने किया है।
फिल्म की कहानी नवविवाहित जोड़े आनंद और सुमन के घर पर आयोजित रात भर चलने वाले गोंधल अनुष्ठान के इर्द-गिर्द घूमती है। पूजा-पाठ और उत्सव के दौरान गांव के लोगों के बीच दबे हुए पुराने विवाद, व्यक्तिगत रंजिशें और राजनीतिक तनाव बाहर आने लगते हैं।

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