दिग्गज फिल्ममेकर सिंगीतम श्रीनिवास राव का शनिवार को 95 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने चेन्नई के कावेरी अस्पताल में आखिरी सांस ली। उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के चलते उनका अस्पताल में इलाज चल रहा था। सिंगीतम ने ‘पुष्पक विमानम’ और ‘आदित्य 369’ समेत तेलुगु, कन्नड़, तमिल, हिंदी और अंग्रेजी में करीब 60 फिल्मों का निर्देशन किया था। उन्हें दो नेशनल फिल्म अवॉर्ड समेत कई सम्मान मिले। 94 साल की उम्र में उन्होंने अपनी आखिरी फिल्म ‘सिंग गीथम’ निर्देशित की थी। यह फिल्म 12 जून 2026 को रिलीज हुई थी। तेलुगु और तमिल फिल्म इंडस्ट्री के कई कलाकारों ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कमल हासन, जूनियर NTR, श्रुति हासन, नाग अश्विन, महेश बाबू ने उनके निधन पर दुख जताया। सिंगीतम श्रीनिवास राव का फिल्मी सफर सिंगीतम श्रीनिवास राव ने फिल्मी करियर की शुरुआत दिग्गज निर्देशक के.वी. रेड्डी के सहायक के तौर पर की। उन्होंने ‘मायाबाजार’ और ‘जगदेक वीरुनी कथा’ जैसी फिल्मों में काम किया। साल 1972 में तेलुगु फिल्म ‘नीति-निजायती’ से निर्देशन की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने तेलुगु, तमिल, कन्नड़, हिंदी और अंग्रेजी में करीब 60 फिल्मों का निर्देशन किया। उनकी प्रमुख फिल्मों में ‘दिक्कत्र पार्वती’, ‘मयूरी’, ‘पुष्पक विमानम’, ‘आदित्य 369’, ‘भैरव द्वीपम’, ‘मगलिर मत्तुम’ और ‘माइकल मदना काम राजन’ शामिल हैं। कमल हासन के साथ खास साझेदारी सिंगीतम और कमल हासन ने कई चर्चित फिल्मों में साथ काम किया। इनमें ‘पुष्पक विमानम’, ‘अपूर्व सगोदरगल’ और ‘माइकल मदना काम राजन’ शामिल हैं। ‘पुष्पक विमानम’ में बिना संवाद के कहानी बताने का प्रयोग किया गया था। हिंदी सिनेमा में भी किया काम सिंगीतम ने हिंदी और हिंदी समेत कई भाषाओं में बनी फिल्मों का निर्देशन किया। इनमें ‘थ्रिलोक सुंदरी’ (1982), ‘लिटिल जॉन’ (2001), ‘मुंबई एक्सप्रेस’ (2005) और एनिमेशन फिल्म ‘घटोत्कच’ (2008) शामिल हैं। ‘फूल’ (1993) भी उनकी हिंदी फिल्मों में शामिल रही। ‘पुष्पक’ की खास पहचान ‘पुष्पक विमान’ 27 नवंबर 1987 को रिलीज हुई थी। फिल्म 27 नवंबर 1987 को रिलीज हुई थी। अलग-अलग भाषाई क्षेत्रों में इसे अलग-अलग नामों से रिलीज किया गया था। कर्नाटक में इसका मूल नाम ‘पुष्पक विमान’ था। आंध्र प्रदेश में इसे ‘पुष्पक विमानम’ नाम से रिलीज किया गया। हिंदी भाषी क्षेत्रों में फिल्म का नाम ‘पुष्पक’ रखा गया, जिसका अर्थ ‘फूल’ है। तमिलनाडु में इसे ‘पेसुम पडम’ नाम से रिलीज किया गया, जिसका अर्थ ‘बोलती तस्वीर’ है। वहीं केरल में इसे ‘पुष्पकविमानम’ नाम से रिलीज किया गया। फिल्म में कोई संवाद नहीं था। इसके बावजूद इसे दर्शकों और समीक्षकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली। बेंगलुरु में फिल्म 35 हफ्तों तक सिनेमाघरों में चली। फिल्म को बेस्ट पॉपुलर फिल्म प्रोवाइडिंग होलसम एंटरटेनमेंट का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला। 35वें फिल्मफेयर अवॉर्ड्स साउथ में सिंगीतम को बेस्ट डायरेक्टर और कमल हासन को बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला। फिल्म को बेस्ट फिल्म का पुरस्कार भी मिला। प्रयोगात्मक फिल्मों के लिए पहचान सिंगीतम अलग तरह की कहानियों और प्रयोगों के लिए जाने गए। ‘दिक्कत्र पार्वती’ को भी नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला। ‘आदित्य 369’ को तेलुगु सिनेमा की चर्चित साइंस फिक्शन फिल्मों में गिना जाता है, जबकि ‘भैरव द्वीपम’ फैंटेसी शैली की प्रमुख फिल्मों में शामिल रही। आखिरी फिल्म तक सिनेमा से जुड़े रहे साल 2026 में सिंगीतम ने करीब 10 साल बाद निर्देशन में वापसी की। उनकी आखिरी फिल्म ‘सिंग गीथम’ थी। 94 साल की उम्र तक वह सिनेमा से जुड़े रहे और नई कहानियों पर काम करते रहे। कमल हासन ने खुद को शिष्य बताया कमल हासन ने रविवार को X पर सिंगीतम की तस्वीर शेयर की। उन्होंने खुद को सिंगीतम का शिष्य बताया और उनके साथ काम करने का अनुभव याद किया। कमल हासन ने लिखा, “सिंगीतम कारू ने अपनी इच्छा के अनुसार, अपनी जवानी के साथ ही आखिरी सांस ली। उनकी जवानी बहुत लोगों तक नहीं पहुंची। उस खूबी को फैलाने की चाहत में, जिन दोस्तों का हाथ पकड़कर वे चले, उन शिष्यों में मैं भी एक हूं।” उन्होंने आगे लिखा, “कम उम्र में मरना हमेशा दुखद नहीं होता। यह गौरवपूर्ण भी हो सकता है। सिंगीतम श्रीनिवास राव इसका शानदार उदाहरण हैं। जब से मैंने उन्हें जाना, तब से उनकी प्रशंसा की है। अब मैं भी उनके जैसे जीने की इच्छा रखता हूं।” जूनियर NTR ने बताया समय से आगे सोचने वाला फिल्ममेकर जूनियर NTR ने X पर सिंगीतम को समय से आगे सोचने वाला फिल्ममेकर बताया। उन्होंने लिखा, “सिंगीतम श्रीनिवास राव गरु के नहीं रहने की खबर बेहद दुखद है।” उन्होंने आगे लिखा, “‘आदित्य 369’, ‘पुष्पक विमानम’, ‘मयूरी’… वे समय से आगे सोचने वाले फिल्ममेकर थे। उन्होंने ऐसी फिल्में बनाईं, जो कई पीढ़ियों के बाद भी नई लगती हैं। उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ओम शांति।” नाग अश्विन ने साझा किया आखिरी स्क्रिप्ट आइडिया फिल्ममेकर नाग अश्विन ने सिंगीतम की क्रिएटिव सोच की एक झलक साझा की। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर सिंगीतम के एक मैसेज का स्क्रीनशॉट पोस्ट किया। यह मैसेज 5 सितंबर 2026 का था। इसमें लिखा था, “ए फ्रूट कट्स द नाइफ, मेरी नई स्क्रिप्ट का टाइटल।” महेश बाबू ने भी दी श्रद्धांजलि महेश बाबू ने X पर सिंगीतम को भारतीय सिनेमा का दिग्गज बताया। उन्होंने लिखा, “भारतीय सिनेमा का एक दिग्गज अब हमारे बीच नहीं है। सिंगीतम श्रीनिवास राव गरु हर मायने में एक लीजेंड थे।” महेश बाबू ने आगे लिखा, “वे असाधारण कल्पना, साहस और प्रतिभा वाले फिल्ममेकर थे। भारतीय सिनेमा हमेशा उनका ऋणी रहेगा। सर, आपकी आत्मा को शांति मिले। आपके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।”
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फिल्ममेकर सिंगीतम श्रीनिवास राव का निधन:94 साल की उम्र में अपनी आखिरी फिल्म का निर्देशन किया था, कमल हासन-जूनियर NTR ने दी श्रद्धांजलि
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नुसरत भरूचा की सर्जरी होगी:अनु अग्रवाल हादसे के बाद 29 दिन कोमा में थीं, महिमा चौधरी के चेहरे से निकाले गए थे कांच के टुकड़े
एक्ट्रेस नुसरत भरूचा हाल ही में बाली में एक हादसे का शिकार हो गईं। वह काम और छुट्टियों से जुड़े दौरे पर बाली गई थीं। हादसे के बाद उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ है। जिसके बाद आगे की सर्जरी के लिए उन्हें मुंबई लाने का फैसला किया गया। इसके लिए एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की गई। 2 अक्टूबर 2026 को वह एयर एंबुलेंस से मुंबई पहुंचीं। गौरतलब है कि इससे पहले भी कई एक्ट्रेस हादसों में घायल हो चुकी हैं। हादसे के बाद एक्ट्रेस अन्नू अग्रवाल की याददाश्त चली गई थी। तो वहीं महिमा चौधरी के चेहरे से 67 कांच के टुकड़े निकाले गए थे। अनु अग्रवाल का गंभीर कार एक्सीडेंट हुआ था 1990 की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘आशिकी’ से रातों-रात मशहूर हुईं अभिनेत्री अनु अग्रवाल के साथ साल 1999 में दर्दनाक हादसा हुआ था। मुंबई में एक लेट-नाइट पार्टी से लौटते समय अनु अग्रवाल की कार का गंभीर एक्सीडेंट हुआ था। इस हादसे में उनके शरीर में कई जगह फ्रैक्चर हुए, उनका चेहरा बुरी तरह प्रभावित हुआ और सिर व दिमाग में अंदरूनी चोटें आईं। दुर्घटना के बाद वह 29 दिनों तक कोमा में रहीं। होश में आने के बाद उनका आधा शरीर पैरालिसिस (लकवा) का शिकार हो चुका था और याददाश्त चले जाने के कारण वह अपनी पुरानी जिंदगी और पहचान तक भूल चुकी थीं। दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में एक्सीडेंट पर अनु अग्रवाल ने बताया था, मेरा सीधा हाथ पूरा पैरालाइज्ड था, मैं खुद खाना भी नहीं खा पाती थी। एक्सीडेंट के 7 साल बाद तक ये हुआ। मेरे कई एक्सीडेंट हुए थे। मेरा उल्टा हाथ, पैसिव था। राइट हैंड काम करता था। जब सीधा हाथ पैरालाइज हुआ, तो मैं चेक भी साइन नहीं कर पाती थी। मेरे कई चेक बाउंस हो गए। खाना उल्टे हाथ से कैसे खाना है, चम्मच इधर-उधर जाता। सुबह नाइट सूट का नाड़ा खोलने के लिए आपको दो हाथ चाहिए, एक हाथ से नाड़ा नहीं खुलता था। किस तरह मैं टूथब्रश पकड़ती। पेस्ट बार-बार फिसलता। एक हाथ से ये सब करती थी। हालांकि, अनु अग्रवाल ने हार नहीं मानी और योग, ध्यान तथा आत्मबल के सहारे न सिर्फ दोबारा चलना सीखा, बल्कि अपनी याददाश्त भी वापस पाई। महिमा चौधरी का कार एक्सीडेंट हुआ था फिल्म ‘परदेस’ से बॉलीवुड में पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस महिमा चौधरी का 1999 में बेंगलुरु में गंभीर कार एक्सीडेंट हुआ था। उस वक्त वह अजय देवगन और काजोल की फिल्म ‘दिल क्या करे’ की शूटिंग कर रही थीं। स्टूडियो जाते समय उनकी कार को एक ट्रक ने टक्कर मार दी थी। हादसा इतना गंभीर था कि कार का कांच टूटकर महिमा के चेहरे में जा धंसा। महिमा ने साल 2020 में पिंकविला को दिए इंटरव्यू में बताया था कि मुझे लगा कि मैं मर रही हूं। मैं अस्पताल पहुंची, लेकिन उस समय किसी ने मुझे उठाया तक नहीं और अस्पताल नहीं ले गया। अस्पताल पहुंचने के काफी देर बाद मेरी मां आईं और अजय देवगन भी वहां पहुंचे। जब वे किसी से बात करने गए, तब मैं उठी और मैंने शीशे में अपना चेहरा देखा। मुझे लगा कि वे इतना हंगामा क्यों कर रहे हैं। मैंने कहा, चलो। कुछ नहीं हुआ, मैं ठीक हूं।’ उन्होंने कहा, ‘नहीं, आराम करो। हम वापस आएंगे और शेड्यूल पूरा करेंगे।’ मैंने कहा, ‘नहीं, नहीं। मेरे पास सिर्फ एक दिन है, तो मुझे इसे खत्म करने दो।’ जब मेरी सर्जरी हुई और डॉक्टरों ने मेरे चेहरे से शीशे के 67 टुकड़े निकाले, तब मुझे उस हादसे की गंभीरता का एहसास हुआ। मैं आज भी इस बारे में बात करते हुए रो पड़ती हूं, क्योंकि यह सिर्फ मेरे करियर के बारे में नहीं था। यह जिंदगी में किसी भी चीज को लेकर आपके नजरिए को बदल देने वाला अनुभव था। मुझे स्टेपल जैसे टांकों के साथ रहना पड़ा और बिना धूप के घर के अंदर रहना पड़ा। मेरे घर की खिड़कियों को काला कर दिया गया था। मैंने खुद को शीशे में देखना बंद कर दिया था। घर में कोई शीशा नहीं था और धूप भी अंदर नहीं आती थी। यहां तक कि जिन लाइटों में यूवी किरणें होती हैं, उन्हें भी मैं घर में नहीं रख सकती थी, ताकि चेहरे पर निशान न रह जाएं। उस दौरान मेरे पास कई फिल्में लाइन में थीं, जिनका मुझे हिस्सा बनना था, लेकिन हादसे के कारण मुझे उनमें से कई फिल्में छोड़नी पड़ीं।’ हेमा मालिनी भी हुई थीं भीषण सड़क हादसे का शिकार बॉलीवुड एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद हेमा मालिनी भी साल 2015 में एक भीषण सड़क हादसे का शिकार हुई थीं। यह दुर्घटना 2 जुलाई 2015 को राजस्थान के दौसा के पास आगरा-जयपुर नेशनल हाईवे-11 पर हुई थी। हादसे में हेमा मालिनी घायल हुई थीं, जबकि दूसरी कार में सवार मासूम बच्ची की मौत हो गई थी। हेमा मालिनी अपनी मर्सिडीज कार से मथुरा से जयपुर जा रही थीं। इसी दौरान उनकी कार की सामने से आ रही ऑल्टो कार से टक्कर हो गई। ऑल्टो में एक परिवार सवार था। हादसे में ऑल्टो कार में सवार 2 साल की बच्ची चिन्नी की मौत हो गई, जबकि उसके परिवार के अन्य सदस्य घायल हुए थे। वहीं हेमा मालिनी को भी गंभीर चोटें आई थीं। इस दुर्घटना में हेमा मालिनी के चेहरे पर गहरी चोटें आईं। उनके माथे और दाईं आंख के ऊपर भी चोट लगी थी। उन्हें इलाज के लिए जयपुर के फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, जहां उनके चेहरे की सर्जरी की गई थी। हादसे के बाद इस बात को लेकर विवाद भी हुआ था कि दुर्घटना के बाद घायलों को कितनी जल्दी चिकित्सा सहायता मिली। मृत बच्ची के परिवार की ओर से आरोप लगाया गया था कि बच्ची कुछ समय तक घटनास्थल पर ही पड़ी रही। दूसरी ओर, हेमा मालिनी को एक स्थानीय डॉक्टर अपनी गाड़ी से अस्पताल ले गए थे। घटना के बाद पुलिस ने हेमा मालिनी की कार के ड्राइवर को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने मामले में लापरवाही से वाहन चलाने के आरोप में कार्रवाई की थी। शूटिंग के दौरान तनीषा मुखर्जी की कार खाई में गिरी थी एक्ट्रेस तनीषा मुखर्जी की पहली हिंदी फिल्म ‘Sssshhh…’ की शूटिंग के दौरान 2003 में हादसा हुआ था। विक्की लालवानी को दिए इंटरव्यू में तनीषा ने बताया था कि वह फिल्म की शूटिंग के लिए मनाली में थीं। उनके साथ अभिनेता डिनो मोरिया, गौरव कपूर और फिल्म के निर्देशक पवन एस. कौल भी कार में मौजूद थे। रास्ते में कार बर्फ की वजह से फिसली और खाई में जा गिरी। इस हादसे में तनीषा को सिर में गंभीर चोट लगी और उन्हें कंसशन हुआ। उन्होंने बताया था कि हादसे के बाद उनकी याददाश्त भी चली गई थी और उन्हें ठीक होने में एक साल से ज्यादा समय लगा। इलाज के लिए उन्हें दिल्ली भी लाया गया था। तनीषा ने इस घटना को याद करते हुए बताया था कि फिल्मों में अक्सर दिखाया जाता है कि किसी हादसे के बाद व्यक्ति उठकर पूछता है कि ‘आप कौन हैं’, लेकिन उनके मामले में वास्तव में ऐसा हुआ था। हादसे के बावजूद उन्हें फिल्म पूरी करनी पड़ी। मलाइका अरोड़ा कार हादसे में घायल हुई थीं अप्रैल 2022 में मलाइका अरोड़ा एक कार एक्सीडेंट में घायल हो गई थीं। यह हादसा मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर हुआ था। रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी कार कई वाहनों की टक्कर में फंस गई थी। हादसे के बाद मलाइका को अस्पताल ले जाया गया। उन्हें आंख के पास चोट लगी और चेहरे पर टांके भी आए। इलाज के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली। कनाडा में रंभा की कार को दूसरी गाड़ी ने टक्कर मारी थी ‘जुड़वा’ और कई फिल्मों में नजर आ चुकीं एक्ट्रेस रंभा भी गंभीर सड़क हादसे का सामना कर चुकी हैं। 2022 में कनाडा में उनकी कार को दूसरी गाड़ी ने टक्कर मार दी थी। हादसे के समय रंभा के साथ उनकी बेटी और नैनी भी कार में थीं। रंभा ने सोशल मीडिया पर एक्सीडेंट की जानकारी साझा की थी। उनकी बेटी को हादसे के बाद अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। शूटिंग के दौरान घोड़ा-गाड़ी से गिरी थीं मनीषा कोइराला मनीषा कोइराला शूटिंग के दौरान घायल हो गई थीं। अक्टूबर 2002 में फिल्म ‘पैसा वसूल’ की शूटिंग के दौरान वह घोड़ा-गाड़ी से गिर गई थीं। उन्हें पैर में चोट लगी और अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में डॉक्टरों ने उनके दाहिने पैर में हेयरलाइन फ्रैक्चर की पुष्टि की। उन्हें कुछ दिनों तक अस्पताल में रखा गया और आराम की सलाह दी गई। ऐश्वर्या राय को शूटिंग के दौरान चोट लगी थी ऐश्वर्या राय भी शूटिंग के दौरान गंभीर चोट का सामना कर चुकी हैं। साल 2003 में फिल्म ‘खाकी’ की शूटिंग के दौरान एक सीन फिल्माया जा रहा था। इस सीन में एक वाहन को ऐश्वर्या से कुछ दूरी पर रुकना था, लेकिन ड्राइवर वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया और गाड़ी ऐश्वर्या से जा टकराई। हादसे के बाद ऐश्वर्या गिर गईं और उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया। उनके को-स्टार अक्षय कुमार उन्हें अस्पताल लेकर गए थे। सोनम कपूर ‘प्रेम रतन धन पायो’ के सेट पर लगी थी चोट सोनम कपूर भी फिल्म के सेट पर हादसे का सामना कर चुकी हैं। साल 2015 में ‘प्रेम रतन धन पायो’ की शूटिंग के दौरान एक डांस सीक्वेंस फिल्माया जा रहा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोनम को एक डांस सीक्वेंस में जमीन से ऊपर उठाया जाना था। लैंडिंग के दौरान वह गिर गईं और उनके पैर में चोट लगी। उनके टखने से खून निकलने की भी रिपोर्ट सामने आई थी।
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नुसरत भरूचा की सर्जरी होगी:अनु अग्रवाल हादसे के बाद 29 दिन कोमा में थीं, महिमा चौधरी के चेहरे से निकाले गए थे कांच के टुकड़े
एक्ट्रेस नुसरत भरूचा हाल ही में बाली में एक हादसे का शिकार हो गईं। वह काम और छुट्टियों से जुड़े दौरे पर बाली गई थीं। हादसे के बाद उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ है। जिसके बाद आगे की सर्जरी के लिए उन्हें मुंबई लाने का फैसला किया गया। इसके लिए एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की गई। 2 अक्टूबर 2026 को वह एयर एंबुलेंस से मुंबई पहुंचीं। गौरतलब है कि इससे पहले भी कई एक्ट्रेस हादसों में घायल हो चुकी हैं। हादसे के बाद एक्ट्रेस अन्नू अग्रवाल की याददाश्त चली गई थी। तो वहीं महिमा चौधरी के चेहरे से 67 कांच के टुकड़े निकाले गए थे। अनु अग्रवाल का गंभीर कार एक्सीडेंट हुआ था 1990 की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘आशिकी’ से रातों-रात मशहूर हुईं अभिनेत्री अनु अग्रवाल के साथ साल 1999 में दर्दनाक हादसा हुआ था। मुंबई में एक लेट-नाइट पार्टी से लौटते समय अनु अग्रवाल की कार का गंभीर एक्सीडेंट हुआ था। इस हादसे में उनके शरीर में कई जगह फ्रैक्चर हुए, उनका चेहरा बुरी तरह प्रभावित हुआ और सिर व दिमाग में अंदरूनी चोटें आईं। दुर्घटना के बाद वह 29 दिनों तक कोमा में रहीं। होश में आने के बाद उनका आधा शरीर पैरालिसिस (लकवा) का शिकार हो चुका था और याददाश्त चले जाने के कारण वह अपनी पुरानी जिंदगी और पहचान तक भूल चुकी थीं। दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में एक्सीडेंट पर अनु अग्रवाल ने बताया था, मेरा सीधा हाथ पूरा पैरालाइज्ड था, मैं खुद खाना भी नहीं खा पाती थी। एक्सीडेंट के 7 साल बाद तक ये हुआ। मेरे कई एक्सीडेंट हुए थे। मेरा उल्टा हाथ, पैसिव था। राइट हैंड काम करता था। जब सीधा हाथ पैरालाइज हुआ, तो मैं चेक भी साइन नहीं कर पाती थी। मेरे कई चेक बाउंस हो गए। खाना उल्टे हाथ से कैसे खाना है, चम्मच इधर-उधर जाता। सुबह नाइट सूट का नाड़ा खोलने के लिए आपको दो हाथ चाहिए, एक हाथ से नाड़ा नहीं खुलता था। किस तरह मैं टूथब्रश पकड़ती। पेस्ट बार-बार फिसलता। एक हाथ से ये सब करती थी। हालांकि, अनु अग्रवाल ने हार नहीं मानी और योग, ध्यान तथा आत्मबल के सहारे न सिर्फ दोबारा चलना सीखा, बल्कि अपनी याददाश्त भी वापस पाई। महिमा चौधरी का कार एक्सीडेंट हुआ था फिल्म ‘परदेस’ से बॉलीवुड में पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस महिमा चौधरी का 1999 में बेंगलुरु में गंभीर कार एक्सीडेंट हुआ था। उस वक्त वह अजय देवगन और काजोल की फिल्म ‘दिल क्या करे’ की शूटिंग कर रही थीं। स्टूडियो जाते समय उनकी कार को एक ट्रक ने टक्कर मार दी थी। हादसा इतना गंभीर था कि कार का कांच टूटकर महिमा के चेहरे में जा धंसा। महिमा ने साल 2020 में पिंकविला को दिए इंटरव्यू में बताया था कि मुझे लगा कि मैं मर रही हूं। मैं अस्पताल पहुंची, लेकिन उस समय किसी ने मुझे उठाया तक नहीं और अस्पताल नहीं ले गया। अस्पताल पहुंचने के काफी देर बाद मेरी मां आईं और अजय देवगन भी वहां पहुंचे। जब वे किसी से बात करने गए, तब मैं उठी और मैंने शीशे में अपना चेहरा देखा। मुझे लगा कि वे इतना हंगामा क्यों कर रहे हैं। मैंने कहा, चलो। कुछ नहीं हुआ, मैं ठीक हूं।’ उन्होंने कहा, ‘नहीं, आराम करो। हम वापस आएंगे और शेड्यूल पूरा करेंगे।’ मैंने कहा, ‘नहीं, नहीं। मेरे पास सिर्फ एक दिन है, तो मुझे इसे खत्म करने दो।’ जब मेरी सर्जरी हुई और डॉक्टरों ने मेरे चेहरे से शीशे के 67 टुकड़े निकाले, तब मुझे उस हादसे की गंभीरता का एहसास हुआ। मैं आज भी इस बारे में बात करते हुए रो पड़ती हूं, क्योंकि यह सिर्फ मेरे करियर के बारे में नहीं था। यह जिंदगी में किसी भी चीज को लेकर आपके नजरिए को बदल देने वाला अनुभव था। मुझे स्टेपल जैसे टांकों के साथ रहना पड़ा और बिना धूप के घर के अंदर रहना पड़ा। मेरे घर की खिड़कियों को काला कर दिया गया था। मैंने खुद को शीशे में देखना बंद कर दिया था। घर में कोई शीशा नहीं था और धूप भी अंदर नहीं आती थी। यहां तक कि जिन लाइटों में यूवी किरणें होती हैं, उन्हें भी मैं घर में नहीं रख सकती थी, ताकि चेहरे पर निशान न रह जाएं। उस दौरान मेरे पास कई फिल्में लाइन में थीं, जिनका मुझे हिस्सा बनना था, लेकिन हादसे के कारण मुझे उनमें से कई फिल्में छोड़नी पड़ीं।’ हेमा मालिनी भी हुई थीं भीषण सड़क हादसे का शिकार बॉलीवुड एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद हेमा मालिनी भी साल 2015 में एक भीषण सड़क हादसे का शिकार हुई थीं। यह दुर्घटना 2 जुलाई 2015 को राजस्थान के दौसा के पास आगरा-जयपुर नेशनल हाईवे-11 पर हुई थी। हादसे में हेमा मालिनी घायल हुई थीं, जबकि दूसरी कार में सवार मासूम बच्ची की मौत हो गई थी। हेमा मालिनी अपनी मर्सिडीज कार से मथुरा से जयपुर जा रही थीं। इसी दौरान उनकी कार की सामने से आ रही ऑल्टो कार से टक्कर हो गई। ऑल्टो में एक परिवार सवार था। हादसे में ऑल्टो कार में सवार 2 साल की बच्ची चिन्नी की मौत हो गई, जबकि उसके परिवार के अन्य सदस्य घायल हुए थे। वहीं हेमा मालिनी को भी गंभीर चोटें आई थीं। इस दुर्घटना में हेमा मालिनी के चेहरे पर गहरी चोटें आईं। उनके माथे और दाईं आंख के ऊपर भी चोट लगी थी। उन्हें इलाज के लिए जयपुर के फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, जहां उनके चेहरे की सर्जरी की गई थी। हादसे के बाद इस बात को लेकर विवाद भी हुआ था कि दुर्घटना के बाद घायलों को कितनी जल्दी चिकित्सा सहायता मिली। मृत बच्ची के परिवार की ओर से आरोप लगाया गया था कि बच्ची कुछ समय तक घटनास्थल पर ही पड़ी रही। दूसरी ओर, हेमा मालिनी को एक स्थानीय डॉक्टर अपनी गाड़ी से अस्पताल ले गए थे। घटना के बाद पुलिस ने हेमा मालिनी की कार के ड्राइवर को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने मामले में लापरवाही से वाहन चलाने के आरोप में कार्रवाई की थी। शूटिंग के दौरान तनीषा मुखर्जी की कार खाई में गिरी थी एक्ट्रेस तनीषा मुखर्जी की पहली हिंदी फिल्म ‘Sssshhh…’ की शूटिंग के दौरान 2003 में हादसा हुआ था। विक्की लालवानी को दिए इंटरव्यू में तनीषा ने बताया था कि वह फिल्म की शूटिंग के लिए मनाली में थीं। उनके साथ अभिनेता डिनो मोरिया, गौरव कपूर और फिल्म के निर्देशक पवन एस. कौल भी कार में मौजूद थे। रास्ते में कार बर्फ की वजह से फिसली और खाई में जा गिरी। इस हादसे में तनीषा को सिर में गंभीर चोट लगी और उन्हें कंसशन हुआ। उन्होंने बताया था कि हादसे के बाद उनकी याददाश्त भी चली गई थी और उन्हें ठीक होने में एक साल से ज्यादा समय लगा। इलाज के लिए उन्हें दिल्ली भी लाया गया था। तनीषा ने इस घटना को याद करते हुए बताया था कि फिल्मों में अक्सर दिखाया जाता है कि किसी हादसे के बाद व्यक्ति उठकर पूछता है कि ‘आप कौन हैं’, लेकिन उनके मामले में वास्तव में ऐसा हुआ था। हादसे के बावजूद उन्हें फिल्म पूरी करनी पड़ी। मलाइका अरोड़ा कार हादसे में घायल हुई थीं अप्रैल 2022 में मलाइका अरोड़ा एक कार एक्सीडेंट में घायल हो गई थीं। यह हादसा मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर हुआ था। रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी कार कई वाहनों की टक्कर में फंस गई थी। हादसे के बाद मलाइका को अस्पताल ले जाया गया। उन्हें आंख के पास चोट लगी और चेहरे पर टांके भी आए। इलाज के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली। कनाडा में रंभा की कार को दूसरी गाड़ी ने टक्कर मारी थी ‘जुड़वा’ और कई फिल्मों में नजर आ चुकीं एक्ट्रेस रंभा भी गंभीर सड़क हादसे का सामना कर चुकी हैं। 2022 में कनाडा में उनकी कार को दूसरी गाड़ी ने टक्कर मार दी थी। हादसे के समय रंभा के साथ उनकी बेटी और नैनी भी कार में थीं। रंभा ने सोशल मीडिया पर एक्सीडेंट की जानकारी साझा की थी। उनकी बेटी को हादसे के बाद अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। शूटिंग के दौरान घोड़ा-गाड़ी से गिरी थीं मनीषा कोइराला मनीषा कोइराला शूटिंग के दौरान घायल हो गई थीं। अक्टूबर 2002 में फिल्म ‘पैसा वसूल’ की शूटिंग के दौरान वह घोड़ा-गाड़ी से गिर गई थीं। उन्हें पैर में चोट लगी और अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में डॉक्टरों ने उनके दाहिने पैर में हेयरलाइन फ्रैक्चर की पुष्टि की। उन्हें कुछ दिनों तक अस्पताल में रखा गया और आराम की सलाह दी गई। ऐश्वर्या राय को शूटिंग के दौरान चोट लगी थी ऐश्वर्या राय भी शूटिंग के दौरान गंभीर चोट का सामना कर चुकी हैं। साल 2003 में फिल्म ‘खाकी’ की शूटिंग के दौरान एक सीन फिल्माया जा रहा था। इस सीन में एक वाहन को ऐश्वर्या से कुछ दूरी पर रुकना था, लेकिन ड्राइवर वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया और गाड़ी ऐश्वर्या से जा टकराई। हादसे के बाद ऐश्वर्या गिर गईं और उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया। उनके को-स्टार अक्षय कुमार उन्हें अस्पताल लेकर गए थे। सोनम कपूर ‘प्रेम रतन धन पायो’ के सेट पर लगी थी चोट सोनम कपूर भी फिल्म के सेट पर हादसे का सामना कर चुकी हैं। साल 2015 में ‘प्रेम रतन धन पायो’ की शूटिंग के दौरान एक डांस सीक्वेंस फिल्माया जा रहा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोनम को एक डांस सीक्वेंस में जमीन से ऊपर उठाया जाना था। लैंडिंग के दौरान वह गिर गईं और उनके पैर में चोट लगी। उनके टखने से खून निकलने की भी रिपोर्ट सामने आई थी।
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खुद को खूबसूरत नहीं मानती थीं हरलीन सेठी:बोलीं- ‘ब्रोकन’ ने बदली जिंदगी; दर्शकों की तारीफों से आत्मविश्वास मिला, खुद से प्यार करना सीखा
रिलेटेबल चेहरा, दमदार अदाकारी और लगातार मेहनत के दम पर हरलीन सेठी ने अपने हर किरदार से अलग पहचान बनाई है। ‘ब्रोकन बट ब्यूटीफुल’, ‘कोहरा’, ‘बैड कॉप’ और ‘डॉक्टर्स’ जैसे प्रोजेक्ट्स के बाद अब वह ‘शक’ में नजर आ रही हैं। अपने किरदारों से हरलीन ने साबित किया है कि वह खुद को सिर्फ नायिका की पारंपरिक छवि तक सीमित नहीं रखना चाहतीं। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में हरलीन ने अपने बचपन, अभिनय की शुरुआत, ‘ब्रोकन बट ब्यूटीफुल’ की सफलता और रिजेक्शन के अनुभवों पर बात की। उन्होंने सह-कलाकारों और ‘शक’ में श्रेया के किरदार की तैयारी से जुड़े अनुभव भी साझा किए। सवाल: बचपन में कैसी थीं? अभिनय का ख्याल कब आया? जवाब: मैं बचपन से ही बहुत मस्तमौला थी। खेल-कूद और दूसरी गतिविधियों में काफी रुचि थी। हालांकि, अभिनय करने का कोई प्लान नहीं था। मुझे सिर्फ इतना पता था कि परफॉर्मिंग आर्ट्स में कुछ करना है। मुझे संगीत में भी बहुत रुचि थी। याद है, बचपन में ‘कल हो न हो’ की कैसेट आई थी। मैंने उसे पूरे दिन बजाया था। मेरे दादा ने मजाक में कहा था कि जब तक सारे गाने याद नहीं हो जाएंगे, तब तक हमें यही सुनाती रहोगी। फिर संगीत से डांस और डांस से धीरे-धीरे अभिनय की तरफ आ गई। सवाल: क्या आप पढ़ाई में भी आप काफी अच्छी थीं? जवाब: हां। मैंने विज्ञापन में पढ़ाई की और पूरे मुंबई में टॉप-5 में थी। उस समय टीचर और आसपास के लोग चाहते थे कि मैं पढ़ाई के क्षेत्र में आगे बढ़ूं। लेकिन मेरा मन वहां पूरी तरह नहीं था। मैंने विज्ञापन एजेंसी में काम करने के बारे में सोचा। विज्ञापनों में असिस्टेंट डायरेक्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर भी काम किया। दरअसल, मैं लगातार तलाश रही थी कि परफॉर्मिंग आर्ट्स में आखिर मुझे करना क्या है। सवाल: वह कौन सा पल था, जब लगा कि अभिनय ही करना है? जवाब: कोई एक पल तो याद नहीं, लेकिन जब मैंने अपना पहला विज्ञापन किया, तब आधे दिन के काम के लिए मुझे 17 हजार रुपए मिले थे। मैंने सोचा कि मैंने ऐसा क्या काम किया? बस मुस्कुराई और विज्ञापन किया। उस समय मेरे लिए यह बहुत बड़ी बात थी। उसके बाद धीरे-धीरे विश्वास बढ़ता गया। मैंने कई बड़े ब्रांड्स के विज्ञापन किए। लेकिन असली आत्मविश्वास वेब सीरीज ‘ब्रोकन बट ब्यूटीफुल’ से आया। सवाल: ‘ब्रोकन बट ब्यूटीफुल’ आपके लिए कितना बड़ा मोड़ था? जवाब: यह मेरे लिए बहुत बड़ा मोड़ था। लोगों ने समीरा के किरदार से बहुत जुड़ाव महसूस किया। पहली बार मैंने लोगों को अपनी खूबसूरती और आवाज की तारीफ करते सुना। मैंने कभी खुद को उस नजर से नहीं देखा था। मुझे लगता था कि मैं खूबसूरत नहीं हूं, क्योंकि मेरी मां बहुत खूबसूरत हैं और मेरा भाई भी उन पर गया है। ‘ब्रोकन’ के बाद पहली बार मुझे लगा कि शायद मैं भी खूबसूरत हूं। यह मेरे लिए सिर्फ अभिनय की सफलता नहीं थी, बल्कि खुद को स्वीकार करने की यात्रा भी थी। सवाल: क्या आपको लगा था कि ‘ब्रोकन बट ब्यूटीफुल’ इतना बड़ा बनेगा? जवाब: बिल्कुल नहीं। हमने बहुत सच्चाई और प्यार से इसे बनाया था, लेकिन यह कल्ट बन जाएगा, इसकी कल्पना नहीं की थी। आज भी रोमांटिक सीरीज की बात होती है तो ‘ब्रोकन बट ब्यूटीफुल’ का जिक्र होता है। शो दोबारा ट्रेंड हुआ, लोगों ने इसके किरदारों और संगीत को फिर से पसंद किया। मुझे उन लड़कियों की तस्वीरें मिलीं, जिन्होंने समीरा वाला टैटू तक बनवाया था। कई लोगों ने लिखा कि समीरा के किरदार ने उन्हें खुद से प्यार करना सिखाया। यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। सवाल: ‘ब्रोकन बट ब्यूटीफुल’ में विक्रांत मैसी के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: बहुत अच्छा। जब आप करियर की शुरुआत कर रहे होते हैं, तब सामने वाला आपको छोटा महसूस न कराए, यह बहुत जरूरी होता है। विक्रांत ने कभी मुझे ऐसा महसूस नहीं कराया कि वह मुझसे ज्यादा अनुभवी हैं। उन्होंने मेरी काफी मदद की और एक बार मेरी परफॉर्मेंस देखकर कहा था कि मैं उन्हें एक अनुभवी कलाकार जैसी लगी। मेरे लिए यह बहुत बड़ा कॉम्प्लिमेंट था। सवाल: ‘ब्रोकन’ के बाद आपने ‘कोहरा’ में मुख्य भूमिका के बजाय महत्वपूर्ण किरदार क्यों चुना? जवाब: मेरे लिए अच्छी कहानी और अच्छे फिल्ममेकर्स के साथ काम करना ज्यादा जरूरी था। ‘कोहरा’ के ऑडिशन के लिए जो सीन मुझे मिले, उन्हें पढ़कर ही लगा कि यह बहुत अच्छा प्रोजेक्ट है। सुदीप शर्मा सर के साथ काम करने का मौका भी मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण था। उन्होंने मुझसे कहा था, ‘हरलीन, बस मुझ पर भरोसा रखो और इसे करो।’ मैंने उन पर भरोसा किया और ‘कोहरा’ मेरे लिए एक बड़ा मोड़ बन गया। सवाल: ‘कोहरा’ और ‘ब्रोकन बट ब्यूटीफुल’ की सफलता में क्या अंतर महसूस हुआ? जवाब: ‘ब्रोकन’ को दर्शकों से बहुत प्यार मिला। ‘कोहरा’ को इंडस्ट्री के लोगों से भी बहुत सराहना मिली और दर्शकों ने भी इसे पसंद किया। इन दोनों तरह की स्वीकृति का मिलना बहुत खास होता है। बहुत कम प्रोजेक्ट्स ऐसे होते हैं जिन्हें दर्शक भी पसंद करें और इंडस्ट्री के लोग भी उतनी ही गंभीरता से लें। सवाल: ‘बैड कॉप’ में अनुराग कश्यप और गुलशन देवैया जैसे कलाकारों के साथ काम करना कैसा रहा? जवाब: बहुत मजेदार अनुभव था। गुलशन बहुत मजेदार और अलग तरह के इंसान हैं। उन्हें देखकर ही आपको मनोरंजन मिलता रहता है। अनुराग कश्यप हमेशा से मेरे पसंदीदा निर्देशकों में रहे हैं। उनके साथ एक ही प्रोजेक्ट में काम करना मेरे लिए बहुत बड़ी बात थी। सौरभ सचदेवा, गुलशन, विक्रांत, शरद केलकर जैसे कलाकारों के बीच मैं अनुभव के मामले में सबसे जूनियर थी। इसलिए मेरी कोशिश रहती थी कि मैं मेहनत करके जाऊं और उनके सामने कम न लगूं। सवाल: अनुराग कश्यप के निर्देशन में काम करने की इच्छा भी है? जवाब: बिल्कुल। मैंने उनकी एक फिल्म के लिए ऑडिशन भी दिया था। बाद में किरदार बदल गया और उसमें एक अलग तरह के उच्चारण की जरूरत थी, इसलिए बात आगे नहीं बढ़ी। लेकिन उन्होंने मेरा ऑडिशन देखा था और खुद फोन करके मेरी तारीफ की थी। उम्मीद है, आगे उनके निर्देशन में काम करने का मौका मिले। सवाल: ‘शक’ के लिए हां कहने की सबसे बड़ी वजह क्या थी? जवाब: रेंसिल डिसिल्वा सर का फोन आया था। उन्होंने श्रेया के किरदार के बारे में बताया। मैं उस समय जुहू सर्कल के सिग्नल पर कार में थी। जैसे ही उन्होंने किरदार के बारे में बताया, मुझे लगा कि इसमें बहुत सारी परतें हैं। वह बचपन से नायिका की सबसे अच्छी दोस्त है, उसका नायिका के पति से रिश्ता है, बच्ची के गायब होने में भी उसका हाथ है और वह अपने पति से भी सच छिपा रही है। इतना जटिल किरदार सुनते ही मैंने कहा- सर, मैं यह करना चाहती हूं। सवाल: श्रेया जैसे किरदार में उतरने के लिए आपने क्या तैयारी की? जवाब: सबसे पहले मुझे अपने अंदर से उसके प्रति जजमेंट हटाना था। स्क्रिप्ट पढ़ते ही आप उसके कई फैसलों को गलत मान सकते हैं। लेकिन कलाकार के तौर पर आपको उस किरदार को समझना होता है। मैंने उसके बचपन से लेकर वर्तमान तक की पूरी जिंदगी के बारे में सोचा। अगर वह और उसकी दोस्त बचपन से साथ थीं, तो उनके रिश्ते में ऐसा क्या हुआ कि वह अपनी दोस्त के साथ ऐसा कर सकी? उसके मन में क्या था? पति के साथ उसका रिश्ता कैसे बना? इन सभी सवालों के जवाब मैंने अपनी नोटबुक में लिखे। मेरे लिए किरदार की तैयारी सिर्फ स्क्रिप्ट तक सीमित नहीं होती। मैं यह भी सोचती हूं कि कैमरे पर दिखाए जा रहे दृश्य से ठीक पहले किरदार की जिंदगी में क्या हुआ होगा। इससे किरदार को भीतर से समझने में मदद मिलती है। सवाल: इतने गंभीर किरदार के बाद क्या सेट का माहौल भी गंभीर रहता था? जवाब: नहीं। कैमरा शुरू होते ही हम किरदार बन जाते थे, लेकिन उससे पहले खूब मस्ती होती थी। ‘शक’ की शूटिंग पहाड़ों में हुई। एक दिन पूरी कास्ट ने साथ में पार्टी की। खुले आसमान के नीचे संगीत था और सभी कलाकार साथ बैठे थे। शूटिंग के दौरान हम खाली समय में ट्रैकिंग और साइकिलिंग के लिए भी जाते थे। यही चीजें कलाकारों को एक-दूसरे के करीब लाती हैं और काम के दौरान केमिस्ट्री भी बेहतर होती है। सवाल: ‘शक’ के लिए मिला सबसे अच्छा कॉम्प्लिमेंट क्या रहा? जवाब: लोगों ने मेरी परफॉर्मेंस की तारीफ तो की ही, लेकिन मेरे लिए यह भी खास था कि लोगों ने कहा कि मैं स्क्रीन पर बहुत खूबसूरत लग रही हूं। मैंने आपको बताया कि मैंने कभी खुद को उस तरह नहीं देखा था, इसलिए यह बात मेरे लिए मायने रखती है। इसके अलावा मेरा और सुमित व्यास का जेल वाला एक सीन है, जिसे बहुत प्यार मिल रहा है। मेरे डीएम उस सीन की तारीफ से भरे हुए हैं। सवाल: आप किस तरह के किरदार करना चाहती हैं? जवाब: मेरी कोशिश रहती है कि ऐसे किरदार करूं, जिन्हें लोग अक्सर समझ नहीं पाते। मैं उन्हें सहानुभूति के साथ निभाना चाहती हूं। चाहे समीरा हो, ‘कोहरा’ की निमरत हो या ‘शक’ की श्रेया- इन सभी किरदारों में एक बारीक रेखा है। मुझे ऐसे किरदारों को समझना और निभाना पसंद है। सवाल: आगे क्या करने वाली हैं? जवाब: मैंने एक बहुत अच्छी सीरीज साइन की है। उसकी शूटिंग अक्टूबर-नवंबर में होगी। किरदार भी बहुत अच्छा है और कलाकार भी शानदार हैं। अभी मैं उसके बारे में ज्यादा नहीं बता सकती। इसके अलावा एक थिएट्रिकल प्रोजेक्ट पर भी बातचीत चल रही है। अगर सब कुछ तय हो गया तो जनवरी में उसकी शूटिंग शुरू हो सकती है।
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बाली में नुसरत भरूचा का एक्सीडेंट:दावा- चोट लगने के बाद अस्पताल में भर्ती, काम के सिलसिले में गई थीं एक्ट्रेस
एक्ट्रेस नुसरत भरूचा का बाली में एक्सीडेंट हो गया। हादसे में उन्हें चोट लगी है। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। ऐसा दावा एनडीटीवी ने अपनी रिपोर्ट में किया है। हालांकि, उनकी चोट कितनी गंभीर है, इसकी जानकारी सामने नहीं आई। एनडीटीवी की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि नुसरत बाली में एक काम के सिलसिले में गई थीं। इसी दौरान वह हादसे का शिकार हो गईं। सूत्रों के मुताबिक, इलाज के चलते नुसरत को बाली में अपना स्टे बढ़ाना पड़ा है। बता दें कि हादसे से करीब एक हफ्ते पहले नुसरत ने सोशल मीडिया पर छुट्टियों की कुछ तस्वीरें शेयर की थीं। टाइगर श्रॉफ की फिल्म में एंट्री नुसरत के टाइगर श्रॉफ की अगली फिल्म की कास्ट में शामिल होने की भी खबर है। यह टाइगर और नुसरत की पहली ऑन-स्क्रीन जोड़ी होगी। एक सूत्र ने पिंकविला को बताया, “टीम को ऐसी एक्ट्रेस चाहिए थी, जो कहानी में मजबूती और भावनात्मक गहराई ला सके। नुसरत हमेशा सबसे मजबूत विकल्पों में थीं।” फिल्म में पश्मीना रोशन, अभिषेक बनर्जी और एल्विश यादव भी अहम भूमिकाओं में हैं। शूटिंग के दौरान घायल हुई थीं नुसरत साल 2023 में नुसरत भरूचा के शूटिंग के दौरान घायल होने की दो घटनाएं सामने आई थीं। अप्रैल 2023 में फिल्म ‘अकेली’ की शूटिंग के दौरान भी नुसरत हादसे का शिकार हुई थीं। एक सीन में उन्हें भागते हुए दिखाया जाना था। इसी दौरान वह संगमरमर के फर्श पर सिर के बल गिर गई थीं। हादसे के बाद वह करीब आधे घंटे तक दर्द से रोती रहीं। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें कुछ दिन आराम करने की सलाह दी थी। वहीं, जनवरी 2023 में फिल्म ‘छोरी 2’ की शूटिंग के दौरान एक एक्शन सीन करते समय उनके चेहरे पर चोट लग गई थी। चोट इतनी थी कि उन्हें चेहरे और भौंह के पास टांके लगवाने पड़े थे। इसके बाद उनका एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें वह टांके लगवाती नजर आई थीं। अगस्त 2021 में शूटिंग के दौरान तबीयत बिगड़ी थी इससे पहले अगस्त 2021 में नुसरत की शूटिंग के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। वह लव रंजन की फिल्म की शूटिंग कर रही थीं। करीब 23-24 दिनों से लगातार काम करने के कारण वह काफी थक गई थीं। घटना वाले दिन उन्हें तेज चक्कर आए और वह ठीक से खड़ी या बात नहीं कर पा रही थीं। इसके बाद उन्हें मुंबई के हिंदुजा अस्पताल ले जाया गया। वहां उनका ब्लड प्रेशर 65/55 तक गिर गया था। डॉक्टरों ने जांच के बाद इसे गंभीर वर्टिगो अटैक बताया था। इसकी वजह ज्यादा तनाव और थकान बताई गई थी। इलाज के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। डॉक्टरों ने 15 दिन आराम की सलाह दी थी। उनकी वजह से फिल्म की शूटिंग भी रोक दी गई थी। मौलाना रजवी ने मंदिर जाने पर आपत्ति जताई थी नुसरत भरूचा पिछले साल उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर पहुंची थीं। उन्होंने महाकाल के दर्शन किए और भस्म आरती में भी शामिल हुईं। नुसरत ने मंदिर से अपनी तस्वीर भी शेयर की थी और लिखा था, ‘जय श्री महाकाल।’ इसके बाद ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने उनके मंदिर जाने और हिंदू रीति-रिवाजों का पालन करने पर कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने इसे शरिया कानून के खिलाफ बताते हुए ‘गुनाह-ए-अजीम’ (बड़ा पाप) कहा था और नुसरत को तौबा (माफी) करने व कलमा पढ़ने की सलाह दी थी। नुसरत मुस्लिम बोहरा परिवार से ताल्लुक रखती हैं। हालांकि, उन्होंने बताया था कि उनका परिवार बचपन से ही सभी धर्मों का सम्मान करता रहा है। नुसरत के मुताबिक, वह मंदिरों के अलावा गुरुद्वारे और चर्च भी जाती रही हैं। उन्होंने वैष्णो देवी और केदारनाथ के दर्शन भी किए हैं। साथ ही वह नमाज भी पढ़ती हैं।
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रीति तिवारी को सलमान ने फटकारा:बोले- बिग बॉस से पहले कोई नहीं जानता था; एकम बावा ने खुद को बताया सौतेला पिता, रानी से शादी का दावा
‘बिग बॉस 20’ में रीति तिवारी को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। ‘वीकेंड का वार’ में सलमान खान ने कहा कि बिग बॉस में आने से पहले उन्हें कोई नहीं जानता था। सलमान ने उन्हें मनोज तिवारी की बेटी बताते हुए ‘भाई-भतीजावाद’ का जिक्र किया। वहीं, पंजाबी सिंगर एकम बावा के दावे ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। बावा ने दावा किया है कि वह रीति तिवारी की मां रानी तिवारी के साथ रिश्ते में थे और दोनों ने शादी भी की थी। उन्होंने खुद को रीति का सौतेला पिता और कानूनी तौर पर पिता बताया है। सलमान खान ने रीति की पहचान पर की टिप्पणी ‘वीकेंड का वार’ में सलमान खान ने भी रीति तिवारी की पहचान और शो में उनके आने को लेकर टिप्पणी की। शो के प्रचार वीडियो में सलमान रीति से कहते नजर आए कि बिग बॉस में आने से पहले उन्हें कोई नहीं जानता था। सलमान ने यह भी कहा कि रीति मनोज तिवारी की बेटी होने की वजह से शो में आई हैं और इस संदर्भ में ‘भाई-भतीजावाद’ शब्द का इस्तेमाल किया। रीति के व्यवहार को लेकर भी हुई चर्चा ‘बिग बॉस 20’ में रीति तिवारी इससे पहले घर में साथी प्रतियोगियों के साथ बहस को लेकर भी चर्चा में रही हैं। उदिति सिंह और काजी तौकीर के साथ उनके विवादों के वीडियो और शो से जुड़े क्लिप सोशल मीडिया पर चर्चा में रहे हैं। अब सलमान खान की टिप्पणी और एकम बावा के दावों के बाद रीति तिवारी से जुड़ा विवाद और बढ़ गया है। फिलहाल एकम बावा के दावों पर रीति तिवारी और रानी तिवारी का पक्ष सामने आना बाकी है। एकम बावा बोले- रानी तिवारी के साथ रिश्ते में था आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, एकम बावा ने सोशल मीडिया पर रीति तिवारी और उनकी मां रानी तिवारी को लेकर कई दावे किए हैं। बावा का कहना है कि वह रानी तिवारी के साथ रिश्ते में थे और बाद में दोनों ने शादी की थी। बावा ने रीति और रानी के साथ अपनी कुछ तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर शेयर की हैं। उन्होंने दावा किया कि वह रीति के सौतेले पिता हैं और कानूनी तौर पर भी उनके पिता हैं। 2020 से 2025 तक साथ रहने का दावा एकम बावा के मुताबिक, वह 2020 से 2025 के बीच रानी तिवारी और रीति के साथ एक ही घर में रहे थे। उन्होंने दावा किया कि शादी से पहले वह और रानी 2020 से 2022 तक साथ रह रहे थे। बावा ने यह भी दावा किया कि रीति को अपनी मां और उनके रिश्ते की जानकारी थी। हालांकि, ये सभी बातें फिलहाल एकम बावा के दावों पर आधारित हैं। रानी तिवारी ने शादी की पुष्टि नहीं की आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, रानी तिवारी ने एकम बावा के साथ शादी की पुष्टि नहीं की है। उन्होंने बावा के इन दावों पर अब तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया भी नहीं दी है। इसलिए फिलहाल रानी तिवारी और एकम बावा के रिश्ते या शादी से जुड़े दावों को एकम बावा के दावे के तौर पर ही देखा जा रहा है। रीति के 25 हजार रुपये वाले दावे पर भी सवाल एकम बावा ने रीति तिवारी के आर्थिक संघर्ष से जुड़े दावों पर भी सवाल उठाए हैं। रीति ने बिग बॉस के घर में अपने पिता मनोज तिवारी से मिलने वाली आर्थिक मदद का जिक्र करते हुए कथित तौर पर बताया था कि उन्हें हर महीने खर्च के लिए 25 हजार रुपए मिलते हैं। बावा ने रीति के महंगे हैंडबैग और गाड़ियों का जिक्र करते हुए उनके आर्थिक संघर्ष के दावे पर सवाल उठाया। बिग बॉस में रीति के व्यवहार को लेकर पहले से विवाद बिग बॉस में आने के बाद रीति तिवारी अपने व्यवहार को लेकर भी चर्चा में रही हैं। दूसरे प्रतियोगियों के साथ हुई उनकी बहस के वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। अब ‘वीकेंड का वार’ में सलमान खान की टिप्पणी और बाहर एकम बावा के दावों के बाद रीति तिवारी से जुड़ा विवाद और बढ़ गया है। इस मामले में रीति तिवारी और रानी तिवारी का पक्ष सामने आना बाकी है।
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रामायण इवेंट में मीडिया ने किया साढ़े चार घंटे इंतजार:मिस्टर बीस्ट के आने में हुई देरी; रणबीर-साई पल्लवी समेत टीम पहले से मौजूद थी
रणबीर कपूर और साई पल्लवी स्टारर ‘रामायण’ के प्रचार को लेकर शनिवार को मुंबई के फिल्म सिटी स्थित प्राइम फोकस स्टूडियो में खास कार्यक्रम रखा गया था। कार्यक्रम का पहला समय दोपहर 12 बजे बताया गया था, जिसे बाद में दोपहर 1 बजे कर दिया गया। तय समय के अनुसार मीडिया कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गया, लेकिन बातचीत शुरू होने में करीब साढ़े चार घंटे की देरी हुई। इस दौरान रणबीर कपूर, साई पल्लवी, निर्माता नमित मल्होत्रा और निर्देशक नितेश तिवारी समेत फिल्म की टीम मौजूद थी। देरी की वजह मिस्टर बीस्ट के कार्यक्रम में देर से पहुंचने को बताया गया। पहले 12 बजे था कार्यक्रम का समय मीडिया को भेजे गए निमंत्रण में शुरुआत में कार्यक्रम का समय दोपहर 12 बजे बताया गया था। बाद में समय बदलकर दोपहर 1 बजे कर दिया गया। साथ ही जानकारी दी गई थी कि बातचीत दोपहर 1:30 बजे से शुरू होगी। पत्रकार और मीडिया प्रतिनिधि बदले हुए समय के अनुसार कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए थे। हालांकि, बातचीत तय समय पर शुरू नहीं हो सकी। करीब साढ़े चार घंटे करना पड़ा इंतजार कार्यक्रम स्थल पर मौजूद मीडिया को बातचीत शुरू होने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। इस दौरान फिल्म की मुख्य टीम के कई सदस्य पहले से ही वहां मौजूद थे। रणबीर कपूर, साई पल्लवी, निर्माता नमित मल्होत्रा और निर्देशक नितेश तिवारी के कार्यक्रम स्थल पर समय से पहुंचने की जानकारी थी। इसके बावजूद मीडिया से बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी। मिस्टर बीस्ट की वजह से हुई देरी कार्यक्रम में मिस्टर बीस्ट की मौजूदगी को लेकर पहले से काफी उत्सुकता थी। उन्हें ‘रामायण’ की टीम के साथ विशेष बातचीत में शामिल होना था। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद मीडिया को बताया गया कि मिस्टर बीस्ट इससे पहले दो उड़ानें मिस कर चुके थे और उनके देर से पहुंचने के कारण कार्यक्रम में देरी हुई। उनके पहुंचने के बाद ही फिल्म की टीम के साथ तय बातचीत आगे बढ़ी। मीडिया के समय को लेकर उठे सवाल करीब साढ़े चार घंटे के इंतजार के बाद मीडिया के बीच कार्यक्रम के प्रबंधन को लेकर नाराजगी देखने को मिली। सवाल यह भी उठा कि जब रणबीर कपूर, साई पल्लवी, नमित मल्होत्रा और नितेश तिवारी पहले से कार्यक्रम स्थल पर मौजूद थे, तो उनके साथ बातचीत तय समय पर शुरू क्यों नहीं की गई। मीडिया के लिए आयोजित कार्यक्रम में पत्रकारों ने अपना समय निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रखा था। ऐसे में लंबे इंतजार को लेकर कई मीडिया प्रतिनिधियों में असंतोष देखने को मिला। मिस्टर बीस्ट के साथ रणबीर की बातचीत मिस्टर बीस्ट के पहुंचने के बाद ‘रामायण’ की टीम के साथ उनकी विशेष बातचीत हुई। रणबीर कपूर के साथ मिस्टर बीस्ट की बातचीत के वीडियो भी सामने आए हैं। मिस्टर बीस्ट को रणबीर ने बताया राम का परिचय इवेंट के दौरान एक पैपराजी ने मिस्टर बीस्ट से ‘जय श्री राम’ कहा। मिस्टर बीस्ट जवाब देने को लेकर असमंजस में दिखे, जिसके बाद रणबीर कपूर ने उन्हें ‘जय श्री राम’ बोलने के लिए कहा। मिस्टर बीस्ट ने भी रणबीर की बात दोहराई। इसके बाद रणबीर ने मिस्टर बीस्ट को भगवान राम के बारे में बताते हुए कहा कि वे राजकुमार थे और उनके पास सब कुछ था, लेकिन पिता के वचन और अपने कर्तव्यों को पूरा करने के लिए उन्होंने सब त्याग दिया। रणबीर ने कहा कि भगवान राम को एक आदर्श पुरुष के रूप में जाना जाता है और उम्मीद है कि फिल्म के जरिए मिस्टर बीस्ट को भारतीय संस्कृति और इतिहास की झलक मिलेगी। इवेंट में रणबीर ने उठाया शिव धनुष कार्यक्रम में रणबीर कपूर शिव धनुष उठाते हुए भी नजर आए। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने उनका उत्साह बढ़ाया। इवेंट में रणबीर के साथ साई पल्लवी, रवि दुबे, नितेश तिवारी और नमित मल्होत्रा भी मौजूद रहे। मिस्टर बीस्ट की मौजूदगी को फिल्म के अंतरराष्ट्रीय प्रचार अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। उनकी वैश्विक लोकप्रियता को देखते हुए निर्माताओं की कोशिश ‘रामायण’ को भारतीय दर्शकों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने की है। ‘रामायण’ में राम बने हैं रणबीर कपूर नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही ‘रामायण’ में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं। साई पल्लवी माता सीता और रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म में यश रावण और सनी देओल हनुमान की भूमिका में हैं। फिल्म को दो हिस्सों में रिलीज किया जाएगा। वैश्विक प्रचार पर निर्माताओं का जोर निर्माता नमित मल्होत्रा की फिल्म ‘रामायण’ को बड़े अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेश करने की तैयारी है। मिस्टर बीस्ट के साथ यह विशेष कार्यक्रम भी इसी वैश्विक प्रचार अभियान का हिस्सा है।
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नाव पलटी तो सुरैया को बचाने देव आनंद कूदे थे:शादी नहीं हुई तो पहली बार रोए, ‘गाइड’ को लेकर लोगों ने कहा था पागल
साल 1943 की बात है। एक युवा लड़का अपने सपनों को पूरा करने के लिए लाहौर से मुंबई पहुंचा। जेब में सिर्फ 30 रुपए थे और रहने के लिए कोई ठिकाना नहीं था। फिल्म इंडस्ट्री में पहचान बनाने का सपना था, लेकिन सामने सबसे बड़ी चुनौती थी कि मुंबई जैसे शहर में गुजारा कैसे हो। शुरुआत में उसे चॉल में रहना पड़ा। कुछ दिन बीते तो पैसे खत्म होने लगे। फिल्मों में काम मिलने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही थी। आखिरकार पेट पालने के लिए उसे नौकरी करनी पड़ी। मिलिट्री सेंसर ऑफिस में क्लर्क की नौकरी मिली, जहां वह ब्रिटिश सरकार के लिए मिलिट्री सेंसर का काम करते थे। उसे महीने की 65 रुपए तनख्वाह मिलती थी। लेकिन जिस लड़के के पास मुंबई पहुंचने के लिए सिर्फ 30 रुपए थे, उसने हार नहीं मानी। कुछ साल बाद वही शख्स हिंदी सिनेमा का ऐसा सितारा बना, जिसे लोग ‘एवरग्रीन स्टार’ कहने लगे। हम बात कर रहे हैं देव आनंद की और उनकी 103वीं बर्थ एनिवर्सरी पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ खास बातें… पिता स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े हुए थे देव आनंद का जन्म 26 सितंबर 1923 को ब्रिटिश भारत के पंजाब के गुरदासपुर जिले में धर्मदेव पिशोरीमल आनंद के रूप में हुआ था। उनके पिता पिशोरी लाल आनंद गुरदासपुर में वकील थे और स्वतंत्रता आंदोलन से भी जुड़े थे। देव आनंद चार भाइयों में तीसरे थे। उनके भाई चेतन आनंद और विजय आनंद भी फिल्म जगत से जुड़े रहे, जबकि उनकी बहन शील कांता कपूर फिल्म निर्देशक शेखर कपूर की मां थीं। उन्होंने शुरुआती पढ़ाई डलहौजी के सेक्रेड हार्ट स्कूल से की और बाद में लाहौर के गवर्नमेंट कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में बीए किया। पिता ने पढ़ाई के लिए पैसे देने से मना कर दिया था देव आनंद आगे पढ़ना चाहते थे और उच्च शिक्षा के लिए लंदन जाने का सपना देखते थे, जबकि उनके पिता चाहते थे कि वह किसी बैंक में नौकरी कर लें, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि उनकी आगे की पढ़ाई का खर्च उठाया जा सके। पिता ने साफ कह दिया कि अब उनकी पढ़ाई के लिए पैसे नहीं हैं। इसके बाद देव आनंद ने तय किया कि अगर जिंदगी में संघर्ष करना ही है, तो क्यों न अपने बचपन के सपने एक्टिंग के लिए संघर्ष किया जाए। इसी सपने को पूरा करने के लिए जून 1943 में वह लाहौर से ट्रेन पकड़कर मुंबई के लिए निकल पड़े। शुरुआत में काम नहीं मिला और पैसे खत्म हो गए तो उन्होंने चर्चगेट स्थित मिलिट्री सेंसर ऑफिस में 65 रुपए मासिक वेतन पर नौकरी की। बाद में एक अकाउंटिंग फर्म में 85 रुपए की तनख्वाह पर क्लर्क का काम भी किया। अभिनेता बनने की इच्छा उन्हें अशोक कुमार की फिल्मों से मिली। मिलिट्री सेंसर ऑफिस में करीब एक साल तक नौकरी करने के बाद देव आनंद अपने बड़े भाई चेतन आनंद के पास चले गए। चेतन उस समय भारतीय जन नाट्य संघ यानी इप्टा से जुड़े थे। उन्होंने छोटे भाई को भी अपने साथ जोड़ लिया। यहां से देव आनंद को थिएटर में काम करने और अभिनय सीखने का मौका मिला। फिर किस्मत ने साथ दिया। साल 1946 में उन्हें प्रभात टॉकीज की फिल्म ‘हम एक हैं’ में काम करने का मौका मिला। शर्ट की अदला-बदली, शुरू हुई देव आनंद और गुरु दत्त की दोस्ती फिल्म ‘हम एक हैं’ में देव आनंद बतौर हीरो काम कर रहे थे, जबकि गुरु दत्त वहां असिस्टेंट डायरेक्टर और कोरियोग्राफर के तौर पर काम कर रहे थे। स्टूडियो के सभी लोगों के कपड़े एक ही धोबी के पास जाते थे। एक दिन धोबी से ऐसी गलती हुई कि देव आनंद की सफेद शर्ट गुरु दत्त के कपड़ों के साथ चली गई। गुरु दत्त ने वह शर्ट पहन ली और स्टूडियो पहुंच गए। जब देव आनंद ने अपनी शर्ट गुरु दत्त के शरीर पर देखी, तो दोनों का आमना-सामना हुआ। लेकिन शर्ट को लेकर कोई नाराजगी नहीं हुई। दोनों इस अजीब संयोग पर खूब हंसे। यही छोटी-सी घटना आगे चलकर उनकी गहरी दोस्ती की शुरुआत बन गई। दोनों ने बाद में साथ काम भी किया। देव आनंद ने गुरु दत्त को फिल्म ‘बाजी’ के निर्देशन का मौका दिया। 1951 में रिलीज हुई यह फिल्म गुरु दत्त के निर्देशन करियर की महत्वपूर्ण शुरुआत बनी और देव आनंद के साथ उनकी दोस्ती भी सिनेमा के पर्दे पर नजर आई। फिल्म ‘जिद्दी’ ने देव आनंद के करियर की दिशा बदल दी। अशोक कुमार ने उन्हें इस फिल्म में काम करने का मौका दिया। फिल्म सफल रही और देव आनंद को पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने सिर्फ अभिनेता बनकर रुकने के बजाय खुद फिल्में बनाने का फैसला किया। 1949 में बड़े भाई चेतन आनंद के साथ नवकेतन फिल्म्स की शुरुआत की। इसी बैनर के तहत बनी ‘बाजी’ 1951 में रिलीज हुई। यह फिल्म सफल रही और देव आनंद की स्टार इमेज और मजबूत हो गई। 1950 के दशक में देव आनंद की कई फिल्में सफल रहीं। ‘जाल’, ‘टैक्सी ड्राइवर’, ‘सीआईडी’, ‘पेइंग गेस्ट’ और ‘काला पानी’ जैसी फिल्मों ने उन्हें बड़े सितारों की कतार में खड़ा कर दिया। उनका बोलने का तेज अंदाज, संवाद अदायगी और कैमरे के सामने खास स्टाइल दर्शकों को पसंद आया। वह जिस तरह बात करते समय सिर हिलाते थे, वह भी उनकी पहचान बन गया। ‘गाइड’ ने करियर को दी नई पहचान 1960 का दशक देव आनंद के रोमांटिक हीरो वाले दौर के लिए खास रहा। ‘हम दोनों’, ‘तेरे घर के सामने’, ‘ज्वेल थीफ’ और ‘गाइड’ जैसी फिल्मों ने उनके स्टारडम को और मजबूत किया। 1965 में रिलीज हुई ‘गाइड’ उनके करियर की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल हुई। फिल्म में उनके साथ वहीदा रहमान थीं। यह फिल्म आर.के. नारायण के उपन्यास पर आधारित थी और इसके फिल्म रूपांतरण में देव आनंद की महत्वपूर्ण भूमिका थी। फिल्म में उन्होंने एक ऐसे किरदार को निभाया, जो साधारण रोमांटिक हीरो की उनकी छवि से काफी अलग था। ‘गाइड’ ने उन्हें एक गंभीर अभिनेता के तौर पर भी स्थापित किया। हालांकि, डीडी नेशनल को दिए एक इंटरव्यू में देव आनंद ने फिल्म ‘गाइड’ को लेकर बताया था कि जब उन्होंने इस फिल्म की योजना बनाई थी, तब कई लोगों ने उन्हें पागल तक कहा था। देव आनंद के मुताबिक, लोगों को लगता था कि फिल्म सेंसर बोर्ड से पास नहीं होगी, क्योंकि इसकी कहानी में एडल्टरी यानी विवाहेतर संबंध का एंगल था। इसके अलावा उनकी रोमांटिक हीरो की इमेज को देखते हुए लोगों को यह भी डर था कि दर्शक उन्हें एक साधु के किरदार में स्वीकार नहीं करेंगे। देव आनंद ने बताया था कि फिल्म को लेकर शुरुआत में काफी आशंकाएं थीं। रिलीज के समय फिल्म को वैसी सफलता नहीं मिली और इसे बेचना भी मुश्किल हो रहा था। हालांकि, समय के साथ ‘गाइड’ को दर्शकों और आलोचकों के बीच अलग पहचान मिली और बाद में यह कल्ट फिल्म बन गई। नाव पलटी और शुरू हुई सुरैया से प्रेम कहानी देव आनंद और सुरैया की प्रेम कहानी हिंदी सिनेमा की सबसे चर्चित और अधूरी प्रेम कहानियों में से एक है। देव आनंद और सुरैया की प्रेम कहानी की शुरुआत फिल्म ‘विद्या’ की शूटिंग के दौरान हुई। एक गाने की शूटिंग के दौरान नाव पलट गई और सुरैया पानी में गिर गईं। देव आनंद ने उन्हें बचाने के लिए पानी में छलांग लगा दी। इस घटना के बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और धीरे-धीरे यह रिश्ता प्यार में बदल गया। देव आनंद ने बाद में एक इंटरव्यू में सुरैया को अपनी जिंदगी का पहला सच्चा प्यार बताया था। फिल्म ‘जीत’ की शूटिंग के दौरान उन्होंने सुरैया को शादी के लिए प्रपोज किया। देव आनंद के मुताबिक, सुरैया ने उनका प्रस्ताव स्वीकार भी कर लिया था। देव आनंद ने सुरैया को 3,000 रुपए की हीरे की अंगूठी भेजी थी। इस अंगूठी को लेकर बाद में कई किस्से सामने आए। कहा गया कि सुरैया ने इसे समुद्र में फेंक दिया था। हालांकि, देव आनंद ने खुद कहा था कि उन्हें नहीं पता कि अंगूठी के साथ वास्तव में क्या हुआ था। परिवार को मंजूर नहीं था रिश्ता दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन सुरैया का परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। देव आनंद ने सिमी गरेवाल के शो में बताया था कि उन्हें लगता था कि परिवार नहीं चाहता था कि सुरैया एक हिंदू युवक से शादी करें। देव आनंद के मुताबिक, सुरैया अपनी नानी और परिवार के काफी करीब थीं। उनकी नानी भी सुरैया के साथ शूटिंग पर मौजूद रहती थीं। एक फिल्म के सीन में देव आनंद को सुरैया की आंखों पर किस करना था। उस समय ऐसे सीन को लेकर सेंसर की आपत्तियां होती थीं। सुरैया की नानी सेट पर मौजूद थीं और वहां से हट नहीं रही थीं। देव आनंद ने बताया था कि शूटिंग टीम ने किसी तरह उन्हें कुछ देर के लिए सुरैया को बाहर ले जाकर बातचीत करने के लिए राजी किया। उनके जाते ही देव आनंद और सुरैया ने वह सीन जल्दी से शूट कर लिया।
‘मैं रोया और फिर खुद को मजबूत किया’ सिमी गरेवाल ने जब देव आनंद से पूछा कि क्या सुरैया ने कभी उन्हें बताया था कि परिवार शादी के खिलाफ है, तो उन्होंने कहा कि सुरैया ने उनसे कभी सीधे तौर पर ऐसा नहीं कहा। हालांकि, बाद में उन्हें महसूस हुआ कि वह परिवार के दबाव में थीं। एक समय ऐसा भी आया जब देव आनंद सुरैया से सीधे मुलाकात नहीं कर पा रहे थे। उन्हें किसी दूसरे व्यक्ति के जरिए सुरैया को चिट्ठियां भेजनी पड़ती थीं। इस स्थिति से वह बेहद निराश हुए। उन्होंने बताया था कि वह रोए, लेकिन इसके बाद खुद को संभाला और जिंदगी में आगे बढ़ गए। उनके रिश्ते को लेकर उस समय अखबारों में भी काफी चर्चा हुई थी। देव आनंद ने बताया था कि उन्होंने लोगों ने कहा था कि सुरैया को शादी न करने के लिए कुरान की कसम भी दिलाई गई थी। हालांकि, उन्होंने कभी सुरैया से इसकी पुष्टि नहीं की थी। सुरैया के निधन पर भी नहीं गए अस्पताल देव आनंद ने बताया था कि सुरैया से रिश्ता खत्म होने के बाद उनकी मुलाकात उनसे केवल एक-दो बार हुई। इसके बाद दोनों अपनी-अपनी जिंदगी में आगे बढ़ गए। जब सुरैया के निधन की खबर देव आनंद को मिली, तो वह काफी दुखी हुए। उन्होंने बताया था कि सुरैया अस्पताल में थीं, लेकिन वह उनसे मिलने नहीं गए। उनका कहना था कि वह अपने निजी दुख को दुनिया के सामने नहीं लाना चाहते थे। उन्हें डर था कि मीडिया उनके आसपास जमा हो जाएगा और उनसे लगातार सवाल पूछेगा। सुरैया से अलग होने के बाद कल्पना कार्तिक से शादी समय आगे बढ़ा और देव आनंद की जिंदगी में अभिनेत्री मोना सिंह आईं, जिन्हें फिल्म इंडस्ट्री में कल्पना कार्तिक के नाम से जाना जाता था। फिल्म ‘टैक्सी ड्राइवर’ (1954) की शूटिंग के दौरान दोनों को एक-दूसरे से प्यार हुआ। दोनों ने शूटिंग के लंच ब्रेक के दौरान सेट पर ही बेहद सादगी से गुपचुप तरीके से शादी कर ली और ब्रेक खत्म होने के बाद वापस कैमरे के सामने आकर शॉट देने लगे। देव आनंद का काला कोट उनके स्टाइल की पहचान बना था देव आनंद का काला कोट उनके स्टाइल की पहचान बन गया था। 1958 में आई फिल्म काला पानी में सफेद शर्ट और काले कोट में उनका लुक काफी पसंद किया गया। इसके बाद एक किस्सा खूब चर्चित हुआ। कहा गया कि लड़कियां देव आनंद की एक झलक पाने के लिए बेकाबू हो जाती थीं। यहां तक कि कुछ लड़कियों के छत से कूदने की बातें भी सामने आईं। इसी वजह से दावा किया गया कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने देव आनंद के सार्वजनिक जगहों पर काला कोट पहनने पर रोक लगा दी थी। हालांकि, इस दावे का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं मिलता। देव आनंद ने अपनी आत्मकथा रोमांसिंग विद लाइफ में इस कहानी को बेवकूफी भरा मिथक बताया था। अभिनय के बाद निर्देशन की ओर बढ़े 70 के दशक में देव आनंद ने निर्देशन की ओर भी कदम बढ़ाया। उनकी पहली निर्देशित फिल्म ‘प्रेम पुजारी’ थी। फिल्म को शुरुआत में बॉक्स ऑफिस पर खास सफलता नहीं मिली, लेकिन समय के साथ इसे अलग पहचान मिली। इसके बाद 1971 में आई ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ ने उन्हें निर्देशक के तौर पर बड़ी सफलता दी। फिल्म में जीनत अमान भी थीं। इस फिल्म के बाद जीनत अमान रातोंरात चर्चित हो गईं। देव आनंद ने आगे भी अभिनय के साथ निर्देशन और निर्माण का सिलसिला जारी रखा। देव आनंद उन कलाकारों में थे जिन्होंने उम्र बढ़ने के बावजूद फिल्मों में बतौर हीरो काम करना जारी रखा। ‘अमीर गरीब’, ‘वारंट’, ‘हीरा पन्ना’, ‘डार्लिंग डार्लिंग’ और ‘देस परदेस’ जैसी फिल्मों में उन्होंने अभिनय किया। 1978 में आई ‘देस परदेस’ की सफलता के बाद उनके लिए ‘एवरग्रीन स्टार’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल होने लगा। 80 के दशक में भी उन्होंने ‘मन पसंद’, ‘लूटमार’, ‘स्वामी दादा’, ‘हम नौजवान’ और ‘लश्कर’ जैसी फिल्मों में काम किया। वह नई पीढ़ी के कलाकारों के साथ भी लगातार काम करते रहे और अपनी फिल्म निर्माण कंपनी के जरिए नए लोगों को मौके देते रहे। नवकेतन के जरिए नई प्रतिभाओं को मौका देव आनंद के लिए नवकेतन सिर्फ एक प्रोडक्शन हाउस नहीं था। यह उनके लिए नए विचारों और नई प्रतिभाओं को मौका देने का जरिया भी था। उन्होंने अपने करियर में अभिनय के साथ फिल्म निर्माण और लेखन पर भी काम किया। उन्होंने करीब 35 फिल्मों का निर्माण किया और 13 फिल्मों की कहानियां भी लिखीं। 2011 में आई ‘चार्जशीट’ उनकी आखिरी फिल्म थी, जिसे उन्होंने निर्देशित और प्रोड्यूस किया था। 3 दिसंबर 2011 को 88 साल की उम्र में लंदन में उनका निधन हो गया। उन्हें 2001 में पद्म भूषण और 2002 में दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। ………………… यह खबर भी पढ़ें… अमजद खान की पुण्यतिथि:डिलीवरी के बाद बीवी को घर लाने के पैसे नहीं थे; ₹1.27 करोड़ की फीस अटकी, परिवार ने अंडरवर्ल्ड की मदद ठुकराई
‘मैं वो आदमी था, जो रोज 4–5 घंटे कसरत करता था। बैडमिंटन खेलता था, फ्री-हैंड एक्सरसाइज करता था, वेट उठाता था… लेकिन फिर एक एक्सीडेंट हुआ और मैं तीन महीने तक बिस्तर पर पड़ा रहा।’ एक पुराने इंटरव्यू में दिवंगत एक्टर अमजद खान ने अपनी जिंदगी का सबसे दर्दनाक दौर याद करते हुए यह बात कही थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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बॉलीवुड एक्टर यशपाल शर्मा का भाई रिश्वत लेते अरेस्ट:हिसार ACB ने ₹3 हजार लेते रंगेहाथ दबोचा; 2 दिन बाद प्रमोशन होना था
हिसार में बॉलीवुड एक्टर यशपाल शर्मा का भाई राजेश कुमार रिश्वत कांड में फंस गया है। उसे 3 हजार रुपए की रिश्वत लेते अरेस्ट किया गया है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने गुरुवार को उसे रंगे हाथ पकड़ा। अधिकारियों का कहना है कि राजेश ने राजगढ़-चंडीगढ़ हाईवे के पास एग्रीकल्चर लैंड पर कॉलोनी के लिए नहर के पानी की व्यवस्था के संबंध में रिश्वत मांगी थी। राजेश कुमार सिंचाई विभाग में असिस्टेंट रेवेन्यू क्लर्क (ARC) है। बताया जा रहा है कि 2 दिन बाद उनका प्रमोशन होने वाला था। वहीं, राजेश के भाई घनश्याम शर्मा ने दैनिक भास्कर से बातचीत में दावा कि उसने रिश्वत नहीं ली थी। वो सरकारी फीस थी, उसकी रसीद भी दी जाती है। इधर, ACB ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए राजेश की अरेस्टिंग का एक फोटो भी जारी किया है। जानिए, ट्रैप लगाकर कैसे पकड़ा गया आरोपी एक-दो दिन में प्रमोशन होने वाला था बताया जा रहा है कि राजेश शर्मा सिंचाई विभाग में एआरसी पद पर तैनात हैं। उनका एक-दो दिन में प्रमोशन होने वाला था और इसके ऑर्डर भी जारी हो चुके थे। इसी बीच वह रिश्वत के मामले में गिरफ्तार हो गया। सूत्रों के मुताबिक, देर रात तक एसीबी की टीम मामले की जांच में जुटी थी। राजेश शर्मा को ऑफिस में बैठाकर पूछताछ की गई। भाई बोले- हमें भी नहीं जाने दिया यशपाल शर्मा के दूसरे भाई घनश्याम शर्मा ने बताया कि जब उन्हें पता चला कि उनके भाई को किसी केस में पकड़ा गया है। इसके बाद वे ऑफिस पहुंचे, लेकिन उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। उन्होंने कहा कि भाई राजेश को फंसाया जा रहा है। राजेश ने चालान के लिए फीस मांगी थी, जिसकी बाकायदा रसीद भी दी जाती है। यहां जानिए, कौन हैं यशपाल शर्मा हिसार में जन्म: यशपाल शर्मा का जन्म 1 जनवरी 1967 को हिसार में हुआ था। उनके पिता PWD में चपरासी थे। सात भाई-बहनों के परिवार में आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। परिवार की आर्थिक तंगी के चलते उन्होंने कम उम्र में काम शुरू कर दिया। गाय-बकरियां चराने, गोबर के उपले बनाने, खेत जोतने, पंचर लगाने और चक्की पर आटा पीसने तक का काम किया। रामलीला से एक्टिंग तक: यशपाल ने कॉलेज के दौरान रामलीला और नाटकों में अभिनय शुरू किया। NSD में चयन के लिए उन्हें तीन बार रिजेक्शन मिला। चौथी कोशिश में NSD में उनका चयन हुआ। तीन साल NSD और दो साल रेपेट्री में काम करने के बाद टीवी से उन्होंने करिअर की शुरुआत की।
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बच्चे को सलमान के बॉडीगार्ड से लगा धक्का:एक्टर ने देखा तो बच्चे से मिलाया हाथ; बप्पा के दर्शन करने पहुंचे थे सलमान
सलमान खान गुरुवार को महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और भाजपा नेता आशीष शेलार के मुंबई स्थित आवास और पंडाल में बप्पा के दर्शन करने पहुंचे थे। गणपति उत्सव में शामिल होने के बाद जब वे बाहर निकलने लगे तो फैंस और पैपराजी की बड़ी भीड़ जमा हो गई। इसी दौरान भीड़ में खड़े एक बच्चे को गलती से बॉडीगार्ड ने धक्का मार दिया। सलमान ने बच्चे को देखा तो उसके पास जाकर प्यार से हाथ मिलाया। भीड़ में बच्चों का भी रखा ध्यान सलमान खान काले टी-शर्ट और पैंट में आशीष शेलार के घर पहुंचे थे। बड़ी संख्या में फैंस और मीडिया के लोग उनके आसपास जमा हो गए। सुरक्षा टीम को उन्हें बाहर निकालने के लिए रास्ता बनाना पड़ा।
कार में बैठने से पहले सलमान ने भीड़ में मौजूद कई बच्चों को देखा। सुरक्षा कर्मी भीड़ को नियंत्रित कर लोगों को अभिनेता से दूर रखने की कोशिश कर रहे थे। सलमान ने सुरक्षा कर्मियों से भीड़ संभालते समय सावधानी बरतने को कहा। सलमान ने बच्चों से कुछ देर बातचीत की। परिवार के साथ गणपति उत्सव में शामिल हुए थे सलमान खान मुंबई में गणेश चतुर्थी समारोह में लगातार शामिल हो रहे हैं। वे अपने परिवार के साथ भी गणपति उत्सव और पारंपरिक आरती में शामिल हुए। अभिनेता बांद्रा में अपने भाई सोहेल खान के घर भी पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने परिवार के साथ गणपति विसर्जन में हिस्सा लिया। विसर्जन के वीडियो में सलमान आरती करते और परिवार के साथ भगवान गणेश को विदाई देते नजर आए।
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