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    Nana Patekar Posthumous Film Releases


    1 घंटे पहले

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    दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के 8 अक्टूबर को हुए निधन हो गया है, लेकिन दर्शक आने वाले दिनों में उन्हें कई बार बड़े पर्दे पर देख सकेंगे।

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नाना पाटेकर की 5 फिल्में रिलीज की कतार में हैं, जिनमें हॉरर-कॉमेडी, बायोग्राफिकल ड्रामा, क्राइम थ्रिलर और रोमांटिक कॉमेडी जैसे अलग-अलग जॉनर शामिल हैं।

    इन प्रोजेक्ट्स में मैडॉक फिल्म्स की ‘शक्ति शालिनी’, ‘ईथा’, ‘द कंफेशन ऑफ मैरी’, ‘कुक्कू की कुंडली’ और ‘वेदांत’ शामिल हैं। इन फिल्मों के जरिए दर्शकों को उनके अभिनय का अलग-अलग रंग देखने को मिलेगा।

    1. ‘शक्ति शालिनी’: तांत्रिक के रोल में दिखेंगे, दिसंबर में रिलीज की तैयारी

    मैडॉक फिल्म्स के हॉरर-कॉमेडी यूनिवर्स का हिस्सा फिल्म ‘शक्ति शालिनी’ में नाना पाटेकर एक अहम किरदार निभा रहे हैं। आदित्य सरपोतदार के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में अनीत पड्डा और विशाल जेठवा मुख्य भूमिकाओं में हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसमें नाना पाटेकर एक तांत्रिक के रूप में नजर आएंगे।

    फिल्म 'शक्ति शालिनी' में नाना पाटेकर का लुक।

    फिल्म ‘शक्ति शालिनी’ में नाना पाटेकर का लुक।

    यह एक आम महिला ‘शक्ति’ की कहानी है जो एक प्रतिशोधी आत्मा ‘शालिनी’ की रक्षक बनती है। नाना पाटेकर ने इस फिल्म की शूटिंग पूरी कर ली थी और वे इसका फाइनल कट देखकर डबिंग करना चाहते थे। यह फिल्म 24 दिसंबर 2026 को रिलीज होने की उम्मीद है।

    2. ‘ईथा’: लावणी कलाकार विठाबाई पर बनी बायोपिक

    लक्ष्मण उतेकर के निर्देशन में बनी फिल्म ‘ईथा’ महाराष्ट्र की प्रसिद्ध तमाशा और लावणी लोक कलाकार विठाबाई नारायणगांवकर की जिंदगी से प्रेरित है। इस बायोग्राफिकल ड्रामा में श्रद्धा कपूर मुख्य भूमिका में हैं, जबकि नाना पाटेकर, रणदीप हुड्डा और अनंत जोशी भी अहम किरदारों में नजर आएंगे।

    यह फिल्म महाराष्ट्र की लोक कला परंपरा से जुड़ी एक महान शख्सियत के सफर को दर्शाती है। फिल्म 4 दिसंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज के लिए शेड्यूल की गई है।

    3. ‘द कंफेशन ऑफ मैरी’: 1966 के मर्डर केस पर क्राइम ड्रामा

    अनंत नारायण महादेवन द्वारा निर्देशित क्राइम ड्रामा ‘द कंफेशन ऑफ मैरी’ में नाना पाटेकर ने ‘फादर बेनेडिक्ट’ नामक कैथोलिक पादरी का किरदार निभाया है।

    यह फिल्म केरल के 1966 के चर्चित मदाथरुवी हत्याकांड पर आधारित है, जिसमें एक महिला मारियाकुट्टी की हत्या और एक पादरी पर लगे आरोपों की कहानी है।

    फिल्म में आदिल हुसैन, आशीष विद्यार्थी, गौतम रोडे, जॉय सेनगुप्ता और नेहा महाजन भी शामिल हैं। फिल्म को टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में स्क्रीनिंग के लिए चुना गया था। सह-निर्माता सुभाष काले ने बताया कि निधन से ठीक पहले नाना पाटेकर को एक लाइन की डबिंग के लिए मुंबई आना था।

    4. ‘कुक्कू की कुंडली’: भुवन बाम और वामिका गब्बी के साथ दिखेंगे

    नाना पाटेकर की बिना रिलीज हुई फिल्मों की सूची में शरण शर्मा के निर्देशन में बनी ‘कुक्कू की कुंडली’ भी शामिल है। इस रोमांटिक कॉमेडी फिल्म में नाना पाटेकर के साथ डिजिटल स्टार भुवन बाम और अभिनेत्री वामिका गब्बी मुख्य भूमिका में हैं।

    फिल्म की कहानी कुंडली से जुड़ी उलझनों के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक जोड़े और उनके परिवारों के बीच विवाद पैदा करती है। इस फिल्म में नाना पाटेकर का एक हल्का-फुल्का और पारिवारिक अंदाज देखने को मिलेगा।

    5. ‘वेदांत’: विक्रांत मैसी के साथ आएंगे नजर

    उनकी पांचवीं फिल्म ‘वेदांत’ है, जिसका निर्देशन राजेश्वर पांडे राज ने किया है। इस फिल्म में नाना पाटेकर के साथ विक्रांत मैसी, संदीपा धर और मुकेश तिवारी नजर आएंगे। हालांकि, मेकर्स ने अभी तक इस फिल्म की कहानी, नाना पाटेकर के किरदार और इसकी रिलीज डेट से जुड़ी ज्यादा जानकारियां आधिकारिक तौर पर साझा नहीं की हैं। इन 5 अलग-अलग जॉनर की फिल्मों के जरिए नाना पाटेकर की मौजूदगी उनके जाने के बाद भी बड़े पर्दे पर बनी रहेगी।

    पुणे के फार्महाउस में 3-गन सैल्यूट के साथ दी गई अंतिम विदाई

    गुरुवार रात पुणे के डोंजे गांव स्थित फार्महाउस पर नाना पाटेकर का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस बल ने उन्हें 3-गन सैल्यूट दिया। इस दौरान अभिनेता जैकी श्रॉफ, निर्देशक अनिल शर्मा, अनीस बज्मी और निर्माता फिरोज नाडियाडवाला समेत कई फिल्मी हस्तियां और राजनेता शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने और श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे।

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    नाना पाटेकर के निधन मामले में FIR:अप्राकृतिक मौत का केस; देर रात हुआ अंतिम संस्कार

    गोवा पुलिस ने अभिनेता नाना पाटेकर के निधन मामले में मेडिको-लीगल ‘अप्राकृतिक मौत’ का केस दर्ज किया है। पुलिस मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और परिवार के बयानों की जांच करेगी। पूरी खबर पढ़ें



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  • Goa Police Probe Nana Patekar Death Case

    Goa Police Probe Nana Patekar Death Case


    43 मिनट पहले

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    गोवा पुलिस ने दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के मामले में मेडिको-लीगल ‘अप्राकृतिक मौत’ (UD) का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक उन्हें मृत अवस्था में लाया गया था, जिसके चलते पुलिस केस दर्ज करना जरूरी था।

    वहीं, पुणे के फार्महाउस में देर रात हुए अंतिम संस्कार को लेकर बेटे मल्हार पाटेकर ने स्थिति साफ की है। उन्होंने बताया कि गोवा से पार्थिव शरीर लाने में देरी होने और सुबह ही निधन हो जाने के कारण परिवार ने उसी दिन अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया।

    गोवा पुलिस ने दर्ज किया अप्राकृतिक मौत का केस

    समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, गोवा पुलिस ने BNS की धारा 194 के तहत केस दर्ज किया है और पीएसआई नितिन नाइक इसकी जांच कर रहे हैं। पणजी में दर्ज केस की रिपोर्ट के मुताबिक, नाना पाटेकर को डोना पाउला स्थित ओशन पार्क से मणिपाल अस्पताल, बांबोलिम लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और परिवार के बयानों की जांच करेगी।

    महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि दी।

    महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि दी।

    अस्पताल ने कहा- मृत लाया गया था, कार्डियक अरेस्ट की आशंका

    मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉक्टर शेखर सालकर ने बताया कि नाना पाटेकर को अस्पताल में मृत अवस्था में ही लाया गया था। इसी वजह से नियमानुसार पुलिस केस दर्ज कराना पड़ा और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज के मुर्दाघर भेजा गया।

    डॉक्टर के मुताबिक प्राथमिक तौर पर यह कार्डियक अरेस्ट का मामला लगता है। उन्होंने बताया कि नाना पाटेकर पहले से दिल की बीमारी के मरीज थे और उनका इलाज चल रहा था।

    नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर।

    नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर।

    बेटे मल्हार ने बताई देर रात अंतिम संस्कार की वजह

    समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में बेटे मल्हार पाटेकर ने देर रात अंतिम संस्कार करने की वजह बताई। आमतौर पर सूर्यास्त के बाद अंतिम संस्कार नहीं किया जाता, लेकिन मल्हार ने कहा कि परिवार गोवा में था और पार्थिव शरीर को पुणे स्थित गांव के फार्महाउस लाने में समय लग गया। चूंकि निधन सुबह जल्दी हो गया था और काफी समय बीत चुका था, इसलिए परिवार ने गुरुवार को ही इसे संपन्न करने का निर्णय लिया।

    पिता का विजन और ‘नाम फाउंडेशन’ का काम रहेगा जारी

    मल्हार पाटेकर ने कहा कि नाना साहब जैसे इंसान अपनी उपलब्धियों के जरिए हमेशा अमर रहते हैं। उन्होंने बताया कि मराठवाड़ा में ‘नाम फाउंडेशन’ के जरिए चल रहे सामाजिक काम बंद नहीं होंगे। इस संबंध में उनकी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से बात हुई है और यह काम सीईओ गणेश थोरात की देखरेख में तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।

    नाना पाटेकर का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

    नाना पाटेकर का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

    पुणे के फार्महाउस में 3-गन सैल्यूट के साथ दी गई अंतिम विदाई

    गुरुवार रात पुणे के डोंजे गांव स्थित फार्महाउस पर नाना पाटेकर का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस बल ने उन्हें 3-गन सैल्यूट दिया। इस दौरान अभिनेता जैकी श्रॉफ, निर्देशक अनिल शर्मा, अनीस बज्मी और निर्माता फिरोज नाडियाडवाला समेत कई फिल्मी हस्तियां और राजनेता शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने और श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे।

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    शाहरुख खान को जेल से बाहर निकलवाया:प्रोड्यूसर से बर्तन धुलवाए; परिंदा की शूटिंग में आग से झुलसे, नाना पाटेकर के अनसुने किस्से

    नाना पाटेकर का गुरुवार को 75 साल की उम्र में निधन हो गया। गोवा के डोना पाउला स्थित घर में कार्डियक अरेस्ट आने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया। फिर उन्हें करीब 45 मिनट तक CPR दी गई, लेकिन बचाया नहीं जा सका। पूरी खबर पढ़ें



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  • Nana Patekar Death Reason; Cardiac Arrest Vs Heart Attack Symptoms & Treatment Explained

    Nana Patekar Death Reason; Cardiac Arrest Vs Heart Attack Symptoms & Treatment Explained


    8 अक्टूबर की रात करीब 2:30 बजे, नाना पाटेकर ने अपने दोस्त को मैसेज करके कहा कि उनकी तबीयत बिगड़ रही है। दोस्त ने वक्त पर मैसेज नहीं देखा। करीब दो घंटे बाद नाना को अस्पताल पहुंचाया गया, तो वो पूरी तरह बेहोश हो चुके थे। सुबह 5.20 बजे उन्हें मृत घोषित कर

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    क्या समय पर इलाज मिलता तो नाना बच सकते थे, दिल का दौरा पड़ने के बाद एक-एक मिनट भी कितना अहम होता है और कैसे पहचानें कि बेचैनी या घबराहट दिल का दौरा है या नहीं; एक्सपर्ट्स से समझेंगे आज के एक्सप्लेनर में…

    सवाल-1: नाना के आखिरी दो घंटों में क्या-क्या हुआ? जवाब: 4 अक्टूबर को नाना पाटेकर गोवा के डोना पाउला में एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। वो इस दौरान स्वस्थ दिखाई दिए। उन्होंने कार्यक्रम में कहा था, ‘हम सभी को एक दिन जाना है, पता नहीं मैं कल यहां रहूंगा या नहीं। सबकी जिंदगी में एक मोड़ जरूर आता है, लेकिन इससे पहले खुद से पूछना होगा- क्या मैं वो कर पाऊंगा, जो मैं करना चाहता हूं?’

    4 अक्टूबर को नाना आखिरी बार सार्वजानिक तौर पर नजर आए।

    8 अक्टूबर की रात गोवा के अपने घर में नाना अकेले थे। देर रात उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। मणिपाल हॉस्पिटल के डॉ. शेखर सालकर ने मीडिया को नाना के आखिरी समय की जानकारी दी…

    • रात करीब 2:30 बजे नाना ने अपने दोस्त को मैसेज भेजा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है। रात होने के चलते दोस्त तब उनका मैसेज नहीं देख पाया। फिर उन्होंने अपने दोस्त को कॉल की।
    • तड़के करीब 4 बजे दोस्त उनके घर पहुंचा। तब नाना को बहुत पसीना आ रहा था और वो धीरे-धीरे बेहोश होते जा रहे थे। उन्होंने नाना को होश में लाने की कोशिश की और उनके केयरटेकर को अस्पताल भेजा।
    • अस्पताल की एंबुलेंस और इमरजेंसी टीम नाना के घर पहुंची। इस समय तक नाना पूरी तरह बेसुध हो चुके थे।
    • डॉक्टर्स ने उन्हें उठाकर सीधा किया और उनकी कार्डियक मसाज और CPR देना शुरू किया। घर से लेकर अस्पताल ले जाते समय भी CPR देना जारी रखा गया।
    • करीब 4:20 बजे नाना मणिपाल हॉस्पिटल पहुंचे। यहां डॉक्टर्स ने करीब 45 मिनट तक कार्डियक मसाज, CPR और बाकी कोशिशें कीं, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
    • सुबह करीब 5:20 बजे नाना को मृत घोषित कर दिया गया।
    डॉ. शेखर ने कहा कि नाना को अस्पताल में मृत अवस्था में लाया गया था। शव को पोस्टमार्टम के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज भेजा गया।

    डॉ. शेखर ने कहा कि नाना को अस्पताल में मृत अवस्था में लाया गया था। शव को पोस्टमार्टम के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज भेजा गया।

    सवाल-2: नाना को कैसा कार्डियक अरेस्ट आया और क्या जान बचाई जा सकती थी? जवाब: आम तौर पर दिल की दिक्कत से होने वाली मौतों के मामले में कई शब्द सुनते हैं- दिल का दौरा, कार्डियक अरेस्ट, हार्ट अटैक। असल में दिल का दौरा या कार्डियक अरेस्ट एक ही बात है, जबकी हार्ट अटैक अलग है।

    हार्ट अटैक: दिल तक जाने वाली नसों में थक्का जमना

    • हार्ट अटैक का मतलब है- दिल तक आने वाली एक या ज्यादा नसों में खून का थक्का जमना, जिसके चलते खून दिल तक नहीं पहुंच पाता।
    • इससे दिल की मांसपेशियां खराब होने लगती हैं और दिल काम करना बंद कर सकता है। हालांकि इसमें मरीज को कई घंटों से कुछ दिनों तक का समय भी मिल सकता है।
    • हार्ट अटैक में सीने में तेज दर्द होता है। शरीर के ऊपरी हिस्सों में भी तकलीफ हो सकती है। व्यक्ति हांफने लगता है। पसीना आता है।
    • ऐसा भी महसूस हो सकता है कि पेट में कोई दिक्कत है। कई बार लोग कब्ज की दिक्कत को भी हार्ट अटैक समझ लेते हैं। इसका उल्टा भी हो सकता है।

    कार्डियक अरेस्ट: दिल का अचानक काम करना बंद कर देना

    • दिल, दिमाग के भेजे गए इलेक्ट्रिकल सिग्नल की वजह से धड़कता है। अगर इन इलेक्ट्रिकल सिग्नल में कोई दिक्कत हो जाए, तो दिल अचानक धड़कना बंद कर देता है। इसे कार्डियक अरेस्ट कहते हैं।
    • इसमें दिल से शरीर के बाकी हिस्सों में खून नहीं पहुंच पाता और वो अंग काम करना बंद कर देते हैं।
    • कार्डियक अरेस्ट होते ही व्यक्ति बहुत कम समय में बेहोश हो सकता है और कुछ ही मिनटों में मौत हो सकती है।

    कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अमित शर्मा बताते हैं कि, ‘ज्यादातर मामलों में हार्ट अटैक के चलते ही कार्डियक अरेस्ट आता है। हालांकि कुछ मामलों में दिल की पुरानी बीमारी या नसों में थक्का जमने की दिक्कत के बिना भी अचानक कार्डियक अरेस्ट हो सकता है। इसे ‘सडेन कार्डियक अरेस्ट’ (CSA) कहते हैं।’ डॉ. अमित शर्मा के मुताबिक, ‘ये कहना मुश्किल है कि नाना को हार्ट अटैक से कार्डियक अरेस्ट हुआ, या अचानक सीधे कार्डियक अरेस्ट हुआ। उन्हें दो घंटे मिले, अगर जल्द से जल्द CPR शुरू हो जाता और फिर बाकी इलाज मिलता, तो उनकी जान बच सकती थी।’

    डॉ. शेखर ने कहा है, ‘नाना को कार्डियक अरेस्ट आया, लेकिन इसकी वजह नहीं पता है। अस्पताल को ये भी नहीं पता था कि उनको दिल की कोई बीमारी थी या नहीं, या वो पहले से दिल की कोई दवाई ले रहे थे।’ हालांकि कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नाना पाटेकर को लंबे समय से दिल से जुड़ी दिक्कतें थीं।’

    दिल की पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोगों में कार्डियक अरेस्ट का खतरा ज्यादा होता है। पहले कभी हार्ट अटैक आया हो, तो उसका असर बना रह सकता है और इससे इलेक्ट्रिकल सिग्नल या हार्ट-बीट असामान्य हो सकती है।

    दिल की पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोगों में कार्डियक अरेस्ट का खतरा ज्यादा होता है। पहले कभी हार्ट अटैक आया हो, तो उसका असर बना रह सकता है और इससे इलेक्ट्रिकल सिग्नल या हार्ट-बीट असामान्य हो सकती है।

    सवाल-3: CPR देने के बावजूद जान नहीं बच पाई, इसमें टाइम का कितना रोल? जवाब: CPR, यानी कार्डियो-पल्मोनरी रिसैसिटेशन’ की प्रक्रिया हाथों से की जा सकती है। छाती के बीचोबीच मुट्ठी बनाकर एक मिनट में 100 से 120 बार तक तेजी से छाती दबाना ही CPR देना है। हालांकि कार्डियक अरेस्ट होने पर CPR की टाइमिंग सबसे जरूरी है…

    • कार्डियक अरेस्ट होने पर दिमाग और शरीर के बाकी अंगों में खून का फ्लो रुक जाता है। व्यक्ति तेजी से बेहोश होने लगता है।
    • CPR एक मैन्युअल पंप की तरह काम करता है। छाती पर बार-बार दबाव पड़ने से शरीर के बाकी हिस्सों में ब्लड का फ्लो बनाए रखने में मदद मिलती है।
    • अगर कार्डियक अरेस्ट के शुरुआती 2 मिनट के अंदर मरीज के आसपास मौजूद कोई व्यक्ति CPR की प्रक्रिया शुरू कर दे, तो मरीज के जीवित रहने की संभावना 40% तक बढ़ जाती है।
    • CPR तुरंत शुरू करना इसलिए जरूरी है, क्योंकि हर गुजरते मिनट के साथ जीवित रहने की संभावना 10% तक घटती जाती है।

    वहीं नाना की तबीयत बिगड़ने के करीब डेढ़ घंटे बाद उनको CPR मिला, जब उनके दोस्त घर पहुंचे। तब तक नाना बेहोश होने लगे थे।

    CPR में हाथों की पोजीशन छाती के बीच इस तरह होनी चाहिए।

    CPR में हाथों की पोजीशन छाती के बीच इस तरह होनी चाहिए।

    सवाल-4: अगर दिल का दौरा पड़े, तो CPR के अलावा शुरुआती इलाज क्या है? जवाब: कार्डियक अरेस्ट या हार्ट अटैक को लेकर 3 जरूरी बातें हैं…

    1. ‘घर पर ये तय कर पाना मुश्किल होता है, कि किसी को कार्डियक अरेस्ट आया है या हार्ट अटैक। ऐसे में बिना समय गंवाए शुरुआती मिनटों में ही CPR देना शुरू कर देना चाहिए और आगे के इलाज के लिए जल्दी से जल्दी अस्पताल में भर्ती किया जाए।
    2. अगर अचानक कार्डियक अरेस्ट आया है, तो अस्पताल में या एंबुलेंस में ही AED, यानी ‘ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफ्रिबिलेटर’ से शॉक दिए जाते हैं। अगर दिल में इलेक्ट्रिक सिग्नल से जुड़ी दिक्कत है, हार्टबीट बहुत कम है, तो इससे रोगी को फायदा हो सकता है। आम तौर पर ये मेडिकल स्टाफ या डॉक्टर्स करते हैं।
    3. अगर हार्ट अटैक आया है और दिल की धड़कन मौजूद है, तो CPR के साथ ही खून को पतला करने वाली और नसों को चौड़ा करने वाली दवाइयां शुरू की जाती हैं। डॉक्टर्स से सलाह लेकर इमरजेंसी के लिए ये दवाइयां लोग अपने पास रख सकते हैं। दिल के मरीजों को ये दवाइयां हर समय अपने पास रखनी चाहिए।

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    नाना पाटेकर का आखिरी VIDEO, ड्रम बजाया, डांस किया:4 दिन पहले कहा था- नहीं जानता, कल रहूं या नहीं; गोवा में कार्डियक अरेस्ट से निधन

    दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह 75 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्हें गोवा स्थित घर में कार्डियक अरेस्ट हुआ था। उन्हें करीब 45 मिनट तक CPR दी गई, लेकिन बचाया नहीं जा सका। अंतिम संस्कार पुणे के फॉर्महाउस में होगा। पूरी खबर पढ़ें…



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  • Nana Patekar Death Actor Dies Goa Residence Father Relationship Revealed Interview

    Nana Patekar Death Actor Dies Goa Residence Father Relationship Revealed Interview


    20 मिनट पहलेलेखक: आशीष तिवारी

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    नाना पाटेकर के पिता दिनकर पाटेकर रायगढ़ जिले के मुरुड-जंजीरा गांव में छोटा सा टेक्सटाइल प्रिंटिंग (कपड़ा छपाई) का व्यवसाय करते थे।

    नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह 75 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्हें गोवा स्थित अपने घर पर कार्डियक अरेस्ट आया था। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां करीब 45 मिनट तक CPR दी गई, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।

    नाना अपने पीछे फिल्मों के साथ कई ऐसे किस्से छोड़ गए, जिनसे उनकी जिंदगी के संघर्ष और रिश्तों की झलक मिलती है। दिसंबर 2024 में दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में उन्होंने अपने पिता के साथ रिश्ते को लेकर बात की थी।

    नाना ने बचपन में वह खुद को दूसरों से कमतर समझते थे। उन्हें लगता था कि वह दिखने में अपने दोनों भाइयों से कम अच्छे हैं। इसी वजह से उनके मन में यह बात भी बैठ गई थी कि उनके पिता बाकी भाइयों को उनसे ज्यादा प्यार करते हैं।

    बचपन में नाना गांव और आसपास होने वाले नाटकों में हिस्सा लेते थे। एक बार उन्होंने (वाल्मीकि) नाटक में काम किया। खास बात यह थी कि उनका अभिनय देखने के लिए उनके पिता मुंबई से गांव आए थे। नाना के लिए यह पल बेहद खास था। उन्हें महसूस हुआ कि उनके पिता को भी उनकी कला पर गर्व है। इसी अनुभव ने उनके मन में पिता को लेकर बनी गलतफहमी को काफी हद तक दूर कर दिया।

    आखिरी दिनों में नाना से गहरी दोस्ती हो गई थी

    नाना ने बताया था कि पिता के आखिरी दिनों में दोनों के बीच रिश्ता बहुत गहरा हो गया था। उनके पिता कभी उनका हाथ पकड़कर कहते थे कि उन्हें हमेशा लगता रहा कि नाना के मन में यह बात होगी कि भाइयों से उन्हें ज्यादा प्यार मिला।

    नाना ने कहा था कि उन्हें पिता से कोई शिकायत नहीं थी। हालांकि, उन्हें जिंदगी भर इस बात का दुख रहा कि जब पिता का निधन हुआ, तब वह उनके लिए कुछ कर नहीं पाए। उनके पिता का निधन कॉरपोरेशन के अस्पताल में हुआ था और इलाज के लिए दवाइयों के पैसे की जरूरत थी। उस वक्त नाना के दोस्तों ने उनकी आर्थिक मदद की थी।

    ………..…

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    रेपिस्ट के रोल पर नाना ने डायरेक्टर को गालियां दीं:’परिंदा’ के क्लाईमैक्स में आग से झुलसे, आर्मी जॉइन करने के लिए रक्षामंत्री को फोन किया

    नाना पाटेकर ने अपने करीब पांच दशक के करियर में कई यादगार किरदार निभाए थे। नाना अपने बेबाक और गुस्सैल अंदाज के लिए भी जाने जाते थे। एक बार डायरेक्टर रवि चोपड़ा ने उन्हें फिल्म में रेपिस्ट का रोल ऑफर किया तो नाना भड़क गए और उन्हें गालियां तक दे दीं। बाद में स्मिता पाटिल के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ और नाना को फिल्म में अहम विलेन का किरदार मिला। (परिंदा) की शूटिंग के दौरान भी उनका डायरेक्टर विधु विनोद चोपड़ा से विवाद हुआ था। पूरी खबर यहां पढ़ें…



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  • Actor Nana Patekar Passes Away

    Actor Nana Patekar Passes Away


    10 मिनट पहले

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    नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर है। बचपन में उनकी एक छोटी बहन उन्हें प्यार से ‘नाना’ कहकर बुलाती थी, जिसके बाद यही नाम उनकी पहचान बन गया।

    दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह 75 की उम्र में निधन हो गया। उन्हें गोवा स्थित अपने घर पर कार्डियक अटैक हुआ था। उन्हें करीब 45 मिनट तक CPR दी गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

    मणिपाल हॉस्पिटल के डॉ. शेखर सालकर के मुताबिक नाना पाटेकर का सुबह 5:20 बजे निधन हुआ। उनके निधन के बाद मेडिको-लीगल केस (MLC) दर्ज किया गया है और पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा।

    4 अक्टूबर को गोवा में एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे, VIDEO

    ‘परिंदा’ में विलेन बने, 3 नेशनल अवॉर्ड जीते

    नाना ने 100 से ज्यादा फिल्में कीं। 1989 की फिल्म ‘परिंदा’ में नाना पाटेकर ने अन्ना का किरदार निभाया, जिसके लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला। 1994 की ‘क्रांतिवीर’ के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला।

    1996 की ‘अग्निसाक्षी’ के लिए भी उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला। इस तरह उन्हें करियर में 3 नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिले। भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए नाना पाटेकर को 2013 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया। अपने लंबे फिल्मी करियर में उन्होंने हिंदी के साथ मराठी फिल्मों में भी काम किया।

    ‘वेलकम’ में उदय शेट्टी बनकर कॉमेडी में भी छाए

    2007 में आई फिल्म ‘वेलकम’ में नाना पाटेकर ने गैंगस्टर उदय शेट्टी का किरदार निभाया। इस कॉमेडी रोल को काफी पसंद किया गया। वे इसके सीक्वल ‘वेलकम बैक’ में भी उदय शेट्टी के किरदार में नजर आए।

    नाना के उदय शेट्टी के किरदार के डायलॉग्स पर कई मीम्स बने। जिसमें सबसे लोकप्रिय सीन वह था, जहां वे खुद को शांत करने के लिए कहते हैं—"कंट्रोल उदय... कंट्रोल!"

    नाना के उदय शेट्टी के किरदार के डायलॉग्स पर कई मीम्स बने। जिसमें सबसे लोकप्रिय सीन वह था, जहां वे खुद को शांत करने के लिए कहते हैं—”कंट्रोल उदय… कंट्रोल!”

    फिल्म प्रहार के लिए मिलिट्री ट्रेनिंग ली थी

    नाना पाटेकर ने फिल्म ‘प्रहार: द फाइनल अटैक’ में आर्मी मेजर की भूमिका निभाने के लिए भारतीय सेना की मराठा लाइट इन्फैंट्री के साथ सैन्य प्रशिक्षण लिया था। इस दौरान उन्होंने करीब तीन साल तक ट्रेनिंग की थी।

    ट्रेनिंग पूरी करने के बाद नाना पाटेकर टेरिटोरियल आर्मी से जुड़े। उन्हें मानद कैप्टन के रूप में कमीशन मिला। बाद में उन्होंने लेफ्टिनेंट कर्नल के मानद पद तक सेवाएं दीं और 2013 में रिटायर हुए।

    कारगिल युद्ध के दौरान भी सेना के साथ रहे

    नाना पाटेकर का सेना से जुड़ाव 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भी सामने आया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने तत्कालीन रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस से विशेष अनुमति लेकर करीब 2 से 3 सप्ताह यानी 15-20 दिन सेना के साथ अग्रिम इलाकों में बिताए।

    इस दौरान वह द्रास, लेह, कुपवाड़ा और सोपोर जैसे क्षेत्रों में गए। रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि उन्होंने सेना की क्विक रिएक्शन टीम (QRT) के साथ समय बिताया।

    नाना पाटेकर ने एक इंटरव्यू में कहा था कि देश के लिए हर व्यक्ति को अपनी तरफ से कुछ न कुछ करना चाहिए। सेना के जवानों के प्रति उनका सम्मान कई मौकों पर सामने आया है। 2016 में उन्होंने कहा था कि उनके लिए देश सबसे पहले है और जवान ही देश के असली हीरो हैं।

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