बॉलीवुड एक्ट्रेस पलक तिवारी और एक्टर इब्राहिम अली खान पटौदी गुरुवार को जयपुर एयरपोर्ट पर नजर आए। दोनों को एयरपोर्ट पर एक साथ देखा गया। यहां से वे सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर के लिए रवाना हुए। जानकारी के मुताबिक- दोनों रणथंभौर में टाइगर सफारी देखने पहुंचे हैं। दोनों का दो दिन यहां रुकने का कार्यक्रम है। जयपुर एयरपोर्ट पर इब्राहिम अपने खास मजाकिया अंदाज में भी नजर आए। उनके हाथ में कॉफी का गिलास था। एयरपोर्ट पर मौजूद लोगों और पैपराजी से बातचीत के दौरान उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा- आज मेरी कॉफी नहीं गिरेगी। उनका यह कमेंट हाल ही वायरल हुए उस वीडियो से जुड़ा था, जिसमें इब्राहिम के हाथ से कॉफी गिर गई थी। इसी बीच जयपुर एयरपोर्ट पर अभिनेता, मॉडल और फिटनेस आइकन मिलिंद सोमन भी नजर आए। एयरपोर्ट पर एक फैन ने उनके साथ फोटो खिंचवाने की इच्छा जताई तो मिलिंद ने मजाकिया अंदाज में कहा- फोटो से पहले 20 पुशअप लगाने पड़ेंगे। उनके इस अंदाज को देखकर वहां मौजूद लोग भी चौंक गए। सेल्फी लेते हुए गिर गई थी कॉफी दरअसल, 30 सितंबर को सामने आए एक वीडियो में इब्राहिम एक फैन के साथ सेल्फी लेते समय गलती से अपनी कॉफी कपड़ों पर गिरा बैठे थे। वीडियो में वे अचानक नीचे देखते हुए कॉफी के दाग को चेक करते नजर आए। उनके इस रिएक्शन पर लोगों ने कई तरह के कमेंट किए थे। रणथंभौर में टाइगर सफारी का प्लान पलक तिवारी और इब्राहिम अली खान की रणथंभौर में यात्रा ऐसे समय हुई, जब मानसून के तीन महीने के बाद 1 अक्टूबर से नेशनल पार्क पर्यटकों के लिए फिर खुला है। पहले दिन देशी-विदेशी पर्यटकों का पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया गया। पलक और इब्राहिम के एक साथ नजर आने की खबर भी उनके फैंस के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। दोनों इससे पहले भी कई मौकों पर साथ नजर आ चुके हैं। सैफ अली के बेटे इब्राहिम, टीवी एक्ट्रेस श्वेता की बेटी पलक इब्राहिम अली खान बॉलीवुड के चर्चित फिल्मी परिवार से आते हैं। वे अभिनेता सैफ अली खान और अभिनेत्री अमृता सिंह के बेटे हैं। उनकी बहन सारा अली खान भी बॉलीवुड अभिनेत्री हैं। वहीं दादी शर्मिला टैगोर हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्रियों में शामिल रही हैं। इब्राहिम ने बतौर अभिनेता 2025 में फिल्म ‘नादानियां’ से शुरुआत की। इसमें वे खुशी कपूर के साथ नजर आए थे। इसके बाद वे ‘सरजमीन’ में काजोल और पृथ्वीराज सुकुमारन के साथ दिखाई दिए। वहीं पलक तिवारी भी टीवी और बॉलीवुड के चर्चित परिवार से आती हैं। वे अभिनेत्री श्वेता तिवारी और अभिनेता राजा चौधरी की बेटी हैं। श्वेता तिवारी ने पलक की परवरिश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पलक ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत फिल्म ‘अंतिम: द फाइनल ट्रूथ’ से की थी। इसके बाद वे सलमान खान की फिल्म ‘किसी का भाई किसी की जान’ में नजर आईं। इसके अलावा वे ‘द भूतनी’, ‘रोमियो एस3’ और ‘रोजी: द सैफ्रॉन चैप्टर’ जैसे प्रोजेक्ट्स का हिस्सा रही हैं। इस साल वे सीरीज ‘लुक्खे’ में भी नजर आईं। मॉडलिंग, एक्टिंग और फिटनेस का कॉम्बो मिलिंद सोमन लंबे समय से मॉडलिंग, अभिनय और फिटनेस के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे राष्ट्रीय स्तर के तैराक रह चुके हैं। मॉडलिंग के बाद साल 1995 में अलीशा चिनॉय के लोकप्रिय म्यूजिक वीडियो ‘मेड इन इंडिया’ से उन्हें देशभर में खास पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने टेलीविजन पर ‘कैप्टन व्योम’ सहित कई प्रोजेक्ट्स किए और फिल्मों में भी काम किया। ‘16 दिसंबर’, ‘अग्निवर्षा’, ‘भेजा फ्राय’, ‘पैय्या’, ‘बाजीराव मस्तानी’ और ‘शेफ’ जैसी फिल्मों में उनके काम को देखा गया।
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जयपुर एयरपोर्ट पर साथ दिखे एक्ट्रेस पलक तिवारी-एक्टर इब्राहिम:एक गाड़ी में रणथंभौर के लिए हुए रवाना; फैन से मिलिंद सोमन बोले- 20 पुशअप करो
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प्रत्युषा बनर्जी सुसाइड केस:कोर्ट ने 10 साल बाद एक्स बॉयफ्रेंड राहुल राज सिंह को किया डिस्चार्ज, सुसाइड के लिए उकसाने का ट्रायल खत्म
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को टीवी एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी के सुसाइड केस में अभिनेता राहुल राज सिंह को डिस्चार्ज यानी आरोपमुक्त कर दिया। प्रत्युषा बनर्जी को टीवी शो ‘बालिका वधू’ में आनंदी के किरदार से पहचान मिली थी। 1 अप्रैल 2016 को उन्हें मुंबई के गोरेगांव स्थित किराए के फ्लैट में मृत पाया गया था। कोर्ट ने 1 अप्रैल 2016 को प्रत्युषा की मौत से कुछ समय पहले हुई आखिरी फोन बातचीत को अहम माना। जस्टिस एसजी डिगे की बेंच ने कहा कि बातचीत के ट्रांसक्रिप्ट में एक्ट्रेस के एक्स बॉयफ्रेंड राहुल उन्हें ऐसा कदम उठाने से रोकते दिख रहे हैं। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल ने बातचीत में कहा था कि उन्होंने अपनी कार वापस मोड़ ली है और प्रत्युषा से मिलने जा रहे हैं। बातचीत से यह भी पता चला कि प्रत्युषा परेशान थीं और अपने माता-पिता समेत कई लोगों को अपनी हालत के बारे में बता रही थीं। माता-पिता ने लगाए थे गंभीर आरोप प्रत्युषा के माता-पिता ने राहुल पर सुसाइड के लिए उकसाने, मारपीट और मानसिक-शारीरिक प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। राहुल उस समय प्रत्युषा के बॉयफ्रेंड थे और दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहते थे। राहुल पर प्रत्युषा को सुसाइड के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया था। बॉम्बे हाईकोर्ट ने जुलाई 2016 में उन्हें अग्रिम जमानत दे दी थी। चार्जशीट के बाद से चल रही थी कानूनी लड़ाई पुलिस ने 2018 में चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद राहुल ने केस से डिस्चार्ज करने के लिए सेशंस कोर्ट में याचिका दायर की। सेशंस कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद राहुल ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया। राहुल के वकीलों ने क्या दलील दी राहुल की ओर से सीनियर एडवोकेट आबाद पोंडा और एडवोकेट श्रेयांश मिठारे ने दलीलें दीं। उन्होंने कहा कि आखिरी बातचीत से साफ है कि राहुल ने प्रत्युषा को कोई बड़ा कदम उठाने से रोकने की कोशिश की थी। वकीलों ने कहा कि राहुल उस समय प्रत्युषा के फ्लैट की ओर जा रहे थे। इसलिए उनके खिलाफ सुसाइड के लिए उकसाने का केस नहीं बनता। राहुल के वकीलों के मुताबिक, आखिरी बातचीत में प्रत्युषा अपनी स्थिति के लिए कई लोगों को जिम्मेदार बता रही थीं। इनमें उनके माता-पिता भी शामिल थे। वकीलों ने यह भी सवाल उठाया कि सुसाइड नोट नहीं मिलने के बावजूद राहुल के खिलाफ जल्दबाजी में FIR दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि ट्रायल जारी रखना ‘कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग’ होगा। बॉम्बे हाईकोर्ट ने राहुल की याचिका मंजूर कर ली और उन्हें केस से डिस्चार्ज कर दिया। इसका मतलब है कि प्रत्युषा की मौत से जुड़े इस मामले में राहुल के खिलाफ ट्रायल नहीं चलेगा। राहुल ने प्रत्युषा से आखिरी बातचीत के बारे में बताया था सिद्धार्थ कन्नन के साथ बातचीत में राहुल ने प्रत्युषा के साथ हुई अपनी आखिरी बातचीत के बारे में बताया था। राहुल के मुताबिक, घटना वाले दिन दोपहर करीब 3 से 4 बजे वह लोखंडवाला बैक रोड पर थे। उन्हें मीत ब्रदर्स से मिलने जाना था। इसी दौरान प्रत्युषा का फोन आया। राहुल ने बताया कि फोन पर प्रत्युषा ने सबसे पहले उनसे कहा, “बेबी, आई लव यू।” राहुल ने भी जवाब में कहा, “आई लव यू टू।” राहुल ने बताया था कि उन्होंने प्रत्युषा से पूछा कि क्या हुआ है। इस पर प्रत्युषा ने कहा कि वह उनकी परेशानी नहीं समझ सकते, क्योंकि वह वहां काम करने के दौरान कथित तौर पर परेशान हो रही थीं। राहुल के मुताबिक, बातचीत के दौरान प्रत्युषा ने अपने पिता को लेकर भी बात की। उन्होंने बताया कि प्रत्युषा अपने पिता को लेकर काफी परेशान थीं। राहुल ने उन्हें समझाने की कोशिश की और कहा कि वह ऐसी बातें न करें। राहुल ने बताया था कि इसके बाद उन्होंने प्रत्युषा से कहा कि वह तुरंत वापस आ रहे हैं। उन्होंने फोन पर उन्हें शांत रहने के लिए कहा और प्यार से बात की। राहुल के मुताबिक, प्रत्युषा ने उनसे कहा कि वह फोन रख दें। इसके बाद राहुल ने अपनी कार घुमाई और उनके पास जाने के लिए वापस निकल पड़े। प्रत्युषा बनर्जी का करियर प्रत्युषा बनर्जी ने साल 2010 में टीवी शो ‘रक्त संबंध’ से करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वह ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में वाणी के किरदार में नजर आईं। प्रत्युषा को बड़ी पहचान ‘बालिका वधू’ से मिली। साल 2010 में उन्होंने शो में आनंदी का किरदार निभाया। इस भूमिका ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। इसके बाद उन्हें लोग आनंदी के नाम से भी जानने लगे। ‘बालिका वधू’ की सफलता के बाद प्रत्युषा ने डांस रियलिटी शो ‘झलक दिखला जा’ के पांचवें सीजन में हिस्सा लिया। हालांकि, डांस की रिहर्सल में सहज महसूस नहीं करने के कारण उन्होंने शो छोड़ दिया। साल 2013 में वह ‘बिग बॉस 7’ में कंटेस्टेंट के तौर पर नजर आईं। इसके बाद उन्होंने ‘हम हैं ना’, ‘ससुराल सिमर का’ और ‘गुलमोहर ग्रैंड’ जैसे टीवी शोज में काम किया। उन्होंने अपने पार्टनर राहुल राज सिंह के साथ रियलिटी शो ‘पावर कपल’ में भी हिस्सा लिया था।
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Mamta Kulkarni Jaipur Dance Controversy
एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी जयपुर में अपने डांस के कारण चर्चा में हैं। जयपुर में उनके डांस वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कुछ यूजर्स ने ट्रोल (मजाक उड़ाना) लिया था। इस पर ममता ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट कर कड़ा जवाब दिया है।
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ममता ने अपनी पोस्ट में लिखा- अच्छा है उस वक्त इंस्टाग्राम नहीं था, जब श्रीकृष्ण गोपियों के साथ रास करते थे। ये उनको भी दिखाते और कहते कि ये कैसा भगवान जो नाचता है। उस रास में महादेव भी पहुंचे थे, दाढ़ी और मूंछो के साथ।
यहां देखिए डांस से जुड़े फोटोज
एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी ने महारानी कॉलेज की स्टूडेंट्स के साथ जयपुर में डांस किया था।

राजस्थान फिल्म फेस्टिवल के मंच पर उन्होंने अपने हिट गानों पर डांस किया था।

फेस्टिवल में ममता को लाइफटाइम अचीवमेंट दिया गया था।

ममता के डांस वीडियो पूरे देश में वायरल है।
जयपुर में अपने ही हिट गानों पर थिरकी थीं ममता
राजस्थान फिल्म फेस्टिवल का 14वां संस्करण 26 सितम्बर को जयपुर के दीप स्मृति ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ था। समारोह में ममता कुलकर्णी को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इसी दौरान जब उनकी फिल्मों के लोकप्रिय गाने बजाए गए तो ममता ने कुछ स्टेप पर डांस भी किया। वहीं एक दिन पहले भी उन्होंन इसी फेस्टिवल में स्टूडेंट्स के साथ डांस परफॉर्म किया था।
उनकी प्रस्तुति में ‘घातक’ के ‘कोई जाए तो ले आए’, ‘करण अर्जुन’ के ‘एक मुंडा मेरी उम्र का’, ‘भंगड़ा पाले’, सबसे बड़ा खिलाड़ी फिल्म का ‘भोली भाली लड़की’ जैसे गीत शामिल रहे। ममता ने विद्यार्थियों के साथ इन गानों पर डांस किया। प्रस्तुति के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए और इसके बाद लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं।
डांस के बाद सोशल मीडिया पर शुरू हुई चर्चा
ममता की इस प्रस्तुति की एक वजह यह भी रही कि पिछले कुछ समय से उनकी सार्वजनिक पहचान उनके फिल्मी दौर के बजाय आध्यात्मिक जीवन से जुड़ी रही हैं। ऐसे में जब वह अचानक अपने 90 के दशक के गानों पर उसी अंदाज में डांस करती नजर आईं तो सोशल मीडिया पर उनके पुराने फिल्मी अवतार की चर्चा शुरू हो गई। कुछ यूजर्स ने उनके डांस को उनके मौजूदा आध्यात्मिक जीवन से जोड़कर प्रतिक्रिया दी।
इसी माहौल के बीच ममता की इंस्टाग्राम पोस्ट सामने आई। पोस्ट में उन्होंने सीधे किसी व्यक्ति या टिप्पणी का नाम नहीं लिया, बल्कि श्रीकृष्ण के गोपियों के साथ रास का उदाहरण देते हुए यह सवाल उठाया कि अगर उस समय सोशल मीडिया का दौर होता तो उस प्रसंग को भी लोग अपनी-अपनी नजर से देखते और सवाल उठाते।
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फिल्म ‘हनुमान अंश’ के 2 पार्ट और आएंगे:प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने बताया- क्या दिसंबर से शुरू होगी दूसरे पार्ट की शूटिंग
महज डेढ़ करोड़ रुपये से कुछ ज्यादा के बजट में बनी ‘हनुमान अंश’ ने जिस तरह दर्शकों के बीच अपनी जगह बनाई, उसने फिल्म की अगली कड़ी की संभावनाओं को लेकर भी उत्सुकता बढ़ा दी है। दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में फिल्म की निर्माता अनुप्रिया नागर ने बताया कि इसे आगे ले जाने का विचार सफलता मिलने के बाद पैदा नहीं हुआ, बल्कि फिल्म शुरू करने से पहले ही इसे एक फ्रेंचाइजी के रूप में विकसित करने की योजना थी। यहां तक कि शुरुआती स्तर पर तीन फिल्मों के बारे में सोचा गया था। हालांकि, दूसरे पार्ट की स्क्रिप्टिंग अभी शुरू नहीं हुई है और निर्देशक के दूसरी फिल्म साइन करने के कारण इसमें कुछ समय लग सकता है। इसके बावजूद अनुप्रिया नागर का कहना है कि कहानी और महाराज जी के जीवन से जुड़ी इतनी सामग्री है कि एक फिल्म में सब कुछ समेटना संभव नहीं। सवाल: ‘हनुमान अंश’ की सफलता के बाद इसे फ्रेंचाइजी के रूप में आगे ले जाने की तैयारी कितनी आगे बढ़ चुकी है? जवाब: इसका विचार सफलता के बाद नहीं आया है। फिल्म बनाने से पहले ही हमारे मन में इसे फ्रेंचाइजी के तौर पर विकसित करने की बात थी। महाराज जी की इतनी सारी कहानियां हैं, उनके जीवन से जुड़ी इतनी अद्भुत लीलाएं हैं कि एक फिल्म में सब कुछ बताना संभव नहीं है। इसलिए शुरुआत में ही हमने तीन फिल्मों के बारे में सोचा था। लेकिन अभी मैं यह नहीं कह सकती कि दूसरी फिल्म कब आएगी। फिलहाल हमारा पूरा ध्यान पहली फिल्म को उसका पूरा न्याय देने पर है। हम अभी भी उसके साथ जुड़े काम कर रहे हैं। दूसरी फिल्म का विचार पूरी तरह मौजूद है, लेकिन उसकी राइटिंग अभी शुरू नहीं हुई है। सवाल: क्या दूसरे पार्ट के लिए कोई संभावित टाइमलाइन तय है? जवाब: अभी कोई निश्चित टाइमलाइन बताना जल्दबाजी होगी। हमारे डायरेक्टर ने एक दूसरी फिल्म साइन कर ली है, इसलिए स्वाभाविक तौर पर थोड़ा समय लगेगा। हमारी टीम ने अभी दूसरी फिल्म को लेकर पूरी तरह बैठकर चर्चा भी नहीं की है। जब तक वह बातचीत नहीं होती, तब तक तारीख बताना सही नहीं होगा। सच कहूं तो मैं भी इंतजार कर रही हूं कि कब महाराज जी बताएंगे कि यह फिल्म कब आएगी। सवाल: पहली फिल्म की सफलता के बाद क्या दूसरे पार्ट का बजट कई गुना बढ़ाने की योजना है? जवाब: मेरी सोच इस मामले में बहुत स्पष्ट है। मुझे लगता है कि पहली फिल्म जिस बजट में बनी, उसे उसी बजट में बनना चाहिए था। अगर हमने उसमें 10 या 20 करोड़ रुपये लगा दिए होते तो जरूरी नहीं कि फिल्म बेहतर बनती। उल्टा उसमें ऐसा VFX या AI आ सकता था जिसकी कहानी को जरूरत ही नहीं थी और उससे फिल्म की ऑथेंटिसिटी प्रभावित होती। हम जिस दौर की कहानी कह रहे हैं, उसमें सिर्फ किरदार ही महत्वपूर्ण नहीं हैं। लैंडस्केप, विजुअल टेक्सचर, वातावरण और उस समय की दुनिया भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। इसलिए हमारे लिए सबसे जरूरी चीज ऑथेंटिसिटी है। अगर समाज ने हमें इतना प्यार और सपोर्ट दिया है तो हम फिजूलखर्ची नहीं कर सकते। हां, अगर अगली कहानी की जरूरत बजट बढ़ाने की होगी तो हम जरूर बढ़ाएंगे। सवाल: यानी स्केल बढ़ सकता है, लेकिन सिर्फ कहानी की जरूरत के हिसाब से? जवाब: बिल्कुल। मान लीजिए कहानी में कोई बड़ा युद्ध दिखाना है या ब्रिटिश राज और कॉलोनाइजेशन का कोई महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे सीक्वेंस स्वाभाविक रूप से ज्यादा संसाधन मांगेंगे। वहां बजट बढ़ना जरूरी है। लेकिन सिर्फ इसलिए पैसा खर्च करना कि फिल्म ज्यादा ग्लॉसी दिखाई दे या बड़ी लगे, यह हमारी सोच नहीं है। हम कहानी को बड़ा बनाने के लिए खर्च करेंगे, फिल्म को सिर्फ महंगा दिखाने के लिए नहीं। सवाल: सफलता के बाद क्या किसी बड़े स्टूडियो के साथ साझेदारी की संभावना भी बनी है? जवाब: संभावनाएं हमेशा रहती हैं, लेकिन फैसला हमारा होगा। अभी हमारे साथ अलग-अलग स्तर पर पार्टनर्स जुड़े हुए हैं। सिनेपोलिस ने ऑल इंडिया डिस्ट्रीब्यूशन किया है और हुमाले ने ग्लोबल डिस्ट्रीब्यूशन संभाला है। लेकिन हमारा प्रोडक्शन हाउस हमारा ही है। अगर कोई स्टूडियो हमारे साथ आता है तो हम यह देखेंगे कि वह फिल्म के लिए सही है या नहीं। आखिरकार कितना बजट रखना है, कितना खर्च करना है और फिल्म को किस तरह आगे ले जाना है, इन चीजों पर हमारा नियंत्रण रहना जरूरी है। सवाल: अगर कोई बड़ा स्टूडियो जुड़ता है तो क्या फिल्म का स्केल भी अपने आप बड़ा हो जाएगा? जवाब: ऐसा जरूरी नहीं है। सिर्फ किसी बड़े स्टूडियो के जुड़ने से हमारा स्केल बदल जाए, यह हमारी सोच नहीं है। हमारा उद्देश्य सिर्फ पैसे कमाना या फिल्म को एक कमर्शियल और फाइनेंशियल प्रोजेक्ट की तरह देखना नहीं है। हमारे लिए पहली प्राथमिकता फिल्म की आत्मा और ऑथेंटिसिटी है। पहली फिल्म में आपको वह साफ दिखाई देती है। अगर कोई स्टूडियो हमारे साथ आकर उसी चीज को बनाए रखने में विश्वास करता है तो हम जरूर साथ काम करेंगे। लेकिन अगर उसके आने का मतलब फिल्म की मूल भावना से समझौता करना है तो हम अपने दम पर भी फिल्म बना सकते हैं। सवाल: फिल्म का वास्तविक बजट कितना था? अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। जवाब: फिल्म करीब डेढ़ करोड़ रुपये से थोड़ी ज्यादा में बनी है, लेकिन दो करोड़ रुपये में नहीं बनी। हमारा बजट दो करोड़ से कम ही रहा है। हम तीन प्रोड्यूसर्स हैं और हमने इसमें एक-तिहाई के हिसाब से योगदान दिया है। सवाल: निर्देशक ने पारंपरिक फीस लेने के बजाय प्रॉफिट-शेयरिंग मॉडल चुना। यह फैसला कैसे हुआ? जवाब: हमारे डायरेक्टर ने पारंपरिक तरीके से फीस लेने के बजाय प्रॉफिट शेयरिंग में हिस्सा लिया है। मुझे लगता है कि यह एक अलग और अच्छा मॉडल है। यह उनकी पहली फीचर फिल्म थी और उन्होंने बहुत अच्छी फिल्म बनाई। मेरी सोच यह है कि अगर फिल्म प्रॉफिट कमाती है तो उसमें निर्देशक की हिस्सेदारी होनी चाहिए। एक निर्माता के तौर पर हमें लगा कि यह उनके योगदान को सम्मान देने का सही तरीका है। सवाल: यानी शुरुआत से ही निर्देशक को सिर्फ फीस लेने वाले प्रोफेशनल के बजाय प्रोजेक्ट के पार्टनर की तरह देखा गया? जवाब: हां। अगर कोई व्यक्ति अपनी पहली फीचर फिल्म में इतना अच्छा काम कर रहा है और प्रोजेक्ट में उसका योगदान इतना महत्वपूर्ण है तो सफलता में उसका हिस्सा होना चाहिए। हमारे लिए यह उचित मॉडल था। सवाल: जब आपने ‘हनुमान अंश’ शुरू की थी, तब क्या आपने सोचा था कि यह इतना बड़ा कमर्शियल प्रोजेक्ट बन सकता है? जवाब: बिल्कुल नहीं। मेरे लिए यह कमर्शियल प्रोजेक्ट से ज्यादा एक इमोशनल प्रोजेक्ट था। मैं इसे फाइनेंशियल प्रोजेक्ट की तरह लेकर नहीं आई थी। मेरी ज्यूरिख में नौकरी लग गई थी और वहां मुझे सैलरी मिलने वाली थी। लेकिन मैंने वह रास्ता छोड़कर वापस आने और इस फिल्म के लिए काम करने का फैसला किया। अपनी सेविंग्स भी इसमें लगाईं। इसलिए शुरुआत में मेरा सवाल यह नहीं था कि फिल्म कितनी कमाई करेगी। मेरी सबसे बड़ी इच्छा थी कि लोग महाराज जी के बारे में जानें और खासकर बच्चे उनके बारे में जानें। सवाल: तो निवेश करते समय रिटर्न आपकी पहली प्राथमिकता नहीं था? जवाब: नहीं। जाहिर है, फिल्म महंगा माध्यम है और हर निर्माता चाहता है कि उसका निवेश वापस आए। लेकिन इस फिल्म के मामले में मेरी शुरुआती प्राथमिकता अलग थी। मैं चाहती थी कि यह कहानी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे। मुझे कोई ऐसी एक्सपेक्टेशन नहीं थी कि फिल्म इतनी बड़ी हिट होगी या इतने रिकॉर्ड बनाएगी। अगर आप शुरुआत में सिर्फ नंबर सोचकर फिल्म बनाते हैं तो शायद आपकी प्राथमिकताएं अलग हो जाती हैं। सवाल: अब जब फिल्म को दर्शकों का प्यार मिल चुका है, क्या अगले पार्ट में बड़े स्टार्स को लेने का दबाव महसूस होता है? जवाब: जरूरी नहीं। कोई सुपरस्टार अपने साथ अनुभव और क्राफ्ट जरूर लेकर आता है, लेकिन सिर्फ स्टार पावर से ‘हनुमान अंश’ नहीं चल सकती। इस फिल्म की खूबसूरती इसकी सादगी में है। हमारे कई कलाकार पहली बार फीचर फिल्म कर रहे थे। यहां तक कि हमारे कलाकारों में से एक असिस्टेंट डायरेक्टर भी हैं। इसलिए मैं उन सभी के काम और मेहनत की बहुत इज्जत करती हूं। मेरी इच्छा है कि इन कलाकारों को आगे भी काम मिले। उन्होंने अपनी क्षमता दिखाई है और उनके लिए भी यह फिल्म एक महत्वपूर्ण शुरुआत रही है। सवाल: क्या इसका मतलब है कि अगले पार्ट में मौजूदा कास्ट को बरकरार रखने की कोशिश होगी? जवाब: यह पूरी तरह कहानी पर निर्भर करेगा। कास्ट रिटेन होगी या बदलेगी, यह हमारे डायरेक्टर के विजन और कहानी की जरूरत तय करेगी। सिर्फ इसलिए किसी कलाकार को नहीं बदला जाएगा कि अब फिल्म सफल हो गई है और हमें बड़े नाम चाहिए। अगर किसी कहानी में किसी नए कलाकार की जरूरत होगी तो उसे लिया जाएगा और अगर मौजूदा कलाकार उस किरदार के लिए सही होंगे तो वे भी रहेंगे। हमारे लिए कास्टिंग का आधार कहानी है, स्टार पावर नहीं। सवाल: तीन फिल्मों की योजना के पीछे क्या सबसे बड़ा कारण यही है कि महाराज जी की कहानी का संसार बहुत विस्तृत है? जवाब: हां, यही सबसे बड़ी वजहों में से एक है। उनके जीवन और लीलाओं से जुड़ी सामग्री इतनी विस्तृत है कि उसे एक फिल्म में समेटना संभव नहीं है। इसलिए जब हमने शुरुआत की थी तभी यह महसूस हुआ था कि अगर इस कहानी को सही तरीके से कहना है तो इसे कई हिस्सों में आगे ले जाना होगा। लेकिन हर पार्ट सिर्फ पिछली फिल्म की सफलता का विस्तार नहीं होगा। कहानी की अपनी जरूरत होगी, उसका अपना संसार होगा और उसी के हिसाब से फिल्म का स्केल, बजट और कास्ट तय होगी। हमारी कोशिश यही रहेगी कि जैसे पहली फिल्म में हमने बिना फिजूलखर्ची के कहानी की आत्मा को बचाया, वैसे ही आगे भी बड़ा करने और बेहतर करने के बीच का फर्क समझते हुए काम करें।
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इनकम टैक्स जांच के बीच वाशु भगनानी की बिगड़ी तबीयत:रकुल प्रीत सिंह के ससुर लंदन में भर्ती; संपर्क करने पर अकेला छोड़ने को कहा
फिल्म निर्माता वाशु भगनानी लंदन के एक अस्पताल में भर्ती हैं। यह जानकारी न्यूज एजेंसी ANI ने मंगलवार को दी। वाशु ब्रिटेन में रहते हैं। उनकी तबीयत खराब होने की वजह अभी सामने नहीं आई है। ANI के मुताबिक, संपर्क करने पर उन्होंने अकेला छोड़ने को कहा। वाशु के अस्पताल में भर्ती होने की खबर आयकर विभाग की कथित तलाशी के कुछ दिन बाद आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, विभाग ने वाशु और उनकी बहू और एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह से जुड़े 12 ठिकानों पर तलाशी ली थी। 12 ठिकानों पर तलाशी की रिपोर्ट सोमवार को टीवी9 ने बताया था कि आयकर विभाग ने संदिग्ध फंड गड़बड़ी को लेकर 12 ठिकानों पर तलाशी शुरू की है। रिपोर्ट के मुताबिक, जांच इस बात की भी हो रही है कि फिल्म प्रोजेक्ट्स की फंडिंग के नाम पर कथित तौर पर पैसा विदेश भेजा गया या नहीं। कई टीमों के दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और कथित विदेशी लेन-देन की जांच करने की बात कही गई थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि आयकर विभाग ने कुमार मंगत की अगुआई वाले पैनोरमा स्टूडियोज से जुड़े ठिकानों पर भी तलाशी ली। वहीं, वाशु और रकुल ने आयकर विभाग की तलाशी की खबरों पर अब तक कोई रिएक्शन नहीं दिया। वाशु भगनानी और पूजा एंटरटेनमेंट वाशु भगनानी हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का जाना-पहचाना नाम हैं। उन्होंने 1986 में पूजा एंटरटेनमेंट की शुरुआत की थी। वहीं, 1995 में गोविंदा की फिल्म ‘कुली नंबर 1’ से उन्होंने बतौर निर्माता करियर शुरू किया था। इसके बाद उन्होंने ‘हीरो नंबर 1’, ‘बीवी नंबर 1’, ‘प्यार किया तो डरना क्या’ और ‘रहना है तेरे दिल में’ जैसी कई फिल्में बनाईं। हाल के वर्षों में पूजा एंटरटेनमेंट की बॉक्स ऑफिस पर कमाई घटती गई। ‘बड़े मियां छोटे मियां’ और ‘बेल बॉटम’ जैसी बड़े बजट की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर असफल रहीं। वाशु के बेटे जैकी भगनानी ने 2009 में फिल्म ‘कल किसने देखा’ से एक्टर के तौर पर करियर शुरू किया था। 2011 में उन्हें फिल्म ‘फालतू’ (F.A.L.T.U) से पहचान मिली। कई फिल्में सफल नहीं होने के बाद जैकी भी फिल्म निर्माण में आ गए। 2016 में उन्होंने पूजा एंटरटेनमेंट में अपने पिता वाशु के साथ काम शुरू किया। वाशु और रमेश तौरानी का विवाद सामने आया था इससे पहले मई महीने में वाशु भगनानी, रमेश तौरानी और निर्देशक डेविड धवन के बीच 1999 की फिल्म ‘बीवी नंबर 1’ के गानों को लेकर विवाद सामने आया था। वाशु भगनानी ने आरोप लगाया था कि फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ में ‘चुनरी चुनरी’ और ‘इश्क सोना है’ का इस्तेमाल बिना उनकी अनुमति किया गया। उन्होंने ₹400 करोड़ का मुकदमा दायर किया था। वाशु का दावा था कि गानों के ऑडियो राइट्स टिप्स के पास थे, लेकिन वीडियो और दूसरे अधिकार उनकी कंपनी के पास थे। उन्होंने यह भी कहा था कि ‘कुली नंबर 1’ से उन्हें ₹27 करोड़ का नुकसान हुआ था। वाशु ने डेविड धवन पर ‘बीवी नंबर 1’ के सीक्वल का वादा पूरा नहीं करने का आरोप भी लगाया था। वहीं रमेश तौरानी ने पुराने मतभेद सुलझने की बात कही थी, जिसे वाशु ने खारिज किया था। 2025 में कर्मचारियों ने बकाया भुगतान का आरोप लगाया था वाशु की कंपनी पूजा एंटरटेनमेंट 2025 में भी खबरों में रही थी। कई कर्मचारियों ने महीनों तक बकाया भुगतान नहीं मिलने का आरोप लगाया था। उस समय ऐसी रिपोर्ट्स भी आई थीं कि वाशु ने आर्थिक स्थिति संभालने के लिए ऑफिस की जगह बेच दी थी। हालांकि, बाद में वाशु ने इन दावों से इनकार करते हुए कहा था कि उन्होंने बिल्डिंग को बेचा नहीं, बल्कि रीडेवलप किया था।
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उर्वशी रौतेला ने AI कंपनी से मांगा ₹7,000 करोड़ हर्जाना:बिना अनुमति वीडियो इस्तेमाल करने का आरोप; CEO बोले- खुद को शिक्षित करें
उर्वशी रौतेला की टीम ने मंगलवार, 29 सितंबर को एक लॉस एंजिलिस स्थित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी पर कानूनी कार्रवाई की बात कही। टीम का आरोप है कि कंपनी ने उनकी अनुमति के बिना उनका नाम, तस्वीरें और वीडियो इस्तेमाल किए। टीम ने बताया कि इस मामले में ₹7,000 करोड़ के हर्जाने का दावा किया जा रहा है। बॉलीवुड.AI के फाउंडर और CEO शीराज हसन ने इस दावे को हास्यास्पद बताया। क्या है पूरा मामला? दरअसल, यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब लॉस एंजिलिस स्थित कंपनी बॉलीवुड.AI ने उर्वशी रौतेला का एक इंटरव्यू लिया। इंटरव्यू के दौरान उनसे पूछा गया था, “बॉलीवुड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आपके क्या विचार हैं?” उर्वशी ने इसका जवाब देते हुए कहा, “बॉलीवुड? मुझे लगता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कुछ ऐसा है जिससे बॉलीवुड जूझ रहा है और बॉलीवुड कुछ ऐसा है जिसे मैं प्यार करती हूं। इसलिए मैं बॉलीवुड से प्यार करती हूं।” इस इंटरव्यू के वायरल होने के बाद, मंगलवार को टीम उर्वशी रौतेला ने इंस्टाग्राम पर एक आधिकारिक बयान जारी कर लॉस एंजिलिस की इस AI कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए। बयान में कहा गया, “हम उचित कानूनी उपाय अपना रहे हैं। इसमें लॉस एंजिलिस स्थित कंपनी से फिलहाल ₹7,000 करोड़ के हर्जाने की मांग शामिल है।” टीम ने आगे कहा, “अपनी AI कंपनी बनाइए। अपना ब्रांड बनाइए। लेकिन अनुमति के बिना उर्वशी का नाम अपने कारोबार में शामिल न करें। टीम उर्वशी।” शीराज हसन ने दावे पर जवाब दिया एक इंस्टाग्राम पोस्ट में बॉलीवुड.AI और हॉलीवुड.AI के फाउंडर और CEO शीराज हसन ने इन दावों पर प्रतिक्रिया दी। पोस्ट के कैप्शन में इसे हास्यास्पद बताया गया। शीराज हसन ने कहा, “उर्वशी, हमने आपके मुंह में ये शब्द नहीं डाले थे। मेरा सुझाव है कि आप जवाब देने से पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बॉलीवुड के मनोरंजन कारोबार के भविष्य के बारे में खुद को शिक्षित करें।” उन्होंने आगे कहा, “बॉलीवुड.AI और हॉलीवुड.AI मनोरंजन का भविष्य हैं। AI फिल्में, वर्टिकल ड्रामा और ऐसे डिजिटल सितारे, जो कभी बूढ़े नहीं होते, कई भाषाएं बोलते हैं, 24 घंटे काम करते हैं और जिनका कोई अहंकार नहीं होता।” उन्होंने कहा, “आप अपने जवाब से लड़ सकती हैं, लेकिन आने वाले बदलाव से नहीं लड़ सकतीं। इसे अपनाइए। बॉलीवुड में मनोरंजन उद्योग का विकास हो रहा है।”
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वेब-सीरीज को सिटी पैलेस में शूटिंग की परमिशन नहीं मिली:अब मूंडोता फोर्ट में शूट करेंगे एक्टर ईशान खट्टर, जयपुर पहुंचे
नेटफ्लिक्स की चर्चित वेब सीरीज ‘द रॉयल्स’ के दूसरे सीजन की शूटिंग 18 सितंबर से राजस्थान में शुरू हो गई थी। यूनिट जैसलमेर के बाद अब जयपुर में शूटिंग के लिए पहुंच चुकी हैं। एक्टर ईशान खट्टर और जीनत अमान मंगलवार को पिंक सिटी पहुंच गए हैं। वे एयरपोर्ट से सीधे होटल के लिए रवाना हो गए। एक्ट्रेस नोरा फतेही भी जल्द यूनिट में शामिल होंगी। वेब सीरीज की शूटिंग के लिए जयपुर के पास स्थित मूंडोता फोर्ट में भी शूटिंग की विशेष तैयारियां की गई हैं। ऐसे में इस बार ‘द रॉयल्स’ में जयपुर की रॉयल विरासत का एक नया अंदाज देखने को मिल सकता है। वेब सीरीज में ईशान खट्टर महाराज अविराज ‘फिजी’ सिंह के किरदार में नजर आएंगे। वहीं नोरा फतेही आयशा धोंडी के किरदार में होंगी। वहीं पहले सीजन का हिस्सा रही भूमि पेडनेकर दूसरे सीजन का हिस्सा नहीं है। सिटी पैलेस की जगह इस बार मूंडोता फोर्ट ‘द रॉयल्स’ के पहले सीजन में जयपुर की रॉयल लोकेशन को प्रमुखता से दिखाया गया था। सीरीज की शूटिंग सिटी पैलेस जयपुर में भी हुई थी। इसकी भव्यता को कहानी के रॉयल परिवेश का हिस्सा बनाया गया था। पहले सीजन की शूटिंग लोकेशंस में सिटी पैलेस के अलावा राजस्थान और देश के अन्य प्रमुख पैलेस व एस्टेट भी शामिल थे। जानकारी अनुसार- इस बार सिटी पैलेस में शूटिंग की अनुमति नहीं मिल पाई है। ऐसे में प्रोडक्शन टीम ने जयपुर के पास स्थित मूंडोता फोर्ट को नई लोकेशन के तौर पर चुना है। यहां शूटिंग के लिए तैयारियां की जा रही हैं। मूंडोता की ऐतिहासिक और रॉयल आर्किटेक्चर सीरीज के दूसरे सीजन के विजुअल्स में खास भूमिका निभा सकती है। जैसलमेर में शुरू हुआ था दूसरा सीजन ‘द रॉयल्स’ के दूसरे सीजन की शूटिंग 18 सितंबर 2026 से राजस्थान में शुरू हुई थी। ईशान खट्टर ने सोशल मीडिया पर राजस्थान से तस्वीरें और वीडियो साझा करते हुए शूटिंग शुरू होने की जानकारी दी थी। उन्होंने घुड़सवारी की तैयारी से जुड़े दृश्य भी साझा किए थे। नोरा फतेही ने भी अपनी शूट डायरी की झलक सोशल मीडिया पर दी और दूसरे सीजन में आयशा धोंडी के रूप में वापसी की जानकारी दी है। ईशान फिर बनेंगे महाराज अविराज दूसरे सीजन में ईशान खट्टर एक बार फिर महाराज अविराज ‘फिजी’ सिंह के किरदार में नजर आएंगे। पहले सीजन में उनका किरदार एक ऐसे युवा राजकुमार का था, जो अपने आर्थिक संकट से जूझ रहे शाही परिवार और उसकी विरासत को संभालने की कोशिश करता है। पहले सीजन में अविराज की मुलाकात सोफिया कनमनी शेखर से होती है, जिसका किरदार भूमि पेडनेकर ने निभाया था। सोफिया एक महत्वाकांक्षी उद्यमी थी और दोनों मिलकर शाही संपत्ति को लग्जरी बीएंडबी में बदलने की कोशिश करते हैं। इसी दौरान दोनों के बीच रोमांस और पारिवारिक उलझनों की कहानी आगे बढ़ती है। नेटफ्लिक्स के अनुसार पहले सीजन में कुल आठ एपिसोड थे। भूमि पेडनेकर नहीं होंगी दूसरे सीजन में दूसरे सीजन में सबसे बड़ा बदलाव इसकी कास्ट में देखने को मिलेगा। भूमि पेडनेकर अब इस सीरीज का हिस्सा नहीं हैं। जानकारी के मुताबिक दूसरे सीजन की कहानी को अविराज और शाही परिवार की आंतरिक दुनिया की ओर ज्यादा केंद्रित किया जा रहा है। भूमि की जगह सिनी शेट्टी और गुरफतेह पीरजादा नए महत्वपूर्ण किरदारों में शामिल हुए हैं। कुछ रिपोर्टों में ईशान, सिनी और गुरफतेह के बीच नए रिश्तों और कहानी के नए समीकरणों की बात कही गई है, हालांकि निर्माताओं की ओर से कहानी का पूरा विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है। नोरा फतेही की भी वापसी नोरा फतेही पहले सीजन में आयशा धोंडी के किरदार में नजर आई थीं। दूसरे सीजन में वह इसी भूमिका में वापस आ रही हैं। उन्होंने शूटिंग शुरू होने के बाद अपनी शूट डायरी से कुछ झलकियां भी सोशल मीडिया पर शेयर की थीं। दूसरे सीजन में साक्षी तंवर, जीनत अमान, वियान समत, डिनो मोरिया, मिलिंद सोमन, काव्या त्रेहन, लिसा मिश्रा और चंकी पांडे समेत पहले सीजन के कई कलाकारों की वापसी की जानकारी है। वहीं सिनी शेट्टी और गुरफतेह पीरजादा नए कलाकारों के तौर पर जुड़े हैं। पहले सीजन में दिखा था जयपुर का रॉयल अंदाज ‘द रॉयल्स’ का पहला सीजन 9 मई 2025 को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुआ था। सीरीज की कहानी काल्पनिक शहर मोरपुर के एक आर्थिक संकट से जूझ रहे शाही परिवार के इर्द-गिर्द बुनी गई थी। कहानी में पुराने शाही वैभव और आधुनिक कारोबारी दुनिया का मेल दिखाया गया था। पहले सीजन की शूटिंग राजस्थान के कई रॉयल लोकेशंस पर हुई थी। जयपुर का सिटी पैलेस सीरीज की प्रमुख शूटिंग लोकेशंस में शामिल था। इसके अलावा देश के अन्य महलों और एस्टेट्स को भी सीरीज में रॉयल दुनिया के अलग-अलग हिस्सों के तौर पर इस्तेमाल किया गया। सीरीज का पहला सीजन प्रियंका घोष और नूपुर अस्थाना ने निर्देशित किया था, जबकि इसे रांगिता प्रीतिश नंदी और इशिता प्रीतिश नंदी ने बनाया था और प्रोडक्शन प्रीतिश नंदी कम्युनिकेशंस का था। दूसरे सीजन में बदला निर्देशन दूसरे सीजन के निर्माण के दौरान निर्देशन टीम में भी बदलाव की खबर सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक जसमीत के. रीन शूटिंग शुरू होने के कुछ दिनों बाद प्रोजेक्ट से अलग हुईं और मिताक्षरा कुमार के निर्देशन संभालने की खबर है। हालांकि इस बदलाव को लेकर अलग-अलग रिपोर्टें सामने आई हैं और निर्माताओं ने कहा है कि जसमीत का अलग होना आपसी निर्णय था।
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Parineeti Chopra Remembers Sushant Singh Rajput National Award Story
11 घंटे पहले
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अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा ने अपने दिवंगत को-स्टार सुशांत सिंह राजपूत को याद किया है। जूम को दिए इंटरव्यू में परिणीति ने साल 2013 की फिल्म ‘शुद्ध देसी रोमांस’ की शूटिंग के दिनों का एक भावुक वाकया शेयर किया।
परिणीति ने बताया कि जब उनकी पहली फिल्म ‘इश्कजादे’ के लिए नेशनल अवॉर्ड की घोषणा हुई थी, तब सुशांत खुशी के मारे स्विमिंग पूल की कुर्सियों पर चढ़कर चिल्लाने लगे थे।
परिणीति ने सुशांत को अपना सच्चा दोस्त और सबसे बड़ा चीयरलीडर बताया।

‘पूल चेयर पर खड़े होकर चिल्लाए थे’
परिणीति ने बताया कि फिल्म ‘शुद्ध देसी रोमांस’ की शूटिंग के दौरान एक दिन काम से छुट्टी थी। वे सुशांत सिंह राजपूत और दिवंगत अभिनेता ऋषि कपूर के साथ होटल के स्विमिंग पूल के पास बैठे थे।
तभी परिणीति के फोन पर फिल्ममेकर करन जौहर का ‘मुबारक हो’ मैसेज आया। परिणीति समझ नहीं पाईं कि बधाई किसलिए है, लेकिन सुशांत तुरंत वजह पता करने में जुट गए। जैसे ही पता चला कि परिणीति को ‘इश्कजादे’ के लिए नेशनल अवॉर्ड (स्पेशल मेंशन) मिला है, सुशांत बेहद खुश हो गए।

वे पूल डेक की कुर्सियों पर चढ़ गए और जोर-जोर से चिल्लाने लगे कि ‘मैं नेशनल अवॉर्ड विनर के साथ काम कर रहा हूं’। परिणीति रोने लगीं और सुशांत ने उन्हें गले लगा लिया। यह देखकर ऋषि कपूर ने हंसते हुए दोनों से कहा था कि तुम दोनों पागल हो गए हो।
‘हम दोनों के बीच इकोनॉमिक्स और साइंस पर बात होती थी’
अपनी बॉन्डिंग पर बात करते हुए परिणीति ने बताया कि सुशांत सिर्फ उनके को-स्टार नहीं, बल्कि एक बहुत अच्छे दोस्त थे। फिल्मों में आने से पहले परिणीति बैंकर थीं, जबकि सुशांत ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी।
परिणीति के मुताबिक, पढ़ाई-लिखाई का बैकग्राउंड होने की वजह से वे दोनों सेट पर फिल्मों के अलावा इकोनॉमिक्स, तारों और साइंस जैसे गंभीर विषयों पर काफी बातें करते थे।
परिणीति ने कहा कि वे दोनों एक-दूसरे की सोच को बहुत अच्छी तरह समझते थे। वे होमी अदजानिया के निर्देशन में एक और फिल्म साथ करने वाले थे, लेकिन वह प्रोजेक्ट नहीं बन पाया।

2013 में आई थी ‘शुद्ध देसी रोमांस’
सुशांत सिंह राजपूत और परिणीति चोपड़ा की फिल्म ‘शुद्ध देसी रोमांस’ साल 2013 में रिलीज हुई थी। मनीष शर्मा के निर्देशन और आदित्य चोपड़ा के प्रोडक्शन में बनी इस फिल्म में वाणी कपूर भी मुख्य भूमिका में थीं।
लिव-इन रिलेशनशिप और शादी के डर पर आधारित यह रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म भारत में सफल रही थी। इस फिल्म को साल 2013 के टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (TIFF) में भी दिखाया गया था।
जून, 2020 में हुई सुशांत की मौत
सुशांत सिंह राजपूत 14 जून, 2020 को बांद्रा में अपने घर पर रहस्यमयी तरीके से मृत पाए गए थे। पहली नजर में मामला सुसाइड का लगा था, लेकिन बाद में परिवार की शिकायत, मीडिया और विपक्षी दलों के प्रेशर की वजह से मामले की जांच को CBI को सौंपी गई। CBI की क्लोजर रिपोर्ट में मौत की असल वजह सुसाइड ही बताई गई है।
इस केस में CBI ने 6 अगस्त 2020 को FIR दर्ज की थी। 4 साल 6 महीने 15 दिन बाद CBI ने मार्च 2025 में फाइनल क्लोजर रिपोर्ट फाइल की, जिसमें कहा गया कि आत्महत्या के लिए सुशांत को उकसाने का कोई सबूत नहीं मिला है। रिया चक्रवर्ती और अन्य को मामले में क्लीनचिट दी गई।

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पोस्टमार्टम में टूटी मिली थी सुशांत के पैर की हड्डी:डेडबॉडी में स्टन गन के निशान थे, बहन बोली- जोर-जबरदस्ती हुई थी, जानिए पूरा बयान

सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने एक्टर के पोस्टमार्टम से जुड़ा बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम के समय सुशांत के पैर की हड्डी टूटी हुई, आंख के पास चोट के निशान थे और गले में स्टन गन के भी निशान बने हुए थे। पूरी खबर पढ़ें
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बॉलीवुड सिंगर जुबिन नौटियाल पिता बने:गणेश चतुर्थी पर हुआ बेटे का जन्म, बोले- अभी नाम डिसाइड नहीं किया; मां-बच्चा दोनों स्वस्थ
बॉलीवुड के मशहूर सिंगर और उत्तराखंड मूल के जुबिन नौटियाल पिता बन गए हैं। उनकी पत्नी ने 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के दिन बेटे को जन्म दिया। खास बात यह है कि बेटे के जन्म की जानकारी अब सामने आई है। जुबिन ने खुद इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं और अस्पताल से घर लौट चुके हैं। जुबिन ने बॉम्बे टाइम्स से बातचीत में कहा कि उनके बेटे का जन्म गणेश चतुर्थी के बेहद शुभ दिन हुआ। उन्होंने कहा, “हां, मैं अब पिता हूं। हमारे बेटे का जन्म 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के बेहद शुभ दिन हुआ। मां और बच्चा दोनों घर वापस आ गए हैं और स्वस्थ हैं।” परिवार इस समय नाम रखने की बजाय नवजात के साथ शुरुआती खूबसूरत पलों को जी रहा है। जुबिन ने कहा कि वे अपने बेटे के साथ हर पल का आनंद ले रहे हैं। बेटे का नाम अभी तय नहीं जुबिन से जब बेटे के नाम के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी तक उन्होंने और उनकी पत्नी ने कोई नाम तय नहीं किया है। उनका कहना है कि फिलहाल परिवार का पूरा ध्यान बच्चे के साथ समय बिताने पर है। जुबिन ने कहा कि वह इस समय अपने बेटे के साथ बिताए जा रहे हर पल को महसूस कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले समय में काम के सिलसिले में बाहर जाना उनके लिए आसान नहीं होगा, क्योंकि बेटे से दूर रहना मुश्किल लगेगा। दिसंबर में यूके टूर, बोले- बच्चे से दूर रहना मुश्किल होगा जुबिन के काम से जुड़ी व्यस्तताएं भी जारी हैं। दिसंबर में उनका यूके टूर प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि जब उन्हें काम के लिए बाहर जाना पड़ेगा तो यह मुश्किल होगा। जुबिन के यूके टूर में 12 दिसंबर को लीसेस्टर और 13 दिसंबर को लंदन में कार्यक्रम निर्धारित हैं। लंदन का शो OVO Arena Wembley में होना है। जुबिन ने कहा कि अभी वह अपने बेटे के साथ हर मिनट बिताने का आनंद ले रहे हैं और इस समय उनके लिए यह बेहद खास अनुभव है। इस साल सामने आई थी शादी की खबर जुबिन ने अपनी निजी जिंदगी को हमेशा लाइमलाइट से दूर रखा है। उनकी शादी की खबर भी इस साल अप्रैल में सामने आई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने उत्तराखंड में अपनी बचपन की दोस्त के साथ निजी समारोह में शादी की थी। शादी में करीबी परिवार के लोग ही शामिल हुए थे। शादी को लेकर भी जुबिन ने निजीपन बरकरार रखा था। बाद में तस्वीरें सामने आने के बाद उनकी शादी की खबर सार्वजनिक हुई। उनकी पत्नी के बारे में भी सार्वजनिक तौर पर बहुत कम जानकारी उपलब्ध है। कई रिपोर्टों में उन्हें जुबिन की बचपन की दोस्त बताया गया है। देहरादून से निकली आवाज, बॉलीवुड में बनाई पहचान जुबिन नौटियाल उत्तराखंड के देहरादून से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने 2011 में रियलिटी शो ‘एक्स फैक्टर इंडिया’ से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद फिल्म ‘सोनाली केबल’ के गाने ‘एक मुलाकात’ से बॉलीवुड में प्लेबैक सिंगिंग की शुरुआत की। उन्हें सलमान खान की फिल्म ‘बजरंगी भाईजान’ के गाने ‘जिंदगी कुछ तो बता’ से बड़े स्तर पर पहचान मिली। इसके बाद ‘तुम ही आना’, ‘काबिल हूं’, ‘लुट गए’, ‘रातां लंबियां’ और ‘तुझे कितना चाहने लगे हम’ जैसे गानों ने उन्हें हिंदी संगीत की दुनिया में खास पहचान दिलाई। बेटे की तस्वीर अभी सामने नहीं आई बेटे के जन्म की पुष्टि जुबिन ने खुद कर दी है, लेकिन उन्होंने अभी बच्चे की तस्वीर या नाम सार्वजनिक नहीं किया है। रिपोर्टों के मुताबिक जुबिन अपनी निजी जिंदगी को सोशल मीडिया और मीडिया की नजरों से दूर रखना पसंद करते हैं। फिलहाल परिवार बेटे के साथ समय बिता रहा है और नाम को लेकर भी कोई फैसला नहीं लिया गया है। ———————–
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कृति सेनन के पोस्ट में स्कर्ट और बुरके का जिक्र:रक्षाबंधन ऐड में रिवीलिंग ड्रेस पहनने पर ट्रोल हुईं, जानिए किन एक्ट्रेसेस की हो चुकी ट्रोलिंग
बॉलीवुड एक्ट्रेस कृति सेनन ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में स्कर्ट और बुरके का जिक्र किया है। हाल ही में उन्हें रक्षाबंधन विज्ञापन में ब्रालेट-स्टाइल ब्लाउज पहनने पर ट्रोल किया गया था। अब कृति ने अपने पोस्ट में यौन उत्पीड़न के मामले में पीड़िता के छोटे कपड़ों को दोष देने वाली सोच पर सवाल उठाए हैं। इससे पहले भारी विरोध और ट्रोलिंग के बाद ज्वेलरी ब्रांड ने उस रक्षाबंधन विज्ञापन को हटा लिया था। तब कृति ने कपड़ों पर उठे सवालों का जवाब देते हुए कहा था भारतीय संस्कृति महिला के दिल में होती है, उसकी नेकलाइन में नहीं। बुरका और डायपर का दिया उदाहरण सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर कृति सेनन ने दर्शन मोंडकर का एक कोट अपनी स्टोरी पर रीपोस्ट किया। इस पोस्ट में लिखा था- “‘क्या यह मेरी गलती थी?’ छोटी स्कर्ट ने पूछा। ‘नहीं, यह मेरे साथ भी हुआ,’ बुरके ने जवाब दिया। कोने में पड़ा डायपर तो बोल भी नहीं सका।” इस पोस्ट के जरिए कृति ने उस सोच पर सवाल उठाया है जो महिलाओं के कपड़ों को यौन अपराधों की वजह मानती है। रिवीलिंग ड्रेस में रक्षाबंधन ऐड पर हुआ था विवाद दरअसल, हाल ही में ज्वेलरी ब्रांड जीवा ने रक्षाबंधन का एक विज्ञापन जारी किया था, जिसमें कृति सेनन नजर आई थीं। ऐड में कृति ने ब्रालेट-स्टाइल ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट वाला आइवरी इंडो-वेस्टर्न आउटफिट पहना हुआ था। सोशल मीडिया यूजर्स के एक वर्ग ने इस लुक की आलोचना की। उनका कहना था कि परिवार और परंपरा से जुड़े त्योहार के लिए यह आधुनिक स्टाइल सही नहीं है। कंगना ने कृति के लुक की निंदा की- सोशल मीडिया ट्रोलिंग के बीच कंगना रनोट ने सोशल मीडिया पर बिना कृति का नाम लिए लिखा, “महिला होने के लिए यह शानदार समय है। हमारी अलमारियां कई तरह के कपडों से भरी हैं और आज की महिला ग्लोबल महिला है। कॉकटेल ड्रेस से लेकर लहंगा चोली तक, जींस से लेकर साडी तक, बिकिनी से लेकर सलवार-कमीज तक, आज हमारे पास पहनने के इतने विकल्प हैं। फिर आप अपने भाई को बिकिनी या अंडरगारमेंट्स में राखी क्यों बांधेंगी? आपके पास स्टाइलिंग के इतने विकल्प कहां हैं? हा हा, यह विज्ञापन जानबूझकर अजीब बनाया गया लगता है।” कृति सेनन ने जवाब दिया- कंगना की टिप्पणी के बाद आलोचना के बीच कृति ने आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने कहा, “त्योहारों का मतलब आपके पहने हुए कपडों में नहीं, बल्कि परंपराओं के लिए आपके मन में मौजूद भावनाओं और उनके अर्थ में होता है। “रक्षाबंधन सुरक्षा के रिश्ते का त्योहार है। मेरी बहन और मैं एक-दूसरे को राखी बांधते हैं। हम जानते हैं कि हम भी एक भाई जितना ही एक-दूसरे की रक्षा कर सकते हैं। हम महिलाओं को यह बताना कब बंद करेंगे कि उन्हें क्या पहनना चाहिए? एथनिक फैशन समय के साथ बदला है, लेकिन आज भी किसी महिला की संस्कृति के प्रति इज्जत सिर्फ उसके कपडों से मापी जाती है। संस्कृति और परंपराएं उसके दिल में होती हैं, उसकी नेकलाइन में नहीं।” राहुल गांधी ने किया कृति का बचाव- विवाद पर राहुल गांधी ने कृति की पोस्ट री-शेयर कर लिखा कि कोई महिला क्या पहनती है, क्या करती है और कहां जाती है, यह उसकी अपनी पसंद है। महिलाओं के कपड़ों और जीवनशैली की ऑनलाइन पुलिसिंग यानी पहरेदारी नहीं करनी चाहिए। राहुल ने अपने पोस्ट में ‘स्मैश द पेट्रियार्की’ हैशटैग का इस्तेमाल किया था। विवाद के बाद ब्रांड ने हटाया एडवर्टाइजमेंट- सोशल मीडिया पर कपड़ों और पेट डॉग को राखी बांधने को लेकर विवाद बढ़ता देख ब्रांड ने आधिकारिक बयान जारी कर माफी मांगी और इस एडवर्टाइजमेंट को अपने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटा लिया है। प्रियंका चोपड़ा-दीपिका पादुकोण भी हो चुकीं ट्रोलिंग का शिकार प्रियंका चोपड़ा और दीपिका पादुकोण जैसी सीनियर एक्ट्रेसेज भी कपड़ों की वजह से सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का शिकार हो चुकी हैं। साल 2017 में बर्लिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान प्रियंका चोपड़ा ने घुटनों से ऊपर की ड्रेस पहनी थी। इस मुलाकात की फोटो सामने आने के बाद यूजर्स ने उन्हें पीएम के सामने मर्यादित कपड़े न पहनने का आरोप लगाते हुए ट्रोल कर दिया था। इसी तरह दीपिका पादुकोण को मैक्सिम मैगजीन के लिए किए गए बोल्ड फोटोशूट और अलग-अलग इवेंट्स में पहनी गई ड्रेसेस को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचना झेलनी पड़ी थी। ‘दंगल’ फेम एक्ट्रेस फातिमा सना शेख और दिशा पाटनी भी अपनी बोल्ड ड्रेसेस के चलते विवादों में आ चुकी हैं। साल 2017 में रमजान के महीने के दौरान फातिमा ने समुद्र तट पर मोनोकिनी पहनकर एक फोटो शेयर की थी। इस पर सोशल मीडिया यूजर्स ने धार्मिक मान्यताओं का हवाला देते हुए उन्हें ट्रोल किया और तरह-तरह की नसीहतें दी थीं। वहीं दिशा पाटनी को साल 2017 के फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में रिवीलिंग ब्लैक गाउन पहनने की वजह से सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था। टीवी और बॉलीवुड एक्ट्रेसेज जैसे निया शर्मा, सोनम कपूर और ताप्सी पन्नू भी रिवीलिंग कपड़ों पर ट्रोलर्स के निशाने पर आ चुकी हैं। टीवी एक्ट्रेस निया शर्मा को हैवी एम्ब्रॉयडरी वाले रिवीलिंग ब्लाउज और स्विमसूट में तस्वीरें शेयर करने के बाद अभद्र टिप्पणियों का सामना करना पड़ा था। हालांकि, सोनम कपूर और ताप्सी पन्नू जैसी एक्ट्रेसेज ने कपड़ों पर उठने वाले सवालों पर हमेशा खुलकर जवाब दिया है। सोनम कपूर ने एक इवेंट में रिवीलिंग आउटफिट पर विवाद के बाद कहा था कि उन्हें अपनी बॉडी पर गर्व है और वे ट्रोलर्स की परवाह नहीं करतीं।
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