रामनगर में कॉर्बेट प्रशासन की ओर से आयोजित लिटरेचर फेस्टिवल के आखिरी दिन मशहूर गायक जुबिन नौटियाल पहुंचे। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम प्रकृति, वन्यजीव और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मुद्दों को लोगों तक पहुंचाने का बेहतर माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि प्रकृति को बचाने की जिम्मेदारी केवल किसी एक विभाग या व्यक्ति की नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की है। डॉ. साकेत बडोला के कहने पर फेस्टिवल में पहुंचे जुबिन नौटियाल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने उन्हें लिटरेचर फेस्टिवल के बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि आयोजन में अच्छे फोटोग्राफर और स्टोरीटेलर शामिल हो रहे थे। इस पहल से प्रभावित होकर उन्होंने तुरंत कार्यक्रम में शामिल होने का फैसला किया। कॉर्बेट को बताया उत्तराखंड और देश की पहचान जुबिन नौटियाल ने कॉर्बेट नेशनल पार्क को उत्तराखंड के साथ ही पूरे देश की पहचान बताया। उन्होंने डॉ. साकेत बडोला और उनकी टीम की ओर से वन्यजीव और प्रकृति संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कॉर्बेट से पूरे देश को सीखने की जरूरत है। बोले- बेवजह के मुद्दों पर नहीं, प्रकृति पर ध्यान दें जुबिन नौटियाल ने कहा कि कई बार समाज ऐसे मुद्दों पर आपस में लड़ता है, जो उतने महत्वपूर्ण नहीं होते। असली मुद्दा प्रकृति और पर्यावरण है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति को सुरक्षित रखना सबसे जरूरी है। इसके लिए समाज के हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने कॉर्बेट लिटरेचर फेस्टिवल को इसी दिशा में एक सकारात्मक पहल बताया। नाना पाटेकर के निधन पर जताई संवेदना फिल्म जगत के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर जुबिन नौटियाल ने भी गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नाना जी ने उन्हें हमेशा बहुत प्यार और अपनापन दिया। जुबिन ने कहा कि छोटे शहरों से मुंबई पहुंचने वाले कलाकारों के लिए जब बड़े कलाकार प्यार और गर्मजोशी से बात करते हैं तो उन्हें लगता है कि वे भी इस दुनिया का हिस्सा हैं। जुबिन नौटियाल ने नाना पाटेकर के परिवार, उनके प्रशंसकों और पूरी फिल्म इंडस्ट्री के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनका निधन फिल्म जगत के लिए बड़ी क्षति है।
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जुबिन नौटियाल बोले- प्रकृति और वन्यजीवों को बचाना असली मुद्दा:रामनगर में कॉर्बेट लिटरेचर फेस्टिवल में की शिरकत, संरक्षण प्रयासों की तारीफ