टाइगर श्रॉफ केस में पकड़े गए हरियाणा के सोनीपत के कुणाल और सुमित (लाल घेर में)। कुणाल की गर्लफ्रेंड राधा और उसकी सहेली बबीता भी अरेस्ट हुई है।
बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में हरियाणा के युवकों की भूमिका लगातार सामने आ रही है। अब तक गिरफ्तार 10 आरोपियों में से 7 हरियाणा के हैं। इन सभी का सोनीपत जिले से कनेक्शन है। वहीं, विदेश में बैठकर साजिश रचने का आरोपी अनिल पंडित पानीपत
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पुलिस जांच के मुताबिक, इस नेटवर्क में आरोपियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई थीं। किसी ने एक्टर की रेकी की और वारदात के बाद भागने के रास्तों का पता लगाया तो किसी ने हथियार मुंबई तक पहुंचाए। कुछ पर वारदात के बाद शूटरों की मदद करने का भी आरोप है।
बुधवार देर रात मुंबई पुलिस और सोनीपत STF ने सोनीपत से समीर और नितिन को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक समीर फायरिंग करने वाले तीनों शूटरों का करीबी है। इन शूटरों को राजस्थान के कोटा से पकड़ा गया था। इनमें सोनीपत के फूल सिंह और रेहान के अलावा बिहार का ऋतिक शामिल है। नितिन पर शूटरों के लिए अमृतसर से हथियार लाने का आरोप है।
फूल सिंह को शुरुआत में नाबालिग बताया जा रहा था, लेकिन जांच में उसकी उम्र 18 साल निकली। इससे पहले सोनीपत के कुणाल, सुमित और अंकित को गिरफ्तार किया जा चुका है। अंकित पर फायरिंग से पहले रेकी करने का आरोप है। जांच में यह भी सामने आया कि इस नेटवर्क ने एक्टर रणबीर कपूर के घर की रेकी भी की।
पुलिस ने ऐसे जोड़े हथियार सप्लाई करने वालों के कनेक्शन…
पुलिस सूत्रों के मुताबिक विदेश में बैठे अनिल पंडित ने कुणाल, सुमित और नितिन को पंजाब के अमृतसर से हथियार लाकर मुंबई पहुंचाने की जिम्मेदारी दी थी। दोनों कथित तौर पर एक पिस्तौल और 20 कारतूस लेकर आए। इन्हें मुंबई पहुंचाने में कुणाल की गर्लफ्रेंड राधा और उसकी सहेली बबीता की भूमिका सामने आई है। दोनों उत्तर प्रदेश की रहने वाली हैं और सोनीपत के बहालगढ़ में एक फैक्ट्री में काम करती हैं।
पुलिस के अनुसार, कुणाल करीब दो महीने पहले राधा के संपर्क में आया था। राधा, बबीता के साथ किराए के कमरे में रहती थी। आरोप है कि कुणाल ने दोनों को 15 से 20 हजार रुपए देने का लालच देकर इस नेटवर्क से जोड़ा।

सोनीपत में सिविल हॉस्पिटल में मेडिकल करवा देवडू गांव के समीर और नितिन को सोनीपत एसटीएफ और मुंबई पुलिस ने अरेस्ट किया है
कुणाल का पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड
सोनीपत के कुणाल पर पहले से दो आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें एक मामला 4 जून 2024 को सोनीपत में मारपीट, रास्ता रोकने और धमकी देने का है। दूसरा मामला पानीपत में मनी एक्सचेंजर के कार्यालय पर फायरिंग और रंगदारी से जुड़ा है। इस मामले में कुणाल को जेल हुई थी और वह 15 मई को बाहर आया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह हमला लॉरेंस गैंग के रणदीप मान के इशारे पर किया गया था।
कुणाल 19 अक्टूबर को रोडरेज की एक घटना में घायल हो गया था। मारपीट में उसके सिर पर चोट लगी थी। उसे 20 अक्टूबर तड़के दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने PGI रोहतक से गिरफ्तार किया। उसकी दादी माया देवी के मुताबिक, परिवार को पुलिस की कार्रवाई के बाद ही कुणाल के इस मामले में शामिल होने की जानकारी मिली।

सुमित की मां आशा ने बताया कि 14 या 15 अक्टूबर को पड़ोस का नितिन खाटूश्याम जाने की बात कहकर उसे अपने साथ ले गया था
सुमित को खाटूश्याम जाने के बहाने साथ ले गया नितिन
सोनीपत जिले के खरखौदा में किराये के मकान में रहने वाला सुमित मूल रूप से रोहतक जिले के रिठाल गांव का है। वह सोनीपत में रेडीमेड कपड़ों की दुकान पर काम करता है। उसकी मां आशा ने बताया कि 14-15 अक्टूबर को पड़ोस में रहने वाला नितिन उसे राजस्थान के खाटूश्याम धाम जाने की बात कहकर साथ ले गया था। इसके बाद पुलिस सुमित को अपने साथ ले गई। आशा ने आरोप लगाया कि कुणाल ने उनके बेटे को इस मामले में फंसाया है। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है।

अंकित के पिता राजेश भी मजदूरी करते हैं। उसका परिवार गांव की संकरी गली में बने छोटे से मकान में रहता है।
अंकित ने की रेकी, नेपाल में तलाशे छिपने के ठिकाने
सोनीपत के गोहाना के अंकित पर फायरिंग से पहले टाइगर श्रॉफ की रेकी करने और भागने के रास्तों का सर्वे करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, उसे वारदात के दौरान बाइक चलाने और हमले के बाद शूटरों के भागने की योजना तैयार करने की जिम्मेदारी भी दी गई थी।
रेहान अंसारी और फूल सिंह से पूछताछ के दौरान अंकित का नाम सामने आया। पुलिस का दावा है कि तीनों वारदात से पहले साथ थे। जांच में यह भी सामने आया कि अंकित मुंबई जाने से पहले नेपाल गया था, जहां उसने वारदात के बाद छिपने के संभावित ठिकाने तलाशे। हालांकि, वह वारदात से एक दिन पहले ही मुंबई से निकल गया था।
अंकित के बैंक खाते में अलग-अलग खातों से करीब 35 हजार रुपये आने की बात भी सामने आई है। पुलिस को शक है कि यह रकम गैंग से जुड़े लोगों ने भेजी थी। अंकित व फूल सिंह स्कूल में क्लासमेट रहे हैं। उसके पिता राजेश मजदूरी करते हैं और परिवार गांव की एक संकरी गली में बने छोटे मकान में रहता है।
पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल: 20 दिन में कैसे जुड़ा नेटवर्क
जांच में पुलिस के सामने एक अहम सवाल यह भी है कि हरियाणा के शूटर रेहान और फूल सिंह की मुलाकात बिहार के ऋतिक से महज 20 दिन पहले हुई थी। इतनी कम अवधि में तीनों कैसे जुड़े और हथियारों की व्यवस्था से लेकर रेकी तक की जिम्मेदारियां कैसे बांटी गईं, इसकी जांच की जा रही है।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और उनके संपर्कों की जांच के जरिए पूरे नेटवर्क, हथियारों की सप्लाई और विदेश में बैठे हैंडलर की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।
फायरिंग करने में हरियाणा के अनिल पंडित और रेहान मुख्य किरदार


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