मशहूर कार्डियोथोरेसिक सर्जन और माधुरी दीक्षित के पति डॉ. श्रीराम नेने की पहली किताब ‘21 डेज टू गुड हेल्थ’ 10 अक्टूबर को लॉन्च हुई। इस किताब में उन्होंने सेहतमंद रहने के आसान तरीके बताए हैं। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में डॉ. नेने ने खानपान, एक्सरसाइज, नींद और तनाव से जुड़े कई सवालों के जवाब दिए। उन्होंने बताया कि कैसे छोटी-छोटी अच्छी आदतें लंबे समय तक सेहतमंद रखने में मदद कर सकती हैं। बातचीत में उन्होंने पत्नी माधुरी दीक्षित की फिटनेस आदतों और हेल्थ से जुड़ी गलत जानकारियों पर भी बात की। सवाल: अपनी किताब ‘21 डेज टू गुड हेल्थ’ लिखने का ख्याल कैसे आया? जवाब: हार्ट सर्जन के तौर पर मैंने कई मरीजों को जिंदगी के आखिरी पलों में आते देखा है। हम कुछ मिलीमीटर और मिलीसेकंड के अंतर से उनकी जान बचा लेते हैं, लेकिन 20-30 साल की खराब लाइफस्टाइल का असर तुरंत ठीक नहीं कर सकते। तभी लगा कि लोगों को बीमारी की नौबत आने से पहले अच्छी आदतें सिखानी चाहिए। यही इस किताब को लिखने की प्रेरणा बनी। सवाल: क्या 21 दिन तक अच्छी आदतें अपनाने से जिंदगीभर सेहत अच्छी रह सकती है? जवाब: 1960 के दशक में प्लास्टिक सर्जन मैक्सवेल माल्ट्ज ने बदलाव को समझने में 21 दिन लगने की बात कही थी। नए आंकड़ों के मुताबिक, नई आदतों को पूरी तरह अपनाने में करीब 56 से 66 दिन लग सकते हैं। लेकिन सबसे जरूरी है लगातार कोशिश करना। किताब में मैंने सेहत के पांच आधार बताए हैं- खानपान, शारीरिक गतिविधि, नींद, तनाव और सोच, और लोगों से जुड़ाव व जीवन का उद्देश्य। इन्हें रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बना लें, तो बड़ा बदलाव आ सकता है। सवाल: सोशल मीडिया पर हेल्थ से जुड़ी इतनी जानकारी है। कैसे पहचानें कि क्या सही है और क्या गलत? जवाब: महामारी के दौरान मैंने देखा कि लोग बिना किसी विशेषज्ञता के भी खुद को एक्सपर्ट बताने लगे थे। इसलिए यह देखना जरूरी है कि जानकारी कौन दे रहा है और उसके पीछे सही रिसर्च है या नहीं। कई इन्फ्लुएंसर्स बिना ठोस आंकड़ों के दावे करते हैं। कुछ चीजों का परीक्षण सिर्फ चूहों पर हुआ होता है, लेकिन उन्हें इंसानों के लिए सही बताने लगते हैं। यह भी देखना चाहिए कि रिसर्च किसी इंडस्ट्री के फायदे के लिए तो नहीं की गई। जानकारी का स्रोत जांचें और उसके पीछे मौजूद आंकड़ों को समझें। एआई से मिली जानकारी को भी बिना जांचे सच नहीं मानना चाहिए। सवाल: भारत में बदलती लाइफस्टाइल और खानपान को लेकर आपको सबसे ज्यादा चिंता किस बात की है? जवाब: खानपान सबसे अहम है। हम कृषि आधारित समाज से औद्योगिक समाज की ओर बढ़े हैं, जहां ज्यादा कैलोरी वाला खाना आसानी से मिल जाता है। दूसरी तरफ, हमारी शारीरिक गतिविधियां कम हो गई हैं। आप एक घंटे जिम में कसरत कर लें, लेकिन बाकी साढ़े 11 घंटे बैठे रहें, तो सिर्फ एक्सरसाइज काफी नहीं होगी। दिनभर की गतिविधियों और खानपान, दोनों पर ध्यान देना जरूरी है। सवाल: अच्छी सेहत के लिए डाइट और एक्सरसाइज के अलावा क्या जरूरी है? जवाब: अच्छी नींद, मानसिक शांति और तनाव पर नियंत्रण भी उतने ही जरूरी हैं। फोन, ओटीटी और सोशल मीडिया हमारा बहुत समय लेते हैं। हमें कुछ समय के लिए इनसे दूर होना चाहिए। बच्चे भी बड़ों को देखकर सीखते हैं। आज रेस्तरां में भी लोग फोन में लगे रहते हैं। कभी फोन को एक घंटे के लिए अलग रखकर परिवार के साथ समय बिताइए। मैं जिम में एक घंटे के लिए अपना फोन बंद कर देता हूं, ताकि शांति से एक्सरसाइज कर सकूं। सवाल: माधुरी दीक्षित की सबसे अच्छी हेल्थ और फिटनेस आदत कौन सी है? जवाब: वह बहुत अनुशासित हैं। मुझे उनकी डांस करने की आदत सबसे अच्छी लगती है। वह डांस का आनंद लेती हैं। यह उनके लिए शारीरिक गतिविधि के साथ सामाजिक और आध्यात्मिक अनुभव भी है। अगर आपको ऐसी एक्सरसाइज मिल जाए, जिसका आप आनंद लेते हों, तो उसे लगातार करना आसान हो जाता है। वह खानपान को लेकर भी अनुशासित हैं और चीट मील के दौरान भी खाने की मात्रा का ध्यान रखती हैं। सवाल: घर में ज्यादा सख्त कौन है, आप या माधुरी? जवाब: मैं बच्चों के मामले में ज्यादा सख्त हूं, जबकि सेहत के मामले में माधुरी ज्यादा सख्त हैं। सवाल: माधुरी ने आपकी किताब पढ़ी है? उनका क्या कहना था? जवाब: उन्हें किताब बहुत पसंद आई। उन्होंने कहा कि इसे समझना आसान है और यह लोगों की जिंदगी बदल सकती है। हम किताब के लिए कुछ लोगों से प्रतिक्रिया मांग रहे थे, लेकिन हमने जानबूझकर उनसे नहीं पूछा, ताकि पक्षपात न लगे। उन्होंने खुद कहा कि वह करीब 30 साल से मुझे जानती हैं और इस किताब के बारे में लिखना चाहती हैं। उन्होंने इसके कई टिप्स भी अपनाए हैं। सवाल: माधुरी को 21 दिन का क्या चैलेंज देंगे? और वह आपको क्या चैलेंज दे सकती हैं? जवाब: किताब को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटा गया है, ताकि कोई एक दिन में सब बदलने की कोशिश न करे। रोज एक चैप्टर पढ़ें और उसमें दिए गए सुझावों पर काम करें। सातवें दिन खुद का आकलन करें, फिर 14वें और 21वें दिन भी अपनी प्रगति देखें। 21 दिन सिर्फ शुरुआत हैं। मेरा मकसद है कि लोग समय रहते अच्छी आदतें अपना लें, ताकि उन्हें भविष्य में ऑपरेशन टेबल तक पहुंचने की नौबत न आए। सवाल: आपकी किताब का कौन सा चैप्टर हर कपल को पढ़ना चाहिए? जवाब: हेल्दी स्लीप। अच्छी नींद से आप तरोताजा रहते हैं और एक-दूसरे पर कम चिढ़ते हैं। सवाल: माधुरी की कौन सी आदत आप अपनाना चाहेंगे? जवाब: वह हमेशा पॉजिटिव रहती हैं और बहुत ध्यान से सुनती हैं। उनकी तरह कोई नहीं सुनता। सवाल: आपकी अपनी कोई अनहेल्दी आदत? जवाब: मैं खाने का शौकीन हूं, लेकिन समय के साथ सीखा है कि क्या सही है और क्या नहीं। करीब ढाई साल पहले मैं वीगन बन गया था। सवाल: सेहत के मामले में खुद को 10 में से कितने नंबर देंगे? जवाब: अभी तो 11! मैंने 21 किलो वजन कम किया है। हफ्ते में छह दिन वर्कआउट करता हूं, कैलोरी कम लेता हूं और मेरे एब्स भी हैं, लेकिन सिर्फ बाहर से कैसा दिखते हैं, यह मायने नहीं रखता। खुद अपनी सेहत का ध्यान रखें, इससे पहले कि बीमारी आपको मजबूर कर दे। सवाल: आजकल लोगों में एब्स बनाने का जुनून है। क्या यह सेहत के लिए जरूरी है? जवाब: एब्स कोई अंतिम लक्ष्य नहीं हैं, वे भी शरीर की एक मांसपेशी हैं। शरीर में फैट कम होने पर वे दिखाई देते हैं। सिर्फ वजन और बीएमआई देखकर सेहत का अंदाजा नहीं लगाना चाहिए। यह भी देखना जरूरी है कि आप दो मंजिल सीढ़ियां चढ़ सकते हैं या नहीं, कितनी ताकत है, कितना दौड़ सकते हैं और शरीर का संतुलन कैसा है। 50 की उम्र तक दिल की सेहत, चलने की क्षमता, संतुलन, लचीलापन और ताकत बनाए रखना जरूरी है। हम बैंक और शेयर बाजार में निवेश करते हैं, लेकिन अपने शरीर में कितना निवेश करते हैं? लंबी जिंदगी से ज्यादा जरूरी है स्वस्थ जिंदगी जीना। सवाल: आपकी किताब पढ़ने वालों के लिए सबसे बड़ा मैसेज क्या है? जवाब: 21 दिन आपकी जिंदगी बदलने की शुरुआत हो सकते हैं। हो सकता है कि आप तुरंत अलग न दिखें, लेकिन अच्छी आदतें सीखकर उन्हें जीवनभर अपना सकते हैं। हर इंसान का शरीर अलग है, इसलिए अपनी जरूरतों को समझना जरूरी है। भारत में दिल की बीमारियों और डायबिटीज का बढ़ता बोझ चिंता की बात है। सेहत कोई लग्जरी नहीं है। लोगों को जागरूक बनाना और उन्हें अपनी सेहत से जुड़े सही फैसले लेने में सक्षम बनाना जरूरी है। रैपिड फायर राउंड सवाल: माधुरी के साथ डांस या वर्कआउट? जवाब: दोनों, लेकिन डांस। सवाल: अच्छी नींद या रोज एक्सरसाइज? जवाब: दोनों जरूरी हैं। इनमें से एक को चुनने की जरूरत ही क्यों है? सवाल: हेल्दी डिनर या माधुरी के साथ चीट मील? जवाब: कभी-कभी चीट मील चलता है, लेकिन ज्यादा नहीं। हेल्दी खाने की आदत पड़ जाए, तो उसे भी स्वादिष्ट बनाया जा सकता है।
Source link
Tag: शररम
-

डॉ. श्रीराम नेने की हेल्थ पर पहली किताब लॉन्च:बोले- 21 किलो वजन घटाया, बताया पत्नी माधुरी दीक्षित की फिटनेस का राज
-

डॉ. श्रीराम नेने की हेल्थ पर पहली किताब लॉन्च:बोले- 21 किलो वजन घटाया, बताया पत्नी माधुरी दीक्षित की फिटनेस का राज
मशहूर कार्डियोथोरेसिक सर्जन और माधुरी दीक्षित के पति डॉ. श्रीराम नेने की पहली किताब ‘21 डेज टू गुड हेल्थ’ 10 अक्टूबर को लॉन्च हुई। इस किताब में उन्होंने सेहतमंद रहने के आसान तरीके बताए हैं। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में डॉ. नेने ने खानपान, एक्सरसाइज, नींद और तनाव से जुड़े कई सवालों के जवाब दिए। उन्होंने बताया कि कैसे छोटी-छोटी अच्छी आदतें लंबे समय तक सेहतमंद रखने में मदद कर सकती हैं। बातचीत में उन्होंने पत्नी माधुरी दीक्षित की फिटनेस आदतों और हेल्थ से जुड़ी गलत जानकारियों पर भी बात की। सवाल: अपनी किताब ‘21 डेज टू गुड हेल्थ’ लिखने का ख्याल कैसे आया? जवाब: हार्ट सर्जन के तौर पर मैंने कई मरीजों को जिंदगी के आखिरी पलों में आते देखा है। हम कुछ मिलीमीटर और मिलीसेकंड के अंतर से उनकी जान बचा लेते हैं, लेकिन 20-30 साल की खराब लाइफस्टाइल का असर तुरंत ठीक नहीं कर सकते। तभी लगा कि लोगों को बीमारी की नौबत आने से पहले अच्छी आदतें सिखानी चाहिए। यही इस किताब को लिखने की प्रेरणा बनी। सवाल: क्या 21 दिन तक अच्छी आदतें अपनाने से जिंदगीभर सेहत अच्छी रह सकती है? जवाब: 1960 के दशक में प्लास्टिक सर्जन मैक्सवेल माल्ट्ज ने बदलाव को समझने में 21 दिन लगने की बात कही थी। नए आंकड़ों के मुताबिक, नई आदतों को पूरी तरह अपनाने में करीब 56 से 66 दिन लग सकते हैं। लेकिन सबसे जरूरी है लगातार कोशिश करना। किताब में मैंने सेहत के पांच आधार बताए हैं- खानपान, शारीरिक गतिविधि, नींद, तनाव और सोच, और लोगों से जुड़ाव व जीवन का उद्देश्य। इन्हें रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बना लें, तो बड़ा बदलाव आ सकता है। सवाल: सोशल मीडिया पर हेल्थ से जुड़ी इतनी जानकारी है। कैसे पहचानें कि क्या सही है और क्या गलत? जवाब: महामारी के दौरान मैंने देखा कि लोग बिना किसी विशेषज्ञता के भी खुद को एक्सपर्ट बताने लगे थे। इसलिए यह देखना जरूरी है कि जानकारी कौन दे रहा है और उसके पीछे सही रिसर्च है या नहीं। कई इन्फ्लुएंसर्स बिना ठोस आंकड़ों के दावे करते हैं। कुछ चीजों का परीक्षण सिर्फ चूहों पर हुआ होता है, लेकिन उन्हें इंसानों के लिए सही बताने लगते हैं। यह भी देखना चाहिए कि रिसर्च किसी इंडस्ट्री के फायदे के लिए तो नहीं की गई। जानकारी का स्रोत जांचें और उसके पीछे मौजूद आंकड़ों को समझें। एआई से मिली जानकारी को भी बिना जांचे सच नहीं मानना चाहिए। सवाल: भारत में बदलती लाइफस्टाइल और खानपान को लेकर आपको सबसे ज्यादा चिंता किस बात की है? जवाब: खानपान सबसे अहम है। हम कृषि आधारित समाज से औद्योगिक समाज की ओर बढ़े हैं, जहां ज्यादा कैलोरी वाला खाना आसानी से मिल जाता है। दूसरी तरफ, हमारी शारीरिक गतिविधियां कम हो गई हैं। आप एक घंटे जिम में कसरत कर लें, लेकिन बाकी साढ़े 11 घंटे बैठे रहें, तो सिर्फ एक्सरसाइज काफी नहीं होगी। दिनभर की गतिविधियों और खानपान, दोनों पर ध्यान देना जरूरी है। सवाल: अच्छी सेहत के लिए डाइट और एक्सरसाइज के अलावा क्या जरूरी है? जवाब: अच्छी नींद, मानसिक शांति और तनाव पर नियंत्रण भी उतने ही जरूरी हैं। फोन, ओटीटी और सोशल मीडिया हमारा बहुत समय लेते हैं। हमें कुछ समय के लिए इनसे दूर होना चाहिए। बच्चे भी बड़ों को देखकर सीखते हैं। आज रेस्तरां में भी लोग फोन में लगे रहते हैं। कभी फोन को एक घंटे के लिए अलग रखकर परिवार के साथ समय बिताइए। मैं जिम में एक घंटे के लिए अपना फोन बंद कर देता हूं, ताकि शांति से एक्सरसाइज कर सकूं। सवाल: माधुरी दीक्षित की सबसे अच्छी हेल्थ और फिटनेस आदत कौन सी है? जवाब: वह बहुत अनुशासित हैं। मुझे उनकी डांस करने की आदत सबसे अच्छी लगती है। वह डांस का आनंद लेती हैं। यह उनके लिए शारीरिक गतिविधि के साथ सामाजिक और आध्यात्मिक अनुभव भी है। अगर आपको ऐसी एक्सरसाइज मिल जाए, जिसका आप आनंद लेते हों, तो उसे लगातार करना आसान हो जाता है। वह खानपान को लेकर भी अनुशासित हैं और चीट मील के दौरान भी खाने की मात्रा का ध्यान रखती हैं। सवाल: घर में ज्यादा सख्त कौन है, आप या माधुरी? जवाब: मैं बच्चों के मामले में ज्यादा सख्त हूं, जबकि सेहत के मामले में माधुरी ज्यादा सख्त हैं। सवाल: माधुरी ने आपकी किताब पढ़ी है? उनका क्या कहना था? जवाब: उन्हें किताब बहुत पसंद आई। उन्होंने कहा कि इसे समझना आसान है और यह लोगों की जिंदगी बदल सकती है। हम किताब के लिए कुछ लोगों से प्रतिक्रिया मांग रहे थे, लेकिन हमने जानबूझकर उनसे नहीं पूछा, ताकि पक्षपात न लगे। उन्होंने खुद कहा कि वह करीब 30 साल से मुझे जानती हैं और इस किताब के बारे में लिखना चाहती हैं। उन्होंने इसके कई टिप्स भी अपनाए हैं। सवाल: माधुरी को 21 दिन का क्या चैलेंज देंगे? और वह आपको क्या चैलेंज दे सकती हैं? जवाब: किताब को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटा गया है, ताकि कोई एक दिन में सब बदलने की कोशिश न करे। रोज एक चैप्टर पढ़ें और उसमें दिए गए सुझावों पर काम करें। सातवें दिन खुद का आकलन करें, फिर 14वें और 21वें दिन भी अपनी प्रगति देखें। 21 दिन सिर्फ शुरुआत हैं। मेरा मकसद है कि लोग समय रहते अच्छी आदतें अपना लें, ताकि उन्हें भविष्य में ऑपरेशन टेबल तक पहुंचने की नौबत न आए। सवाल: आपकी किताब का कौन सा चैप्टर हर कपल को पढ़ना चाहिए? जवाब: हेल्दी स्लीप। अच्छी नींद से आप तरोताजा रहते हैं और एक-दूसरे पर कम चिढ़ते हैं। सवाल: माधुरी की कौन सी आदत आप अपनाना चाहेंगे? जवाब: वह हमेशा पॉजिटिव रहती हैं और बहुत ध्यान से सुनती हैं। उनकी तरह कोई नहीं सुनता। सवाल: आपकी अपनी कोई अनहेल्दी आदत? जवाब: मैं खाने का शौकीन हूं, लेकिन समय के साथ सीखा है कि क्या सही है और क्या नहीं। करीब ढाई साल पहले मैं वीगन बन गया था। सवाल: सेहत के मामले में खुद को 10 में से कितने नंबर देंगे? जवाब: अभी तो 11! मैंने 21 किलो वजन कम किया है। हफ्ते में छह दिन वर्कआउट करता हूं, कैलोरी कम लेता हूं और मेरे एब्स भी हैं, लेकिन सिर्फ बाहर से कैसा दिखते हैं, यह मायने नहीं रखता। खुद अपनी सेहत का ध्यान रखें, इससे पहले कि बीमारी आपको मजबूर कर दे। सवाल: आजकल लोगों में एब्स बनाने का जुनून है। क्या यह सेहत के लिए जरूरी है? जवाब: एब्स कोई अंतिम लक्ष्य नहीं हैं, वे भी शरीर की एक मांसपेशी हैं। शरीर में फैट कम होने पर वे दिखाई देते हैं। सिर्फ वजन और बीएमआई देखकर सेहत का अंदाजा नहीं लगाना चाहिए। यह भी देखना जरूरी है कि आप दो मंजिल सीढ़ियां चढ़ सकते हैं या नहीं, कितनी ताकत है, कितना दौड़ सकते हैं और शरीर का संतुलन कैसा है। 50 की उम्र तक दिल की सेहत, चलने की क्षमता, संतुलन, लचीलापन और ताकत बनाए रखना जरूरी है। हम बैंक और शेयर बाजार में निवेश करते हैं, लेकिन अपने शरीर में कितना निवेश करते हैं? लंबी जिंदगी से ज्यादा जरूरी है स्वस्थ जिंदगी जीना। सवाल: आपकी किताब पढ़ने वालों के लिए सबसे बड़ा मैसेज क्या है? जवाब: 21 दिन आपकी जिंदगी बदलने की शुरुआत हो सकते हैं। हो सकता है कि आप तुरंत अलग न दिखें, लेकिन अच्छी आदतें सीखकर उन्हें जीवनभर अपना सकते हैं। हर इंसान का शरीर अलग है, इसलिए अपनी जरूरतों को समझना जरूरी है। भारत में दिल की बीमारियों और डायबिटीज का बढ़ता बोझ चिंता की बात है। सेहत कोई लग्जरी नहीं है। लोगों को जागरूक बनाना और उन्हें अपनी सेहत से जुड़े सही फैसले लेने में सक्षम बनाना जरूरी है। रैपिड फायर राउंड सवाल: माधुरी के साथ डांस या वर्कआउट? जवाब: दोनों, लेकिन डांस। सवाल: अच्छी नींद या रोज एक्सरसाइज? जवाब: दोनों जरूरी हैं। इनमें से एक को चुनने की जरूरत ही क्यों है? सवाल: हेल्दी डिनर या माधुरी के साथ चीट मील? जवाब: कभी-कभी चीट मील चलता है, लेकिन ज्यादा नहीं। हेल्दी खाने की आदत पड़ जाए, तो उसे भी स्वादिष्ट बनाया जा सकता है।
Source link