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  • Ramayan Movie Mangal Rang Song Controversy

    Ramayan Movie Mangal Rang Song Controversy


    4 घंटे पहले

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    रणबीर कपूर और साई पल्लवी स्टारर फिल्म रामायण का नया गाना ‘मंगल रंग’ रविवार को जारी कर दिया गया। एआर रहमान के संगीत में बने इस गाने को अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल ने गाया है।

    गाना रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर विवादों में घिर गया है। लोगो ने गाने में कव्वाली और सूफी बीट्स के इस्तेमाल पर संगीतकार एआर रहमान की आलोचना की है।

    वहीं, गाने के एक सीन में राम-सीता के विवाह के दौरान दिखाई गई रस्म को हल्दी बताकर भी लोग ट्रोलिंग कर रहे हैं, हालांकि रिपोर्ट्स के अनुसार वह हल्दी नहीं बल्कि चुमावन की पारंपरिक रस्म है।

    एआर रहमान के संगीत और सूफी बीट्स पर उठे सवाल

    सोशल मीडिया यूजर्स ने गाने की धुन को लेकर अपनी नाराजगी जताई है। कई यूजर्स का कहना है कि वाल्मीकि रामायण पर आधारित फिल्म में सूफी और कव्वाली शैली का संगीत जोड़ना सांस्कृतिक रिसर्च की कमी को दर्शाता है।

    यूजर्स का तर्क है कि इस पौराणिक महाकाव्य के गानों में बॉलीवुड फिल्मों जैसी धुन की जगह शुद्ध संस्कृत और पारंपरिक संगीत का इस्तेमाल किया जाना चाहिए था। एआर रहमान का संगीत उम्मीदों के मुताबिक न होने की बात कहकर लोग गाने पर कमेंट्स कर रहे हैं।

    हल्दी की रस्म समझकर सोशल मीडिया पर विवाद

    गाने के एक दृश्य में दिखाया गया है कि रणबीर कपूर (भगवान राम) को कुछ महिलाएं टीका-हल्दी लगा रही हैं और पीछे साई पल्लवी (माता सीता) खड़ी हैं।

    इस सीन को देखकर सोशल मीडिया पर लोगों ने दावा किया कि मेकर्स ने शादी से पहले होने वाली हल्दी की रस्म को गलत तरीके से दिखाया है।

    यूजर्स ने सवाल उठाया कि पारंपरिक हिंदू विवाह में दूल्हा और दुल्हन कभी एक साथ हल्दी की रस्म में नहीं बैठते, फिर फिल्म में ऐसा क्यों दिखाया गया।

    हल्दी नहीं, पारंपरिक ‘चुमावन रस्म का है सीन

    सोशल मीडिया पर हो रही ट्रोलिंग के बीच मीडिया रिपोर्ट्स और जानकारों ने साफ किया है कि यह सीन हल्दी का नहीं है। असल में यह पूर्वी भारत और मिथिला क्षेत्र में शादी के दौरान निभाई जाने वाली पारंपरिक चुमावन रस्म है।

    इस रस्म में वधू पक्ष की पांच सुहागिन महिलाएं दूब, अक्षत, हल्दी और दही लेकर वर के चरणों, घुटनों, कंधों और सिर को स्पर्श करके आशीर्वाद देती हैं।

    यही रस्म वधू के लिए भी अलग से की जाती है। मेकर्स ने इस सांस्कृतिक रस्म को गाने में दर्शाया था, जिसे दर्शकों ने गलती से हल्दी समझ लिया।

    श्रीराम और माता सीता के विवाह पर आधारित है गाना

    ‘मंगल रंग’ गाना भगवान राम और माता सीता के पावन विवाह और उनके प्रेम के सफर को दर्शाता है। इसमें सीता स्वयंवर, भगवान राम की ओर से शिव धनुष उठाने, विवाह के वचनों और अयोध्या में नवविवाहित जोड़े के स्वागत जैसे दृश्यों को दिखाया गया है। फिल्म 5 नवंबर को रिलीज होगी।

    ये खबर भी पढ़ें रणबीर कपूर ने अपने बयान पर माफी मांगी:कहा था- सच्चाई और अच्छाई का अंत होगा; ट्रोलिंग के बाद बोले- जुबान फिसल गई

    रणबीर कपूर ने दशहरे के इवेंट में कहा, बुराई चाहे कितनी भी ताकतवर क्यों न हो, आखिरकार अंत सच्चाई और अच्छाई का होता है। जबकि उन्हें कहना था कि जीत सच्चाई और अच्छाई की होती है। गलत बयान पर विवाद बढ़ने पर अब रणबीर ने माफी मांगी है। पूरी खबर पढ़ें



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    32 मिनट पहले

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    रणबीर कपूर और साई पल्लवी स्टारर फिल्म रामायण का नया गाना ‘मंगल रंग’ रविवार को जारी कर दिया गया। एआर रहमान के संगीत में बने इस गाने को अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल ने गाया है।

    गाना रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर विवादों में घिर गया है। लोगो ने गाने में कव्वाली और सूफी बीट्स के इस्तेमाल पर संगीतकार एआर रहमान की आलोचना की है।

    वहीं, गाने के एक सीन में राम-सीता के विवाह के दौरान दिखाई गई रस्म को हल्दी बताकर भी लोग ट्रोलिंग कर रहे हैं, हालांकि रिपोर्ट्स के अनुसार वह हल्दी नहीं बल्कि चुमावन की पारंपरिक रस्म है।

    एआर रहमान के संगीत और सूफी बीट्स पर उठे सवाल

    सोशल मीडिया यूजर्स ने गाने की धुन को लेकर अपनी नाराजगी जताई है। कई यूजर्स का कहना है कि वाल्मीकि रामायण पर आधारित फिल्म में सूफी और कव्वाली शैली का संगीत जोड़ना सांस्कृतिक रिसर्च की कमी को दर्शाता है।

    यूजर्स का तर्क है कि इस पौराणिक महाकाव्य के गानों में बॉलीवुड फिल्मों जैसी धुन की जगह शुद्ध संस्कृत और पारंपरिक संगीत का इस्तेमाल किया जाना चाहिए था। एआर रहमान का संगीत उम्मीदों के मुताबिक न होने की बात कहकर लोग गाने पर कमेंट्स कर रहे हैं।

    हल्दी की रस्म समझकर सोशल मीडिया पर विवाद

    गाने के एक दृश्य में दिखाया गया है कि रणबीर कपूर (भगवान राम) को कुछ महिलाएं टीका-हल्दी लगा रही हैं और पीछे साई पल्लवी (माता सीता) खड़ी हैं।

    इस सीन को देखकर सोशल मीडिया पर लोगों ने दावा किया कि मेकर्स ने शादी से पहले होने वाली हल्दी की रस्म को गलत तरीके से दिखाया है।

    यूजर्स ने सवाल उठाया कि पारंपरिक हिंदू विवाह में दूल्हा और दुल्हन कभी एक साथ हल्दी की रस्म में नहीं बैठते, फिर फिल्म में ऐसा क्यों दिखाया गया।

    हल्दी नहीं, पारंपरिक ‘चुमावन रस्म का है सीन

    सोशल मीडिया पर हो रही ट्रोलिंग के बीच मीडिया रिपोर्ट्स और जानकारों ने साफ किया है कि यह सीन हल्दी का नहीं है। असल में यह पूर्वी भारत और मिथिला क्षेत्र में शादी के दौरान निभाई जाने वाली पारंपरिक चुमावन रस्म है।

    इस रस्म में वधू पक्ष की पांच सुहागिन महिलाएं दूब, अक्षत, हल्दी और दही लेकर वर के चरणों, घुटनों, कंधों और सिर को स्पर्श करके आशीर्वाद देती हैं।

    यही रस्म वधू के लिए भी अलग से की जाती है। मेकर्स ने इस सांस्कृतिक रस्म को गाने में दर्शाया था, जिसे दर्शकों ने गलती से हल्दी समझ लिया।

    श्रीराम और माता सीता के विवाह पर आधारित है गाना

    ‘मंगल रंग’ गाना भगवान राम और माता सीता के पावन विवाह और उनके प्रेम के सफर को दर्शाता है। इसमें सीता स्वयंवर, भगवान राम की ओर से शिव धनुष उठाने, विवाह के वचनों और अयोध्या में नवविवाहित जोड़े के स्वागत जैसे दृश्यों को दिखाया गया है। फिल्म 5 नवंबर को रिलीज होगी।

    ये खबर भी पढ़ें रणबीर कपूर ने अपने बयान पर माफी मांगी:कहा था- सच्चाई और अच्छाई का अंत होगा; ट्रोलिंग के बाद बोले- जुबान फिसल गई

    रणबीर कपूर ने दशहरे के इवेंट में कहा, बुराई चाहे कितनी भी ताकतवर क्यों न हो, आखिरकार अंत सच्चाई और अच्छाई का होता है। जबकि उन्हें कहना था कि जीत सच्चाई और अच्छाई की होती है। गलत बयान पर विवाद बढ़ने पर अब रणबीर ने माफी मांगी है। पूरी खबर पढ़ें



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