जावेद अख्तर ने सोशल मीडिया पर वायरल उस मेसैज को पूरी तरह फेक बताया है, जिसमें दावा किया गया था कि उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और उसके संस्थापक अभिजीत दीपके की आलोचना की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस दावे को खारिज किया। जावेद अख्तर ने सवाल उठाया कि अभिजीत दीपके और CJP की आलोचना के लिए उनके नाम का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है। उन्होंने X पर लिखा, “मैं जावेद अख्तर, सभी को बताना चाहता हूं कि सोशल मीडिया पर फैला यह झूठा मेसैज कि मैंने CJP की आलोचना की है और अभिजीत दीपके को नीचा दिखाया है। यह पूरी तरह से फेक है। मुझे आश्चर्य है कि दीपके और CJP का विरोध करने वालों को मुझ जैसे व्यक्ति से विश्वसनीयता उधार लेने की जरूरत क्यों पड़ रही है? ये हालत हो गई है? दुखद है।” बता दें कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए फेक मैसेज में जावेद अख्तर ने अभिजीत दीपके और CJP की आलोचना की थी। इसमें दीपके को अरविंद केजरीवाल की कठपुतली बताया गया था। जावेद अख्तर और कंचन गुप्ता में सोशल मीडिया पर भिड़ंत सोमवार को जावेद अख्तर और सूचना प्रसारण मंत्रालय में वरिष्ठ सलाहकार कंचन गुप्ता ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी के एक बयान को लेकर सोशल मीडिया एक्स पर भिड़ गए। दरअसल, मौलाना साजिद रशीदी ने आबादी बढ़ाने को लेकर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि मुस्लिम परिवारों में पांच से ज्यादा बच्चे होना सामान्य है और छह बच्चों की संख्या उनके लिए लास्ट है। उन्होंने हिंदू परिवारों के कम बच्चे पैदा करने पर भी सवाल उठाए। रशीदी ने कहा था, “हमारे यहां तो पांच से ऊपर होते हैं सबके। छह तो बिल्कुल लास्ट आंकड़ा है। कम से कम नहीं तो छह, आठ, दस और ग्यारह-बारह भी होते हैं।” उन्होंने हिंदुओं की ओर इशारा करते हुए कहा, “कम से कम दस पर तो आओ।” कंचन गुप्ता ने जावेद अख्तर पर साधा निशाना कंचन गुप्ता ने रशीदी के बयान की खबर शेयर करते हुए जावेद अख्तर पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि अगर किसी हिंदू ने कहा होता कि मुसलमानों के 11-12 बच्चे होते हैं तो नसीरुद्दीन शाह भड़क जाते, जावेद अख्तर को बहुत बुरा लगता और LeLi गैंग सड़कों पर ‘सर तन से जुदा…’ के नारे लगाते हुए मार्च निकालता। उन्होंने कहा कि यह बात मौलाना रशीदी ने कही है। कंचन गुप्ता ने आगे लिखा कि उन्होंने जावेद अख्तर को बताया कि उनके सहधर्मी मौलाना साजिद रशीदी किस बात का गर्व से प्रदर्शन करते हैं। उनके मुताबिक, इतना ही उन्हें सांप्रदायिक और कट्टरपंथी करार देने के लिए काफी था। जावेद अख्तर ने कंचन गुप्ता को दिया जवाब जावेद अख्तर ने कंचन गुप्ता के आरोपों पर कहा कि एक कट्टर सांप्रदायिक और संकीर्ण सोच वाले व्यक्ति होने के बावजूद उन्होंने ऐसे मौलाना के बयान पर भरोसा किया, जो उनकी तरह सांप्रदायिक और संकीर्ण सोच वाला लगता है। उन्होंने कहा कि दोनों एक ही तरह के लोग हैं। अख्तर ने सुझाव दिया कि दूसरे समुदाय के अपने हम-ख्याल व्यक्ति पर भरोसा करने के बजाय सरकारी जनगणना के आंकड़ों पर भरोसा किया जाए। उन्होंने कहा कि नफरत फैलाने की कोशिशों के लिए शायद ये आंकड़े काम के न हों। हिंदू धर्म को लेकर भी हुई बहस कंचन गुप्ता के आरोपों के जवाब में जावेद अख्तर ने लिखा, “आप हिंदू धर्म की सफेद चादर पर एक बदसूरत दाग की तरह हैं।” उन्होंने विवेकानंद, गांधी और राधाकृष्णन को पढ़ने की बात कही और कहा कि उन्हें मुस्लिम कट्टरपंथियों के साथ नहीं जोड़ा जा सकता। इस पर कंचन गुप्ता ने कहा कि हिंदू धर्म कोई “सफेद चादर” यानी कफन नहीं है। उन्होंने इसे जीवंत, बहुरंगी और जीवन को ऊर्जा देने वाला धर्म बताया। उन्होंने कहा कि जावेद अख्तर की उपमाएं और मिसालें बहुत कुछ जाहिर करती हैं। इसके बाद जावेद अख्तर ने कहा कि मौलाना उनके धर्म के नहीं हैं, क्योंकि वह किसी भी धर्म को नहीं मानते। उन्होंने कंचन गुप्ता से कहा, “मिस्टर कंचन गुप्ता, आपने गलत आदमी से पंगा लिया है। मैं आपको अपने झूठ के साथ बचकर नहीं निकलने दूंगा। आजमाकर देख लीजिए।” कंचन गुप्ता ने जवाब में इसे “सुविधा के अनुसार किनारा करना” बताया। उन्होंने कहा कि इस्लाम को लेकर जावेद अख्तर की सोच की तुलना हिंदू धर्म, जो उनका धर्म है, के प्रति उनके नजरिए से नहीं की जानी चाहिए।
इसके बाद जावेद अख्तर ने रिप्लाई देते हुए लिखा, “तुम हिंदू धर्म की सफेद चादर पर लगे एक बदसूरत दाग हो। स्वामी विवेकानंद, महात्मा गांधी और डॉ. राधाकृष्णन को पढ़ो, तब समझोगे कि तुम जैसे संकीर्ण सोच वाले लोग जिस धर्म को बदनाम कर रहे हो, वह वास्तव में क्या है। अपनी पूरी कोशिश कर लो, लेकिन तुम मुझे मुस्लिम कट्टरपंथियों के साथ जोड़ नहीं सकते। मुंबई पुलिस ने खुद तीन बार कट्टरपंथी मुल्लाओं से मेरी सुरक्षा के लिए मुझे सुरक्षा दी है। मुझे नहीं लगता कि तुम यह बात समझ पाओगे। तुम इतने छोटी सोच वाले हो कि सच कहूं तो मुझे तुम्हारे लिए अफसोस होता है।” …..… यह खबर भी पढ़ें… CJP के आंदोलन में शामिल हुए नसीरुद्दीन शाह: पुलिस परमिशन न मिलने के बाद भी पहुंचे, दीपके को गले लगाया; शबाना आजमी-विशाल ददलानी भी पहुंचे 2 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मुंबई के शिवाजी पार्क में प्रदर्शन हुआ था। नसीरुद्दीन शाह इसमें शामिल हुए थे। अभिनेत्री शबाना आजमी और संगीतकार विशाल ददलानी भी प्रदर्शन में पहुंचे थे। नसीरुद्दीन ने CJP संस्थापक अभिजीत दीपके से मुलाकात की और उन्हें गले लगाया था। विशाल भारद्वाज और शर्लिन चोपड़ा समेत कई सेलेब्स ने भी प्रदर्शन का समर्थन किया था। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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Tag: दपक
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फर्जी मैसेज वायरल होने पर भड़के जावेद अख्तर:CJP-अभिजीत दीपके की आलोचना करने के दावों को बताया झूठ, बोले- मेरे नाम का इस्तेमाल क्यों?
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CJP के आंदोलन में शामिल हुए नसीरुद्दीन शाह:पुलिस परमिशन न मिलने के बाद भी पहुंचे, दीपके को गले लगाया; शबाना आजमी-विशाल ददलानी भी पहुंचे
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित प्रदर्शन में नसीरुद्दीन शामिल हुए। पुलिस की इजाजत न मिलने के बावजूद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के इस प्रदर्शन में अभिनेत्री शबाना आजमी और संगीतकार विशाल ददलानी भी पहुंचे। शर्लिन चोपड़ा और विशाल भारद्वाज समेत कई सेलेब्स ने सरकार के खिलाफ आवाज उठाई। इन बॉलीवुड सेलेब्स की मौजूदगी से प्रदर्शन स्थल पर भीड़ जुट गई। इन कलाकारों ने वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाई और नागरिकों के विरोध करने के अधिकार का खुलकर समर्थन किया। नसीरुद्दीन शाह ने दीपके को गले लगाकर कहा शुक्रिया प्रदर्शन के दौरान अभिनेता नसीरुद्दीन शाह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस वीडियो को शेयर किया। वीडियो में नसीरुद्दीन शाह आयोजक अभिजीत को गले लगाते और धन्यवाद कहते दिख रहे हैं। अभिजीत ने बताया कि वे नसीरुद्दीन शाह के बहुत बड़े फैन हैं और उनका इस प्रदर्शन में आना किसी सपने के सच होने जैसा है। शबाना आजमी बोलीं- अधिकारों के लिए आवाज उठाना जरूरी अभिनेत्री शबाना आजमी भी प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचीं और उनका हौसला बढ़ाया। शबाना ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है। जब वोटर लिस्ट से बिना किसी कारण लोगों के नाम हटा दिए जाएं, तो जनता का विरोध करना बिल्कुल सही है। इससे पहले शबाना आजमी नीट पेपर लीक मुद्दे पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन में भी शामिल हो चुकी हैं। विशाल भारद्वाज ने सेलेब्स के सपोर्ट करने न करने पर दिया बयान फिल्ममेकर विशाल भारद्वाज भी पत्नी के साथ कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट का हिस्सा बने। इस दौरान उनसे पूछा गया कि क्या बॉलीवुड वालों को भी इस मुद्दे में सपोर्ट देना चाहिए। जवाब में उन्होंने कहा- मैं बॉलीवुड से ही तो हूं। अन्य कलाकारों के बारे में पूछे जाने पर विशाल भारद्वाज ने कहा- ये हर एक की अपनी मर्जी है। अगर किसी को मन से लगता है कि जो हो रहा है वो गलत है, तो सपोर्ट में आए और नहीं लगता तो न करे। संगीतकार विशाल ददलानी ने जताया समर्थन बॉलीवुड सिंगर विशाल ददलानी ने भी शिवाजी पार्क पहुंचकर आंदोलन को अपना समर्थन दिया। उन्होंने सीजेपी नेता अभिजीत दीपके से मुलाकात की और उन्हें गले लगाया। विशाल ने कार्यक्रम से पहले भी सोशल मीडिया के जरिए इस प्रदर्शन का समर्थन किया था। सीजेपी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से विशाल की मौजूदगी की तस्वीरें और वीडियो पोस्ट किए गए। वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने पर बोलीं शर्लिन चोपड़ा एक्ट्रेस शर्लिन चोपड़ा ने वोट देने के अधिकार को मौलिक अधिकार बताते हुए कहा कि लोकतंत्र की हत्या नहीं होनी चाहिए और नागरिकों से मतदान का हक नहीं छीना जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के जरिए जिन 13 करोड़ भारतीयों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं, क्या यह साबित किया जा सकता है कि वे गैर-नागरिक हैं। शर्लिन ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सम्मान करती हैं और उन्हें पिता तुल्य मानती हैं, इसलिए एक बेटी के तौर पर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी असहमति दर्ज कराना उनका अधिकार है। उन्होंने पीएम मोदी से भारतीय नागरिकों के इस अधिकार को न छीनने की अपील की। सीजेपी की मांग और चुनाव आयोग से जुड़ा विवाद यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए किया मुंबई के शिवाजी पार्क में किया गया। सीजेपी नेता अभिजीत दीपके ने महाराष्ट्र सरकार और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नीट लीक के बाद दो महीने में यह उनका दूसरा बड़ा आंदोलन है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को चुनौती दी कि सरकार चाहे तो उन्हें जेल भेज सकती है। दरअसल, यह विवाद मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में गड़बड़ी को लेकर मीडिया रिपोर्ट्स के बाद शुरू हुआ था।
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